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950 स्थानों पर स्थापित होंगी मां की प्रतिमाएं


*अभी तक प्रशासन से केवल 50 पंडालों को अनुमति मिली*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र की तैयारी तेजी से चल रही है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जगह-जगह पूजा पंडाल स्थापित कर आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना की जाएगी। पिछले साल जिले में करीब 950 छोटे-बड़े पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। अभी तक प्रशासन की तरफ से केवल 50 पंडालों को अनुमति मिली है। हालांकि अनुमति मिलने की प्रकिया चल रही है। इस बार भी 950 जगहों पर मां की प्रतिमाएं स्थापित होने की उम्मीद है। गोपीगंज में 75 लाख रुपये की लागत से 100 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया जा रहा है।



नवरात्र में नौ दिनों तक देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु गांव से लेकर शहर तक मां की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। पंडालों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। कारीगर दिन-रात इसमें जुटे हैं। लोहा, लकड़ी, कपड़े, थर्माकोल की मदद से पंडाल बनाए जा रहे हैं। गोपीगंज में 36 साल पुराने दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियां खास हैं। मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति इस साल गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर पंडाल बना रही है। करीब 75 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई और लंबाई 110 फीट है, जबकि चौड़ाई 80 फीट है। पश्चिम बंगाल के 30 कारीगर प्रशांत दादा की देखरेख में एक महीने से इसे बनाने में लगे हैं। भदोही, औराई, गोपीगंज, सुरियावां, सुजातपुर,कौलापुर, अभोली, चौरी, महराजगंज आदि सहित 950 स्थानों पर पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। प्रशासन की तरफ से 50 को अनुमति मिल गई है। बाकी पंडाल के सत्यापन के बाद अनुमति मिलेगी।

अनुमति के नियम :
जिला अग्निशमन अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि बड़े पंडालों में अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है, जहां सैकड़ों की संख्या में भीड़ होती है। पंडाल बनाने में फायर रिटार्डेट सूती कपड़ों का ही उपयोग करना चाहिए, सिंथेटिक कपड़े या रस्सी का प्रयोग करने से बचें। कहा किपंडाल के अंदर या पास हैलोजन लैंप, मोमबत्ती, दीया या खुला हवन कुंड न बनाएं। मुख्य पंडाल से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर रसोई बनाएं। विद्युत सुरक्षा, वायरिंग और पंडाल तक पहुंचने के लिए रास्ता होने चाहिए।



पंडालों में मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति मिल रही है। पुलिस टीम मौके पर जाकर सत्यापन के बाद अनुमति देती है। अनुमति की प्रक्रिया 10 अक्तूबर तक चलेगी। पंडालों में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। - शुभम अग्रवाल, एएसपी भदोही।
सुल्तानपुर में बेटियों का जन्मोत्सव

करौंदीकला में बालिका शिशुओं के परिजनों को उपहार देकर किया सम्मानित, बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर

सुल्तानपुर जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह के कुशल निर्देशन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करौंदीकला सुलतानपुर में सेवा संकल्प अभियान एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम श्री सर्वेश मिश्रा ब्लाॅक प्रमुख करौंदीकला की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालिका शिशुओं के परिजनों के साथ कन्या जन्मोत्सव मनाया गया, साथ ही उपहार देकर बालिका शिशुओं के परिजनों को सम्मानित किया गया।
        ब्लाक प्रमुख द्वारा कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया गया कि बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना समाज में सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। बेटियों के सम्मान, शिक्षा के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का आभार व्यक्त किया तथा सभी बेटियो को समान्य अवसर प्रदान करने और उन्हंे शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करने हेतु आवाह्न किया गया।
         वी0पी0 वर्मा जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा उपस्थित परिजनों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नही है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना के माध्यम से समाज की सोच मे बदलाव आया है। कन्या जन्मोत्सव मना कर हम यही संदेश देते है कि ’’बेटी है तो कल है।’’ महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं जैसे-मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, वन स्टाप सेन्टर, चाइलड हेल्प लाइन आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।
     अनिल वर्मा चिकित्सा अधीक्षक, द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित परिजनों को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने, समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा बालक-बालिका में समानता की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
     रेखा गुप्ता जिला मिशन समन्वयक द्वारा यह कहा गया कि बेटियां समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। बेटियांे कि शिक्षा, सुरक्षा एवं सर्वागींण विकास के लिये सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित है। पात्र बालिकाओं के परिवारो से यह अपील है कि आप सभी जन कल्याणकारी योजनाओ का लाभ उठाये।
     उक्त के कार्यक्रम में ओ0 पी0 सिंह खण्ड विकास अधिकारी, प्राची एडीओ समाज कल्याण, सीता सिंह केन्द्र प्रबधंक, नीलम वर्मा प्रबंधक, राजकीय विषेशज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्य स्टाफ व बालिका शिशुओं के परिजन एवं जनमानस उपस्थित रहें।
शिव बारात के साथ 8 अक्टूबर से शुरू होगी श्री आदर्श रामलीला
11 अक्टूबर को निकलेगी राम बारात, यूट्यूब चैनल पर होगा लाइव प्रसारण

बहसूमा। कस्बे में श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से 8 अक्टूबर से रामलीला मंचन का शुभारंभ किया जाएगा। रामलीला मंचन पार्टी के कलाकारों द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर कमेटी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

कमेटी के अनुसार 8 अक्टूबर को शाम चार बजे कस्बे में शिव बारात निकाली जाएगी। इसके बाद रात आठ बजे श्री आदर्श रामलीला का विधिवत शुभारंभ होगा। रामलीला में कलाकार विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का मंचन करेंगे।

वहीं, 11 अक्टूबर को कस्बे में राम बारात निकाली जाएगी। राम बारात को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कमेटी के प्रधान बिंदर चाहल ने कस्बावासियों से रामलीला कार्यक्रम में समय से पहुंचने और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी कस्बावासी सादर आमंत्रित हैं।

कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री आदर्श रामलीला का लाइव प्रसारण श्री शिव दुर्गा श्री श्याम मंदिर के यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया जाएगा। इससे घर बैठे श्रद्धालु भी रामलीला का लाइव प्रसारण देख सकेंगे।
पीएम श्री विद्यालय में हुआ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का आयोजन

फर्रुखाबाद।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशन में जिला विज्ञान क्लब द्वारा पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज फतेहगढ़ में जिला स्तरीय नव प्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री धीरेंद्र वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।

जिला समन्वयक दीपिका राजपूत ने बताया कि नवाचार केवल उच्च शैक्षिक स्तर वाले लोगों तक सीमित नहीं है। अनेक किसान, मैकेनिक, मजदूर और शिल्पकार अपने दैनिक कार्यों को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए अपने अनुभव और आवश्यकता के आधार पर नवीन प्रयोग करते हैं। ऐसे जमीनी नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने और उनके नवाचारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

नवप्रवर्तकों के चयन के लिए गठित निर्णायक मंडल में डॉ. आदित्य किशोर, चिकित्सा अधिकारी, डॉ. विनायक पांडे, असिस्टेंट प्रोफेसर आर.पी. डिग्री कॉलेज, गुंजा जैन, पर्यावरण विशेषज्ञ हरेंद्र प्रताप सिंह, प्रवक्ता जीव विज्ञान शामिल रहे।

निर्णायक मंडल द्वारा किए गए मूल्यांकन में  मोहित कुमार यादव के स्मार्ट ब्लाइंड स्टिक को प्रथम श्री कृष्ण के स्मार्ट मोटर स्टार्टर को द्वितीय तथा सलीना के ज्वेलरी मटेरियल नवाचार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
साथ ही पांच नवप्रवर्तकों को सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया, जिनमें अभिषेक – एडजस्टेबल वेल्डिंग क्लैंप, लाडली – जर्दोजी, आदित्य माथुर – 3D मॉडल राम मंदिर, बालेंद्र – ईवी कंट्रोल तथा उदयवीर – वाटर लेवल इंडिकेटर शामिल रहे।

प्रथम स्थान प्राप्त नवप्रवर्तक को ₹8,000, द्वितीय स्थान को ₹5,000, तृतीय स्थान को ₹3,000 तथा सांत्वना पुरस्कार प्राप्त प्रत्येक नवप्रवर्तक को ₹2,000 की धनराशि प्रदान की जाएगी। सभी प्रतिभागी नवप्रवर्तकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि धीरेंद्र वर्मा ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत विभिन्न नवाचारों का अवलोकन किया तथा नवप्रवर्तकों को अपने मॉडलों में निरंतर सुधार एवं नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने प्रकृति में मौजूद औषधीय गुणों की जानकारी देते हुए कहा कि हमारे आसपास मौजूद अनेक पेड़-पौधों और पत्तियों में उपयोगी औषधीय गुण पाए जाते हैं। आवश्यकता है कि हम इनके महत्व को पहचानें और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनें।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों ने भी नवप्रवर्तकों तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का संचालन सरिता त्रिवेदी ने किया। आयोजन की सफलता में निर्मला सिंह, रीता, गीतांजलि राजपूत, मोनी चौहान, स्वालिया सहित अन्य शिक्षकों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ कविता शर्मा के नेतृत्व में IMA व रेड क्रॉस का सेवा संकल्प: बाढ़ प्रभावित 355 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ, एक सैकड़ा बच्चों को बांटे कपड़े
फर्रुखाबाद। जनसेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा को अपना परम ध्येय मानते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) फर्रुखाबाद की अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा लगातार जरूरतमंदों की सेवा में तत्पर हैं। इसी क्रम में आज रविवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी और IMA फर्रुखाबाद के संयुक्त तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय, बहादुरपुर राजेपुर में चतुर्थ बाढ़ राहत मेडिकल कैंप का सफल आयोजन किया गया।

रेड क्रॉस के सभापति शीश मेहरोत्रा के संयोजन में आयोजित इस कैंप में कांधर, कुंवरपुरा, खुंटिया, सिया, सरह, बांकेपुरवा, महमदगंज, टेरा अकबरपुर, सवासी एवं धीरजपुर सहित 10 बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया।

स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभालते हुए IMA अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा और उनकी वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम ने खुद मरीजों की जांच की। डॉ. शर्मा के जनसेवा के प्रति समर्पण के चलते कैंप में कुल 355 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाइयां दी गईं। स्वास्थ्य रक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदना प्रकट करते हुए 112 बाढ़ प्रभावित बच्चों को वस्त्र भी वितरित किए गए।

डॉ. कविता शर्मा, डॉ. अरविंद गुप्ता, अवनीश अग्निहोत्री और रेड क्रॉस के स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने इस सामाजिक पहल को सफल बनाया। ग्रामीणों ने डॉ. शर्मा और पूरी टीम की इस निस्वार्थ स्वास्थ्य सेवा की मुक्तकंठ से सराहना की।
भदोही में तैयार हुआ ‘वूलेन कारपेट मार्क’:ऊनी कालीनों की गुणवत्ता प्रमाणित करेगा QR कोड, ग्राहकों को मिलेगी पूरी जानकारी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान ( आईआईसीटी) भदोही ने ऊन एवं ऊन मिश्रित कालीन की गुणवत्ता को करने के लिए वूलेन कार्पेट मार्क तैयार किया है। सोमवार को भदोही के कार्पेट एक्सपो मार्ट में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने इसकी विस्तृत जानकारी दी। केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड, जोधपुर के कार्यकारी निदेशक गोपाल सिंह भाटी ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड द्वारा प्रायोजित परियोजना के तहत विकसित यह कार्पेट मार्क कालीन प्रयुक्त ऊन की मात्रा को 80 से 100 प्रतिशत तथा 50 से 79 प्रतिशत की श्रेणी में वर्गीकृत करने में सक्षम होगा।परियोजना की प्रमुख अन्वेषक आईआईसीटी भदोही की डाॅ बेट्टी दास गुप्ता ने बताया कि कार्पेट मार्क लेबल में कालीन के विभिन्न गुणवत्ता मानकों को परीक्षण के बाद दर्ज करने की व्यवस्था है। लेबल में क्यूआर कोड और आर‌एफ‌आईडी चिप भी लगी होगी। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर कालीन की पहचान के साथ उससे जुड़ी तकनीकी जानकारी तत्काल प्राप्त की जा सकेगी, जबकि आर‌एफ‌आईडी चिप लेबल के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि लेबल के माध्यम से कालीन में प्रयुक्त कच्चे माल, निर्माण निधि, गुणवत्ता और देखभाल संबंधी जानकारी निर्माता से लेकर उपभोक्ता तक की सप्लाई चेन में उपलब्ध कराई जा सकेगी। कालीन निर्माता को लेबल प्राप्त करने के लिए संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद कालीन का नमूना जमा कर उसमें प्रयुक्त ऊन प्रतिशत एवं अन्य तकनीकी घटकों का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद प्राप्त जानकारी आर‌एफ‌आईडी और क्यूआर कोड माध्यम से दर्ज रहेगी।आईआईसीटी के निदेशक डॉ राजीव कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि शुरुआती दौर में कार्पेट लेबल को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से इसकी कीमत लागत मूल्य के बराबर रखी गई है। उन्होंने कहा कि लेबल तैयार करने की प्रकिया में कालीन निर्यातकों से मिले सहयोग और सुझाव महत्त्वपूर्ण रहें हैं।‌यह लेबल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कालीन की गुणवत्ता और निर्माण प्रकिया में पारदर्शिता का परिचायक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रेस वार्ता में आईआईसीटी से डाॅ .एसके पाल, डॉक्टर आरके मलिक, डॉक्टर अणु मिश्रा, डॉक्टर श्रवण कुमार गुप्ता, दर्पण सिंह,तथा केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड, जोधपुर से अनुराग पुरोहित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
भदोही में 50वां इंडिया कार्पेट एक्सपो शुरू, सीएम योगी ने किया उद्घाटन:189 विदेशी खरीदार पहुंचे, 20 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) ने भदोही में 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो का आयोजन किया है। 04 से 07 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 04 अक्टूबर को किया। यह हस्तनिर्मित कालीन और फ्लोर-कवरिंग उत्पादों के लिए भदोही में पांचवां संस्करण है।

पहले दो दिनों में दुनिया भर से लगभग 189 विदेशी खरीदार और 211 बाइंग रिप्रेजेंटेटिव्स मेले में पहुंचे। यह एक्सपो भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग पर केंद्रित है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 20 लाख श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देना है।

एक्सपो में खरीदारों की पसंद के नए डिजाइन और रंग के कालीन दिखाए जा रहे हैं। यहां न्यूजीलैंड की ऊन और अमेजन ग्लोबल सेलर प्रोग्राम पर ज्ञानवर्धक सत्र भी हुए। भदोही के जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने भी परिवार के साथ मेले का दौरा कर उत्पादों की सराहना की।

इनमें मुख्य रूप से अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, ग्वाटेमाला, इजराइल, इटली, जापान, कजाकिस्तान, केन्या, लेबनान, मैक्सिको, नेपाल, नीदरलैंड, रूस, सऊदी अरब, सेनेगल, स्पेन, तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और उरुग्वे आदि देशों के खरीदार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 211 बाइंग रिप्रेजेंटेटिव्स ने भी एक्सपो का दौरा किया। इनकी भागीदारी का उद्देश्य ग्रामीण आधारित इस कुटीर उद्योग के लिए नए व्यावसायिक अवसर एवं व्यापार सृजित करना है।
आयोजक आज तक प्राप्त प्रतिक्रिया से अत्यंत उत्साहित हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और अधिक खरीदार एक्सपो में भाग लेंगे तथा यह गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो अत्यंत सफल आयोजन सिद्ध होगा।225 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी के साथ इंडिया कार्पेट एक्सपो एशिया के सबसे बड़े हस्तनिर्मित कालीन मेलों में से एक है। यह खरीदारों के लिए एक ऐसा विशिष्ट मंच उपलब्ध कराता है, जहां वे एक ही छत के नीचे उत्कृष्ट हस्तनिर्मित कालीन, रग्स एवं अन्य फ्लोर-कवरिंग उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्राप्त कर सकते हैं।
एक्सपो के दो दिनों के दौरान लगभग 189 विदेशी कालीन खरीदारों ने 35 से अधिक देशों से भाग लिया।
संभल: 52 केंद्रों पर 15 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, बाजरा के लिए बने 10 केंद्र

संभल जनपद में कुल 52 धान क्रय केंद्र संचालित हैं, जिनमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 18, पीसीयू के 15 तथा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के 02 क्रय केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जनपद में खाद्य विभाग द्वारा बाजरा खरीद के 10 क्रय केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं !
जनपद में धान खरीद 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित है तथा बाजार की खरीद 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक की जाएगी !
अपर जिलाधिकारी सम्भल ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों पर किसानों के नाम एवं भूमि संबंधी सत्यापन की कार्रवाई 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित कराई जाए !!
मऊ में NHM संविदा कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध, काली पट्टी बांधकर किया कार्य
मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समाधान को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन जारी है।

इसी क्रम में सोमवार से 7 अक्टूबर तक मुहम्मदाबाद गोहना में NHM संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।

कर्मचारियों का कहना है कि सीमित मानदेय, सेवा संबंधी असुरक्षा और विभिन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी लंबित मांगों पर अपेक्षित स्तर पर समाधान नहीं हो पाया है।

संगठन की ओर से शासन से मांग की गई है कि कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही संगठन के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए समय प्रदान किया जाए।

कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए सरकार तक अपनी मांगों और समस्याओं को पहुंचाने का प्रयास किया गया।

इस दौरान सर्वेश सिंह, रंजू मौर्य, नीतू शर्मा, अविनाश सिंह, प्रिय बुद्ध, शिवम पांडे, रितेश कुमार राय समेत स्टाफ नर्स एवं अन्य संविदा कर्मचारी मौजूद रहे और काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
भक्ति, ज्ञान और संस्कारों का संदेश देकर हुआ श्रीमद्भागवत कथा का भव्य विश्राम*
*संवाददाता कायमगंज*

कायमगंज। सीपी सभागार में श्राद्ध पक्ष के पावन अवसर पर पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और भावपूर्ण वातावरण के बीच विधिवत कथा विश्राम हुआ। नैमिषारण्य से पधारे कथा व्यास श्री शिवानंद भाईश्री जी महाराज ने सात दिनों तक श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से धर्म, भक्ति, ज्ञान, विनम्रता और सदाचार का संदेश दिया।

कथा के अंतिम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त और भगवान के संबंध तथा जीवन में भक्ति के महत्व का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल सुनने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। कथा श्रवण तभी सार्थक है, जब उसके संदेश का प्रभाव हमारे आचरण और व्यवहार में दिखाई दे।

सात दिवसीय कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य, परीक्षित प्रसंग, भक्ति की महिमा, सती-महादेव प्रसंग, रुक्मिणी विवाह सहित अनेक आध्यात्मिक प्रसंगों का श्रवण किया। प्रत्येक प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया गया कि अहंकार का त्याग, संतों के प्रति श्रद्धा, कथा के प्रति विश्वास और भगवान के प्रति समर्पण ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।

महाराज श्री ने कथा श्रवण की महिमा बताते हुए कहा कि कथा कहने वाले से अधिक महत्वपूर्ण कथा सुनने वाले की श्रद्धा और भाव है। जिस हृदय में श्रद्धा होती है, वहीं भगवान के संदेश का वास्तविक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा समाप्त होने के साथ भक्ति समाप्त न हो, बल्कि कथा से प्राप्त संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

कथा के अंतिम दिवस श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भावुकता देखने को मिली। कथा विश्राम के अवसर पर आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं ने कथा व्यास श्री शिवानंद भाई श्री जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया और पितरों की पुण्य स्मृति में आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया।