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मऊ में मासिक गोद भराई कैंप संपन्न, कम दरों पर हुई स्वास्थ्य जांचें, मासिक गोद भराई कैंप संपन्न
मऊ। मुंशीपुरा स्थित पानी टंकी के निकट आजमगढ़ मोड़ पर डॉ. राय हॉस्पिटल में आयोजित मासिक गोद भराई कैंप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ लिया।

कैंप के दौरान डॉ. लाल पैथ लैब की ओर से मात्र ₹10 में हीमोग्लोबिन एवं शुगर की जांच तथा ₹200 में थायराइड और HbA1c सहित अन्य जांचें बेहद कम दरों पर की गईं। वहीं बीएमडी टेस्ट और चिकित्सकीय परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।

कैंप में लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। डॉ. अलका राय एवं डॉ. एस एन राय सहित अन्य चिकित्सकों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया और आवश्यक जांचों के बारे में जानकारी प्रदान की।

आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कैंप का उद्देश्य लोगों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना है। कैंप में पहुंचे लोगों ने इस पहल की सराहना की।

स्थान: डॉ. अलका राय हॉस्पिटल, मुंशीपुरा, पानी टंकी के पास, आजमगढ़ मोड़, मऊ।
इंटर कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा करेंगे बाल प्रहरी*
* रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । माध्यमिक विद्यालयों में अब बच्चों को अपनी सुरक्षा की समझ भी दी जाएगी। इसके लिए सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग क्लब (एएचटीसी) गठित किए जाएंगे। इन क्लबों के माध्यम से छात्र-छात्राएं ‘’बाल प्रहरी’’ की भूमिका निभाएंगे और अपने साथियों व परिवार को सतर्क करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि जिले में 38 राजकीय, 25 एडेड और 163 वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को क्लब गठन के आदेश जारी किए हैं। विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा में समिति का विवरण, फोटोग्राफ और रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। विद्यालयों में क्लब गठित करने के साथ इसकी रिपोर्ट, फोटो और अन्य विवरण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्लब से संबंधित जानकारी राज्य स्तरीय पोर्टल पर भी अपलोड की जाएगी।
मऊ -: आकाश आनंद को बार-बार हटाए जाने से आहत धर्म सिंह गौतम ने बसपा से दिया इस्तीफा
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ) : बहुजन समाज पार्टी के 355 विधानसभा मुहम्मदाबाद गोहना जनपद मऊ के पूर्व प्रत्याशी डॉ धर्म सिंह गौतम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बसपा नेता आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाए जाने और बार-बार पार्टी से निष्कासित किए जाने को अपने इस्तीफे का प्रमुख कारण बताया है। डॉ धर्म सिंह गौतम ने कहा कि आकाश आनंद को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में भ्रमण कर संगठन को मजबूत करने और पार्टी को सत्ता में लाने की दिशा में काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए था।

इसके बजाय उन्हें पार्टी के पदों से हटाकर दोबारा पार्टी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बेहद दुखद और गलत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पार्टी को मजबूत करने के लिए युवा नेतृत्व की जरूरत है।

ऐसे समय में आकाश आनंद को प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य करने का अवसर दिए जाने के बजाय पार्टी से बाहर किया जाना कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए निराशाजनक है। डॉ गौतम ने कहा कि आकाश आनंद के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे वह काफी आहत हैं। इसी कारण उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में वह पार्टी के साथ आगे काम करने की स्थिति में नहीं हैं।
डॉ. धर्म सिंह गौतम के इस्तीफे से स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत शातिर अपराधी हरिकेश तीन माह के लिए जिलाबदर
दक्षिणटोला पुलिस की कार्रवाई, तीन आपराधिक मुकदमे हैं दर्ज

मऊ। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत दक्षिणटोला पुलिस ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए एक शातिर अपराधी को तीन माह के लिए जनपद की सीमा से जिलाबदर कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के निर्देशन में थाना दक्षिणटोला पुलिस टीम ने मंगलवार को यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट मऊ द्वारा 17 अगस्त 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में वाद संख्या 2092/2025, सरकार बनाम हरिकेश के तहत उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(1) के अंतर्गत हरिकेश पुत्र धनराज निवासी बैराठपुर रैनी, थाना दक्षिणटोला, जनपद मऊ को तीन माह के लिए जनपद मऊ की सीमा से निष्कासित कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार हरिकेश के विरुद्ध दक्षिणटोला थाने में मारपीट, घर में घुसकर हमला, गाली-गलौज, धमकी एवं अन्य धाराओं में तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध वर्ष 2021, 2024 और 2025 में मुकदमे पंजीकृत किए गए थे।

पुलिस प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।

दक्षिणटोला पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मऊ पुलिस की सघन चेकिंग, 590 वाहनों का चालान
31 टीमों ने 31 स्थानों पर चलाया अभियान, चार वाहन सीज; यातायात नियमों के पालन की अपील

मऊ। अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर मऊ पुलिस ने बुधवार को जिलेभर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों के साथ यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की सघन जांच की गई।

अभियान के लिए 31 पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने जिले के 31 अलग-अलग स्थानों पर बदल-बदलकर चेकिंग की। इस दौरान करीब 1420 संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 590 वाहनों का विभिन्न धाराओं में चालान किया गया, जबकि चार वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की गई।

चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने, निर्धारित नियमों का पालन करने और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी गई।

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने आमजन से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। इसके साथ ही गलत स्थानों पर वाहन पार्क करने से बचें और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में पुलिस का सहयोग करें।

पुलिस ने संकेत दिया कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चेकिंग और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मऊ -: स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर सांसद राजीव राय का बड़ा हमला
बोले—जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, भ्रष्टाचार की शिकायतों की हो निष्पक्ष जांच

मऊ। स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर घोसी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव राय ने सवाल खड़े किए हैं। सांसद ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य आम गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं तो यह बेहद गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा, दवाएं और जरूरी सेवाएं मिलना उनका अधिकार है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी या मरीजों के साथ लापरवाही की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सांसद राजीव राय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता के पैसे से संचालित सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। गरीब मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े और उन्हें सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए अधिकारियों को जमीन पर प्रभावी निगरानी करनी चाहिए।

सांसद ने संकेत दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों और अनियमितताओं के मुद्दे को उचित मंच पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा जाएगा।
यूपी में अब 70 की उम्र तक डॉक्टर देंगे सेवा, रिटायरमेंट उम्र बढ़ी : ब्रजेश पाठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ऐलान किया है कि अब चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की सेवा की उम्र सीमा बढ़ाकर 70 साल कर दी गई है। सरकार का कहना है कि यह फैसला डॉक्टरों के लंबे अनुभव का लाभ जनता को देने के लिए लिया गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश के चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले डॉक्टरों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 70 साल कर दी गई है। इसका मतलब है कि डॉक्टर 70 साल की उम्र तक सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।"

पाठक ने कहा, "हमने यह फैसला जनहित में लिया है ताकि मरीजों को सीनियर और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के अनुभव का फायदा मिल सके। मैं उन सभी डॉक्टरों और उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देता हूं जिन्हें इस फैसले से फायदा होगा।"

बता दें कि वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रदेश में सरकारी डॉक्टर 65 साल की उम्र तक ही सेवा दे सकते थे लेकिन प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स (सीएचसी) और प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स (पीएचसी) में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार का यह फैसला मरीजों के लिए भी राहत दे सकता है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सीनियर डॉक्टरों के पास दशकों का क्लीनिकल अनुभव होता है, जो गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज में बेहद महत्वपूर्ण है। रिटायरमेंट की उम्र 65 से 70 साल करने से अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं पांच साल और मिल सकेंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी।डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसका शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।

2027 की तैयारी में सपा छात्र सभा की सक्रियता बढ़ी, अखिलेश ने तय की रणनीति

- छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो घंटे बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन; हर विधानसभा और विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद पर जोर

लखनऊ। वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सपा मुख्यालय में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की करीब दो घंटे बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, छात्रों के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने के साथ ही दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। पार्टी की ओर से छात्र सभा के पदाधिकारियों के लिए नई ड्रेस कोड भी तय की गई है। इसके तहत नीली जींस, नीली टी-शर्ट और लाल टोपी निर्धारित की गई है। टी-शर्ट पर समाजवादी पार्टी का लोगो भी अंकित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

- हर विधानसभा और विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद

अखिलेश यादव ने छात्र सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तथा विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करने के निर्देश दिए। कार्यकर्ता छात्रों से शिक्षा, रोजगार और उनकी अन्य समस्याओं को लेकर बातचीत करेंगे। साथ ही उन्हें समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में शिक्षा एवं युवाओं से जुड़े कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि छात्र सभा को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय पूरे वर्ष छात्रों के बीच रहकर उनके मुद्दों को उठाना चाहिए। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाने से आगामी चुनाव में युवाओं को पार्टी से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

- संगठन विस्तार पर भी जोर

बैठक में समाजवादी छात्र सभा के संगठन को बूथ और विधानसभा स्तर तक मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे राष्ट्रीय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रों के साथ नियमित संवाद और संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव मुकुल यादव समेत प्रदेशभर से आए राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में लिए गए फैसलों को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी को हाई कोर्ट की फटकार, NSA मामले में 5 लाख मुआवजा देने का आदेश

लखनऊ/नोएडा: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी मेधा रूपम को इलाहाबाद हाई कोर्ट की तीखी फटकार का सामना करना पड़ा है। मेधा रूपम उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले की जिलाधिकारी हैं। इसी साल नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन के दौरान बंगाल की रहने वाली आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने का आदेश मेधा ने ही दिया था।

उसके बाद से दिल्ली विश्वविद्यालय की ग्रेजुएट आकृति लगातार पांच महीने तक न्यायिक हिरासत में थीं। बीते 2 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आकृति के खिलाफ लगे NSA को रद्द करने का आदेश दिया था। सोमवार को कोर्ट के फैसले की कॉपी सार्वजनिक हुई है। इसमें जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच ने जिलाधिकारी की भूमिका पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?

आदेश में हाई कोर्ट ने कहा है कि मेधा ने एक ‘मिसाल कायम करने’ की मंशा से आकृति के खिलाफ NSA की धारा लगाई थी। उनका यह फैसला ‘उपहास के योग्य’ है। कोर्ट के मुताबिक, मेधा ने अभिव्यक्ति की आजादी में बाधा डालकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का उल्लंघन किया है।

हाई कोर्ट ने आकृति को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है और कहा है कि यह रकम मेधा और संबंधित अन्य अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए।

साथ ही समूचे नौकरशाही और पुलिस की भूमिका पर भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने कड़ी टिप्पणी की है - पुलिस और अफसरों को याद रखना चाहिए कि वे संविधान के प्रति जवाबदेह हैं, राजनीतिक प्रशासन के प्रति नहीं। उन्हें ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे वे ‘ब्रिटिश काल के दमन के वाहक’ जैसे दिखें।

दो जजों की बेंच ने जॉर्ज ऑरवेल के प्रसिद्ध उपन्यास ‘1984’ का जिक्र करते हुए कड़े शब्दों में कहा है कि अगर उत्तर प्रदेश के अफसरों ने खुद को नहीं सुधारा तो जल्द ही यह राज्य ‘पूर्ण रूप से सर्वग्रासी राष्ट्र’ में बदल जाएगा। गौरतलब है कि ऑरवेल ने 1949 में प्रकाशित अपने उपन्यास ‘1984’ में भविष्य के एक ऐसे तानाशाही समाज की कल्पना की थी, जहां लोगों के निजी जीवन, सोच और यहां तक कि इतिहास पर भी एक सर्वग्रासी सरकार का नियंत्रण होगा।

उप्र जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ में उपाध्यक्ष समेत नौ सदस्य नामित


लखनऊ। संस्कृति विभाग के अधीन स्वायत्तशासी संस्था उप्र जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ के संविधान में की गयी प्राविधान के अनुसार सामान्य परिषद में उपाध्यक्ष/सदस्य समेत 09 महानुभावों को तत्काल प्रभाव से सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इन नामित सदस्यों का कार्यकाल 03 वर्ष की अवधि के लिए होगा अथवा राज्य सरकार द्वारा हटाये जाने की तिथि तक, जो पहले हो।

इन नामित सदस्यों में उपाध्यक्ष/सदस्य के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) अभय कुमार जैन, आशियाना कालोनी लखनऊ के अलावा सदस्य के रूप में राहुल जैन, मैनपुरी, आशीष जैन, फिरोजाबाद, रोहित जैन, गोरखपुर, डॉ. संजीव जैन, लखनऊ, डा. प्रमोद कुमार भदौरा, प्रयागराज, सुनील जैन, मैनपुरी, डा. सुनील कुमार जैन, ललितपुर तथा सौरभ शास्त्री, फिरोजाबाद को नामित किया गया है।यह जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि शासन द्वारा नामित पॉलि, जैन दर्शन, जैन विद्या या इसी प्रकार के अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त विद्वान शामिल किये गये हैं। इन सदस्यों के नामित होने से जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ की कार्यों में गति आयेगी तथा यह अपने उद्देश्यों को धरातल पर उतारने में सफल होगा।