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*सुल्तानपुर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई,32 लीटर कच्ची बरामद,510 किलो लहन बरामद,3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज,या फिर खानापूर्ति*
सुल्तानपुर में आबकारी विभाग ने जिले के कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान 32 लीटर कच्ची शराब और 510 किलो लहन बरामद किया गया है,जबकि 3 लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिले में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग की टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश दी। टीम ने मौके से भट्टियों को नष्ट किया और तैयार कच्ची शराब को जब्त कर लिया। आबकारी अधिकारियों के मुताबिक बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ थानों में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। *लेकिन बड़ा सवाल यही है* प्रदेश में आबकारी महकमा तभी क्यों जागता है जब दूसरे राज्यों में जहरीली या अवैध शराब से मौतें होती हैं? चाहे वो गुजरात हो, बिहार हो या हाल ही में मध्य प्रदेश के सागर में हुई 11 मौतों का मामला। हर बड़ी घटना के बाद ही प्रदेश से लेकर जिले तक अभियान के नाम पर खानापूर्ति शुरू हो जाती है और कुछ दिन बाद फिर वही पुराना खेल शुरू। सूत्रों की मानें तो सुल्तानपुर में कच्ची शराब का कारोबार आज से नहीं,सालों से फल-फूल रहा है। गोमती किनारे बसे कई गांवों में खुलेआम भट्टियां चलती हैं,लेकिन विभाग को भनक तक नहीं लगती। जब मीडिया में खबरें और दूसरे राज्यों की मौतों पर हंगामा होता है, तब जाकर 30 लीटर, 50 लीटर की बरामदगी दिखाकर वाहवाही लूटी जाती है। फिलहाल आबकारी विभाग ने कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि जब तक नियमित अभियान और बड़े माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ये छापेमारी सिर्फ कागजों में ही बड़ी नजर आएगी।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह द्वारा दरियापुर फ्लाईओवर के नीचे सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से निर्मित लेबर जोन का निरीक्षण किया गया*
सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह द्वारा दरियापुर फ्लाईओवर के नीचे सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से निर्मित लेबर जोन का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने लेबर जोन में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
        जिलाधिकारी महोदय ने अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद सुलतानपुर को निर्देशित किया कि लेबर अड्डे की नियमित साफ-सफाई सहित आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं, ताकि श्रमिकों को बेहतर एवं व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि शाहगंज चौराहे पर एकत्रित होने वाले श्रमिकों को दरियापुर फ्लाईओवर के नीचे निर्मित लेबर जोन में शिफ्ट कराया जाए, जिससे श्रमिकों को सुविधाजनक एवं व्यवस्थित स्थान मिल सके तथा चौराहे पर भीड़ की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
          जिलाधिकारी महोदय ने सहायक श्रमायुक्त को निर्देशित किया कि श्रमिकों के हितार्थ शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र श्रमिकों को योजनाओं से लाभान्वित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया।
        उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए लेबर अड्डे पर मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि वहां उपस्थित होने वाले श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सके तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
          जिलाधिकारी महोदय ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेबर अड्डे को श्रमिकों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्थल के रूप में विकसित किया जाए तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं।
जनपद न्यायाधीश सुल्तानपुर द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से आई हुई प्रचार-प्रसार गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया*
सुल्तानपुर,दिनांक 12 सितंबर 2026, दिन शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। आज माननीय जनपद न्यायाधीश सुल्तानपुर द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से आई हुई प्रचार-प्रसार गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। ये प्रचार वाहन पूरे जनपद में भ्रमण करके आम जनमानस को लोक अदालत के बारे में जागरूक करेगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, सिविल मामले, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना, वैवाहिक मामले, एनआई एक्ट और राजस्व के मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। मैं सभी जनपद वासियों से अपील करती हूँ कि अगर आपका कोई भी वाद न्यायालय में लंबित है, तो आप अपने अधिवक्ता के माध्यम से या स्वयं न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपना वाद लोक अदालत में लगवाएं और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय, सुल्तानपुर के दिशा-निर्देशन में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। पिछली बार जो राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था, उसमें सुल्तानपुर जिले के कुल *56,837* वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के माध्यम से किया गया था। इसमें न्यायालय में लंबित विभिन्न वाद, विभिन्न ट्रिब्यूनल में लंबित वाद, फैमिली कोर्ट में लंबित वाद और बैंकों के प्री-लिटिगेशन वाद शामिल थे। इन सभी को मिलाकर 56,837 वादों का निस्तारण किया गया था। मैं आम जनमानस से ये अपील करूंगी कि 12 सितंबर को जो राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, यह आप सभी के फायदे के लिए है। इसमें आप अपने वादों का निस्तारण समझौते के माध्यम से कर सकते हैं। बिजली के बिल, पानी के बिल, बैंकों में लंबित मामले, वैवाहिक मामले जो फैमिली कोर्ट में लंबित हैं, MACT में लंबित मामले,सबका निस्तारण कराया जा सकता है। और इसकी एक अच्छी बात ये है कि बाकी लिटिगेशन से इसमें केस फाइनल हो जाता है और सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण होता है तो न किसी पक्ष की हार होती है न जीत होती है, दोनों ही पक्षों की जीत होती है। *बाइट-मुक्ता त्यागी,सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुल्तानपुर*
सुलतानपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान

पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान यातायात पुलिस एवं स्थानीय पुलिस द्वारा वाहन चालकों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा अन्य यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरूक किया गया। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान कुल 274 चालान किए गए तथा 01 वाहन सीज किया गया। इसके साथ ही ₹5,06,000/- शमन शुल्क की कार्यवाही की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी एवं कार्रवाई हेतु तैनात इंटरसेप्टर वाहन द्वारा 113 चालान किए गए। सुलतानपुर पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।

सुलतानपुर पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान*
सुल्तानपुर, पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान यातायात पुलिस एवं स्थानीय पुलिस द्वारा वाहन चालकों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा अन्य यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरूक किया गया। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 274 चालान किए गए तथा 01 वाहन सीज किया गया। इसके साथ ही ₹5,06,000/- शमन शुल्क की कार्यवाही की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी एवं कार्रवाई हेतु तैनात इंटरसेप्टर वाहन द्वारा 113 चालान किए गए। सुलतानपुर पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
सरस्वती विद्या विवेकानन्द नगर में 12 से 14 नवंबर तीन दिवसीय क्षेत्रीय ज्ञान विज्ञान मेला- 2026 का आयोजन

पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संगठन मंत्री हेमचंद्र ने क्षेत्रीय संयोजकों एवं व्यवस्था प्रमुखों के साथ की योजना बैठक

क्षेत्र की आठ समितियों और सभी चार प्रांतों के लगभग 1200 प्रतियोगी छात्र करेंगे प्रतिभाग

सुल्तानपुर,सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंदनगर सुलतानपुर में भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र स्तरीय ज्ञान विज्ञान मेला 2026 के अन्तर्गत क्षेत्रीय वैदिक गणित, विज्ञान मेला एवं संस्कृति महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन आगामी 12, से 14 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।

दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र संगठन मंत्री सहित सभी अतिथि अधिकारियों का अंगवस्त्र भेंटकर अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर प्रतियोगिता के क्षेत्रीय संयोजकों एवं व्यवस्था प्रमुखों को संबोधित करते हुए विद्या भारती पू्र्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संगठन मंत्री हेमचन्द्र जी ने कहा कि -प्राण मन बुद्धि और आत्मा का विकास हम विभिन्न ज्ञानेन्द्रियों के माध्यम से करते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर इन प्रतियोगिताओं का आयोजन हम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए करते हैं। यहां क्षेत्र स्तरीय एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। इसकी इसकी व्यवस्था अभी से प्रारंभ करनी हैं। शिक्षा क्षेत्र में समय के साथ इन प्रतियोगिताओं का महत्त्व बढ़ रहा है। शिक्षा में जागरूकता बढ़ने के साथ ही हमारे भैया बहनें आचार्य अभिभावक सभी इन पाठ्य सहगामी प्रतियोगिताओं के प्रति जागरूक हो गये हैं, प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है,जो इन गतिविधियों के प्रति एक सकारात्मक संकेत है। अत: ‌हमें सजग होकर तैयारी करनी है।‍‍‌ क्षेत्र विज्ञान संयोजक बांके बिहारी पाण्डेय, सह संयोजक संतोष सिंह, संस्कृति बोध परियोजना के क्षेत्र संयोजक राजेन्द्र देव एवं सह संयोजक संतोष सिंह तथा वैदिक गणित के क्षेत्र संयोजक संतोष कुमार सिंह, सिंह संयोजक राम मनोहर ने संबंधित श्रेणियों की अलग-अलग बैठकें ली।

उक्त बैठक में प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी, विद्या भारती के पूर्णकालिक योजना प्रमुख उत्तम जी, ब्रह्मनारायण शुक्ल, अनिल पाण्डेय,रवीन्द्र तिवारी,रमेश मिश्र,शरद श्रीवास्तव,सभाजीत वर्मा,अखिलेश प्रताप सिंह,रणविजय सिंह, अखिलेश पाण्डेय, कमलेश तिवारी,शेष मणि द्विवेदी,सुनील श्रीवास्तव,विवेकानन्द यादव, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी,शुभम सिंह,सरिता त्रिपाठी, रामशिरोमणि पाण्डेय,आरती, श्रेया तिवारी, तृप्ति तिवारी, पूजा पाल आदि उपस्थित रहे।

शिक्षक हमारे चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं : बीपी त्रिपाठी

नारायण ज्ञान धाम में शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान

सुल्तानपुर। शिक्षक हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक होते हैं, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि हमारे चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। सुल्तानपुर जनपद के बीबीपुर स्थित सुप्रसिद्ध नारायण ज्ञान धाम में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए कार्यक्रम के संयोजक तथा पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बीपी त्रिपाठी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक हमें सही और गलत की पहचान करना सिखाता है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर अनुशासन, ईमानदारी और कठिन परिश्रम के गुण विकसित करते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बच्चों द्वारा पूर्व दिए गए विषयों पर स्पीच दिया गया। विजेता और उपविजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा सुशील कुमार पाण्डेय, विभागाध्यक्ष संस्कृत सन्त तुलसीदास पीजी कालेज कादीपुर ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में डा इन्दुशेखर उपाध्याय पूर्व प्राचार्य सन्त तुलसीदास पीजी कालेज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उदयभान सिंह, डा रंजीत सिंह, पंडित रामपाल मिश्र,महाराष्ट्र के सेवानिवृत शिक्षक और पत्रकार शिवपूजन पांडे, राज्य पुरस्कृत प्रधानाध्यापिका डॉ विभा शुक्ला, प्रवक्ता डॉ. अरविंद दुबे, आदर्श शिक्षिका सुदामा देवी, डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार उपाध्याय, राम प्रसाद सिंह, बृजेश यादव डा अवधेश मिश्रा, अखिलेश चौधरी, विजय उपाध्याय, मुस्ताक अहमद, अभिषेक जयसवाल, ऋषिदेव मिश्र उपस्थित रहे। श्री त्रिपाठी ने समस्त लोगों का अंग वस्त्र,उपहार और माल्यार्पण से सम्मान किया। इस अवसर पर अन्य लोगों में वरिष्ठ समाजसेवी रामजी उपाध्याय, विजय पांडे समेत भारी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में बीपी त्रिपाठी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

नारायण ज्ञान धाम में शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान

सुल्तानपुर। शिक्षक हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक और पथप्रदर्शक होते हैं, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि हमारे चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। सुल्तानपुर जनपद के बीबीपुर स्थित सुप्रसिद्ध नारायण ज्ञान धाम में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में बोलते हुए कार्यक्रम के संयोजक तथा पूर्व पुलिस महानिरीक्षक बीपी त्रिपाठी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक हमें सही और गलत की पहचान करना सिखाता है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर अनुशासन, ईमानदारी और कठिन परिश्रम के गुण विकसित करते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बच्चों द्वारा पूर्व दिए गए विषयों पर स्पीच दिया गया। विजेता और उपविजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा सुशील कुमार पाण्डेय, विभागाध्यक्ष संस्कृत सन्त तुलसीदास पीजी कालेज कादीपुर ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में डा इन्दुशेखर उपाध्याय पूर्व प्राचार्य सन्त तुलसीदास पीजी कालेज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उदयभान सिंह, डा रंजीत सिंह, पंडित रामपाल मिश्र,महाराष्ट्र के सेवानिवृत शिक्षक और पत्रकार शिवपूजन पांडे, राज्य पुरस्कृत प्रधानाध्यापिका डॉ विभा शुक्ला, प्रवक्ता डॉ. अरविंद दुबे, आदर्श शिक्षिका सुदामा देवी, डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार उपाध्याय, राम प्रसाद सिंह, बृजेश यादव डा अवधेश मिश्रा, अखिलेश चौधरी, विजय उपाध्याय, मुस्ताक अहमद, अभिषेक जयसवाल, ऋषिदेव मिश्र उपस्थित रहे। श्री त्रिपाठी ने समस्त लोगों का अंग वस्त्र,उपहार और माल्यार्पण से सम्मान किया। इस अवसर पर अन्य लोगों में वरिष्ठ समाजसेवी रामजी उपाध्याय, विजय पांडे समेत भारी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में बीपी त्रिपाठी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ पत्रकार व चिकित्सक को नमन कर गोमती मित्रों ने किया श्रमदान

सुल्तानपुर:-गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर, सीताकुंड धाम परिसर में फैले कीचड़ व गंदगी तथा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोमती मित्र मंडल द्वारा रविवार को पूरे परिसर व सीता उपवन में विशेष स्वच्छता श्रमदान किया गया। प्रातः 6 बजे शुरू हुआ श्रमदान साढ़े नौ बजे तक चला। नदी के पानी का सीता उपवन में प्रवेश करने की संभावनाओं को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।
प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने गोमती मित्रों से अपील की कि जलस्तर बढ़ा रहने तक यथासंभव एक-दो सदस्य धाम पर मौजूद रहें और श्रद्धालुओं को संभावित खतरे के प्रति जागरूक करते रहें।
श्रमदान के उपरांत गोमती मित्र मंडल परिवार के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले नगर के वरिष्ठ पत्रकार स्व. सतीश पांडेय एवं वरिष्ठ चिकित्सक स्व. डॉ. के.सी. त्रिपाठी के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर दो मिनट का मौन रखा गया। प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी ने उनसे जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे दोनों ही माँ गोमती स्वच्छता मिशन की सफलता को लेकर सदैव आश्वस्त और उत्साहित रहते थे।
श्रमदान एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,संत कुमार प्रधान,राकेश सिंह दद्दू, मुन्ना सोनी,राजेश पाठक,अजय प्रताप सिंह,रामू सोनी,डॉ. कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,आलोक कुमार तिवारी,अभय, आभास,अरुण अग्रहरि सहित अन्य गोमती मित्र मौजूद रहे।
कृष्ण : जब अंधकार के बीच एक चेतना जन्म लेती है*
कृष्ण का जन्म उस रात हुआ था, जब बाहर भी अंधकार था और भीतर भी। मथुरा की कारागार में जन्मा वह बालक केवल देवकी और वसुदेव का पुत्र नहीं था; वह उस व्यवस्था के विरुद्ध जन्मी एक चेतना था, जो भय, अत्याचार और सत्ता के अहंकार पर खड़ी थी।

शायद इसीलिए कृष्ण का जन्मोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं है। यह मनुष्य के भीतर प्रकाश के जन्म का उत्सव भी है।

कृष्ण की कथा जितनी पुरानी है, उतनी ही आज की भी। समय बदला, राजसत्ताएँ बदलीं, शासन के तरीके बदले, समाज की संरचना बदली, लेकिन कंस का चरित्र समाप्त नहीं हुआ। हर युग में कोई न कोई सत्ता अपने अहंकार में मनुष्य की स्वतंत्रता को कुचलने लगती है। हर युग में भय को व्यवस्था का नाम दिया जाता है और मौन को विवेक समझ लिया जाता है।

ऐसे समय में कृष्ण हमें याद दिलाते हैं कि अन्याय के सामने निष्पक्ष रहना हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ा होना नहीं होता।

कृष्ण का जीवन विरोधाभासों का अद्भुत दर्शन है। उनके हाथ में बांसुरी है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही कृष्ण रणभूमि में सारथी बन जाते हैं। वे प्रेम के प्रतीक हैं, लेकिन अन्याय के सामने कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते। वे राजमहल में भी सहज हैं और ग्वाल-बालों के बीच भी उतने ही अपने।

उनकी यही व्यापकता उन्हें केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का जीवंत रूप बनाती है।

कृष्ण का दर्शन मनुष्य को भाग्य के भरोसे बैठने की शिक्षा नहीं देता। गीता में वे कर्म की ओर लौटाते हैं। उनका संदेश है कि मनुष्य अपने अधिकार और कर्तव्य से विमुख होकर जीवन की कठिनाइयों से मुक्त नहीं हो सकता। कर्म से पलायन शांति नहीं देता; वह केवल भीतर एक और युद्ध पैदा करता है।

आज जब हम सफलता को परिणाम से और मनुष्य को उसकी उपयोगिता से मापने लगे हैं, तब कृष्ण का कर्मयोग हमें याद दिलाता है कि कर्म का मूल्य केवल उसके परिणाम में नहीं, उसकी निष्ठा में भी है।

राजनीति के क्षेत्र में कृष्ण को समझना और भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सत्ता को कभी अंतिम लक्ष्य नहीं माना। वे जानते थे कि सत्ता यदि लोककल्याण से कट जाए तो वह केवल शक्ति का प्रदर्शन बन जाती है। कंस का अंत इसलिए महत्वपूर्ण नहीं था कि एक राजा मारा गया; महत्वपूर्ण यह था कि भय के शासन के विरुद्ध न्याय की संभावना पैदा हुई।

महाभारत में कृष्ण की राजनीति हमें एक और कठिन सत्य सिखाती है—अच्छे समाज के निर्माण के लिए केवल अच्छे इरादे पर्याप्त नहीं होते; विवेक, रणनीति और समय की पहचान भी आवश्यक होती है।

उन्होंने युद्ध को उत्सव नहीं बनाया। उन्होंने शांति का प्रयास किया। लेकिन जब संवाद की सारी संभावनाएँ समाप्त हो गईं और अन्याय अपनी सीमा पार कर गया, तब उन्होंने अर्जुन को कर्तव्य से भागने नहीं दिया।

आज लोकतंत्र में हमारी सबसे बड़ी चुनौती भी शायद यही है कि हम राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का साधन न बनने दें। राजनीति का अर्थ यदि जनता के जीवन को बेहतर बनाना है, तो उसमें कृष्ण का विवेक चाहिए— जहाँ नीति हो, लेकिन नीति के केंद्र में मनुष्य हो; जहाँ शक्ति हो, लेकिन शक्ति के ऊपर न्याय हो; जहाँ असहमति हो, लेकिन शत्रुता न हो।

सामाजिक जीवन में भी कृष्ण की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है।

कृष्ण का लोकजीवन हमें बताता है कि संस्कृति केवल ऊँचे महलों और राजदरबारों में नहीं रहती। वह गाँव की गलियों में, लोकगीतों में, रिश्तों में, उत्सवों में और सामान्य मनुष्य की स्मृतियों में भी सांस लेती है। कृष्ण जितने राजाओं के हैं, उतने ही उस सामान्य जन के भी हैं जिसकी जिंदगी में उत्सव अक्सर कठिन परिस्थितियों के बीच आशा का एक छोटा-सा दीप होता है।

इसीलिए जन्माष्टमी के अवसर पर हमें केवल कृष्ण की मूर्ति के सामने दीप नहीं जलाना चाहिए; हमें अपने भीतर भी यह देखना चाहिए कि कहीं कोई अंधकार तो नहीं पल रहा।

क्या हम किसी कमजोर के साथ खड़े हैं?

क्या हम अन्याय देखकर चुप तो नहीं हैं?

क्या हमारी राजनीति समाज को जोड़ रही है या मनुष्यों के बीच दीवारें खड़ी कर रही है?

क्या हमारा धर्म हमें अधिक संवेदनशील बना रहा है या केवल दूसरों को गलत साबित करने का हथियार बन गया है?

कृष्ण की सबसे बड़ी चुनौती शायद यही है कि वे हमें पूजा से आगे बढ़कर आत्मपरीक्षण के लिए मजबूर करते हैं।

कृष्ण को जानना आसान है, कृष्ण को मानना भी आसान है; लेकिन कृष्ण को अपने आचरण में उतारना कठिन है।

क्योंकि कृष्ण केवल बांसुरी की मधुरता नहीं हैं, वे अन्याय के विरुद्ध उठी हुई चेतना भी हैं।

वे केवल राधा के प्रेम की स्मृति नहीं हैं, वे अर्जुन के संशय के बीच खड़ा हुआ विवेक भी हैं।

वे केवल मंदिरों के देवता नहीं हैं, वे उस मनुष्य के भीतर की आवाज हैं जो अंधकार में भी प्रकाश की संभावना को बचाए रखना चाहता है।

इस जन्माष्टमी पर यदि कृष्ण का जन्म सचमुच मनाना है, तो शायद हमें अपने भीतर तीन चीजों को जन्म देना होगा—विवेक, साहस और करुणा।

विवेक ताकि हम सही और गलत में अंतर कर सकें।

साहस ताकि सही के साथ खड़े हो सकें।

और करुणा ताकि हमारी विजय किसी दूसरे मनुष्य की पराजय का उत्सव न बन जाए।

कृष्ण की कथा हमें यह नहीं सिखाती कि जीवन में कभी अंधकार नहीं आएगा। वह तो यह सिखाती है कि अंधकार कितना भी गहरा हो, मनुष्य के भीतर प्रकाश को जन्म लेने से रोका नहीं जा सकता।

और शायद इसीलिए—कृष्ण का जन्म मथुरा की उस कारागार में एक बार नहीं हुआ था।

वे हर उस क्षण जन्म लेते हैं, जब भय के विरुद्ध साहस खड़ा होता है,

अन्याय के विरुद्ध न्याय आवाज उठाता है,और मनुष्य अपने भीतर के अंधकार पर प्रकाश को चुनता है।

यही कृष्ण हैं। यही जन्माष्टमी का वास्तविक अर्थ है।

अधिवक्ता संदीप पाण्डेय
अपर सचिव एवं मिशन निदेशक,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आराधना पटनायक,IAS द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया*
आज भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती आराधना पटनायक,आईएएस द्वारा जनपद सुल्तानपुर में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर अहिमाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भादा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदैयां का भ्रमण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, दवा एवं जांच सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुल्तानपुर श्री इन्द्रजीत सिंह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान श्रीमती आराधना पटनायक द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं जनसामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उनके द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन हेतु संज्ञान में लिया गया। श्रीमती आराधना पटनायक ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एवं सेवा प्रदायगी पर संतोष व्यक्त किया तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना की। निरीक्षण के दौरान डॉ. अमित ओझा महाप्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।