/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1711827493806071.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1711827493806071.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1711827493806071.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1711827493806071.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1711827493806071.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1711827493806071.png StreetBuzz विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में नैमिष प्रखंड टीम का गठन vivek.dixit051
विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में नैमिष प्रखंड टीम का गठन
नैमिषारण्य (सीतापुर)


नैमिषारण्य तीर्थ स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में नैमिष प्रखंड की नई टीम का गठन किया गया । 

रविवार को विभाग संगठन मंत्री उत्तम की अध्यक्षता में विहिप कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में विभाग मंत्री ने नैमिष खंड टीम की घोषणा की । टीम में प्रकाश चंद्र पाण्डेय को अध्यक्ष, सुधीर विश्वकर्मा और आदित्य सैनी को उपाध्यक्ष, आनंद तिवारी को मंत्री तथा अखिलेश कुमार को सह मंत्री नियुक्त किया गया । अन्य पदाधिकारियों में प्रीति कुमारी दुर्गा वाहिनी संयोजिका, सीमा शुक्ला मातृ शक्ति संयोजिका, तुषार शास्त्री सत्संग प्रमुख, वरुण बाल्मीकि समरसता प्रमुख, हरिओम शुक्ला धर्म प्रसार प्रमुख, दुर्गेश सैनी बजरंग दल संयोजक, शशीकांत वर्मा सह संयोजक, शिवा सैनी सुरक्षा प्रमुख, राजा बाबू सैनी बालोपासना प्रमुख, आदर्श तिवारी कॉलेज विद्यार्थी संपर्क प्रमुख, संजय बाल्मीकि सेवा प्रमुख और महेंद्र दीक्षित गौ रक्षा प्रमुख शामिल हैं । इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुनीत पाण्डेय, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख सुधीर, प्रांत युवा धर्माचार्य संपर्क प्रमुख महंत विवेक शास्त्री, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख महंत सुरेश दास अवस्थी, अरविंद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे ।
संतों ने धंधारी जंगल को धेनुधारी गौ-अभयारण्य बनाने का लिया दृढ़ संकल्प
मंगलानन्द आश्रम में संतों की बैठक संपन्न, आवारा गौवंश के संरक्षण और 84 कोसीय परिक्रमा के पौराणिक विकास पर गंभीर मंथन
नैमिषारण्य
नैमिषारण्य पौराणिक तीर्थ स्थल नैमिषारण्य क्षेत्र में बेसहारा एवं आवारा गौवंश की सुरक्षा को लेकर संतों ने एक अभूतपूर्व पहल की है। क्षेत्र में संचालित गौशालाओं की निरंतर बिगड़ती और दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चौरासी कोसीय परिक्रमा मंडल के संतों ने एक विमर्श किया है ।रविवार को नैमिष स्थित मंगलानन्द आश्रम में नैमिषारण्य के संतों की एक अति महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई । इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मिश्रिख और मछरेहटा के मध्य स्थित सदियों पुराने पौराणिक जंगल धन्धारी को एक भव्य और सर्वसुविधायुक्त धेनुधारी गौ-अभयारण्य के रूप में विकसित करने के अभियान का संकल्प लिया गया । संतों ने स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव का मूल उद्देश्य क्षेत्र के आवारा और निराश्रित गौवंश को एक सुरक्षित और प्राकृतिक वातावरण प्रदान करना है । इसके माध्यम से गायों के चारे, चिकित्सा और संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी । गौ-संरक्षण के इस पुनीत कार्य के अलावा बैठक में नैमिषारण्य के चहुंमुखी विकास को लेकर भी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई । संतों के मध्य नैमिषारण्य के पौराणिक महत्व के पुनरुद्धार तथा प्रसिद्ध चौरासी कोसीय परिक्रमा की एक स्मारिका तैयार करने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ । इसके अतिरिक्त, नैमिषारण्य के वन क्षेत्र और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने व इसके संवर्धन हेतु पर्यावरण संबंधी कई महत्वपूर्ण चर्चाएं भी की गईं । बैठक की अध्यक्षता चौरासी कोसीय परिक्रमा समिति अध्यक्ष नारायण दास ने की । इस पूरी बैठक का कुशल नेतृत्व महन्त सन्तोष दास खाकी जी ने किया, जिनकी देखरेख में सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई ।बैठक में मुख्य रूप से महामण्डलेश्वर स्वामी श्री सदाशिवेन्द्र जी महाराज, महन्त नारायण दास जी महाराज, स्वामी पगलानन्दाश्रम जी महाराज, महन्त रामअटल साहेब जी, रामायणी जी, सीताराम जी, महन्त अञ्जनी दास जी, महन्त विवेक कुमार शास्त्री, महन्त पुरुषोत्तम शास्त्री, महन्त हरिदास, महन्त रामसुमिरन दास, महन्त हठी दास, महन्त सुरेश दास, गोवत्स अश्वनी एवं आचार्य रामशब्द मिश्र जी आदि उपस्थित रहे। संतों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से भी इस पुनीत अभियान में सहयोग करने की अपील की है।