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पंडित सुखदेव चतुर्वेदी के चौमुखी ध्रुपद गायन और हवेली संगीत से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
मुंबई।  कला और संस्कृति को समर्पित अग्रणी संस्था समन्वय द्वारा मुंबई के प्रतिष्ठित भारतीय विद्या भवन में 29 अगस्ट,शनिवार को भव्य ‘तृतीय नंदोत्सव’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस उत्सव में देश के जाने-माने उद्योगपतियों और गणमान्य हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से मशहूर अभिनेता टीकू तलसानिया, नंदोत्सव की नीव रखने वाली प्रख्यात विचारक समाज सेवी एवं कवियेत्री डॉ. मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा, समाज सेवी उद्योगपति सुरेश चतुर्वेदी, उद्योगपति अभिषेक चतुर्वेदी,कार्यक्रम के सूत्रधार अशोक मेहता (लालू भाई), रूपा बावरी, घनश्याम एवं श्रीमती रमा पहेलाजानी, अनिल त्रिवेदी, श्रीमती अश्विनी जैन,जयेश भाई दंड, कॉलमिस्ट अलाईशा खान जैसे गणमान्य लोग शामिल हुए। डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा ने कार्यक्रम और आयोजको की सरहना की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के प्रख्यात ध्रुपद गायक पंडित सुखदेव चतुर्वेदी और उनके साथ आए 40 कलाकारों की मंच पर दी गई ध्रुपद और हवेली संगीत की भव्य प्रस्तुति रही। पंडित सुखदेव चतुर्वेदी ने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित 'हवेली संगीत' के पदों और भक्तिपूर्ण भजनों की ऐसी अविरल धारा बहाई कि उपस्थित सभी रसिकजन भक्ति रस में सराबोर हो गए। उनके प्रभावशाली और विशिष्ट 'चौमुखी गायन' ने समूचे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव का शुभारंभ मंच पर उपस्थित 20 प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा गाए गए मधुर 'मधुराष्टकम्' से हुआ। इस दिव्य गायन पर विदुषी मिनीयाज्ञिक कांटावाला ने बेहद खूबसूरत और भावपूर्ण भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पंडित सुखदेव चतुर्वेदी के साथ मंच पर सुर से सुर मिलाने में उनकी प्रतिभावान शिष्य मंडली ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इनमें रश्मि शुक्ला, नेहल गांधी, अधिष्ठा, वरुणा, अभिषेक, पौरुषी, पीहू, पंकज और शेखर शामिल रहे, जिन्होंने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से गायन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कार्यक्रम में बाल कलाकार अमानी चतुर्वेदी ने 'छोटी गोपी' के रूप में मंच पर बेहद मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। श्रीमती जानवी जोशी ने सहज और सुसंस्कृत शैली में बेहद सुंदर मंच संचालन (एंकरिंग) किया। समन्वय संस्था की ओर से श्री लोकेश चतुर्वेदी एवं आदित्य चतुर्वेदी ने आए हुए सभी विशिष्ट अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। कार्यक्रम के समापन पर संस्था के मुख्य आयोजक गगन चतुर्वेदी एवं अधिष्टा चतुर्वेदी ने इस सांस्कृतिक संध्या को सफल बनाने के लिए कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के प्रचार प्रसार मे निपम आशाद ने पूर्ण सहयोग दिया।
महानगरपालिका स्कूल को गोद लेकर उसके विकास में योगदान दें :  मंगल प्रभात लोढ़ा
मुंबई : शिक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्थाओं, स्कूलों और शिक्षा विशेषज्ञों को अपने क्षेत्र के कम से कम एक महानगरपालिका स्कूल के विकास के लिए पहल करनी चाहिए, ऐसा आह्वान कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया। एक कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को केवल अपनी संस्था तक सीमित न रहते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण मिलना आवश्यक है। इससे उनमें आत्मविश्वास के साथ-साथ श्रम और मेहनत करने वाले लोगों के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित होगी। भारत में ब्लू-कॉलर कार्यों को लेकर बनी सामाजिक मानसिकता को बदलने के लिए कौशल आधारित शिक्षा एक महत्वपूर्ण माध्यम उन्होंने रेखांकित किया कि शिक्षा केवल परीक्षा, अंक और डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, संस्कृति, मूल्य, विरासत और आत्मविश्वास भी शिक्षा के समान रूप से महत्वपूर्ण अंग हैं। बदलते समय के अनुरूप शिक्षा पद्धति में निरंतर परिवर्तन आवश्यक है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
भारत की शिक्षा व्यवस्था केवल किताबी ज्ञान पर आधारित नहीं थी, बल्कि भारत में कौशल, संस्कार, श्रम की प्रतिष्ठा, संस्कृति और जीवनोपयोगी शिक्षा की समृद्ध परंपरा पहले से रही है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस पारंपरिक शिक्षा पद्धति को कमजोर करते हुए रटने और रोजगार-केंद्रित शिक्षा को प्राथमिकता दी गई, ऐसी भूमिका मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय शिक्षा की इस समृद्ध परंपरा को आधुनिक कौशल और तकनीक से जोड़कर फिर से सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कौशल आधारित शिक्षा, भारतीय संस्कृति, मूल्य, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा की मुख्यधारा में लाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में यह नई शिक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गणपत कोठारी सहित 9 प्रवासी राजस्थानियों को किया गया सम्मानित

मुंबई। भारत 24 की ओर से मुंबई में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी समिट 2026’ में देश-विदेश में राजस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों, सामाजिक योगदान एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। समिट में राजस्थान फाउंडेशन मुंबई चैप्टर के अध्यक्ष गणपत कोठारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे कुल नौ प्रवासी राजस्थानियों को सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित व्यक्तित्वों में अक्षत खेतान, झुमरमल टुनवाल, धरम कुलरिया, डॉ. विजय केडिया, सुश्री नीति गोयल, चंदन चित्तरंजन शर्मा, राकेश राधेश्याम काबरा, सुश्री मधु जैन तथा गणपत कोठारी शामिल रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा एवं  आशीष शेलार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। भारत 24 के एमडी जगदीश चंद्रा, सीबीओ मनोज जग्यासी, भीम शंकर नेगी, सुश्री पूर्णिमा मिश्रा सहित भारत 24 की टीम और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने प्रवासी राजस्थानियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान के प्रतिभाशाली लोग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर हिस्से में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में प्रवासी भारतीयों और विशेष रूप से प्रवासी राजस्थानियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समिट में राजस्थान की संस्कृति, परंपरा, उद्यमिता, शिक्षा, समाजसेवा, उद्योग, व्यापार एवं कला के क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानियों के योगदान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी अपनी जन्मभूमि से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हुए अपनी कर्मभूमि में भी समाज और राष्ट्र के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं। राजस्थान फाउंडेशन के मुंबई चैप्टर अध्यक्ष गणपत कोठारी ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों को एक मंच पर जोड़ना, उनकी उपलब्धियों को पहचान देना तथा राजस्थान के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों और राजस्थान के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, निवेश और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित सभी प्रवासी राजस्थानियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समिट ने यह संदेश दिया कि प्रवासी राजस्थानियों की प्रतिभा, परिश्रम और सेवा भावना राजस्थान की गौरवशाली पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत कर रही है।
डा. राजेश्वर उनियाल उत्तराखंड भाषा संस्थान के सदस्य नियुक्त
मुंबई। मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेश्वर उनियाल को उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड भाषा संस्थान का सदस्य नियुक्त किया है। डा. उनियाल 40 वर्षों तक राजभाषा के विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे व वर्तमान में होटल प्रबंधन संस्थान, दादर में हिंदी सलाहकार हैं। आपने मुंबई विश्वविद्यालय से डा. शीतला प्रसाद दुबे के मार्गदर्शन में हिंदी लोक साहित्य में पीएचडी की थी । उनकी सृजनशीलता को देखते हुए भारत के माननीय राष्ट्रपति ने भी पुरस्कृत किया है। इसी के साथ आप दो बार महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी से सदस्य भी रहे। कई पुरस्कारों से सम्मानित डा. राजेश्वर उनियाल एक ओजस्वी वक्ता तथा कवि भी हैं।
सद्भाव सहयोग संस्था द्वारा मीरा रोड में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम  संपन्न
मुंबई। सावन के समापन के अवसर पर सद्भाव सहयोग संस्था के तत्वावधान में ‘सावन फिर आना’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति और लोकगीत परंपरा की मनमोहक झलक देखने को मिली। कजरी, सावनी लोकगीत और भजनों की स्वर-लहरियों ने पूरे वातावरण को उत्तर प्रदेश की मिट्टी की खुशबू से सराबोर कर दिया। ‘सावन फिर आना’ के माध्यम से मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीय समाज को अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया। लोकगायक सुरेश शुक्ल और लोकगायिका अंकिता दुबे ने अपने सुमधुर लोकगीतों और कजरी की प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा माहौल संगीतमय हो उठा। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। यह सावन महोत्सव सुरभि बैंक्वेट हाल, मीरा रोड में आयोजित किया गया जिसका संयोजन सुरेन्द्र मिश्र ने किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने इस सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा मुंबई उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्र का विशेष सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में मीरा भाईंदर महानगरपालिका में परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्र, नगरसेवक नवीन सिंह, नगरसेवक मनोज दुबे, शहर भाजपा महासचिव बृजेश तिवारी, भाजपा प्रवक्ता भरत मिश्र एवं शैलेश पांडेय के अलावा उद्योगपति बलवंत सिंह, रमाकांत सिंह, शिवसेना उत्तर भारतीय सेल के अध्यक्ष संदीप तिवारी, भाजपा नेता राजू मिश्रा, विद्याशंकर चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, उत्तर भारतीय संघ मीरारोड के अध्यक्ष आलोक सिंह, उन्नति फाउंडेशन के अध्यक्ष संतोष सिंह, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, वरिष्ठ पत्रकार अरुण उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अभय मिश्र, पत्रकार राजेश उपाध्याय, शिवकृष्ण पांडेय तथा समाज के अन्य विशिष्ट महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति ने और भव्यता प्रदान की। अतिथियों ने उत्तर भारतीय लोककला, लोकगीत और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सद्भाव सहयोग संस्था के अध्यक्ष एड. जी.सी.तिवारी, कार्याध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, प्रमोद दुबे, उपाध्यक्ष अशोक यादव, सचिव राकेश यादव, प्रमोद शुक्ला, रमेश उपाध्याय, कमलेश गुप्ता, रत्नेश मिश्रा, दीपक कनौजिया, विनोद तिवारी, जितेन्द्र गुप्ता, लालचंद यादव, मोहन मिश्रा आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई अजित पवार से मिला जैन समाज का प्रतिनिधिमंडल
मुंबई। राकांपा (अजित पवार गुट) के महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव व पूर्व राज्य मंत्री डाॅ आसिफ शेख के मार्गदर्शन एवं श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष संजय शाह के नेतृत्व में जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई अजित पवार से भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर जैन समाज की शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रस्तावित जैन शिक्षा संकुल के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह, जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्था की महिला अध्यक्ष अल्पा शाह, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार राजदूत संगठन के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं 'लंदन हेराल्ड' के भारत संस्करण प्रमुख राजेश उपाध्याय, युवा समाजसेवी पंकज उपाध्याय ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई अजित पवार का भव्य सम्मान किया। प्रतिनिधिमंडल में जैन समाज के विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जैन समाज द्वारा शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सेवा तथा युवा पीढ़ी के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी उपमुख्यमंत्री को दी। इस अवसर पर संजय शाह ने कहा कि जैन समाज की ओर से एक भव्य जैन शिक्षा संकुल स्थापित करने की योजना है, जिसमें छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बड़े छात्रावास की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इस संकुल के माध्यम से जैन धर्म के सिद्धांतों, भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह एवं करुणा के संदेश तथा आधुनिक उच्च शिक्षा को साथ लेकर नई पीढ़ी को संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैन शिक्षा संकुल केवल एक भवन नहीं, बल्कि जैन संस्कृति, संस्कार और ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम होगा। हमारा उद्देश्य है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा के माध्यम से भारत और जैन समाज का नाम रोशन करें तथा भगवान महावीर के अहिंसा और शांति के संदेश को विश्वभर में आगे बढ़ाएं। श्री शाह ने कहा कि जैन समाज मुंबई, महाराष्ट्र तथा देश की अर्थव्यवस्था में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में समाज के उद्यमी, युवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी राष्ट्र निर्माण की पहलों में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा ताई अजित पवार ने जैन समाज की शैक्षणिक एवं सामाजिक पहलों की सराहना करते हुए प्रस्तावित जैन शिक्षा संकुल सहित समाज के विभिन्न सकारात्मक प्रयासों में सहयोग एवं सकारात्मक मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने आगामी सामाजिक एवं सम्मान समारोह की जानकारी भी उपमुख्यमंत्री को दी। समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली नारी शक्ति एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से जैन समाज आने वाली पीढ़ियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के संदेश को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
भगवान श्री पार्श्वनाथ–पद्मावती महादेवी महापूजन महोत्सव, भक्तिभाव के साथ संपन्न
मुंबई। श्रीसंघ के श्रेय, कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि तथा संपूर्ण विश्व में शांति, सद्भावना और मंगलमय वातावरण की मंगलकामना के पावन संकल्प के साथ श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासरजी ट्रस्ट एवं श्री पार्श्वनाथ–पद्मावती महादेवी पूजन महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री पार्श्वनाथ–पद्मावती महादेवी महापूजन महोत्सव का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।

शास्त्रोक्त विधि-विधान, पवित्र मंत्रोच्चार, भक्तिमय स्तवन एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर इस आयोजन में वातावरण देर तक धर्ममय बना रहा। महापूजन के दौरान भगवान श्री पार्श्वनाथ प्रभु की विधिपूर्वक आराधना तथा माता पद्मावती महादेवी की भक्तिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर श्रीसंघ के सर्वांगीण कल्याण, सुख-शांति एवं समृद्धि के साथ समस्त मानवजाति के मंगल और विश्वशांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।

इस पावन अवसर को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करते हुए अगारशी तीर्थधाम श्री समवसरण महामंदिर के प्रेरणादाता, लब्धिधारी परम पूज्य आचार्य श्री विजय दक्षसूरीश्वरजी महाराज साहेब के प्रिय पट्टालंकार, लोकप्रिय श्रमण सम्राट, सुप्रसिद्ध प्रवचनकार, ज्योतिषविशारद तथा श्री सूरिमंत्र–पार्श्व–पद्मावती महादेवी के साधक परम पूज्य आचार्य श्री विजय प्रभाकरसूरीश्वर जी महाराज साहेब की पावन निश्रा एवं मंगल आशीर्वाद का लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।

साथ ही पूज्य मुनिप्रवर श्री महापद्मविजयजी महाराज साहेब, पूज्य मुनिराज श्री श्रीपद्मविजयजी महाराज साहेब एवं पूज्य साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा संतवृंद की पावन उपस्थिति ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान की। संतवृंद के आशीर्वचन एवं पावन सान्निध्य से उपस्थित श्रद्धालुओं में भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक चेतना का विशेष संचार हुआ। महोत्सव के दौरान समाजसेवा एवं धार्मिक क्षेत्र में निरंतर समर्पित सेवाओं के लिए समाज के विशिष्ट सेवाभावी व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया गया।

इस अवसर पर श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह का विशेष बहुमान किया गया। साथ ही जैन अल्पसेवा संस्था के महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजय शाह का भी सम्मान किया गया। समाज एवं धार्मिक क्षेत्र में उनके सेवाभाव, समर्पण एवं उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करते हुए संतवृंद एवं समाजजनों ने उनके प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

महापूजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा, संयम एवं आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान श्री पार्श्वनाथ प्रभु की आराधना और माता पद्मावती महादेवी की भक्ति से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनकर आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक अनुभूति का लाभ प्राप्त किया।यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि धर्म, सेवा, सद्भावना, करुणा, सामाजिक एकता और विश्वशांति के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।

आयोजन के माध्यम से श्रीसंघ के कल्याण से लेकर संपूर्ण मानव समाज के सुख, स्वास्थ्य एवं शांति की मंगलभावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरणादायी संदेश दिया गया। इस अवसर पर जयेशभाई लब्धी, संजय बिपिनचंद्र शाह, विलासभाई शाह, श्रेणिकभाई शाह, शिल्पा लब्धी एवं अल्पाबेन संजय शाह सहित समाज के अनेक अग्रणीजन, श्रावक-श्राविकाएं एवं भाविक भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अंत में भगवान श्री पार्श्वनाथ प्रभु की भक्ति, माता पद्मावती महादेवी की आराधना तथा “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” की सार्वभौम मंगलभावना के साथ यह भव्य महापूजन महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
न्यायधीशों, शिक्षाविदों और अर्थशास्त्रियों ने सर्वसम्मति से एक देश, एक चुनाव का किया समर्थन
मुंबई। ज्यूरिस्ट्स फॉर जस्टिस फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘एक देश, एक चुनाव’ विषय पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में पूर्व उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति, वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षाविद, अर्थशास्त्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित लगभग 50 प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया। देशभर में एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा के लाभ तथा इसके लिए आवश्यक संवैधानिक, प्रशासनिक, न्यायिक और आर्थिक ढांचे के विभिन्न पहलुओं पर इस अवसर पर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन में ‘एक देश, एक चुनाव’ के समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता और उपस्थित वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद ज्यूरिस्ट्स फॉर जस्टिस फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री उमेश कुमार सिरोही ने स्वागत भाषण दिया और सम्मेलन के उद्देश्य, विषय तथा प्रमुख लक्ष्यों को स्पष्ट किया। इसके पश्चात सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।सम्मेलन के मुख्य विषय को दिशा देने वाला मुख्य वक्तव्य प्रो. प्रितेश आर्टे ने दिया। इसके बाद मुख्य राउंड टेबल चर्चा की शुरुआत हुई। इसमें आठ गणमान्य वक्ताओं ने अपने-अपने व्यावसायिक एवं विशेषज्ञता के दृष्टिकोण से ‘एक देश, एक चुनाव’ के समर्थन में अपने विचार रखे।
पूर्व न्यायमूर्ति बी. पी. देशपांडे ने एक साथ चुनाव के संवैधानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।पूर्व जिला न्यायाधीश श्रीमती मीराताई खडक्कर ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सिंह, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने इसके क्रियान्वयन के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए एक साथ चुनाव का समर्थन किया।अविनाश धर्माधिकारी, पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) ने बार-बार होने वाले चुनावों के कारण पुलिस व्यवस्था पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि ‘एक देश, एक चुनाव’ से इस दबाव को कम करने में सहायता मिल सकती है। रवि पानी, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के आर्थिक और वित्तीय लाभों को रेखांकित किया। प्रो. अधिवक्ता दीपक परमार, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विषय के विशेषज्ञ, ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के व्यापक लाभों को स्पष्ट करते हुए इसके IPR क्षेत्र से संबंध को रेखांकित किया। नागेश वी. न्हवकर, पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश तथा महाराष्ट्र राज्य विशेष सार्वजनिक सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के वर्तमान सदस्य, ‘एक देश, एक चुनाव’ को अपनाने के संवैधानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। श्रीमती चंदा नथानी, पूर्व जिला न्यायाधीश ने भी इस प्रस्ताव के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा मुंबई के मलबार हिल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से प्रशासन की कार्यक्षमता और देश के विकास को बड़े पैमाने पर गति मिलेगी तथा देश की राजनीतिक व्यवस्था में अधिक प्रभावशीलता आएगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन लोकतंत्र वाला देश है। ‘एक देश, एक चुनाव’ के प्रस्ताव से सरकार की कार्यक्षमता बढ़ेगी और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी। इसलिए यह देशहित में अत्यंत लाभकारी प्रस्ताव है। इसके बाद उपस्थित प्रतिनिधियों को अपने विचार रखने का अवसर दिया गया। चर्चा के दौरान कुछ मतभिन्न विचार भी सामने आए, हालांकि राउंड टेबल में ‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में व्यापक सहमति बनी। इसके पश्चात प्रस्ताव का मसुदा प्रस्तुत किया गया। आवश्यक स्पष्टीकरणों के बाद ‘एक देश, एक चुनाव’ के समर्थन में यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से पारित किया गया। सम्मेलन का समापन पूर्व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा के समापन भाषण से हुआ। उत्तराखंड राज्य में न्यायाधीश के रूप में अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर उन्होंने ‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में अपनी भूमिका रखी। साथ ही इस विषय के न्यायिक, संवैधानिक, प्रशासनिक और आर्थिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।इसके बाद ज्यूरिस्ट्स फॉर जस्टिस फाउंडेशन के अध्यक्ष उमेश कुमार सिरोही ने एक बार फिर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। चर्चा के दौरान सामने आए विभिन्न मतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के लिए वायरल बुखार जैसे हैं, जबकि ‘एक देश, एक चुनाव’ इस राजनीतिक बीमारी के लिए प्रभावी टीकाकरण जैसा है। यह भारत सरकार की एक अत्यंत अच्छी पहल है। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने मुख्य अतिथि, सम्माननीय अतिथियों, वक्ताओं, सहभागी प्रतिनिधियों तथा आयोजन एवं विषय समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुंबई महानगरपालिका में तबादलों के लिए राजनीतिक सिफारिशों का इस्तेमाल
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादलों के लिए राजनीतिक नेताओं द्वारा सिफारिशें किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। उपलब्ध सूची में कुल 225 अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम हैं और उनके नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद, उपमहापौर तथा नगरसेवकों के नाम दर्ज हैं। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली को नगर अभियंता कार्यालय द्वारा यह विस्तृत सूची उपलब्ध कराई गई है। सूचना के अधिकार के माध्यम से उपलब्ध 225 अधिकारी-कर्मचारियों के नामों के सामने दर्ज राजनीतिक सिफारिशों के प्रारंभिक विश्लेषण में कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के नाम बार-बार सामने आए हैं। इसमें एकनाथ शिंदे के नाम का सर्वाधिक 10 बार उल्लेख है। इसके बाद रामदास आठवले के नाम का 9 बार, जबकि गिरीश महाजन और कालिदास कोळंबकर के नाम का 7-7 बार उल्लेख है।
इसी प्रकार मंगेश कुडाळकर, अण्णा बनसोडे और तुकाराम काते के नाम का 6-6 बार उल्लेख किया गया है। मुरजी पटेल और दिलीप लांडे के नाम का 5-5 बार उल्लेख है। वहीं नरहरी झिरवळ, सुमीत वानखेडे, राहुल शेवाळे, प्रकाश सुर्वे, इंद्रनील नाईक, संतोष बांगर, राम कदम, किशन कथोरे और बच्चू कडू के नाम का 4-4 बार उल्लेख किया गया है। इसके अलावा चंद्रशेखर बावनकुळे, हसन मुश्रीफ, भरतशेठ गोगावले, उदय सामंत, परिणय फुके, रविंद्र वायकर, प्रसाद लाड, सुनील प्रभू, महेश सावंत और प्रवीण दरेकर के नाम का 3-3 बार उल्लेख है। वहीं प्रतापराव जाधव, पंकजा मुंडे, मंगलप्रभात लोढा, रावसाहेब दानवे, संजय घाडी, राहुल नार्वेकर, जयकुमार गोरे और सना मलिक के नाम का 2-2 बार उल्लेख किया गया है। जबकि रविंद्र चव्हाण, चंद्रकांत पाटील और संजय बनसोडे के नाम का 1-1 बार उल्लेख सामने आया है। इस सूची की पृष्ठभूमि में सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि महानगरपालिका में तबादले प्रशासनिक आवश्यकता, वरिष्ठता और पारदर्शी मानकों के आधार पर होना अपेक्षित है। लेकिन 225 अधिकारी, कर्मचारियों के नामों के सामने मंत्री, विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों के नामों वाली सूची सामने आई है। अनिल गलगली ने कहा कि इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त द्वारा मौजूदा नियमों के अनुसार राजनीतिक दबाव डालने वाले अधिकारी वर्ग के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है। इस सूची में Assistant Engineer (AE), Sub Engineer (SE), Executive Engineer (EE) और Junior Engineer (JE) पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों का समावेश है। सूची में दर्ज नाम एवं राजनीतिक सिफारिशें इस प्रकार हैं– रविंद्र घाटगे (संतोष बांगर); सुनील शेठे (प्रकाश सुर्वे, परिणय फुके); दीपक नागासोगे (मुरजी पटेल); गजेंद्र काकड (महेंद्र दळवी); रविंद्र दरेकर (अण्णा बनसोडे, प्रकाश सुर्वे); अंजली धोरे (किशोर आप्पा पाटील); सचिन मेंढे (वर्षा गायकवाड); प्रशांत जगताप (इंद्रनील नाईक, हसन मुश्रीफ); निलेश परब (मनिषा चौधरी, गिरीश महाजन); हेमंत पंत (प्रवीण दरेकर); पद्माकर चव्हाण (मकरंद पाटील); विशाल पाटील (अण्णा बनसोडे); प्रकाश शिंगारे (मेघना बोर्डीकर); संदीप घोगरे (डॉ. पंकज भोयर); नारायण मेंघारे (संतोष बांगर); सागर गायकवाड (संजय दिना पाटील); राजेंद्र राठोड (शिवेंद्रराजे भोसले); हरीश चव्हाण (अण्णा बनसोडे); चेतन पाटील (राम कदम); व्यंकटेश आवळे (बच्चू कडू); शुभम चव्हाण (मुरजी पटेल); नेहा नितीन सांखे (उदय सामंत); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर); सुनील यमगर (मुरजी पटेल); प्रसाद पटवर्धन (धनंजय गाडगीळ); हर्षल पिंपळे (किशन कथोरे); पूर्णिमा भोईर (कालिदास कोळंबकर); संतोष भडवेकर (प्रवीण दरेकर); विद्यसागर भामावले (प्रसाद लाड); नितीन चौधरी (राहुल शेवाळे); जयंत बोरशे (प्रकाश सोलंके); समीर सणप (संजय घाडी); सचिन हणमधर (मुरजी पटेल); सिद्धिविनायक खडपकर (दिलीप लांडे); योगेश पारटे (तुकाराम काते); रुपेश भांडगे (संजय केळकर); रमेश सोनवणे (राम कदम); किशोर क्षेत्री (बाबासाहेब पाटील); मयूर पाटील (भरतशेठ गोगावले); रेणुका पाटील (इंद्रनील नाईक); विजय श्यामोथे (दिलीप लांडे); दिनेश नांचे (रामदास आठवले); चेतन पाटील (संजय दिना पाटील); अनुप ठाकूर (सुमित वानखेडे); महेश नांदेकऱ (राधाकृष्ण विखे पाटील); संदीप देसाई (संजय शिरसाट); अभय सांख्ये (चंद्रशेखर बावनकुळे); सचिन दुधभाते (भरतशेठ गोगावले); रविंद्र गवाडे (कालिदास कोळंबकर); उस्मान सादिक (सना मलिक); दीपक चौगुले (दिलीप लांडे); सिद्धार्थ अग्रवाल (हारून शेख, रंजना पाटील); सचिन दाऊर (सुरेश कोपारकर); संदीप साळुंखे (कालिदास कोळंबकर); केशव ओवे (रामदास आठवले); राहुल निगोले (कैप्टन तमिल सेल्वन); विकास सोनुने (उदय सामंत); विकी साळुंखे (संजय राठोड); साईनाथ गलवाड (डॉ. भागवत कराड, गिरीश महाजन, अबू आजमी); जमीर पठाण (सुनील प्रभू); रोशन झेमसे (एकनाथ शिंदे); अक्षय दुधाण (एकनाथ शिंदे); प्रशांत पाथारे (एकनाथ शिंदे); अंगराज गणपत (एकनाथ शिंदे); आनंद जाधव (एकनाथ शिंदे); अमित गहाणे (एकनाथ शिंदे); प्रविण तिरकेकर (एकनाथ शिंदे); विवेक पाटील (माधुरीताई मिसाळ); रवी गुप्ता (चंद्रशेखर बावनकुळे); योगेश कोकणी (प्रकाश सुर्वे); प्रविण मुळूक (प्रकाश सुर्वे); माधव बाचेवाड (अशोक चव्हाण); शीतल काळे (सना मलिक); ओंकार माने (डॉ. भागवत कराड); शालका खाडे (संजय बनसोडे); भूषण गवळी (रामदास आठवले); शाहबाज पिरजादे (हसन मुश्रीफ); संदेश वानखेडे (कालिदास कोळंबकर); संतोष घवारे (एकनाथ शिंदे); शरिता ठाकूर (किशन कथोरे); सागर थिटे (रविंद्र वायकर); स्वप्निल देवरुखकर (रामदास आठवले); कार्तिक गांधी (राम पांडगळे, इंद्रनील नाईक, मेघना बोर्डीकर); सचिन सोनवणे (मनोज जामसुतकर, मनिषा चौधरी); रामदास कवडेकर (प्रसाद लाड, रामराव वडकुते); वलसंगीकर अब्दुल मतीन (शिवेंद्रराजे भोसले, महेंद्र थोरवे); निलेश नरकर (गुलाबराव पाटील); गिरीश सिंह (महेंद्र दळवी); जयंत तामखेडे (हारून शेख); संतोष पुजारे (मोनिका राजळे); राहुल निकम (संजय घाडी); अंगराज पुरी (आकाश राजपुरोहित); राजू डामसे (रविंद्र चव्हाण); गोविंद देवकाते (राम कदम); मिलिंद शाव्ही (एकनाथ शिंदे, अतुल थोपटे, प्रविण तायडे); निलेश काळंबे (चंद्रशेखर बावनकुळे); अकबर खान (छगन भुजबळ); सतीश करांडे (राहुल नार्वेकर); सुदीप शिंदे (अण्णा बनसोडे); निखिल नालवडे (शंभूराज देसाई); जयेश राऊत (बच्चू कडू); राजू डामसे (रामदास आठवले); गोपाल माळी (परिणय फुके); संदीप सावंत (गोपीचंद्र पडळकर); अमित पाटील (चंद्रकांत पाटील); किरण कांबळे (सुरेश भोळे); प्रदीप चंदनशिवे (जयकुमार गोरे); अमृता पाटील (जयंत पाटील); धीरज करांडे (मंगलप्रभात लोढा); सुधाकर चव्हाण (गिरीश महाजन); सुशांत पाटील (हसन मुश्रीफ); आनंद साळवे (इंद्रनील नाईक); देवेंद्र उघडे (सुमित वानखेडे); निखिल शेटे (अंबादास दानवे); अमोल चव्हाण (राम शिंदे); अमित जाधव (संजय राठोड); स्वप्निल देवरुखकर (अमय घोले); विकास पुरळीक (सुनील राणे); शरदचंद्र खाडे (किशन कथोरे); मनीष टाके (तुकाराम काते); संदीप खरात (दिलीप लांडे); रविकांत देवकर (रामदास आठवले); प्रदीप पवार (मुरजी पटेल); शिवरंजन शिगेटे (दीपक केसरकर); वैभव निंबाळकर (गणेश नाईक); सचिन भुरके (मनिषा चौधरी); पल्लवी ताटेकर (मकरंद पाटील); विकास धोंड (श्रीकांत शिंदे); स्वप्निल गुंड (राहुल कुल); अमोल पाटील (दत्तात्रय भरणे); खिरीश लिमजे (सुनील प्रभू); विजय साळे (अमोल खाटाळ); अभिलाषा सोनवणे (महेश सावंत); कल्पना कोतवाल (अतुल सावे); सचिन कुलकर्णी (नरहरी झिरवळ); मनोज दुबे (नरहरी झिरवळ); निरवकुमार जशूर (हारून खान); संतोष भिलारे (नरहरी झिरवळ); राजेश तावडे (मिहीर कोटेचा); ऋतुराज गोहिलोट (तुकाराम काते); सागर चारुडे (मंगेश कुडाळकर); सुनील चाळवाड (मंगेश कुडाळकर); अरविंद सोनार (डॉ. हेमंत सावरा, राजेंद्र गावित); पवन कुलकर्णी (दिलीप लांडे); रोहित कथोरे (किशन कथोरे); निशा दळवी (मंगेश कुडाळकर); राहुल जाधव (कालिदास कोळंबकर); महेश पाटील (मंगलप्रभात लोढा); श्रीरंग धर्माधिकारी (मनिषा चौधरी); प्रमोद ब्रामणकर (शहाजी पाटील); सुनील पाटकर (प्रवीण दरेकर); सचिन पाटील (रावसाहेब दानवे); सागर पाटील (रामदास आठवले); प्रदीप काजरोलकर (मकरंद पाटील); क्षितिजा यावली (राधाकृष्ण विखे पाटील); रुपेश कोठारे (हिरामण खोसकर); युवराज पांढरे (कालिदास कोळंबकर); रोहित शेलकांडे (परिणय फुके, गिरीश महाजन, शिवराज पाटील, पृथ्वीराज देशमुख); रिमिका भुतकर (रामदास आठवले); भरत उरिशकर (संतोष बांगर); जगदीश तुपे (संजय शिरसाट); अरविंद कदम (राधाकृष्ण विखे पाटील); धनश्री हुसेकर (नरहरी झिरवळ); दीपक मुंढे (गिरीश महाजन); ज्ञानदीप महाजन (अजय चौधरी); राहुल निगोले (प्रतापराव जाधव); अभिजीत रशाळ (प्रतापराव जाधव); अमोल भेळेकर (मोनिका राजळे); प्रथमेश जाधव (चंद्रकांत हंडोरे); सुधांशु दवारे (संतोष बांगर); शोभांगी गोसावी (तुकाराम काते); अर्जुन सुळाणे (आकाश फुंडकर); अभिषेक पाटील (प्रसाद लाड); प्रियंका खरात (विक्रम बाबनराव पाचपुते, सुमित वानखेडे); राजेंद्र पुजारी (शिवाजी पाटील); चंद्रभागा माने (मुरजी पटेल); राकेश कुमार झा (एकनाथ शिंदे); कृष्णकुमार पुरोहित (सुमित वानखेडे); भरत मोमले (राहुल शेवाळे); राहुल लांडगे (राहुल नार्वेकर); रोशन जिभकाटे (राहुल शेवाळे); योगेश चौधरी (अमीन पटेल); राजेंद्र बर्वे (सुनील राऊत); वैभव गोडसे (संजय केळकर); कुणाल भंडारी (मनिषा चौधरी); प्रसाद धुमाळे (रविंद्र वायकर, पंकज भोयर, रवी राणा); राणा जयस्वाल (बच्चू कडू); दीपक जाधव (अण्णा बनसोडे); दीपक कोरगावकर (उदय सामंत); अशेष भोईर (उदयनराजे भोसले); कल्पना दळवी (बच्चू कडू); मिथुन भिसे (जयकुमार गोरे); विश्वनाथ माने (भरतशेठ गोगावले); राकेश शिंदे (अण्णा बनसोडे); नितीन बाविस्कर (राम कदम); हेमंत पंत (अतुल भातखळकर); दिगंबर मोरे (सुरेश धस); सुभाष कांबळे (तुकाराम काते); सचिन सांगळे (पंकजा मुंडे); मोहसीन खान (मंगेश कुडाळकर); सुनील साळुंखे (पंकजा मुंडे); सावेंद्र जाधव (मंगेश कुडाळकर); अनिल विजापूरे (रामदास आठवले); महेंद्र जागीर (महेश सावंत); सागर मोरे (गिरीश महाजन); सागर अडसुळ (राहुल शेवाळे); सुहास माळी (महेश सावंत); शुभम होळकुंडे (अभिमन्यू पवार); मयुरी पवार (पराग शाह); किशोर आहिरे (मंगेश कुडाळकर); संजोग ठाकूर (समीर मेघे); अमोल मेहर (किशोर आप्पा पाटील); युवराज बेळेकर (प्रकाश आबिटकर); गणेश सातपुते (मनिषा चौधरी); महेश चौगले (सुनील प्रभू); सोनल आव्हाड (अजय चौधरी); शैलेश जाधव (अतुल भातखळकर); आदिनाथ वानवे (रावसाहेब दानवे); प्रविण खरात (तुकाराम काते); अशोक पवार (माणिकराव कोकाटे); किशोर धागर (गिरीश महाजन)।
अजीत पवार को नमन कर सुनेत्रा पवार के साथ लिया गया विकास का संकल्प

मुंबई। रक्षाबंधन के अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार साहेब की स्मृति को नमन करते हुए राकांपा (अजित पवार गुट) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राज्य के अन्न नागरी पुरवठा मंत्री  छगन भुजबल, राकांपा महिला आघाड़ी की महाराष्ट्र वैशालीताई नागवडे, महिला आघाड़ी की मुंबई अध्यक्ष आरतीताई सालवी, मुंबई सचिव ममता शर्मा समेत बड़ी तादाद में पदाधिकारियों की उपस्थिति में उनके स्मृति स्थल पर उन्हें राखी बांधकर एक भावपूर्ण संकल्प लिया गया। राकांपा महिला आघाड़ी की मुंबई प्रदेश सचिव ममता शर्मा ने इस भावुक पल पर कहा कि दादा की याद और उनके विकासवादी विचारों को हमेशा अपने साथ रखते हुए, सुनेत्रा अजित पवार वहिनी के साथ हम महिला एवं युवा सशक्तीकरण के लिए पूरी ताकत और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की हर महिला आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बने, हर युवा कौशलवान, सक्षम और रोजगारक्षम बने और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास का अवसर मिले, इसी उद्देश्य से निरंतर कार्य करने का हमारा संकल्प है। ममता शर्मा ने कहा कि महिला सशक्त होंगी तभी परिवार सशक्त होगा। ममता शर्मा ने कहा कि दादा के विकासवादी विचारों को आगे बढ़ाना और महाराष्ट्र को प्रगति के पथ पर और मजबूत बनाना ही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।