पीएम मोदी ने लाल किला से दिया 'शक्ति की सप्त धारा' का फॉर्मूला, जानें क्या है सरकार का प्लान
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आज पूरे देश आजादी का जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' की घोषणा की है। यह वह सात संकल्प हैं, जिसका लक्ष्य तय करके भारत को 2047 तक विकसित बनाने का मोदी सरकार ने संकल्प लिया है।
देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी।
सप्त धारा की पहली शक्ति मैन्युफैक्चरिंग पावर
पीएम मोदी ने कहा, सप्त धारा की पहली शक्ति है- मैन्युफैक्चरिंग पावर। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा। उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए। डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है। इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा। हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों। जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा। वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी। क्वालिटी से कोई समझौता नहीं। हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए।
सप्त धारा की दूसरी कृषि और खाद्य उत्पादन
पीएम मोदी ने सप्त धारा की दूसरी शक्ति कृषि और फूड प्रोडक्शन को बताया है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में देश को आगे बढ़ना होगा। पीएम मोदी के मुताबिक दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, हमें वहां पहुंचना है। 'हमें खेत से लेकर एक्सपोर्ट मार्केट तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों से लेकर मसालों तक हमारे पास सबकुछ है, जिन्हें ग्लोबल ब्रांड बनाना है। हमारे किसान केमिकल फ्री खेती को बल देंगे, तो दुनिया में इनकी मांग और बढ़ने वाली है।
तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार। उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं। इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है।
गति शक्ति चौथी शक्ति
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति। यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए। हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए। बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा।
पांचवी रक्षा शक्ति
पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति। रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है। हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा। हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा। ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा।
छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति
छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति। हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं। हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है। इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं।
सातवीं शक्ति है भारत की सॉफ्ट पावर
'सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर। भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है। आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है। जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों। हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों।
5 hours ago
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