जनपद मऊ -: बुनकरों ने बिजली की फ्लैट रेट व्यवस्था बहाल करने समेत पांच सूत्रीय मांगें उठाईं
मऊ। उत्तर प्रदेश के बुनकर समाज ने प्रदेश सरकार से बुनकर उद्योग को संकट से उबारने और बुनकरों को राहत देने के लिए बिजली की पुरानी फ्लैट रेट व्यवस्था बहाल करने समेत पांच सूत्रीय मांगें उठाई हैं। बुनकरों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद से बुनकर उद्योग लगातार संकट के दौर से गुजर रहा है। मऊ, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के कई जनपदों में बुनकरों की हालत बेहद खराब है और रोजगार का पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बुनकर पलायन को मजबूर हैं।
बुनकरों के अनुसार पूर्व में लागू बिजली की पारंपरिक फ्लैट रेट व्यवस्था उनके लिए काफी राहतकारी थी, लेकिन बढ़ी हुई दरों के कारण पावरलूम संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बुनकरों ने सरकार से पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की है।
बुनकर समाज की प्रमुख मांगों में बुनकर आयोग का गठन, बुनकरों द्वारा निर्मित कपड़ों एवं उत्पादों के लिए बाजार की व्यवस्था, आधे हॉर्स पावर से चलने वाले पावरलूमों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन की घोषणा तथा जिन बुनकरों के घरों में ही लूम लगे हैं, उन्हें अलग घरेलू कनेक्शन लेने के लिए बाध्य न करने की मांग शामिल है।
बुनकरों ने यह भी मांग की है कि योजना के तहत आवश्यकता पड़ने पर बुनकरों को उनके परिसर में निःशुल्क घरेलू कनेक्शन तथा 300 यूनिट प्रतिमाह तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उपभोक्ताओं के लोड बढ़ाने और घटाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि विभागीय चक्कर लगाने से बुनकरों को राहत मिल सके।
बुनकर समाज ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए उचित शासनादेश जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बुनकर उद्योग को राहत मिलने से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी बचाई जा सकेगी और पूर्वांचल के परंपरागत बुनकरी उद्योग को पुनः मजबूती मिलेगी।
Aug 11 2026, 19:38
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1