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शराब पार्टी के बाद धारदार हथियार से किसान की हत्या, तीन युवकों पर आरोप
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथीगांव में खेत की रखवाली कर रहे एक किसान की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। गुरुवार को ट्यूबवेल के पास उसका रक्तरंजित शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटनास्थल से शराब की खाली बोतलें और कई गिलास मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि वारदात से पहले वहां कुछ लोगों ने शराब पार्टी की थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान हरिमोहन सिंह यादव (45) निवासी हाथीगांव के रूप में हुई है। वह खेती-किसानी के साथ एक खेत की देखरेख भी करते थे और रोज रात में ट्यूबवेल पर ही रुकते थे। परिवार के मुताबिक बुधवार रात उन्होंने घर पर भोजन नहीं किया था। रात करीब 10 बजे जब परिजनों ने फोन कर खाने के लिए बुलाया तो उन्होंने बताया कि वह खाना खा चुके हैं और ट्यूबवेल पर ही रुकेंगे।

गुरुवार सुबह खेत पर काम करने पहुंचे ग्रामीणों ने ट्यूबवेल के पास खून से लथपथ शव देखा और इसकी सूचना पुलिस व परिजनों को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के गले और हाथ पर धारदार हथियार के गहरे घाव थे। आसपास शराब की बोतलें और कई खाली गिलास भी पड़े मिले।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान परिजनों ने कुछ देर विरोध किया। उनका आरोप था कि फोरेंसिक जांच पूरी होने से पहले ही पुलिस शव हटाने की कोशिश कर रही थी। बाद में समझाने पर परिजन शांत हुए, जिसके बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

परिजनों ने गांव के ही रहने वाले मुलायम सिंह यादव, श्याम और अर्जुन गुप्ता पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तीनों अक्सर ट्यूबवेल पर आकर शराब पार्टी करते थे। पुलिस ने आरोपों के आधार पर तीनों से पूछताछ शुरू कर दी है।

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
कृषि नवाचारों को प्रयोगशालाओं से खेतों तक पहुंचाएं : आनंदीबेन पटेल
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के 28वें दीक्षांत समारोह में 372 विद्यार्थियों को उपाधियां और 27 मेधावियों को 33 पदक प्रदान किए गए। "देश में आपके नवाचारों की आवश्यकता है। प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों और शोध को खेतों तक पहुंचाकर किसानों की आय बढ़ाने में योगदान दें। यह बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं।

सीएसए के 28वें दीक्षांत समारोह का आयोजन शुक्रवार को कैलाश भवन ऑडिटोरियम में हुआ। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की, जबकि मुख्य अतिथि बिम्सटेक के महासचिव इंद्र मणि पांडेय रहे। समारोह में 27 मेधावियों को 33 पदक एवं पुरस्कार तथा कुल 372 छात्र-छात्राओं को विभिन्न संकायों की उपाधियां प्रदान की गईं।

उपाधि प्राप्त करने वालों में 69 विद्यार्थियों को पीएचडी, 179 को बीएससी कृषि, 28 को बीएससी उद्यान, 19 को बीएससी फॉरेस्ट्री, 10 को बीएससी कम्युनिटी साइंस, 52 को बीटेक की विभिन्न शाखाओं, आठ को बीएफएससी तथा सात विद्यार्थियों को बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी की डिग्री प्रदान की गई। पदक विजेताओं में नौ विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, नौ को विश्वविद्यालय रजत पदक, नौ को विश्वविद्यालय कांस्य पदक तथा छह विद्यार्थियों को प्रायोजित स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार के लिए वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन तकनीक, कृषि सखियों और 'ड्रोन दीदी' जैसी पहलों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन का विस्तार करने तथा अपने नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि इंद्र मणि पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय ने दलहन, तिलहन और खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां विकसित कर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने वैज्ञानिकों से जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास, कृषि विविधीकरण और दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में शोध को और गति देने की अपील की।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजीव गुप्ता ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पुस्तकालय के आधुनिकीकरण के लिए 3.5 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं तथा विद्यार्थियों को रेल यात्रा में विशेष रियायत भी उपलब्ध कराई गई है। समारोह में राज्यपाल ने डिजिलॉकर पर 372 डिग्रियां अपलोड कीं, उत्कृष्ट अध्यापन के लिए चार शिक्षकों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित नौ पुस्तकों का विमोचन भी किया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता स्कूली विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता : साढ़े तीन करोड़ की कीमत के गांजे के साथ चालक गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में कमिश्नरेट पुलिस ने 'ऑपरेशन व्हाइट पाउडर' के तहत देर रात नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सजेती थाना क्षेत्र से साढ़े चार कुंतल गांजा बरामद किया। ओडिशा से राजस्थान ले जाई जा रही इस खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगालना शुरू कर दिया है।

एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक ट्रक कानपुर के रास्ते राजस्थान जाने वाला है। इस पर एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत के निर्देशन में सजेती पुलिस ने बरीपाल मार्केट के पास घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखी गई गांजे की सैकड़ों सिल्ली बरामद हुईं। पुलिस कार्रवाई के दौरान चालक वाहन छोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रामेश्वर निवासी राजस्थान बताया। उसने पुलिस को बताया कि उसका काम ट्रक को राजस्थान की सीमा तक पहुंचाना था। वहां पहले से मौजूद एक व्यक्ति को यह खेप सौंपनी थी। उसने यह भी बताया कि सप्लाई चेन में शामिल लोगों के बीच सीधे संपर्क नहीं कराया जाता था। उसके पास केवल ट्रक का विवरण था, जबकि ओडिशा में बैठे तस्कर दोनों पक्षों के बीच समन्वय का काम करते थे। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद गांजा राजस्थान के अलग-अलग जिलों में छोटी-छोटी खेप बनाकर खपाया जाना था। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि तस्कर अक्सर जांच से बचने के लिए ट्रकों में महिलाओं और बच्चों को भी बैठाकर सफर करते हैं, ताकि किसी को शक न हो। इस मामले में भी ट्रक में पहले महिलाएं और बच्चे सवार थे, जिन्हें कानपुर पहुंचने से पहले रास्ते में उतार दिया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि ओडिशा में कम कीमत पर मिलने वाला गांजा दूसरे राज्यों में पहुंचते-पहुंचते कई गुना महंगा बिकता है। पुलिस को आशंका है कि बरामद खेप किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह से जुड़ी है। इसी आधार पर ओडिशा और राजस्थान के बीच सक्रिय नेटवर्क, सप्लायर, रिसीवर और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है।

आगे उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार कुंतल गांजा और ट्रक बरामद किया गया है तथा चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद कानपुर में बड़ी कार्रवाई, 'फिजिक्स वाला' समेत 22 कोचिंग सेंटर सील
कानपुर। लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कानपुर में व्यापक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन एवं अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 'फिजिक्स वाला' सहित 22 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।