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सुरुज बाई खांडे जयंती पर टाटामारी में हुआ ‘सुरुज सम्मान 2026’ का आयोजन
केशकाल- अंतरराष्ट्रीय भरथरी गायिका स्वर्गीय सुरुज बाई खांडे की जयंती के अवसर पर सुरुज ट्रस्ट द्वारा ‘सुरुज सम्मान 2026’ समारोह का आयोजन 12 जून को केशकाल स्थित टाटामारी पर्यटन केंद्र में किया गया। कार्यक्रम का यह चौथा संस्करण था, जिसमें समाज, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और लोक परंपराओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इंग्लैंड से आईं सोफी हार्टमैन मुख्य अतिथि रहीं। समारोह की अध्यक्षता रुद्र नारायण पाणिग्रही ने की, जबकि कविता वासनिक और मनोज पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुधीर आज़ाद तम्बोली ने किया। सुरुज ट्रस्ट की दीप्ति ओग्रे ने बताया कि इस वर्ष समारोह में एक नई पहल करते हुए ‘सुरुज सृजन सम्मान’ की शुरुआत की गई। इसका प्रथम सम्मान लोक साहित्य, बस्तर की भाषा-बोली, इतिहास तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए रुद्र नारायण पाणिग्रही को प्रदान किया गया। उनकी लेखनी ने बस्तर की लोक परंपराओं, ज्ञान और सांस्कृतिक अस्मिता को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सुरुज सम्मान 2026 से सम्मानित प्रतिभाएं

समारोह में हिमानी वासनिक, डॉ. किरण नुरूटी, शिव कुमार पाण्डे, लतिका वैष्णव, सुभाष पाण्डे, गंगा देवी भट्ट, राज कुमार कोर्राम, अगरबत्ती पोयाम, सुरेश पोयाम, सिकंदर बघेल, वनिका (वानी व्हेल्स), मालती ध्रुव, लालजी कोर्राम, उदेलाल मारकंडे, लक्ष्मी साहू, रिजवान खान, रमेश कुमार जैन, लाल बहादुर, मनोज गोयल और प्रकाश नाग को ‘सुरुज सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी मिला सम्मान

विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें अजय कुमार वट्टी, सूर्यकांत मारकंडे, जयलेन्द्र साहू, राहुल ध्रुव, समीर नुरूटी, वट्टी होमस्टे, मां तेलिन सती महिला समूह, शिव शक्ति महिला समूह, शगुन उत्कर्षणी महिला समूह, टाटामारी इको पर्यटन समिति, होनहेड इको पर्यटन समिति तथा कोड़ाकल इको पर्यटन समिति शामिल हैं।
विशेष रूप से बस्तर में पर्यटन संवर्धन और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पर्यटन समितियों और महिला समूहों के योगदान की सराहना की गई। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नयी पीढ़ी के लिए सौगात है पर्यावरण संरक्षण, साई कॉलेज में पौधरोपण कर मना पर्यावरण दिवस

अम्बिकापुर- जब हम पर्यावरण के प्रति सचेत होते हैं तो अपनी नयी पीढ़ी के लिए सौगात तैयार देते हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर इको क्लब के तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान के दौरान प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारी आवश्यकता है और इसे बचाना हमारा दायित्व है। हरियाली रहेगी तो श्वास लेने के लिए स्वच्छ हवा मिलेगी, बारिश अच्छी होगी तो बेहतरीन फसल मिलेगी। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हमे विकास तो चाहिए लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं बल्कि पर्यावरण को संरक्षित करते हुए।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष और इको क्लब प्रभारी डॉ. अरविन्द तिवारी ने कहा कि हमारा महाविद्यालय पर्यावरण और हरियाली का मॉडल है। पौधरोपण से हरियाली को हमेशा मजबूत किया गया है। उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण की महत्ता से अवगत कराया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल डॉ. अजय कुमार तिवारी ने पृथ्वी पर हुए उल्कापात, डायनोसोर के विलुप्त होने, सुनामी, कोरोना काल के दौरान पर्यावरण की बदली स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के संतुलन में दूसरे ग्रहों को बड़ा योगदान है। हमे हवा, पानी की गुणवत्ता बनाये रखनी होगी। डॉ. जगमीत कौर ने शैक्षिक गतिविधियों के दौरान पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को हरियाली बचाने और संवर्धन के लिए आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन इको क्लब सदस्य दीपक तिवारी ने किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा और वर्तमान जीवन में होने वाले पर्यावरणीय बदलाव से अवगत कराया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में अभिभावक और विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर हरियाली का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी, कंचन साहू, विभा तिवारी, चांदनी व्यापारी, रेखा हलदार, सूर्य ज्योति, रागिनी सिंह तथा विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में ABVP का प्रदर्शन, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव

रायपुर- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अभाविप ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और विश्वविद्यालय द्वारा सेवा समाप्ति की कार्रवाई के बावजूद पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली को बिना वैधानिक आदेश के दोबारा विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया गया है। परिषद ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही वर्ष 2019 में डॉ. शैलेन्द्र खण्डेलवाल की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग की गई।

परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बने नए ऑडिटोरियम की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अभाविप का कहना है कि उद्घाटन से पहले ही ऑडिटोरियम क्षतिग्रस्त होने लगा है, जिससे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। संगठन ने इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा अवधि में लगातार बिजली कटौती, छात्रावास में दूषित पेयजल, मेस की खराब गुणवत्ता, खेल सुविधाओं की कमी, बस परिवहन की अव्यवस्था और स्टूडियो सुविधाएं छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां अनियमितताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा समाप्ति के बाद भी किसी व्यक्ति को कार्य करने की अनुमति देना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं, रायपुर महानगर मंत्री एवं विश्वविद्यालय छात्र सुजल गुप्ता ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम की गुणवत्ता संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने छात्रावासों में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, इंडक्शन उपयोग की अनुमति और आधुनिक स्टूडियो को विद्यार्थियों के लिए तत्काल शुरू करने की मांग की।

घंटों चले प्रदर्शन और घेराव के बाद कुलसचिव ने अभाविप प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने डॉ. शाहिद अली प्रकरण की जांच, ऑडिटोरियम निर्माण की तकनीकी जांच और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

अभाविप ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की है। हालांकि परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।