बुनकरों के हितों के प्रति सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : राकेश सचान
‘अटल बिहारी वाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी
लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में नियम 56 के अंतर्गत उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार बुनकरों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में ऊर्जा विभाग द्वारा फ्लैट रेट विद्युत आपूर्ति योजना प्रारंभ की गई थी, जिसे बाद में बढ़ती बकायेदारी के कारण हथकरघा विभाग को हस्तांतरित किया गया।
मंत्री सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार बुनकर प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श के उपरांत 1 अप्रैल 2023 से “अटल बिहारी वाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना” लागू की गई। इस योजना के तहत 5 किलोवाट तक के कनेक्शनों के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही बुनाई कार्य में प्रयुक्त सहायक उपकरण—बॉबिन, वार्पिंग, डबलिंग, बाइंडर मशीन तथा पंखा आदि—को भी 5 किलोवाट की सीमा में शामिल किया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 99,229 पावरलूम कनेक्शनों को योजना का लाभ मिल रहा है, जिनमें 92,869 कनेक्शन 5 किलोवाट श्रेणी के हैं। पूर्व में इस योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर लगभग 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, 31 मार्च 2023 तक की बकाया विद्युत देनदारियों के भुगतान की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने स्वयं ली है। बजट वर्ष 2026-27 में लगभग 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे हथकरघा विभाग पर लंबित लगभग 4,000 करोड़ रुपये की देनदारी का निस्तारण किया जा सके।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं वाराणसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर एवं मेरठ मंडलों का दौरा कर बुनकरों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि सरकार बुनकर समाज की पारंपरिक कला और आजीविका की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने में भी कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश सरकार बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लाखों परिवारों के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रही है और प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
3 hours ago
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