दीपावली पर भी खाली रहा हाथ: बलिया समेत कई जनपदों में शिक्षामित्रों का मानदेय अटका, पोर्टल या विभाग—जिम्मेदार कौन?
संजीव सिंह बलिया। दीपावली जैसे मुख्य त्योहार पर उत्तर प्रदेश के बलिया समेत कई जनपदों के शिक्षामित्रों को उनका मानदेय नहीं मिल पाने से निराशा और आक्रोश बढ़ा है। शिक्षामित्रों का कहना है कि टोकन जारी होने के बाद भी खाते में राशि नहीं पहुंची, जिससे त्योहार की खुशियां फीकी पड़ गई हैं।
बलिया में टोकन जारी, भुगतान लंबित
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय अध्यक्ष द्वारा राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अवगत कराया गया था कि पोर्टल संबंधी समस्या से कई जनपदों में मानदेय भुगतान रुका हुआ है। मुख्य सचिव की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जिन जनपदों में शुक्रवार तक टोकन जारी हो गए हैं, वहां दीपावली से एक दिन पहले शाम तक भुगतान हो जाएगा।
बलिया में मुख्य कोषाधिकारी आनंद दुबे द्वारा शुक्रवार शाम टोकन जारी कर दिए जाने के बाद भी शिक्षामित्रों के खातों में मानदेय नहीं पहुंचा। इससे शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है।
पोर्टल बनाम विभाग की जिम्मेदारी
शिक्षामित्रों का सवाल है कि टोकन जारी होने के बाद भी भुगतान न होने का कारण क्या है—क्या यह पोर्टल की तकनीकी खामी है या विभागीय स्तर पर तैयारी की कमी? उनका आरोप है कि त्योहार जैसे संवेदनशील समय में मेहनताना रोके रखना प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है।
प्रदेश में लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय प्रभावित होने की बात कही जा रही है। संघ के अनुसार, पहले पीएफएमएस पोर्टल से बिल बैंक में पहुंचने के 24 घंटे के भीतर राशि खातों में आ जाती थी, लेकिन सितंबर से लागू नई भुगतान प्रणाली के बाद प्रक्रिया लंबी और जटिल हो गई है।
शिक्षामित्रों में मायूसी
दीपावली पर परिवार की जरूरतें, खरीदारी और त्योहार से जुड़े खर्चों को देखते हुए समय पर मानदेय मिलना शिक्षामित्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भुगतान न होने से कई शिक्षामित्र आर्थिक दबाव में हैं और उन्होंने तत्काल भुगतान की मांग की है।
शिक्षामित्र संघ ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि टोकन जारी हो चुके सभी मामलों में तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में त्योहारों से पहले भुगतान की पूरी तैयारी की जाए, ताकि कर्मचारियों को बार-बार इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
दीपावली पर छुट्टियों के बीच भी मुस्तैद रहेगा स्वास्थ्य विभाग, सीएमओ ने अस्पतालों से लेकर सीएचसी तक लगाई चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूट

फर्रुखाबाद।
दीपावली पर 8 से 10 नवंबर तक इमरजेंसी, प्रसव और आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं के संचालन के लिए विशेष इंतजाम, लोहिया अस्पताल, सिविल अस्पताल लिंजीगंज सहित विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जारी किए गए ड्यूटी रोस्टर

दीपावली पर्व के दौरान 8 से 10 नवंबर तक अवकाश के बावजूद जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय और सिविल अस्पताल लिंजीगंज में चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। संबंधित चिकित्सा इकाइयों की ओर से इसके लिए अलग-अलग ड्यूटी रोस्टर जारी किए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए परेशान न होना पड़े।

सीएचसी शमसाबाद में तीन पालियों में चिकित्सकों की तैनाती

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद में 8 से 10 नवंबर तक सुबह, दोपहर और रात्रि की पालियों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। रोस्टर के अनुसार डॉ. नितिन कुमार राजपूत, डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. अनीश भारती को अलग-अलग पालियों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके साथ सहयोगी स्वास्थ्यकर्मियों की भी ड्यूटी निर्धारित की गई है।

कमालगंज में चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी भी रहेंगे तैनात

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज में 8 नवंबर को डॉ. जुबैर, 9 नवंबर को डॉ. अनुपम वर्मा और 10 नवंबर को डॉ. विनेश माथुर की ड्यूटी निर्धारित की गई है। इनके साथ संबंधित तिथियों में फार्मासिस्ट एवं वार्ड ब्वॉय की भी तैनाती की गई है।

नवाबगंज, कायमगंज और मोहम्मदाबाद में भी विशेष व्यवस्था

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में भी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों का विशेष ड्यूटी रोस्टर तैयार किया गया है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज और मोहम्मदाबाद में भी चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की आकस्मिक चिकित्सा ड्यूटी निर्धारित की गई है। संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों में जारी रोस्टर के अनुसार चिकित्सक और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।

सिविल अस्पताल लिंजीगंज में इमरजेंसी के साथ प्रसव सेवाओं पर भी ध्यान

सिविल अस्पताल लिंजीगंज में 8 से 10 नवंबर तक इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के लिए सुबह, दोपहर और रात्रि की अलग-अलग पालियों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ फार्मासिस्ट एवं सहयोगी कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। अस्पताल के लेबर रूम में प्रसव संबंधी सेवाएं जारी रखने के लिए स्टाफ नर्स और सपोर्टिंग स्टाफ का अलग ड्यूटी रोस्टर बनाया गया है, ताकि अवकाश के दौरान प्रसव संबंधी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।

लोहिया पुरुष चिकित्सालय में तीनों दिन अलग-अलग पालियों में चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी

डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय में भी दीपावली अवकाश के दौरान इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के लिए चिकित्सकों का विशेष ड्यूटी रोस्टर निर्धारित किया गया है। 8 नवंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. ऋषि अग्निहोत्री, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ. वैभव यादव तथा रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डॉ. प्रदीप राजपूत इमरजेंसी ड्यूटी पर रहेंगे।

इसी क्रम में 9 नवंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. वैभव यादव, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ. दीपक तिवारी और रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डॉ. ऋषि अग्निहोत्री की ड्यूटी निर्धारित की गई है। वहीं 10 नवंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. प्रदीप राजपूत, दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक डॉ. ऋषि अग्निहोत्री तथा रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डॉ. वैभव यादव इमरजेंसी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से संबंधित चिकित्सा इकाइयों को निर्धारित ड्यूटी रोस्टर का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी निर्धारित ड्यूटी के अनुसार उपस्थित रहने और मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। त्योहार के दौरान इमरजेंसी, प्रसव एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए विभागीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।
तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं*

*धारा-24 के प्रकरणों में मौके पर कार्यवाही के दौरान वीडियोग्राफी कराने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश



फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस का आयोजन तहसील अमृतपुर के सभागार में किया गया। इस दौरान पर जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय सत्यापन करते हुए शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने योग्य प्रभावी कार्यवाही की जाए। जिन मामलों में मौके पर जांच अथवा निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का परीक्षण करें तथा नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित धारा-24 के प्रकरणों के संबंध में निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में तहसील स्तर के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यवाही के दौरान मौके पर अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराएं। इससे कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहेगी तथा भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन से संबंधित मामलों का निष्पक्ष एवं स्पष्ट अभिलेखीकरण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्षता के साथ कार्यवाही की जाए।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में निस्तारित करें। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्यवाही से अवगत भी कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान शासन और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतः सभी अधिकारी जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, जिससे आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

तहसील समाधान दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, उप जिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
दीपावली की पूर्व संध्या पर वीरभानपुर गांव में काव्य गोष्ठी का आयोजन
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित वीरभानपुर गांव निवासी प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र के आवास "केशव कुंज" पर दीपावली की पूर्व संध्या पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस काव्य गोष्ठी में जनपद के अनेक वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार शामिल हुए। करीब 2 घंटे तक चली काव्य गोष्ठी में सभी ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। डॉ कृपाशंकर मिश्र (नारीपुर , सुजानगंज ), डॉ प्रेम शंकर द्विवेदी (भास्कर ), शिवानन्द चौबे (प्राध्यापक गौरीशंकर संस्कृत महाविद्यालय सुजानगंज ),अमरनाथ सिंह (मोही )ऊंच गांव सुजानगंज, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने वीर,श्रृंगार और हास्य रस से जुड़ी कविताओं का वाचन किया। कविताओं के माध्यम से ही देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी गई। प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र मीरा भायंदर शहर में रहते हैं। कृष्णा क्लासेस का संचालक होने के साथ-साथ वे  महर्षि दयानन्द महाविद्यालय में भैतिक विज्ञान के प्राध्यापक भी हैं।
पीएम श्री केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में निर्वाचन साक्षरता केंद्र का जिलाधिकारी महोदय ने किया निरीक्षण

*छात्राओं ने रंगोली एवं निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से दिया मतदाता जागरूकता का संदेश।*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने पीएम श्री केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में स्थापित निर्वाचन साक्षरता केंद्र (Electoral Literacy Club-ELC) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं मतदाता जागरूकता से संबंधित गतिविधियों का जायजा लेते हुए निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण तथा मतदान के महत्व के प्रति छात्राओं को जागरूक करने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की।
          
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन साक्षरता केंद्रों का उद्देश्य युवाओं एवं भावी मतदाताओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, निर्वाचन प्रक्रिया तथा मतदान के अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जागरूक मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला हैं। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण एवं मतदान प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को स्वयं जागरूक मतदाता बनने के साथ ही अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने तथा मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने फार्म 6 के विषय में जानकारी प्रदान की तथा छात्राओं/महिलाओं को मतदाता बनने हेतु प्रेरित किया।
          
कार्यक्रम के दौरान मतदाता जागरूकता के उद्देश्य से विद्यालय की छात्राओं द्वारा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्राओं कविता निषाद, दीपा, अनामिका एवं महिमा ने आकर्षक रंगोली बनाकर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता विषय पर निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने लोकतंत्र में मतदान की महत्ता एवं नागरिकों की भूमिका को अपने विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
           
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित शिक्षिकाओं को निर्देशित किया कि निर्वाचन साक्षरता केंद्र की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किया जाए तथा छात्राओं की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक बनाया जाए, जिससे कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे।
          
इस अवसर पर एसडीएम सदर सहित विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती पल्लवी सिंह, शिक्षिकाएं डॉ. रीना केसरवानी, डॉ. दीपा द्विवेदी, डॉ. खुर्शीद अनवर, डॉ. मुक्ता सिंह, श्रीमती सुनीता देवी सरोज, ज्योति मिश्रा, अंजना सिंह, सीमा यादव, शालिनी सिंह, साधना त्रिपाठी, प्रिया त्रिपाठी, सुमन, पुष्पलता, खुशबू मौर्या सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इसी प्रकार जनपद के अन्य विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
27 वर्षों की सेवा—समर्पण को सम्मान : टीबी उन्मूलन में भारतीय संस्था 'REACH' को मिला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
27 वर्षों की सेवा—समर्पण को वैश्विक सम्मान : टीबी उन्मूलन में भारतीय संस्था 'REACH' को मिला कोचोन पुरस्कार

लखनऊ। भारत से टीबी (क्षय रोग) को जड़ से खत्म करने के प्रयासों को सशक्त बनाने में बीते 27 वर्षों से अग्रसर रिसोर्स ग्रुप फॉर एजुकेशन एंड एडवोकेसी फॉर कम्युनिटी हेल्थ (REACH) संस्था ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टीबी के खिलाफ लड़ाई में अहम योगदान के लिए संस्था को 'कोचोन पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान हासिल करने वाला 'रीच' भारत का पहला नागरिक समुदाय संगठन है। बता दें कि दक्षिण कोरिया के 'कोचोन फाउंडेशन' और 'स्टॉप टीबी पार्टनरशिप' की ओर से संयुक्त रूप से दिया जाने वाला यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड है।

इन्हें भी मिला कोचोन पुरस्कार

इंडोनेशिया में पांच नवंबर को आयोजित समारोह में वर्ष 2026 का 'कोचोन पुरस्कार' REACH (भारत), सेंटर फॉर हेल्थ सॉल्यूशंस (केन्या) और मार्शल आइलैंड्स टीबी कंट्रोल प्रोग्राम को संयुक्त रूप से दिया गया। इस वर्ष की थीम टीबी के मरीजों की समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के साझा प्रयासों पर आधारित थी। इससे पहले भारत से रिवाइज्ड नेशनल टीबी कंट्रोल के प्रमुख डॉ. एलएस चौहान (2006), आईसीएमआर (2017) और मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (2024) भी इस वैश्विक सम्मान से नवाजे जा चुके हैं।

संस्था का मूलमंत्र

इस दौरान संस्था की अध्यक्ष एवं सह-संस्थापक डॉ. नलिनी कृष्णन ने कहा कि व्यक्ति का इलाज करें, बीमारी का नहीं। टीबी से पीड़ित समुदायों के साथ हमारी अब तक की यात्रा का मूलमंत्र यही रहा है। हमने शुरुआती दौर में ही यह समझ लिया था कि देखभाल और उपचार तक पहुंचने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए केवल चिकित्सकीय जरूरतों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक, सामुदायिक, पारिवारिक, मानसिक स्वास्थ्य और परिस्थितिजन्य चुनौतियों को भी समझना और उनका समाधान आवश्यक है।

रीच के प्रयासों से टीबी उन्मूलन को मिल रही मजबूती

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने 'रीच' को बधाई देते हुए कहा कि इस संस्था ने टीबी के क्षेत्र में हमेशा नए और बेहतर तरीकों से काम किया है। महिलाओं के नेतृत्व वाली संस्था टीबी मरीजों की समस्याओं को समझते हुए उनकी मदद करती है। इसके लिए टीबी के मरीज केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उनकी जरूरतें और समस्याएं भी महत्वपूर्ण हैं। संस्था वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से काम करती है और भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को अच्छी तरह समझती है।
डॉ. स्वामीनाथन ने विश्वास जताया कि 'रीच' आगे भी नए प्रयास करती रहेगी और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

भरोसे और समर्पण का फल

संस्था की निदेशक डॉ. रम्या अनंतकृष्णन ने कहा कि यह सम्मान यह उपलब्धि जमीनी स्तर पर जुटे सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, टीबी चैंपियंस और प्रभावित परिवारों के अटूट विश्वास का नतीजा है। उनका यह भरोसा और समर्पण ही हमें हर जरूरतमंद तक बिना किसी भेदभाव के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रेरित करता है।

संस्था के बारे में

रीच की स्थापना वर्ष 1999 में चेन्नई में हुई थी। जोकि पिछले 27 वर्षों से भारत में टीबी के खिलाफ प्रयासों में एक प्रमुख सहयोगी और अग्रणी संस्था के रूप में काम कर रही है। इस दौरान संस्था ने टीबी कार्यक्रम के साथ मिलकर काम किया है और निजी क्षेत्र, टीबी प्रभावित समुदायों, उद्योग जगत तथा मीडिया सहित विभिन्न साझेदारों को इस प्रयास से जोड़ा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान, जन-जागरूकता और नए स्वास्थ्य मॉडलों के जरिए हर टीबी मरीज तक गुणवत्तापूर्ण और समान सेवाएं पहुंचाना है।
कन्नौज में रिटायर शिक्षक नही मनाएंगे दीवाली, मंन्त्री असीम अरूण के कार्यालय पर धरने पर बैठे शिक्षक

पंकज कुमार श्रीवास्तव

यूपी के कन्नौज जिले से छोटी दीवाली के दिन ही समाज कल्याण राज्यमंत्री कार्यालय पर रिटायर शिक्षकों ने इस बार दीवाली न मनाये जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर दिया, उनकी मांग है कि उनको इस दीवाली में पेंशन की स्वीकृति की जाये तभी वह लोग दीवाली मनायेंगे। धरना प्रदर्शन को लेकर जैसे ही मीडियाकर्मी कवरेज को पहुंचे वैसे ही मंत्री के प्रतिनिधि अवधेश राठौर ने फोन कर डायरेक्टर से बात कराई और लोगों से हांथ जोड़कर अनुरोध किया कि वह अपने-अपने घर जाकर दीवाली मनायें, उनकी जो भी मांग है दीवाली के बाद पूरी किए जाने का प्रयास किया जायेगा लेकिन शिक्षक अपनी मांग पर अड़े रहे और इस बार दीवाली न मनाये जाने की बात कही।

उत्तर प्रदेश समाज कल्याण शिक्षक एसोसिएशन के संयोजक उत्तर प्रदेश श्याम लाल यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मंत्री जी के विभाग में 500 विद्यालय प्राइमरी पाठशालाएं चलती है और करीब 3200 टीचर काम कर रहे हैं। जो 2005 से पहले के नियुक्त थे, लेकिन हम लोगों को पेंशन नही मिल रही है। पेंशन के लिए हमेशा मंत्री और मुख्यमंत्री आश्वासन देते रहे लेकिन किसी सरकार ने पेंशन हमारी नही दी। हम लोगों की बृद्धावस्था बहुत खराब है इस समय हम लोग रिटायरमेंट हैं, कोई 10 साल से कोई 15 साल से 8 साल से हम भी रिटायर है स्थिति बड़ी खराब है और मंत्री जी से हम लोग मिले। मंत्री जी से बड़ी अपेक्षा थी हम लोगों की और अभी भी अपेक्षा है मंत्री जी ने मेरी पेंशन की पूरी फाइल बनवाई। पूरा स्टीमेंट बनवाया 98 करोड़ का बना, जब से जो टीचर रिटायर हुआ है तब से अब तक की किसकी जो पेंशन बनी है तो पूरा बजट बनाया हर विभाग से कन्सल्टेशन कराया परिसदीय विद्यालय से बेसिक विभाग से, मदरसों से पूरी फाइल बनाकर प्रमुख सचिव के पास पहुंच गई। डायरेक्टर ने रिकमेंट करके प्रमुख सचिव के पास भेज दी है और प्रमुख सचिव के यहाॅं 6 महीने से फाइल रखी हुई है। 6 महीने हो गये, प्रमुख सचिव कहते है कि मंत्री जी रिकमेंट कर दे फाइल को तो हम फाइनेस से पास करा दें। मंत्री जी रिकमेंट नही करेंगे तो हम पास नही कराऐंगे, मंत्री जी न जाने किस कारण से उस फाइल की ओर ध्यान नही दे रहे है। जब कि इस महीने में कम से महीने में 10 बार मंत्री जी से मिले। मुख्यमंत्री जी से दो बार मिले। मुख्यमंत्री जी ने फोन किया मंत्री जी को दो बार कि भाई कराइये इनकी फाइल क्यों नही करा रहे सबको पेंशन मिल रही इनको भी मिलनी चाहिए। मंत्री जी कहते है कि हाॅं सर करा देंगे लेकिन अभी तक वह फाइल को धक्का नही लगा है। मंत्री जी कहते है कि चुनाव से पहले हम कर देंगे लेकिन दिसम्बर में आचार संहिता लग जाएगी। तो हमारी मांग है कि जल्दी से जल्दी कराई जाए फाइल हम लोग दीवाली नही मनाएंगे।
कन्नौज में पुनरीक्षण-2027 का संशोधित कार्यक्रम जारी, 17 नवंबर को प्रकाशित होगी एकीकृत आलेख्य मतदाता सूची

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी  आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने पत्र के माध्यम से अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR)-2027 के कार्यक्रम में संशोधन किया है। आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण की विभिन्न गतिविधियों के लिए नई समय-सारिणी निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि मतदान स्थलों का संभाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन का कार्य 02 नवंबर 2026 तक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा किया जाना है। इसके उपरांत एकीकृत आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन 17 नवंबर 2026 को किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने, संशोधन कराने अथवा किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 17 नवंबर से 16 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 04 जनवरी 2027 को किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष अभियान की तिथियां भी निर्धारित की गई हैं। इसके तहत 21 नवंबर (शनिवार), 22 नवंबर (रविवार), 28 नवंबर (शनिवार) एवं 29 नवंबर 2026 (रविवार) को विशेष अभियान आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने जनसामान्य एवं समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए ऐसे पात्र नागरिकों, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, विशेषकर नए एवं युवा मतदाताओं तथा महिला मतदाताओं का अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित कराने में सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
कन्नौज में विवाहिता की हत्या के मामले में वांछित पति गिरफ्तार, न्यायालय में किया गया पेश*

कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के जगतपुर गांव में विवाहिता सोनम की हत्या के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त सुखवीर सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया।

पुलिस के मुताबिक, 5 नवंबर 2026 को मृतका सोनम की मां मीरा सिंह निवासी फिरोजाबाद ने छिबरामऊ कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी 33 वर्षीय बेटी को मारपीट कर पैसों के लिए प्रताड़ित किया जाता था और जलाकर उसकी हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुखवीर सिंह समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 489/2026, धारा 103(1), 85 और 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आमजनमानस के आक्रोश से बचने के लिए वांछित अभियुक्त सुखवीर सिंह उर्फ मोनू चौकी सिकंदरपुर पहुंच गया था। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे पुलिस बल के साथ चौकी पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुखवीर सिंह उर्फ मोनू पुत्र जितेंद्र प्रताप सिंह, निवासी ग्राम छोटी सात रोड, थाना सदर हिसार, हरियाणा, हाल निवासी ग्राम जगतपुर, थाना छिबरामऊ, जनपद कन्नौज के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 31 वर्ष बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी छिबरामऊ मयंक मिश्रा के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे के नेतृत्व में गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
कन्नौज में अवैध तमंचे और कारतूस के साथ वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

पंकज कुमार श्रीवास्तव/अनूप दुबे (सौरिख)

कन्नौज जिले के छिबरामऊ कोतवाली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक वांछित अभियुक्त को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान प्रशान्त शाक्य निवासी नगला बाउरी के रूप में हुई है।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी छिबरामऊ मंयक मिश्रा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 6 नवंबर की रात मुखबिर की सूचना पर डालूपुर मोड़ के सामने सड़क से अभियुक्त प्रशान्त शाक्य को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर थाना छिबरामऊ में मुकदमा अपराध संख्या 495/2026, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया।