‘महादेव’ कॉल साइन और ‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन के साथ काशी के आसमान में गरजे भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान

  • नीलकंठ’ से ‘पशुपति’ तक, काशी की पहचान से जुड़े फॉर्मेशन में दिखी वायुसेना की हवाई शक्ति
  • चिनूक हेलीकॉप्टर ने आसमान में बनाया 94 का अंक, हेलीकॉप्टरों ने गंगा पर की पुष्पवर्षा

राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस के हवाई करतबों से गूंजा काशी का आसमान, सूर्यकिरण टीम ने बिखेरे तिरंगे के रंग

  • भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर नमो घाट में भव्य एयर शो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हुए शामिल

वाराणसी, 25 अक्टूबर। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ में काशी के आसमान में वायुसेना की हवाई शक्ति, तकनीकी क्षमता, सटीकता और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया गया। राफेल के ‘नीलकंठ’, सुखोई-30 एमकेआई के ‘विश्वनाथ’ और मिराज-2000 के ‘महादेव’ जैसे कॉल साइन और फॉर्मेशन ने एयर शो को काशी की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा। लड़ाकू विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों की समन्वित उड़ान और आसमान में तिरंगे के रंगों ने उपस्थित जनसमुदाय को रोमांचित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुए इस एयर शो में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य शामिल हुए। भारतीय वायुसेना प्रत्येक वर्ष 8 अक्टूबर को अपना स्थापना दिवस मनाती है। इस वर्ष भी 8 अक्टूबर को 94वां स्थापना दिवस मनाया गया। वाराणसी में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ इसी वर्षगांठ से जुड़े आयोजनों का हिस्सा रहा।

  • ‘महादेव’, ‘विश्वनाथ’ और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन ने दिखाई हवाई ताकत

एयर शो में काशी और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े नामों वाले कई विशेष फॉर्मेशन प्रस्तुत किए गए। तीन सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने ‘विश्वनाथ’ फॉर्मेशन बनाया, जबकि तीन राफेल विमानों ने ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन के साथ उड़ान भरी। मिराज-2000 ने ‘महादेव’ कॉल साइन के साथ हवाई प्रदर्शन किया। चार जगुआर विमानों ने ‘पशुपति’ फॉर्मेशन बनाया, जिसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन मयंक ने किया। सुखोई-30 एमकेआई ने ‘विश्वनाथ’ कॉल साइन के साथ एरियल स्प्लिट का प्रदर्शन किया, जबकि तीन राफेल विमानों ने ‘नीलकंठ’ कॉल साइन के साथ एरियल स्प्लिट प्रस्तुत किया। जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई विमानों ने क्रमशः ‘पशुपति’ और ‘विश्वनाथ’ कॉल साइन के साथ काल्पनिक हवाई युद्ध का प्रदर्शन किया। इन करतबों के माध्यम से लड़ाकू विमानों की गति, नियंत्रण, फुर्ती और समन्वित संचालन की क्षमता दिखाई गई।

  • ‘कैलाश’, ‘त्रिलोचन’ और ‘दशाश्वमेध’ फॉर्मेशन भी बने आकर्षण

सी-295 और डीओ-228 विमानों ने विंग कमांडर अनिमेष लांबा के नेतृत्व में ‘भैरव’ फॉर्मेशन बनाया। सी-130 और एएन-32 विमानों ने विंग कमांडर रजनीश चंद्र उनियाल और विंग कमांडर विनय नायर के नेतृत्व में ‘कैलाश’ फॉर्मेशन प्रस्तुत किया। एईडब्ल्यूएंडसी और मिग-29 विमानों ने ‘त्रिलोचन’ फॉर्मेशन बनाया, जबकि पी-8आई और मिराज-2000 विमानों ने ‘नटराज’ फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। आईएल-78 और मिराज-2000 विमानों ने ‘महादेव’ फॉर्मेशन बनाया। इसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन गौरव शुक्ला और विंग कमांडर राहुल बसोया ने किया। ‘दशाश्वमेध’ फॉर्मेशन के तहत सी-17 और हॉक एमके-132 विमानों ने आसमान में करतब दिखाए। इसके अलावा ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में तेजस, सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 जैसे विमानों की भागीदारी रही।

  • तेजस के ‘अस्सी’ कॉल साइन ने दिखाई स्वदेशी क्षमता

स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमकेआई ने ‘अस्सी’ कॉल साइन के साथ हवाई करतब दिखाए। इसे ग्रुप कैप्टन रूप ने उड़ाया। विमान ने तेज मोड़ों और नियंत्रित उड़ान के जरिए अपनी फुर्ती का प्रदर्शन किया। एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर जैसे विमानों ने भी अपनी हवाई क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इन विमानों के अलग-अलग फॉर्मेशन ने भारतीय वायुसेना के पायलटों के प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और आपसी तालमेल को प्रदर्शित किया। गंगा नदी और नमो घाट के ऊपर से गुजरते विमानों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

  • हेलीकॉप्टरों ने बनाए ‘ओंकार’, ‘गंगा’ और ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन

तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना के ध्वज के साथ ‘ओंकार’ फॉर्मेशन बनाया। इसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता ने किया। तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने ग्रुप कैप्टन दीपांकर दास के नेतृत्व में ‘गंगा’ फॉर्मेशन प्रस्तुत किया। इस दौरान हेलीकॉप्टरों से मां गंगा के ऊपर पुष्पवर्षा की गई। एलसीएच और अपाचे हेलीकॉप्टरों ने ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन बनाया। इसका नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अनुभव महेंद्र और विंग कमांडर अतुल मिश्रा ने किया। एएलएच एमके-IV और चिनूक हेलीकॉप्टरों ने ग्रुप कैप्टन हर्ष पांडे के नेतृत्व में ‘अलकनंदा’ फॉर्मेशन प्रस्तुत किया। भारतीय नौसेना के कैप्टन द्विवेंदू शर्मा के नेतृत्व में ‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन भी प्रदर्शित किया गया। चिनूक हेलीकॉप्टर ने अपनी उड़ान के दौरान रैंप से 94 का अंक प्रदर्शित किया। यह प्रस्तुति भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के विशेष संदर्भ में आयोजित की गई। विभिन्न हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन में उनकी उड़ान क्षमता, भार वहन करने की दक्षता और समन्वित संचालन को दर्शाया गया।

  • सूर्यकिरण टीम ने आसमान में बिखेरे तिरंगे के रंग

भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने हॉक जेट विमानों के साथ सटीक फॉर्मेशन, लूप, बैरल रोल और अन्य हवाई कलाबाजियों का प्रदर्शन किया। टीम के विमानों ने आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं छोड़कर तिरंगे की छटा बिखेरी। सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी समन्वित उड़ान और आकर्षक हवाई करतबों से दर्शकों का ध्यान खींचा।

  • सुखोई और राफेल के करतब देख हैरान हुए काशीवासी

एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, चिनूक, एमआई-17, प्रचंड और अपाचे सहित विभिन्न विमानों एवं हेलीकॉप्टरों ने भाग लिया। सी-295, एएन-32, आईएल-76 और आईएल-78 जैसे विमानों ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों ने भारतीय वायुसेना की तकनीकी दक्षता, प्रशिक्षण और समन्वित हवाई संचालन को सामने रखा।

  • प्रधानमंत्री ने देखा एयर शो, वायुसेना प्रमुख ने भेंट किया स्मृति चिह्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमो घाट पहुंचने पर मार्ग में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने एयर शो देखा। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया।

  • कार्यक्रम में रहे उपस्थित

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी और संजय सेठ, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित और एयर मार्शल तरुण चौधरी सहित वायुसेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यूपी में ऑनलाइन फूड स्टोर्स पर यूपीएफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, 4 के लाइसेंस निलंबित और कारोबार बंद


- ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत ब्लिंकिट, जेप्टो, अमेजन, रिलायंस समेत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स की गहन जांच
- प्रदेशभर में किए गए अब तक 149 निरीक्षण, 79 मामलों में सुधार नोटिस जारी करने की संस्तुति
- 21 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए भेजे गए, निरीक्षण अभियान जारी

लखनऊ, 24 अक्टूबर। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत ब्लिंकिट, जेप्टो, अमेजन, रिलायंस, मेट्रो समेत विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े वेयरहाउस, डार्क स्टोर्स और खाद्य आपूर्ति केंद्रों की जांच की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार का संचालन बंद कराया गया है। वहीं, कुल 149 निरीक्षण किए गए हैं और 21 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। निरीक्षण में खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, परिसर की स्वच्छता, तापमान नियंत्रण, वैधता अवधि और लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
-  चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित, खाद्य कारोबार बंद
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कमियां मिलने पर चार स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और खाद्य कारोबार का संचालन बंद कराया गया है। इसके अलावा, 79 मामलों में सुधार सूचना (इंप्रूवमेंट नोटिस) जारी करने की संस्तुति की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें विभिन्न जिलों में निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का जोर खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन कराने और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने पर है।
- गाजियाबाद के जेप्टो वेयरहाउस में गंदगी और कॉकरोच मिले
गाजियाबाद में आरडीएल के निकट स्थित जेप्टो वेयरहाउस स्टोर के निरीक्षण के दौरान परिसर में अत्यधिक गंदगी, दीवारों पर जाले, क्षतिग्रस्त फर्श और खाद्य परिसर में कॉकरोच पाए गए। खाद्य परिसर में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियों को देखते हुए प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स में स्वच्छता की स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं खाद्य पदार्थों का भंडारण और ऑर्डर के अनुसार उनकी आपूर्ति की तैयारी होती है। ऐसे में गंदगी और कीटों की मौजूदगी खाद्य पदार्थों की सुरक्षित हैंडलिंग को प्रभावित कर सकती है।
- कानपुर में भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी खामियां
कानपुर नगर में रिलायंस मार्ट, मेट्रो और जेप्टो स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस में कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर एवं कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था का प्रावधान होने के बावजूद अपेक्षित चैंबर स्थापित नहीं किए गए थे। इसके अलावा, लाइसेंस में नामित नॉमिनी की ओर से लगभग दो वर्ष पहले त्यागपत्र दिए जाने के बावजूद उनका नाम लाइसेंस में दर्ज पाया गया। कुछ कन्फेक्शनरी उत्पादों में बेस्ट बिफोर अवधि से संबंधित निर्धारित 30 प्रतिशत की सीमा के उल्लंघन का मामला भी सामने आया। इन कमियों के मद्देनजर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने और कमियों में सुधार होने तक खाद्य कारोबार बंद कराने की कार्रवाई की गई है। लाइसेंस में दर्ज शर्तों के अनुरूप भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराना और आवश्यक विवरण अद्यतन रखना खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
- आगरा में 68 हजार रुपये के मखाने के 273 पैकेट सीज
आगरा में रिलायंस स्टोर के निरीक्षण के दौरान राय लाइज (RAI LAIES) ब्रांड के मखाने के 273 पैकेट सीज किए गए। इनकी कुल कीमत लगभग 68 हजार रुपये बताई गई है। संबंधित खाद्य पदार्थ के संबंध में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
- भंडारण से लेकर डिलीवरी तक हर स्तर पर जांच
विशेष अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, परिसर की स्वच्छता और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था की जांच की जा रही है। खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर रखने और आवश्यकतानुसार कोल्ड चेन बनाए रखने की स्थिति भी देखी जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सामग्री की खरीद एवं आपूर्ति से संबंधित बिल-वाउचर और आवश्यक अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। खाद्य कारोबार में लगे कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और आवश्यक प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।विभाग की टीमें पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था और उसके रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। खाद्य पदार्थों तथा अन्य सामग्रियों को निर्धारित और पृथक स्थानों पर रखने, एक्सपायर्ड, निष्क्रिय या अनुपयोगी खाद्य सामग्री की पहचान करने और उसके नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था भी देखी जा रही है।
- बेस्ट बिफोर अवधि और पैकेजिंग पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की बेस्ट बिफोर अवधि की जांच की जा रही है। अभियान के निर्धारित मानकों के अनुसार 30 प्रतिशत और 45 दिन की सीमा से संबंधित प्रावधानों के अनुपालन को भी परखा जा रहा है। कन्फेक्शनरी उत्पादों में बेस्ट बिफोर अवधि संबंधी अनियमितताएं सामने आने के बाद इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों की पैकिंग, हैंडलिंग और डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों से संबंधित आवश्यक विवरणों की जांच की जा रही है। उपकरणों की सफाई, स्वच्छता और सीआईपी (क्लीनिंग इन प्लेस) व्यवस्था की स्थिति भी देखी जा रही है, ताकि खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाली सतहों और उपकरणों की सफाई निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की पार्टी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर लड़ेगी चुनाव

- मिर्जापुर के चुनार में ‘जन नीति भारत पार्टी’ का ऐलान, दिव्या मित्तल बोलीं—प्रदेश में बनाना है जनता का राज
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की सक्रियता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने अपनी पार्टी ‘जन नीति भारत पार्टी’ के माध्यम से प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मिर्जापुर जिले के चुनार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर यह घोषणा की। दिव्या मित्तल ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदेश में जनता की भागीदारी वाली व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “हमें जनता का राज बनाना है।”
दिव्या मित्तल के इस ऐलान के बाद प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की पार्टी की मंशा सामने आई है। पार्टी का सभी 403 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का फैसला आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी प्रत्याशियों के चयन, संगठन के विस्तार और चुनावी मुद्दों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
-  सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
चुनार में की गई घोषणा के मुताबिक, जन नीति भारत पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। इस घोषणा के साथ पार्टी ने प्रदेश की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का संकेत दिया है। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टी को प्रदेशव्यापी संगठन, विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क को मजबूत करना होगा।
-  ‘जनता का राज’ बनाने की बात
दिव्या मित्तल ने अपने संबोधन में जनता की भूमिका को प्रमुखता देते हुए प्रदेश में जनता का राज स्थापित करने की बात कही। उनके इस बयान को पार्टी के राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की नीतियों, विकास संबंधी प्राथमिकताओं, उम्मीदवारों और चुनावी घोषणापत्र के बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही उसके राजनीतिक एजेंडे की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
- प्रदेश की राजनीति में नई दावेदारी
उत्तर प्रदेश में सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ जन नीति भारत पार्टी ने प्रदेशव्यापी राजनीतिक दावेदारी पेश की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी अपने संगठन का विस्तार किस तरह करती है और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन तथा जनसमर्थन जुटाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
फिलहाल, चुनार में दिव्या मित्तल की घोषणा पार्टी की चुनावी मंशा को सामने लाती है। आगामी दिनों में पार्टी की ओर से संगठनात्मक तैयारियों, चुनावी मुद्दों और अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर होने वाली घोषणाओं पर नजर रहेगी।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनें शहरी विकास की नीतियां: ए.के. शर्मा
**राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन-2026 में बोले नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री, तकनीक आधारित व्यवस्थाओं और बेहतर नगर प्रबंधन को प्राथमिकता देने की पैरवी**

**लखनऊ, 24 अक्टूबर।** उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आधुनिक, स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित शहरों के निर्माण के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और शहरी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल सड़कों, भवनों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है।
श्री शर्मा शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल अर्बन कॉन्क्लेव-2026 (राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन) में शामिल हुए। 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘अर्बन राइजिंग: रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी’ है। सम्मेलन में तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों, आधुनिक शहरी अवसंरचना, नगर प्रबंधन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।
नगर विकास मंत्री ने शहरी विकास से जुड़े नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं से बदलती शहरी परिस्थितियों तथा नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दूरदर्शी नीतियां बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों को व्यवस्थित, आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं, बेहतर शहरी नियोजन, मजबूत आधारभूत संरचना और प्रभावी सेवा वितरण को प्राथमिकता देना जरूरी है।
**नागरिकों की सुविधा हो शहरी विकास का केंद्र**
श्री शर्मा ने कहा कि शहरों की विकास योजनाएं ऐसी होनी चाहिए, जो वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में भी सक्षम हों। इसके लिए नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाना आवश्यक है। शहरी विकास की सफलता का आकलन केवल निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होना चाहिए कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण जीवन कितना उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने शहरी सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने पर बल दिया। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों, नगर निकायों तथा विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय को शहरी विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सफल कार्यप्रणालियों से सीख लेकर विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
**शहरी विकास की भावी दिशा तय करने का मंच**
रष्ट्रीय शहरी सम्मेलन-2026 को शहरी प्रणालियों, समाधानों और सेवाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अनुभवों को साझा करने के साथ आधुनिक, स्मार्ट, समावेशी और नागरिक-केंद्रित शहरों के निर्माण की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, विभिन्न राज्यों के नगर विकास मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद सहित अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
योगी सरकार के ‘मिशन रोजगार’ को नई रफ्तार: राजकीय आईटीआई अलीगंज में 31 अक्टूबर को कैंपस प्लेसमेंट
- टाटा मोटर्स, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और कॉर्पस डेटा देंगी युवाओं को सेवायोजन का अवसर; ₹26,484 तक मिलेगा मासिक वेतन
- 10वीं, 12वीं, आईटीआई व स्नातक पास अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा मौका; महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग कर सकेंगे प्रतिभाग
- निःशुल्क कैंटीन, परिवहन व आकर्षक वेतन पैकेज; मूल अभिलेखों के साथ प्रातः 10 बजे पहुंचें अभ्यर्थी
लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 'मिशन रोजगार' अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज, लखनऊ में आगामी 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को प्रातः 10:00 बजे से एक वृहद कैंपस प्लेसमेंट व रोजगार भर्ती अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
इस रोजगार मेले में देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज तथा आईटी एवं डाटा सेवा प्रदाता कंपनी कॉर्पस डेटा इंफॉर्मेशन सर्विसेज द्वारा विभिन्न पदों पर सैकड़ों युवाओं का चयन किया जाएगा। इस प्लेसमेंट ड्राइव में 10वीं, 12वीं, आईटीआई उत्तीर्ण एवं स्नातक योग्यताधारी महिला व पुरुष अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं।
कंपनीवार भर्ती एवं पदों के विस्तृत विवरण के अंतर्गत, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, नोएडा में ऑपरेटर के कुल 100 पद हैं, जिसके लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई या स्नातक उत्तीर्ण 18 से 35 वर्ष के महिला एवं पुरुष अभ्यर्थी पात्र हैं, जिन्हें सेक्टर-151, नोएडा (उत्तर प्रदेश) कार्यस्थल के लिए ₹24,257 से ₹26,484 तक मासिक वेतन दिया जाएगा।
टाटा मोटर्स लिमिटेड, लखनऊ प्लांट द्वारा दो अलग-अलग संवर्गों में तकनीकी युवाओं का चयन किया जाएगा, जिसमें प्रथम अप्रेंटिस ट्रेनी के तहत 10वीं एवं आईटीआई या एनटीसी में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ 18 से 25 वर्ष की आयु वाले युवाओं को 1 वर्ष के प्रशिक्षण हेतु ₹13,870 मासिक स्टाइपेंड मिलेगा, जबकि द्वितीय अस्थायी कर्मचारी के रूप में 10वीं उत्तीर्ण तथा आईटीआई या एनटीसी के साथ 1 वर्ष का कार्यानुभव रखने वाले 18 से 32 वर्ष के युवाओं को अधिकतम 6 माह की कार्य अवधि के लिए ₹15,488 मासिक वेतन दिया जाएगा, साथ ही दोनों संवर्गों के चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क कैंटीन, बस या परिवहन सुविधा, यूनिफॉर्म तथा सुरक्षा जूते प्रदान किए जाएंगे और इसके लिए इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मशीनिस्ट, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, एमएमवी, डीजल मैकेनिक, कोपा या पासा, सीएनसी मशीनिंग, आरएसी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, और मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल आदि ट्रेड्स पात्र हैं।
कॉर्पस डेटा इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्रा. लि., लखनऊ में कंप्यूटर ऑपरेटर या बैकएंड एग्जीक्यूटिव के 20 से अधिक पदों पर किसी भी संकाय में स्नातक, बेसिक कंप्यूटर व टाइपिंग दक्षता, एमएस एक्सेल या एमएस ऑफिस का कार्यानुभव और अच्छे संचार कौशल वाले 20 से 35 वर्ष के महिला एवं पुरुष फ्रेशर व अनुभवी अभ्यर्थियों को महानगर, लखनऊ कार्यस्थल के लिए ₹13,000 से ₹18,000 तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा।
संस्थान के प्लेसमेंट अधिकारी एम ए खां ने जानकारी दी है कि इच्छुक अभ्यर्थी अपने समस्त मूल शैक्षिक व तकनीकी प्रमाण पत्र, अंकतालिकाएं, बायोडाटा (रिज्यूमे), पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक तथा अधिकृत पहचान पत्र की मूल व स्वप्रमाणित छायाप्रतियों के साथ निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे राजकीय आईटीआई परिसर, अलीगंज (लखनऊ) में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।
उप्र : मतदाता सूची में सभी पात्र नागरिकों का नाम सम्मिलित करने के लिए आयोजित हुआ विशेष अभियान
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने बूथों का किया पर्यवेक्षण
- प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान हुआ आयोजित

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों तथा पहली बार बनने वाले युवाओं के नाम सम्मिलित करने के उद्देश्य से 24 अक्टूबर, शनिवार को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों पर मतदाता पंजीकरण हेतु विशेष अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत पात्र नागरिकों विशेषकर महिलाओं तथा युवाओं के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए फॉर्म-6 भरवाए गए। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्वयं विधानसभा क्षेत्र 173 लखनऊ पूर्व के मॉडर्न एकेडमी विरामखंड  एवं सेंट जॉन वास्को विवेकखंड, गोमती नगर तथा विधानसभा क्षेत्र 169-बक्शी का तालाब के दिल्ली पब्लिक स्कूल, गोमतीनगर विस्तार मतदेय स्थल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण किया गया। जनपदों में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न मतदेय स्थलों का स्थलीय भ्रमण कर पर्यवेक्षण किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पर्यवेक्षण के दौरान बूथ पर उपस्थित बूथ लेवल अधिकारी एवं आये हुए नागरिकों से संवाद भी किया गया। बूथ लेवल अधिकारी द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता का आकलन किया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि बीएलओ मतदाता सूची एवं पूरक सूची तथा पर्याप्त मात्रा में फार्म-6 के साथ निर्धारित समय पर बूथों पर उपस्थित रहें। साथ ही मतदेय स्थल पर आ रहे पात्र नागरिकों, जिनका नाम किन्ही कारणों से सूची में अभी तक शामिल नहीं हो सका है, उनका फार्म-6 भरवा कर आवेदन कराया जाए।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए। भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। आयोग इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग इस कार्य में आवश्यक है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के सभी पात्र नागरिक अपना और परिवार के सदस्यों का नाम अपने संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अवश्य जांचें। यदि नाम सम्मिलित न हो तो फार्म-6 भरकर अपने बीएलओ को जमा करें। फार्म-6 भरने हेतु पात्र नागरिकों को नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो के साथ जन्म एवं निवास संबंधी आवश्यक अभिलेखों की स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां तथा परिवार के किसी सदस्य का मतदाता फोटो पहचान पत्र की संख्या (यदि उपलब्ध है तो) की आवश्यकता होती है। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल www// voters.eci.gov.in पर अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
योगी सरकार में स्कूलों में हुनर के साथ वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता का पाठ पढ़ेंगे विद्यार्थी; ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का हुआ विस्तार

- यूपी कौशल विकास मिशन ने NSE और NIESBUD के साथ किया एमओयू; बचत, बजट प्रबंधन और स्वरोजगार के जुड़ेंगे नए मॉड्यूल
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में 515 विद्यालयों के लगभग दो लाख विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य: मिशन निदेशक पुलकित खरे
- कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को मिलेगा व्यावहारिक आर्थिक ज्ञान; 24 अक्टूबर से प्रदेश भर में लागू हुई व्यवस्था
लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर अभिनव पहल कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के स्कूली विद्यार्थी अब नियमित पढ़ाई और तकनीकी हुनर सीखने के साथ-साथ पैसों का सही प्रबंधन करने तथा भविष्य में अपना उद्यम/स्वरोजगार शुरू करने की बुनियादी समझ भी विकसित करेंगे। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट प्रवीण' योजना के तहत छात्र-छात्राओं को वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण देने के लिए दो नए विशेष मॉड्यूल शामिल किए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए मिशन निदेशक पुलकित खरे के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और केंद्रीय उद्यमिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (NIESBUD) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एनएसई द्वारा वित्तीय कौशल तथा निस्बड द्वारा उद्यमिता विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। दोनों मॉड्यूल दो-दो घंटे के हैं और इन्हें 24 अक्टूबर 2026 से प्रदेश भर में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इसका मुख्य ध्येय विद्यार्थियों में कम उम्र से ही आर्थिक जागरूकता पैदा करना और उनके तकनीकी कौशल को स्वरोजगार से जोड़ना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के अंतर्गत प्रदेश के 515 विद्यालयों के लगभग दो लाख छात्र-छात्राओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने का वृहद लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दायरे में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV), सर्वोदय विद्यालय और श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित 'अटल आवासीय विद्यालय' भी शामिल हैं। योजना के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को नियमित स्कूली पाठ्यक्रम के साथ-साथ मांग-आधारित ट्रेडों में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि 12वीं उत्तीर्ण करते ही उनके पास आजीविका के ठोस अवसर उपलब्ध हों।
एनएसई द्वारा संचालित दो घंटे के वित्तीय कौशल मॉड्यूल के माध्यम से विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पैसे के सही उपयोग और वित्तीय निर्णयों की समझ दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय विशेषज्ञ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें 'जरूरत और इच्छा' (Needs vs Wants) का अंतर समझाना, बचत की महत्ता बताना और उपलब्ध धनराशि का सुनियोजित उपयोग सिखाना है। यह बुनियादी समझ भविष्य में उन्हें आय, व्यय, पारिवारिक बजट और सुरक्षित निवेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों में सक्षम बनाएगी।
निस्बड का दो घंटे का उद्यमिता विकास मॉड्यूल के माध्यम से छात्र-छात्राओं में नए कारोबारी विचारों को पहचानने और उन्हें बाजार के अवसरों में बदलने की उद्यमी सोच विकसित करेगा। इसके जरिए विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि सिलाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ब्यूटी एंड वेलनेस या ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में सीखे गए हुनर के आधार पर अपना लघु व्यवसाय या स्टार्टअप कैसे शुरू किया जाए। इसमें समस्या की पहचान, संसाधनों का कुशल प्रबंधन, ग्राहकों की आवश्यकता का आकलन और प्रोजेक्ट प्लानिंग जैसे व्यावहारिक पहलू शामिल होंगे, जिससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि स्वरोजगार पैदा करने वाले बनें।
योगी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मंशा के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को माध्यमिक शिक्षा के साथ पूरी मजबूती से एकीकृत कर रही है। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को पहले से ही 180 घंटे का तकनीकी ट्रेड प्रशिक्षण, 30 घंटे का सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण तथा 4 घंटे का एआई (AI) एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब इसमें 2 घंटे का वित्तीय कौशल और 2 घंटे का उद्यमिता विकास मॉड्यूल जुड़ जाने से विद्यार्थियों को 360-डिग्री संपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त होगा। मिशन निदेशक ने बताया कि दोनों नए मॉड्यूल्स की विस्तृत अध्ययन सामग्री और रूपरेखा समस्त प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रेषित कर दी गई है तथा इसे कक्षा-कक्ष प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
रंगों और रील्स के जरिए दुनिया देखेगी नव्य अयोध्या, दीपोत्सव में प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

- दीपोत्सव-2026 के तहत चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं, 2 नवंबर तक जमा कर सकेंगे प्रविष्टियां

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में विजेताओं को किया जाएगा सम्मानित

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और विकास की नई तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार दीपोत्सव-2026 को रचनात्मकता से जोड़ रही है। इसके तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रहा है। इन प्रतियोगिताओं में देशभर के प्रतिभागियों को अपनी कला और कल्पनाशीलता के माध्यम से रामनगरी के गौरवशाली अतीत, आधुनिक विकास और दीपोत्सव की भव्यता को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। दोनों प्रतियोगिताओं में सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकते हैं। आवेदन और प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं को दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।

- विरासत और विकास को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने की पहल

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। रामनगरी आज अपनी धार्मिक पहचान के साथ आधुनिक विकास और सांस्कृतिक गौरव की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही है। चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से कलाकारों और युवाओं को इस बदलाव को रचनात्मक तरीके से सामने लाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य अयोध्या की परंपराओं, ऐतिहासिक महत्व और विकास यात्रा को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना है। डिजिटल माध्यमों और कला के जरिए रामनगरी की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।

- चित्रों में उकेर सकेंगे रामनगरी की भव्यता

चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ (Celebrating Ayodhya Through Art) रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को जलरंग यानी वॉटर कलर के माध्यम से मौलिक चित्र तैयार करना होगा। चित्रों में अयोध्या के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल, सांस्कृतिक परंपराएं, विकास के नए आयाम तथा दीपोत्सव के आकर्षक दृश्य शामिल किए जा सकते हैं। प्रतियोगिता में केवल स्वयं तैयार की गई और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य कलाकृतियां स्वीकार की जाएंगी। पहले से प्रकाशित या नकल की गई पेंटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार चित्रों को मान्यता नहीं दी जाएगी। विषय से असंबंधित, भ्रामक अथवा आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियां भी स्वीकार नहीं होंगी।

- 30 से 60 सेकंड की रील में दिखाएं नई अयोध्या

रील मेकिंग प्रतियोगिता की थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ (Ayodhya in a New Light) निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक वीडियो रील बनानी होगी। इसमें अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और दीपोत्सव की भव्यता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। वीडियो की प्रस्तुति आकर्षक, स्पष्ट और सार्वजनिक प्रदर्शन के अनुकूल होनी चाहिए। प्रतिभागियों को रील में इस्तेमाल किए जाने वाले संगीत, दृश्यों और अन्य रचनात्मक सामग्री के कॉपीराइट का विशेष ध्यान रखना होगा। इसके लिए कॉपीराइट मुक्त सामग्री का उपयोग करना जरूरी होगा। बिना अनुमति दूसरे की सामग्री का इस्तेमाल करने वाली, भ्रामक या आपत्तिजनक प्रविष्टियां प्रतियोगिता से बाहर की जा सकती हैं। एआई से तैयार सामग्री के अत्यधिक उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।

- ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

दोनों प्रतियोगिताओं में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी संबंधित ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चित्रकला प्रतियोगिता के लिए आवेदन इस लिंक पर किया जा सकता है:

https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit

रील मेकिंग प्रतियोगिता के लिए आवेदन का लिंक है:

https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit

दोनों प्रतियोगिताओं के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर है।

- युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास : अमृत अभिजात

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव-2026 के माध्यम से अयोध्या की आध्यात्मिक महत्ता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विकास की यात्रा को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं जनभागीदारी बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर देंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशभर के प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार के जरिए अयोध्या की परंपराओं तथा दीपोत्सव की भव्यता को नए अंदाज में प्रस्तुत करेंगे। इससे रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी और ‘विकास भी, विरासत भी’ की अवधारणा को रचनात्मक अभिव्यक्ति मिलेगी।

अपराधी कितना भी डीपफेक का आवरण ओढ़े, उसे खोज निकालेंगे: योगी आदित्यनाथ

- एआई मददगार हो, निर्णायक नहीं, तकनीक का संचालन मानव विवेक से होना चाहिए: मुख्यमंत्री

- अंतरराष्ट्रीय ‘टेक संगम 2026’ के दूसरे दिन का मुख्यमंत्री योगी ने किया शुभारंभ

- देश के पहले 'LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का शुभारंभ, क्वांटम तकनीक और कानून के समन्वय को मिलेगी गति

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक जैसी तकनीकों के दौर में अपराधी कितना भी तकनीक का आवरण ओढ़ ले, उत्तर प्रदेश की वैज्ञानिक और विधिक क्षमता उसे खोज निकालेगी। एआई हमारे लिए मददगार हो सकता है, लेकिन उसे निर्णायक नहीं बनना चाहिए। तकनीक का संचालन मानव विवेक से होना चाहिए, न कि मनुष्य तकनीक के विवेक पर निर्भर हो जाए। पूरी तरह एआई पर निर्भरता भविष्य में संकट बन सकती है। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और आधुनिक तकनीक के समन्वय से अपराध अनुसंधान को प्रभावी बनाने के साथ न्याय मिलने में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'टेक संगम 2026' के दूसरे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्वांटम फॉरेंसिक्स और विधिक अनुपालन के क्षेत्र में कार्य करने वाले 'LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का शुभारंभ किया। साथ ही कंसेंट मैनेजमेंट पोर्टल लॉन्च किया, 'अभेद्य' परियोजना की आधारशिला रखी और 'एआई इन कंस्ट्रक्शन' पुस्तक का अनावरण किया। सम्मेलन में साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्य, क्वांटम तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और एआई के न्यायिक व प्रशासनिक उपयोग पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

- भू-माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर बना विश्वस्तरीय संस्थान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए बताया कि जिस करीब 100 एकड़ जमीन पर आज विश्वस्तरीय फॉरेंसिक संस्थान खड़ा है, उस पर कभी लखनऊ के एक बड़े भू-माफिया का कब्जा था। उस समय पुलिस भी इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। वर्ष 2017 में पुलिस अधिकारियों से इसकी जानकारी मिलने के बाद जांच कराई गई और भू-माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। दूसरी एफआईआर दर्ज होते ही उसने आत्मसमर्पण कर जमीन छोड़ दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले लखनऊ में साइबर फॉरेंसिक और क्वांटम तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा करना भी सपने जैसा लगता था। आज उसी जमीन पर बना संस्थान प्रदेश में वैज्ञानिक जांच, आधुनिक अपराध अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।

- 'सीआईडी' सीरियल की ‘रील लाइफ’ अब यूपी में रियल लाइफ

फॉरेंसिक विज्ञान की उपयोगिता समझाते हुए मुख्यमंत्री ने लोकप्रिय टीवी सीरियल 'सीआईडी' का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पहले लोग टेलीविजन पर देखते थे कि एक बाल या फिंगरप्रिंट के आधार पर अपराधी तक कैसे पहुंचा जाता है। अब फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसी जांच वास्तविक जीवन में संभव हो रही है। न्याय मिलने में देरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने एक माफिया के मामले का जिक्र किया, जिसने वर्ष 1980 में पहला अपराध किया था, लेकिन साक्ष्यों के अभाव और डीएनए सैंपल नष्ट होने के कारण उसे वर्ष 2022 में, यानी 42 साल बाद सजा मिल सकी। यह उदाहरण बताता है कि अपराध की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य कितने महत्त्वपूर्ण हैं और समय पर साक्ष्य जुटाना न्याय प्रक्रिया के लिए क्यों जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की सभी 18 पुलिस रेंजों में फॉरेंसिक लैब विकसित की जा रही हैं। इनमें 12 लैब तैयार हो चुकी हैं, जबकि छह अन्य अंतिम चरण में हैं। इसके अतिरिक्त 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं, जिससे घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने और जांच को गति देने में मदद मिलेगी। उद्देश्य है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना मजबूत हो और न्यायालयों में मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी कम हो।

- 'लॉ विद लैब्स' की अवधारणा को आगे बढ़ाएगा LEXQ सेंटर

मुख्यमंत्री ने UPSIFS की 'लॉ विद लैब्स' यानी कानून और प्रयोगशाला के समन्वय की अवधारणा को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विज्ञान और कानून को एक-दूसरे का पूरक बनना होगा। वैज्ञानिक जांच की विश्वसनीयता और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप साक्ष्यों का उपयोग न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाता है। इसी उद्देश्य से शुरू किया गया LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्वांटम तकनीक को कानून, सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान से जोड़ेगा। इसमें 'LEX' का संबंध कानून और 'Q' का संबंध क्वांटम से है। सेंटर के माध्यम से क्वांटम फॉरेंसिक्स, विधिक अनुपालन, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे कानून और आधुनिक विज्ञान के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

- 2030 तक पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में डेटा और तकनीक विकास के प्रमुख आधार बन चुके हैं। उन्होंने डेटा को नया तेल बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश एआई और डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में पांच गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए पांच बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने नोएडा में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट स्थापित किए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और एआई जैसे क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी और नए अवसर पैदा होंगे।

- 2017 के बाद प्रदेश में लगे 35 हजार नए उद्योग

औद्योगिक विकास और निवेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में करीब 14 हजार उद्योग स्थापित हुए थे, जबकि 2017 के बाद 35 हजार नए उद्योग लगे हैं। उन्होंने इस बदलाव का संबंध बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल से जोड़ा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश के पास करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लखनऊ स्थित एचसीएल सेंटर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में वहां करीब 100 कर्मचारी काम करते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 12,600 हो गई है। उन्होंने कहा कि महिलाएं भी रात की शिफ्ट में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे सुरक्षा के माहौल में आए बदलाव और महिलाओं की बढ़ती कार्यभागीदारी के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

- अयोध्या से एक्सप्रेसवे नेटवर्क तक विकास का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत और शहर में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में वहां बिजली की उपलब्धता सीमित थी। अब अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है और वहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय और 17 घरेलू हवाई अड्डे होने का भी उन्होंने उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश के अनुकूल वातावरण से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।

- संस्थान ने पांच हजार से अधिक अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

UPSIFS के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने संस्थान की स्थापना और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक अगस्त 2021 को संस्थान की आधारशिला रखी थी। संस्थान में डीएनए, साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक्स सहित आधुनिक तकनीकी प्रयोगशालाएं विकसित की गई हैं। यहां एआई, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों के माध्यम से अपराध अनुसंधान को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। डॉ. गोस्वामी के अनुसार, संस्थान अब तक पुलिस, रक्षा बलों और प्रशासन से जुड़े पांच हजार से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सम्मेलन में साइबर बुलिंग और डिजिटल एविडेंस जैसे विषयों पर हो रहे विमर्श का उल्लेख किया। उन्होंने अपराध स्थल प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों के प्रशिक्षण और आधुनिक फॉरेंसिक क्षमता विकसित करने में संस्थान की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

- 'यूपी के छात्र भारत का भविष्य लिखेंगे': प्रो. तनुजा सिंह

यूनिवर्सिटी ऑफ इंडियानापोलिस, अमेरिका की प्रेसिडेंट प्रो. तनुजा सिंह ने उत्तर प्रदेश में एआई और साइबर तकनीक के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इन क्षेत्रों में केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता विकसित कर रहा है। प्रदेश के छात्र देश के भविष्य को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

- राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शिक्षा, तकनीक और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में एमओयू

टेक संगम 2026 के दौरान शिक्षा, तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान एवं कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ इंडियानापोलिस (अमेरिका), जीवाजी यूनिवर्सिटी (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), सैन्स इंस्टीट्यूट (अमेरिका), उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन (लखनऊ), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नई दिल्ली), डायरेक्टरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस सर्विसेज (नई दिल्ली), डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (नई दिल्ली), सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (नई दिल्ली) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक, नई दिल्ली) शामिल हैं।

- कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर, यूनिवर्सिटी ऑफ इंडियानापोलिस की प्रेसिडेंट प्रो. तनुजा सिंह, रक्षा साइबर एजेंसी के महानिदेशक रियर एडमिरल संजय सचदेवा, प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, सरोजनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह और उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी सहित देश-विदेश से आए साइबर एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

26 अक्टूबर को धूमधाम से महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाएगी योगी सरकार

-  यूपी के 75 जिलों में गूंजेगा रामायण पाठ, सैकड़ों मंदिरों में होंगे भजन-कीर्तन, दीपदान व सांस्कृतिक आयोजन
-  रामायण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी योगी सरकार, लव-कुश प्रसंग से जीवंत होगी विरासत
-  जनपद, तहसील व विकासखंड स्तर पर कराए जाएंगे कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों की भागीदारी व जनसहभागिता होगी सुनिश्चित

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026। योगी सरकार 26 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से वाल्मीकि जयंती मनाएगी। इस अवसर पर आस्था, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का व्यापक उत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सैकड़ों महर्षि वाल्मीकि मंदिरों और रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों पर दीपदान, रामायण पाठ, भजन और भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की कालजयी रचना ‘रामायण’ में निहित मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी है। महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली चित्रकूट में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी योगी सरकार स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी।
-  यूपी के सभी जनपदों में होंगे आयोजन, लवकुश प्रसंग भी होगा
योगी सरकार के निर्देशानुसार 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी। सभी देव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि से संबंधित स्थलों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान के साथ-साथ रामायण पाठ कराए जाएंगे। यह कार्यक्रम जनपद, तहसील व विकास खंड स्तर पर होंगे। सीएम योगी ने हर आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश व सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था का निर्देश दिया है। आयोजन में पूजन-हवन के साथ लवकुश प्रसंग समेत अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा तुलसीदास आश्रम राजापुर चित्रकूट, वाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, वाल्मीकि आश्रम श्रावस्ती, अयोध्या, प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आयोजन होगा।
- महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर (चित्रकूट) में होगा वृहद आयोजन
चित्रकूट के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि योगी सरकार के निर्देशानुसार महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर में जिला प्रशासन की ओर से वृहद कार्यक्रम होंगे। यहां रामलीला का मंचन, वाल्मीकि रामायण पाठ, भजन संध्या और स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन आदि की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा नदी के घाट पर वाल्मीकि आरती भी होगी। इसमें हजारों श्रद्दालु शामिल होंगे।
-  स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच देगी योगी सरकार
योगी सरकार देव मंदिरों में होने वाले रामायण पाठ समेत अन्य कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को आध्यात्मिक मंच उपलब्ध कराएगी। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जनपद में चयनित मंदिरों व स्थलों पर कार्यक्रम के लिए कलाकारों का चयन किया गया है। इसका समन्वय संस्कृति विभाग, सूचना-जनसंपर्क विभाग, जिला पर्यटन व संस्कृति परिषद द्वारा किया जाएगा। हर जनपद में आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। योगी सरकार का कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जनसहभागिता पर जोर है।
-  पिछले वर्ष 600 से ज्यादा मंदिरों में हुए थे कार्यक्रम
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय साहित्य और संस्कृति की महत्वपूर्ण कृति है। इसमें वर्णित अनेक स्थलों को राम-जानकी मार्ग और राम वन गमन मार्ग के रूप में जाना जाता है। देशभर में ऐसे करीब 280 स्थल मौजूद हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के भी कई महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। उन्होंने बताया इन स्थलों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को सामने लाने के लिए मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन और दीपदान के साथ 8, 12 या 24 घंटे तक अनवरत वाल्मीकि रामायण पाठ कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही श्रीराम, हनुमान और रामायण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों में भी भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया पिछले वर्ष प्रदेश के 600 से ज्यादा मंदिरों में कार्यक्रम हुए थे। इस वर्ष भी वृहद आयोजन होगा।