एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला खिलाड़ियों का दिखा दम, 21 गोल्ड मेडल में 11 किया अपने नाम

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जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शानदार परफॉर्मेंस किया और कुल 85 मेडल जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं।भारत इस बार एशियन गेम्स में चौथे नंबर पर रहा है। हालांकि, भारत पिछली बार के 106 पदकों का आंकड़ा पार नहीं कर सका

21 गोल्ड मेडल में 11 महिला खिलाड़ियों ने जीते

भारत द्वारा जीते गए कुल 21 गोल्ड मेडलों में से 11 गोल्ड अकेले महिला खिलाड़ियों ने जीते।महिलाओं ने कुल 11 स्वर्ण, 11 रजत और 16 कांस्य जीते। वहीं पुरुषों के खाते में 7 स्वर्ण, 14 रजत और 17 कांस्य आए। मिश्रित स्पर्धाओं से भारत को तीन स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य मिले। इस तरह कुल 85 पदकों में महिलाओं और पुरुषों की हिस्सेदारी बराबर रही, लेकिन भारत के 21 स्वर्ण में महिलाओं का योगदान सबसे ज्यादा रहा। महिलाओं ने पुरुषों के बराबर पदक जीते, लेकिन उनके स्वर्ण पदकों की संख्या पुरुषों से चार ज्यादा रही। भारत के कुल 21 स्वर्ण में महिलाओं की हिस्सेदारी आधे से ज्यादा रही।

युवा एथलीटों ने दिखाया दम

इन खेलों में युवा स्टार 17 साल की रिकर्व आर्चर कुमकुम मोहौड़ ने ओलंपिक चैंपियन ओ येजिन को हराकर दुनिया को चौंका दिया। वहीं दूसरी ओर, गोल्फ में प्रणवी उर्स ने वर्ल्ड नंबर-6 और मेजर चैंपियन चीन की यिन रुओनिंग को शिकस्त देकर एशियन गेम्स का ऐतिहासिक गोल्फ गोल्ड अपने नाम किया। युवा स्क्वॉश प्लेयर अनाहत सिंह जैसी खिलाड़ियों ने भी दिखाया कि भारतीय महिला खेलों की अगली पीढ़ी तैयार है। युवा एथलीटों की आत्मविश्वास से भरी तस्वीरों ने यह साफ कर दिया कि भारतीय एथलीट अब दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों को हराने का माद्दा रखते हैं।

अनुभवी खिलाड़ियों का भी दिखा दम

शियन गेम्स सिर्फ युवा खिलाड़ियों के अलावा मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन सरीखी ओलंपिक मेडलिस्ट ने भी अपने अनुभव का जलाव दिखाया। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल अपने नाम कर 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के बाद एशियन गेम्स वेटलिफ्टिंग में भारत का 28 साल पुराना मेडल का सूखा खत्म कर दिया। बॉक्सिंग रिंग में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीतकर मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनने का गौरव हासिल किया। उनके साथ परवीन हुड्डा ने भी वापसी करते हुए गोल्ड मेडल जीता। एथलेटिक्स ट्रैक पर वीथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड का समय निकालकर पीटी उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

क्रिकेट-कबड्डी में दबाव झेला, हॉकी में इतिहास रचा

महिला क्रिकेट और कबड्डी टीमों से स्वर्ण की उम्मीद थी और दोनों ने इसे पूरा किया। महिला हॉकी टीम ने तो 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता। फाइनल में चीन को हराकर टीम ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वियतनाम में मृत राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रांची लाया गया

रांची

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निर्देश एवं श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सतत प्रयासों के फलस्वरूप वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मृत रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत वापस लाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय एवं भारतीय दूतावास से निरंतर समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुँचाने की व्यवस्था की गई।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के अंतर्गत ₹5 लाख की वित्तीय सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मालूम हो कि रांची के कैलाश नगर निवासी राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योगा प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वियतनाम में एक सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके पश्चात इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। परिजनों द्वारा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने हेतु गुहार लगाई गई थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास एवं संबंधित वियतनामी प्राधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद प्रक्रियाएं पूर्ण कराते हुए पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता हवाई अड्डा लाया गया।

कोलकाता हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूर्ण किए जाने के पश्चात पार्थिव शरीर को रांची स्थित पैतृक निवास तक सकुशल पहुँचाने के लिए रांची जिला प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।

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*रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने की विकास कार्यों व भूमि उपलब्धता की समीक्षा, BDO-CO को रोज कार्यालय में बैठकर जनसमस्याएं सुनने का निर्देश

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित एनआईसी सभागार में राँची जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिले में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स एवं अहम भवन निर्माण कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा एवं समीक्षा

बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति तथा जिले में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स एवं अहम भवन निर्माण कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा एवं समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में नियमित रूप से बैठकर जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुनें

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में नियमित रूप से बैठकर जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुनें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया

इस अवसर पर उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि जिले में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों एवं परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न न हो।

बैठक में उपायुक्त ने जन-केंद्रित प्रशासन की भावना को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रखंड एवं अंचल स्तर पर जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना प्रत्येक पदाधिकारी का कर्तव्य है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में विकास कार्यों को गति प्रदान करने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*SIR-2026: नोटिस सुनवाई के लिए अलग-अलग दस्तावेज जरूरी नहीं, CEO ने कहा- एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे, 10 अक्टूबर को लगेगा मेगा

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड श्री के. रवि कुमार ने एसआईआर-2026 के तहत मतदाताओं को जारी नोटिस की सुनवाई के संबंध में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ एवं एईआरओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोटिस के अलग-अलग कारणों के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से यह निर्धारित किया जाना है कि संबंधित व्यक्ति—

1. भारत का नागरिक है अथवा नहीं,

2. 1 अक्टूबर 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है अथवा नहीं, तथा

3. संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी है अथवा नहीं।

उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 326 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुरूप मतदाता की पात्रता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम के सामने तार्किक विसंगति होने के कई कारण हो सकते हैं। गणना प्रपत्र भरने के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी दर्ज हो जाना, विगत एसआईआर के दौरान गलत मैपिंग हो जाना अथवा विगत एसआईआर में ही कोई जानकारी त्रुटिपूर्ण दर्ज होना इसके कारण हो सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विगत एसआईआर में हुई त्रुटियों को वर्तमान प्रक्रिया में ठीक करना सुनवाई का विषय नहीं है। वर्तमान सुनवाई का उद्देश्य पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में निबंधन सुनिश्चित करना है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति पात्र भारतीय नागरिक है, 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है तथा संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी है।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि जिन मतदाताओं की विगत एसआईआर से मैपिंग उपलब्ध है, उनके मामले में मैपिंग के आधार पर भी पात्रता स्थापित की जा सकती है। इसके लिए मतदाता का नाम अथवा उसके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी के नाम से मैपिंग की जा सकती है।उन्होंने कहा कि वृद्ध मतदाताओं के मामले में उन्हीं के नाम पर वांछित दस्तावेज अनुपलब्ध रहने पर, उनके पुत्र–पुत्री से रिवर्स मैपिंग करते हुए भी सत्यापन की जा सकती है, बशर्ते उनके पुत्र–पुत्री मतदाता सूची में निबंधित हों एवं पुत्र–पुत्री के दस्तावेज में उनके माता-पिता का नाम भी दर्ज हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विगत एसआईआर से मैपिंग भी भारत में जन्म होने तथा संबंधित विवरण को स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अनुरूप एक आधार है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वैसे मतदाता जिनकी विगत एसआईआर से मैपिंग उपलब्ध नहीं है, उनके मामले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों के आधार पर आवश्यक जांच करते हुए पात्रता स्थापित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब तक जिन मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, उन्हें फाइनल आदेश के लिए तैयार किया जाए। केवल वैसे मामले जिनमें व्यक्ति अपात्रता की श्रेणी में आ रहें है, उनमें आवश्यकतानुसार दूसरा नोटिस जारी कर दोबारा सुनवाई करते हुए अंतिम आदेश पारित किया जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में आ रही व्यावहारिक एवं स्थानीय समस्याओं की जानकारी प्राप्त करें तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहना चाहिए। विशेष रूप से जनजातीय समूहों, पिछड़े वर्गों, दिव्यांगजनों, वृद्ध मतदाताओं तथा अन्य वंचित वर्गों के पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं एवं आवश्यकता अनुसार उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करें।

श्री के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्पडेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हेल्पडेस्क पर ऐसे पदाधिकारी/कर्मचारी उपलब्ध रहें, जो नागरिकों को नोटिस की सुनवाई, दावा-आपत्ति, मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के संबंध में समुचित जानकारी उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि मेगा हेल्पडेस्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से वंचित न रहना पड़े।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां वल्नरेबल/कमजोर वर्ग के पात्र भारतीय नागरिक मतदाता बनना चाहते हैं, उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में विशेष आउटरीच कार्यक्रम चलाकर पात्र भारतीय नागरिकों की पहचान करने तथा उन्हें आवश्यक प्रक्रिया एवं दस्तावेजों के संबंध में सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक दस्तावेजों अथवा जानकारी के अभाव में मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बीएलओ से प्राप्त फॉर्म-6, फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 के डिजिटाइजेशन के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी प्रपत्रों का समयबद्ध तरीके से डिजिटाइजेशन एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सोमवार तक बीएलओ को प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन हेतु विशेष कैंप तैयार करने का निर्देश दिया जिससे बीएलओ को प्राप्त फॉर्म्स का ससमय डिजिटाइजेशन किया जा सके। उन्होंने बीएलओ से उनके संबंधित क्षेत्र के संबंध में प्रमाण-पत्र/घोषणा प्राप्त करने का भी निर्देश दिया कि उनके क्षेत्र में कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं है तथा पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।

इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी पश्चिमी सिंहभूम श्री मनीष कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े जिला स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।

नवनियुक्त संगठन महामंत्री के लंबे अनुभव का लाभ झारखंड़ भाजपा को मिलेगा:- आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री का स्वागत एवम अभिनंदन करते हुए कहा कि इनको संगठन में काम करने का एक लंबा अनुभव है। नि:संदेह उनके अनुभव का लाभ झारखंड़ भाजपा को मिलेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की दशा और दिशा बदलने हेतु इनका मार्गदर्शन मिलेगा और झारखंड हित में इनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ेंगे।

उन्होंने झारखंड के निवर्तमान संगठन महामंत्री सह छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त महामंत्री कर्मवीर सिंह को विदाई देते हुए कहा कि इनके मार्गदर्शन में हम सबको काम करने का मौका मिला। 4 साल तक कर्मवीर सिंह ने बड़ी ही आत्मीयता के साथ एक पारिवारिक रिश्ता बनाकर हम सबों के साथ काम किया एवं संगठन को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। उनके प्रति हम सब कृतज्ञ और आभारी हैं।

नवनियुक्त संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सब इतनी रात में भी स्वागत करने हेतु कार्यालय में डटे रहें, उसके लिए आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद और आभार।

उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए काम करना है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2029 चुनाव को ध्यान में रखते हुए जोरदार नारा लगवाया कि हमरे जितब (हम जीतेंगे)। कहा कि झारखंड़ और छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ समानतायें हैं।

उन्होंने कहा कि हम सब को संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम करना है। कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है कि आज पूरे देश में भाजपा का संगठन एक नम्बर पर है।

हम सब मिलकर अच्छा उद्देश्य लेकर संगठन को मजबूत करते हुए आगामी चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी, यह विश्वास सबके दिल में होनी चाहिए, इसी भाव से काम करना है।

उन्होंने कहा कि झारखंड़ भोलेबाबा की धरती है, उनका आशीर्वाद तथा आप सबको साथ लेकर हम सब काम करेंगे, यह विश्वास आप सबको दिलाते हैं।

झारखंड के निवर्तमान संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने नवनियुक्त महामंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन के कामों में बोलने की अपेक्षा काम कर दिखाया जाता है। मैंने जो उत्तरप्रदेश में सीखा, उससे इस प्रदेश में कार्यकर्ताओं के साथ काम करना तथा संगठन में उनकी उपयोगिता के बारे में बहुत कुछ सीखा।

उन्होने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को पवन साय जी के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करना है, उनका साथ देना है ताकि झारखंड़ में संगठन और मजबूत हो और 2029 में राज्य में भाजपा की सरकार बन सके।

इसके पूर्व भाजपा कार्यालय पहुंचने पर नवनियुक्त संगठन महामंत्री पवन साय ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने किया।

जबकि मौके पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, रवींद्र राय, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, गणेश मिश्रा, सरोज सिंह, अमरदीप यादव, शालिनी बैसिखियार, हेमन्त दास, सूरज चौरसिया, दीपक बंका, विधायक नवीन जायसवाल, शशिभूषण मेहता, योगेंद्र प्रताप सिंह, रामाकांत महतो, शोभा यादव, केके गुप्ता, आरती कुजूर, राहुल अवस्थी, सतीश सिन्हा, सूरज शाहदेव, नीरज सिंह, वरुण साहू, धीरज महतो, नरेंद्र सिंह, रजनीश पांडेय ,राहुल शाहदेव, गंगोत्री कुजूर, रामकुमार पाहन, जीतू चरण राम, आरती सिंह, सुनील साहू, सीमा सिंह, संजय जयसवाल,परमा सिंह, ललित ओझा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

*रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना के साथ पहुंचे योगदा सत्संग आश्रम, स्वामी ईश्वरानंद से की मुलाकात, स्मृति-ध्यान मंदिर का किया भ्रमण

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज योगदा सत्संग समिति ऑफ़ इंडिया के परमहंस योगानन्द पथ, बहु बाजार, चुटिया स्थित योगदा सत्संग आश्रम पहुंचकर स्वामी ईश्वरानंदजी एवं स्वामी निर्मलानंदजी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन भी थीं।

मुख्यमंत्री ने श्री श्री परमहंस योगानन्दजी का कक्ष, फोटो एवं पुस्तक गैलरी का अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की। यहां परमहंस योगानन्दजी एवं उनके कुछ मुख्य शिष्यों द्वारा रचित पुस्तकें, प्रकाशित संदर्भ, स्वामीजी से संबंधित जारी डाक टिकट एवं फोटोग्राफ तथा स्वामीजी द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री को संरक्षित किया गया है।

इसके अलावा उन्होंने लीची वेदी, स्मृति मंदिर, ध्यान मंदिर, ध्यान करने हेतु उद्यान व आश्रम परिसर का भ्रमण कर वहां के संबंध में जानकारी ली। स्वामी ईश्वरानंदजी एवं स्वामी निर्मलानंदजी ने मुख्यमंत्री को आश्रम की हालिया गतिविधियों के बारे में भी अवगत कराया।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में झामुमो का राजभवन के समक्ष प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग

भारत निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक निष्पक्षता को लेकर सामने आए गंभीर तथ्यों के विरोध में आज झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रांची स्थित राजभवन के समक्ष एक विशाल विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी ने वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और एकतरफा फैसलों का आरोप लगाते हुए उन्हें अविलंब पद से बर्खास्त करने की मांग की।

मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों के हवाले से नेताओं ने कहा कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा हाल के दिनों में लिए गए कई मनमाने फैसलों पर आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी) ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

सहयोगी चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और चिंताओं को पूरी तरह दरकिनार कर, बिना उनकी सहमति के वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। यह कदम पूरी तरह से असंवैधानिक, अनधिकृत और लोकतंत्र विरोधी है, जो निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था पर सीधा कुठाराघात करता है।

इस पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ झामुमो रांची जिला समिति, रांची महानगर समिति, खूंटी जिला समिति, लोहरदगा जिला समिति एवं रामगढ़ जिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में जनसैलाब उमड़ा।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ देश के करोड़ों नागरिकों के मताधिकार पर डाका डालने के समान है। संस्थागत गरिमा को ताक पर रखकर लिए जा रहे इन फैसलों से संवैधानिक मर्यादाएं तार-तार हुई हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से केन्द्रीय महासचिव श्री सुप्रियो भट्टाचार्य, सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्री विकास मुण्डा, श्री अमित महतो, श्री सुदीप गुड़िया, श्री रामसुर्या मुण्डा, केन्द्रीय सदस्य श्री पवन जेडिया, श्री हेमलाल मेहता, श्री अश्विनी शर्मा, श्री अन्तु तिर्की, श्रीमती राधा तिर्की, श्रीमती निरु शांति भगत, रांची जिला संयोजक प्रमुख श्री मुस्ताक आलम, रामगढ़ जिला संयोजक प्रमुख श्री विनोद किस्कू, लोहरदगा जिला अध्यक्ष श्री मोजम्मील अहमद, खुंटी जिला अध्यक्ष श्री जुबेर अहमद, रांची जिला संयोजक श्री धमेंन्द्र सिंह, श्री सांनु मुण्डा, रांची महानगर संयोजक श्री फरीद खान, श्री रोशन कुमार, श्री मनिन्द्र सिंह, श्री अफ़रोज़ अंसारी, श्रीमती अंकिता वर्मा, श्री विक्रम सिंह, श्री अरूण वर्मा, श्री आशुतोष वर्मा, श्री विजय महतो, श्री भोलु मल्लिक, श्री साजिद कौसर, श्री उत्तम यादव, श्री महादेव मुण्डा, राजू गोप, उमेश साहू, रंजन माथुर, प्रेम प्रतीक बमबारी, अनुराग तिर्की, लालंती देवी, विजय महतो, आदम मुण्डा, कुलदीपक, जितनन्दन महतो, कुदरत अंसारी, फारूख अंसारी, लाला महली, मुरसीय लाल मांझी, शमीम अंसारी, श्यामजी महतो, नन्दु मेहता, चामु बेक, सुरेश महतो, बलराम महतो, नविन तिर्की, संजू माथुर तथा हजारों की संख्या में समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

-विनोद कुमार पांडेय, महासचिव, केंद्रीय समिति

किसानों की हालत बदहाल, सरकार के दावे जमीन पर बेअसर : अविनेश कुमार

झारखंड में किसानों की मौजूदा स्थिति को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद आज किसान कई स्तरों पर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मौसम की अनिश्चितता, फसल नुकसान, सिंचाई की सीमित व्यवस्था, खाद-बीज की उपलब्धता, बाजार और उचित मूल्य की समस्या किसानों के सामने लगातार बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। रांची जिला प्रशासन ने भी 26 सितंबर को फसल क्षति का तत्काल आकलन कराने का निर्देश दिया था। वह भी सही ढंग से नहीं हो पाया। ऐसे में सरकार को केवल सर्वे कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा और राहत भी उपलब्ध करानी चाहिए।

उन्होंने धान खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिलना जरूरी है। सरकार ने खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान खरीद के लिए किसानों के e-KYC और भूमि सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है तथा 50 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य बताया गया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वास्तविक चुनौती यह है कि खरीद केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।

श्री कुमार ने कहा कि राज्य में सिंचाई की समस्या भी किसानों की बड़ी चुनौती है। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य का सकल सिंचित क्षेत्र कुल फसल क्षेत्र का 17.1 प्रतिशत था, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। उन्होंने कहा कि बारिश पर निर्भर खेती के कारण किसान मौसम के साथ अपनी आय का जोखिम उठाने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग किया कि फसल क्षति का पारदर्शी सर्वे कराकर शीघ्र मुआवजा दिया जाए, धान सहित अन्य फसलों की खरीद व्यवस्था मजबूत की जाए, किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और सिंचाई एवं भंडारण की सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान को घोषणाओं नहीं, बल्कि खेत तक पहुंचने वाली सरकारी व्यवस्था की जरूरत है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अनुसेवक अंगद महतो को सेवानिवृत्ति पर दी विदाई, शॉल और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पदस्थापित अनुसेवक श्री अंगद महतो के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अनुसेवक श्री अंगद महतो को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंटकर सम्मानित किया। इस भावुक क्षणों के बीच श्री अंगद महतो ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा

कि मुख्यमंत्री जी के सरल एवं संवेदनशील स्वभाव के कारण सेवाकाल के दौरान हमेशा एक सुगम और आत्मीय माहौल मिला, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे, जिन्होंने श्री अंगद महतो को उनके सुखद भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा', इंडिया गठबंधन की बैठक में बोले खरगे

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दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को हुई विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। खरगे ने दो टूक कहा कि पूरे देश में नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं। आज हमारे मुख्य चुनाव आयुक्त की असलियत सबके सामने आ गई है। उनके दो साथी सदस्यों ने 10 महीनों में 14 बार पत्र लिखे हैं। इससे उनकी ईमानदारी और इरादों पर सवाल उठता है। इसलिए, उन्हें उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए।

2 से 8 अक्‍टूबर कर चलेगा अभियान

कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बताया कि बैठक में 20 पार्टियों ने हिस्‍सा लिया और सभी ने अपने विचार रखे। खरगे ने कहा कि हम लोकतंत्र और युवाओं के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। खरगे ने बताया कि ज्ञानेश कुमार इस समय मोदी सरकार की कठपुतली बने हुए हैं। इसलिए हम देशभर में उनके खिलाफ अभियान चलाएंगे। चुनाव आयोग वोटों की गड़बड़ी में शामिल है। ज्ञानेश कुमार कठपुतली बने हुए हैं। इसके खिलाफ हम 2 से 8 अक्‍टूबर तक हम अभियान चलाएंगे। 6 तरीख को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी नेता राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। खरगे ने बताया कि हम देशभर में 5 बड़ी रैलियां करेंगे। ये रैलियां अक्‍टूबर और नंवबर के महीने में होंगी।

शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय एसआईआर शुरू की

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से ईवीएम और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने शिकायतों को स्वीकार करने के बजाय एसआईआर प्रक्रिया शुरू की। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग एसआईआर को मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताता है, लेकिन यदि इससे बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होते हैं तो वास्तविक मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी व्यवस्था की होनी चाहिए।

बैलट पेपर से वोटिंग कराने की मांग

खरगे ने कहा कि आगामी चुनावों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल होना चाहिए और ईवीएम के स्थान पर मत पत्र से मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में यह भी कहा कि एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य भारत के लोकतंत्र की बुनियाद है और इसे कमजोर नहीं होने दिया जा सकता।