जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त, अब विलंबित मामलों में बढ़ेगी प्रशासनिक प्रक्रिया नई व्यवस्था आज से लागू, समय पर पंजीकरण कराने पर जोर
अमर बहादुर सिंह नगरा बलिया। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत विलंबित पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत एक वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। नियमों के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना चाहिए। निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण नि:शुल्क किया जाता है। 21 दिन से 1 वर्ष तक यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के बाद, लेकिन एक वर्ष के भीतर कराया जाता है, तो निर्धारित विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रार की अनुमति से पंजीकरण किया जाएगा। 1 वर्ष से 2 वर्ष तक एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक पुराने मामलों में पंजीकरण के लिए जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) अथवा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश एवं आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 2 वर्ष से अधिक पुराने मामले वहीं, दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म या मृत्यु के मामलों में पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) का आदेश अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था का मुख्य प्रभाव एक वर्ष से अधिक विलंब वाले पंजीकरण मामलों पर पड़ेगा। इसके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु के रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक और व्यवस्थित बनाने तथा विलंबित पंजीकरण में सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म और मृत्यु का समय पर पंजीकरण नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग शिक्षा, पहचान, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट सहित विभिन्न सेवाओं में किया जाता है, जबकि मृत्यु पंजीकरण कानूनी, उत्तराधिकार एवं विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज है। नागरिकों से अपील है कि जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर ही कराएं, ताकि भविष्य में विलंबित पंजीकरण की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सके।
संगम तट पर भावुक हुए लोग, अस्थि कलश पहुंचते ही गूंजा ‘रामगोविन्द चौधरी अमर रहें’ का नारा प्रयागराज में स्व. चौधरी की अस्थियों का हुआ विसर्जन
संजीव सिंह बलिया “तुम गए क्या शहर सूना कर गए, दर्द का आकार दूना कर गए।” रामधारी सिंह दिनकर की ये पंक्तियां बुधवार को प्रयागराज के संगम तट पर उस समय चरितार्थ होती दिखाई दीं, जब पूर्व नेता प्रतिपक्ष व समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता स्व. रामगोविन्द चौधरी के अस्थि कलश को विसर्जन के लिए उनके अनुज पंचदेव चौधरी, रामबचन यादव, विश्राम चौधरी एवं शुभैक्षु लेकर संगम पहुंचे। अस्थि कलश के प्रयागराज पहुंचते ही संगम तट पर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रयागराज भी रामगोविन्द चौधरी के निधन के गम में उतना ही डूबा हो, जितना उनका गृह जनपद बलिया। उनके प्रति लोगों की आत्मीयता और सम्मान इस दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्थि कलश के संगम तट पर पहुंचते ही उपस्थित जनसमूह ने भरे गले से “रामगोविन्द चौधरी अमर रहें” के नारे लगाए। नारों से संगम तट का वातावरण भावुक हो उठा। परिजनों, शुभैक्षुओं और समर्थकों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी तथा उनकी स्मृतियों को नमन किया। स्व. रामगोविन्द चौधरी के निधन से समाजवादी विचारधारा, बलिया सहित पूर्वांचल की राजनीति और उनसे जुड़े असंख्य लोगों के बीच गहरा शोक है। संगम तट पर उमड़ा जनसमूह उनके प्रति लोगों के स्नेह, सम्मान और आत्मीय जुड़ाव का भावपूर्ण प्रमाण रहा। उपस्थित रहे प्रमुख नेता एवं गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष इफतिखार हुसैन, सपा नेता तारीक भोजपुरी, संगम पत्रिका के संपादक अजीत सिंह, बलिया जिला अध्यक्ष सुनील मौर्या, सुशील पाण्डेय कान्हजी, सईद अज्जू, युव जन सभा के अध्यक्ष रविंद्र यादव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, कृष्ण मूर्ति यादव, दिनेश यादव, छात्र नेता राहुल पटेल, अजीत यादव, आदिल हमजा, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष समीर पाण्डेय, शिव शंकर सरोज, हरेंद्र यादव, संदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क्स की बाध्यता खत्म करने की मांग 69000 शिक्षक भर्ती के बीएड शिक्षकों ने सांसद और विधायक को सौंपा ज्ञापन
संजीव सिंह बलिया। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 69000 शिक्षक भर्ती के बीएड योग्यताधारी शिक्षकों ने छह माह के ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क्स की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है। इस संबंध में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद नीरज शेखर और बांसडीह विधायक केतकी सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि ब्रिज कोर्स को परीक्षा आधारित न रखकर विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में पूरा कराया जाए। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के लिए पासिंग मार्क्स की अनिवार्यता समाप्त करने के साथ ही विद्यालय समय में प्रशिक्षण कराने की बाध्यता से भी राहत देने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में अध्यापन कार्य के अलावा जनगणना और अन्य विभागीय कार्य भी संचालित होते रहते हैं। ऐसे में इन सभी जिम्मेदारियों के साथ ब्रिज कोर्स का अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा कराना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने ब्रिज कोर्स की विसंगतियों को दूर कर इसे विभागीय प्रशिक्षण के रूप में संचालित करने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सांसद नीरज शेखर ने ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर सहमति जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, विधायक केतकी सिंह ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और शासन के उच्चाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान के लिए पैरवी करने का भरोसा दिलाया। ज्ञापन सौंपने वालों में अटेवा के जिला मीडिया प्रभारी संजीव कुमार सिंह, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, अग्निवेश तिवारी, प्रवीण कुमार पांडेय, सिद्धार्थ सिंह, संकेश यादव, अमित कुमार सिंह, प्रमोद, धीरज, निखिलेश, रौशन असगर, शिवजी, विनय, राकेश, संतोष सैयद, अशोक और अजय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
सीयर ब्लॉक का डायट प्रतियोगिता में दबदबा, पांच शिक्षिकाएं राज्य स्तर के लिए चयनित
संजीव सिंह बलिया!बलिया के डायट पकवाइनार में आयोजित जिला स्तरीय 'कला एवं पपेट्री के माध्यम से शिक्षण' प्रतियोगिता में सीयर ब्लॉक ने बाजी मारी। पांच शिक्षिकाओं के राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होने से पूरे जनपद में उत्साह है। प्रतियोगिता का आयोजन और परिणाम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), पकवाइनर, बलिया के सभागार में आज 'कला एवं पपेट्री के माध्यम से शिक्षण' विषयक जनपदीय प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जनपद के सभी 17 ब्लॉकों से चयनित प्रतिभागी शिक्षिकाओं व शिक्षकों ने अपने उत्कृष्ट नवाचार एवं शिक्षण कौशलों का प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में सीयर ब्लॉक का दबदबा रहा। विभिन्न विषयों और वर्गों में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए पांच शिक्षिकाओं ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। विजेता शिक्षिकाओं की सूची प्राथमिक स्तर: गणित विषय: मोनिका शर्मा (सीयर ब्लॉक) — प्रथम स्थान भाषा विषय: नाहिद जमाल (सीयर ब्लॉक) — प्रथम स्थान उच्च प्राथमिक स्तर: विज्ञान विषय: तरन्नुम (सीयर ब्लॉक) — प्रथम स्थान गणित विषय: छाया यादव (बांसडीह ब्लॉक) — प्रथम स्थान सामाजिक विज्ञान: सुफिया खातून (चिलकहर ब्लॉक) — प्रथम स्थान  दिलीप कुशवाहा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, हरे कृष्णा पाण्डेय,स्वेता वर्मा,सुनीता कुमारी, पूजा कुमारी सम्मान और बधाई संदेश डायट प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक ने सभी जनपदीय विजेता शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद का मान बढ़ाने हेतु अपनी शुभकामनाएं दीं। सीयर ब्लॉक से एक साथ तीन शिक्षिकाओं के राज्य स्तर पर चयनित होने पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सीयर सुनील चौबे ने तीनों शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए इसे पूरे ब्लॉक के लिए गौरव का क्षण बताया। इस उपलब्धि पर सीयर के शिक्षक समुदाय में हर्ष का माहौल है। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से देवेंद्र वर्मा, नन्द लाल शर्मा, राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, कुलदीप यादव, कृष्णा नन्द सिंह, विनोद कुमार मौर्य, कुसुमलता गुप्ता, मीना यादव आदि शामिल रहे।
सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल रसड़ा में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ शुरू विद्यार्थियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ दी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा
संजीव सिंह रसड़ा, बलिया। सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, रसड़ा में शैक्षणिक सत्र 2026–27 की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ सोमवार से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में शुरू हुईं। परीक्षा के प्रथम दिन विद्यार्थियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नपत्र हल किया। परीक्षा के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। विद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को परीक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संजीव सिंह चौहान ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने परीक्षा के सुचारु संचालन में शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जा रही हैं।
नव प्रवेशी डीएलएड प्रशिक्षुओं का उन्मुखीकरण कार्यक्रम


संजीव सिंह (बलिया)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पकवाइनार में डीएलएड 2026 बैच के 100 नव प्रवेशी प्रशिक्षुओं का एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के साथ ही प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण सत्र भी प्रारंभ हुआ। इस दौरान प्रशिक्षुओं को डायट के विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण व्यवस्था और संकाय सदस्यों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायट के प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक सुनील कुमार ने नव प्रवेशी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से नियमित रूप से संस्थान में उपस्थित रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया। डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता धर्मेंद्र मौर्य ने प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं के शैक्षिक एवं व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कक्षा अध्यापक राम प्रकाश तथा डॉ. शाइस्ता अंजुम ने प्रशिक्षुओं को समय से संस्थान पहुंचने और प्रशिक्षण को गंभीरतापूर्वक ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया। कार्यक्रम का संचालन जानू राम ने किया। इस अवसर पर डायट के समस्त प्रवक्ता और कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
रसड़ा में विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, नगर टोली का हुआ गठन
संजीव सिंह बलिया!रसड़ा (बलिया). विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल, रसड़ा नगर की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आज श्री गणिनाथ जी महाराज उदासीन आश्रम में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा हिंदू समाज में जागरूकता बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और इसी क्रम में बजरंग दल रसड़ा नगर टोली का विधिवत गठन किया गया। गरिमामयी उपस्थिति और संगठनात्मक संकल्प बैठक में विभाग संयोजक श्री दीपक गुप्ता, विहिप जिला उपाध्यक्ष ओंकार सिंह, जिला संयोजक प्रतीक राय एवं जिला सह संयोजक  विपिन कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में चिलकहर प्रखंड सह संयोजक अमीरचंद, वशिष्ठ राजभर, राजा राम, अंगद प्रजापति, मनीष कनौजिया, संदीप राजभर, शशांक सिंह, पुरुषोत्तम राजभर, विकास चौहान, आदित्य, शिवम चौरसिया सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। नगर टोली गठन पर प्रमुख वक्ता का संदेश बैठक को संबोधित करते हुए विभाग संयोजक श्री दीपक गुप्ता ने कहा कि रसड़ा नगर में संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से नगर टोली का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रयास रहेगा कि कार्यकर्ताओं को संगठित करते हुए समाज के बीच सेवा, संस्कार, सामाजिक जागरूकता एवं हिंदू समाज की एकता के लिए निरंतर कार्य किया जाए तथा अधिक से अधिक हिंदू जनमानस को सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों के प्रति जागरूक किया जाए। नवनियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा इस अवसर पर निम्नलिखित नवीन दायित्वों की घोषणा की गई: नगर संयोजक: दीपक शर्मा नगर सह संयोजक: सुजल कुमार गुप्ता नगर सह संयोजक: प्रियम सोनी कॉलेज विद्यार्थी संपर्क प्रमुख: नितेश कुमार गौ रक्षा प्रमुख: श्री शिवम यादव नगर सुरक्षा प्रमुख: श्री कृष्ण सिंह सभी नवनियुक्त दायित्ववान कार्यकर्ताओं को संगठन की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। उपस्थित पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी कार्यकर्ता संगठन के निर्धारित उद्देश्यों—सेवा, संस्कार एवं सामाजिक दायित्वों—को ध्यान में रखते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। बजरंग दल का परिचय बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा है, जिसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1984 को अयोध्या में हुई थी। संगठन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को मजबूत करना, हिंदू जीवन दर्शन और आध्यात्म की रक्षा तथा हिंदू और हिंदुत्व की रक्षा के लिए युवाओं को संगठित करना है। जय श्रीराम।
रामगोविन्द चौधरी के निधन पर विद्यालय में शोकसभा, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
संजीव सिंह बलिया। पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के निधन पर राम झलक चौबे पूर्व माध्यमिक विद्यालय, टंडवा में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के व्यक्तित्व, संघर्षशील जीवन तथा समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके समर्पण को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका निधन समाज और हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर विद्यालय के सहायक अध्यापक एवं स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के परम सहयोगी सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी ने कहा कि, “रामगोविन्द चौधरी जी का जीवन सादगी, संघर्ष, सामाजिक सरोकार और समाजवादी मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और संघर्षशील व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है।” शोकसभा के अंत में ईश्वर से प्रार्थना की गई कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर रविशंकर गुप्ता,शशिकांत पाण्डेय, वीरेंद्र वर्मा आदि ने शोक व्यक्त किया।
रामगोविंद चौधरी को भावभीनी विदाई: गोसाईंपुर बना जनसैलाब, शिक्षामित्रों के 'गुरुजी' हुए अमर
संजीव सिंह बलिया!समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी को अंतिम विदाई देने के लिए रविवार को उनका पैतृक गांव गोसाईंपुर (बलिया) जनसैलाब में तब्दील हो गया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सरयू तट पर पंचतत्व में विलीन हुए चौधरी को उनके इकलौते पुत्र रंजीत चौधरी ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में दलगत सीमाओं से परे आत्मीय माहौल रहा और पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़, रास्तों में जाम 25 सितंबर को लखनऊ के पीजीआई में निधन के बाद शनिवार देर रात पार्थिव शरीर गोसाईंपुर लाया गया था। रविवार सुबह होते-होते अंतिम दर्शन के लिए भीड़ बढ़ती गई और कुछ घंटों में जनसैलाब का रूप ले लिया। इस कारण गोसाईंपुर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। लोग गाड़ियां रास्ते में छोड़कर पैदल गांव की ओर बढ़ते रहे; दूर-दराज से आए समर्थक किसी भी तरह अंतिम दर्शन करना चाहते थे। भावुक हुए नेता: सीमा राजभर बागी और प्रभु नारायण सिंह की आंखें नम रामगोविंद चौधरी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में लोगों के साथ केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ते भी कायम किए थे—इसकी झलक अंतिम विदाई में दिखी। सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर बागी श्रद्धांजलि के बाद फफक-फफक कर रो पड़ीं और मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला। वहीं, सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव भी अंतिम दर्शन के दौरान अपने आंसू नहीं रोक सके; दोनों नेताओं की भावुकता देखकर मौजूद लोग भी द्रवित हो उठे। शिक्षामित्र परिवार की भारी भागीदारी: 'गुरुजी' को नमन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शाहनी के नेतृत्व में बलिया जनपद के गोसाईंपुर में शिक्षामित्रों के 'मसीहा' कहे जाने वाले रामगोविंद चौधरी के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए। चौधरी को इसलिए 'गुरुजी' कहा जाता था क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को 'गुरुजी' कहकर संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति थे और उन्हें यह सम्मान दिलाने के लिए सदैव संघर्षरत रहे। उनके असामयिक निधन से पूरा शिक्षामित्र परिवार गहरा दुःखी है। अंतिम यात्रा में शामिल प्रमुख पदाधिकारियों में आजमगढ़ मंडल संरक्षक सरल यादव, मंडल महामंत्री भरत यादव, मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह, गड़वार ब्लॉक से देवनाथ यादव, दुबहड़ ब्लॉक से अमित सिंह 'चुन्नू', नगरा से शिवकुमार (मीडिया प्रभारी), पंदह ब्लॉक से उदयराज वर्मा, सुनील कुमार (नवानगर ब्लॉक अध्यक्ष), फैसल अजीज, मुकेश राय, संतोष यादव, मनोज यादव, फागु यादव, सुमेर यादव, छोटे लाल चौधरी, लियाकत अली, रामेश्वर, अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा तथा अन्य शिक्षामित्र शामिल रहे।
संघर्ष से समाजवाद तक की अविराम यात्रा थी रामगोविन्द चौधरी की राजनीति सपा जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने जताया गहरा शोक
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी के निधन से समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। सपा के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने कहा कि “रामगोविन्द चौधरी का जाना मेरे लिए केवल एक अपूरणीय क्षति नहीं, बल्कि मेरे जीवन की ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई शायद कभी संभव नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि रामगोविन्द चौधरी का पूरा जीवन संघर्ष, समाजवादी विचारधारा और जनसेवा को समर्पित रहा। छात्र जीवन से ही उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया था। छात्र हितों के लिए संघर्ष करते हुए वे आंदोलनों में सक्रिय हुए और इसी संघर्ष ने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय की। 9 जुलाई 1953 को जन्मे रामगोविन्द चौधरी ने प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त करने के बाद सिकन्दरपुर और बलिया में उच्च शिक्षा हासिल की। छात्र राजनीति के दौरान वे टाउन कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री और बाद में अध्यक्ष निर्वाचित हुए। आपातकाल के दौर में उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा लगभग 24 महीने तक जेल में रहना पड़ा। जेल से रिहाई के बाद उनकी मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से हुई। यह मुलाकात आगे चलकर आत्मीय संबंध और राजनीतिक मार्गदर्शन का आधार बनी। वर्ष 1977 में उन्होंने तत्कालीन चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर अपने विधायी जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगातार कई बार विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। रामगोविन्द चौधरी ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण और पंचायती राज जैसे विभागों का दायित्व संभाला। वर्ष 2017 में वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विरोधी दल भी बने। उनके राजनीतिक जीवन और विधानसभा में भूमिका का उल्लेख समकालीन रिपोर्टों में भी मिलता है। सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी की पहचान केवल विधायक या मंत्री के रूप में नहीं थी, बल्कि वे समाज के कमजोर, वंचित और संघर्षरत वर्गों की आवाज थे। बेसिक शिक्षा मंत्री के रूप में शिक्षकों के खातों में सीधे ऑनलाइन वेतन भेजने, शिक्षामित्रों के समायोजन और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन जैसे फैसलों को उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण पहल माना जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्री के रूप में ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों को मानदेय देने की व्यवस्था भी उनके महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल रही। रामगोविन्द चौधरी ने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसकी समस्याओं को सदन तथा सरकार तक पहुंचाने का साधन समझा। सपा प्रवक्ता ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी का जीवन संघर्ष से निकले नेतृत्व, समाजवाद में आस्था और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन और जनपद ने एक अनुभवी, संघर्षशील और संवेदनशील नेता खो दिया है।