रामगोविन्द चौधरी के निधन पर विद्यालय में शोकसभा, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
संजीव सिंह बलिया। पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के निधन पर राम झलक चौबे पूर्व माध्यमिक विद्यालय, टंडवा में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के व्यक्तित्व, संघर्षशील जीवन तथा समाजवादी विचारधारा के प्रति उनके समर्पण को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका निधन समाज और हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। इस अवसर पर विद्यालय के सहायक अध्यापक एवं स्व. रामगोविन्द चौधरी जी के परम सहयोगी सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी ने कहा कि, “रामगोविन्द चौधरी जी का जीवन सादगी, संघर्ष, सामाजिक सरोकार और समाजवादी मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और संघर्षशील व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है।” शोकसभा के अंत में ईश्वर से प्रार्थना की गई कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर रविशंकर गुप्ता,शशिकांत पाण्डेय, वीरेंद्र वर्मा आदि ने शोक व्यक्त किया।
रामगोविंद चौधरी को भावभीनी विदाई: गोसाईंपुर बना जनसैलाब, शिक्षामित्रों के 'गुरुजी' हुए अमर
संजीव सिंह बलिया!समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी को अंतिम विदाई देने के लिए रविवार को उनका पैतृक गांव गोसाईंपुर (बलिया) जनसैलाब में तब्दील हो गया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सरयू तट पर पंचतत्व में विलीन हुए चौधरी को उनके इकलौते पुत्र रंजीत चौधरी ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में दलगत सीमाओं से परे आत्मीय माहौल रहा और पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़, रास्तों में जाम 25 सितंबर को लखनऊ के पीजीआई में निधन के बाद शनिवार देर रात पार्थिव शरीर गोसाईंपुर लाया गया था। रविवार सुबह होते-होते अंतिम दर्शन के लिए भीड़ बढ़ती गई और कुछ घंटों में जनसैलाब का रूप ले लिया। इस कारण गोसाईंपुर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। लोग गाड़ियां रास्ते में छोड़कर पैदल गांव की ओर बढ़ते रहे; दूर-दराज से आए समर्थक किसी भी तरह अंतिम दर्शन करना चाहते थे। भावुक हुए नेता: सीमा राजभर बागी और प्रभु नारायण सिंह की आंखें नम रामगोविंद चौधरी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में लोगों के साथ केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आत्मीय रिश्ते भी कायम किए थे—इसकी झलक अंतिम विदाई में दिखी। सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर बागी श्रद्धांजलि के बाद फफक-फफक कर रो पड़ीं और मौजूद महिलाओं ने उन्हें संभाला। वहीं, सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव भी अंतिम दर्शन के दौरान अपने आंसू नहीं रोक सके; दोनों नेताओं की भावुकता देखकर मौजूद लोग भी द्रवित हो उठे। शिक्षामित्र परिवार की भारी भागीदारी: 'गुरुजी' को नमन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शाहनी के नेतृत्व में बलिया जनपद के गोसाईंपुर में शिक्षामित्रों के 'मसीहा' कहे जाने वाले रामगोविंद चौधरी के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए। चौधरी को इसलिए 'गुरुजी' कहा जाता था क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को 'गुरुजी' कहकर संबोधित करने वाले पहले व्यक्ति थे और उन्हें यह सम्मान दिलाने के लिए सदैव संघर्षरत रहे। उनके असामयिक निधन से पूरा शिक्षामित्र परिवार गहरा दुःखी है। अंतिम यात्रा में शामिल प्रमुख पदाधिकारियों में आजमगढ़ मंडल संरक्षक सरल यादव, मंडल महामंत्री भरत यादव, मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह, गड़वार ब्लॉक से देवनाथ यादव, दुबहड़ ब्लॉक से अमित सिंह 'चुन्नू', नगरा से शिवकुमार (मीडिया प्रभारी), पंदह ब्लॉक से उदयराज वर्मा, सुनील कुमार (नवानगर ब्लॉक अध्यक्ष), फैसल अजीज, मुकेश राय, संतोष यादव, मनोज यादव, फागु यादव, सुमेर यादव, छोटे लाल चौधरी, लियाकत अली, रामेश्वर, अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा तथा अन्य शिक्षामित्र शामिल रहे।
संघर्ष से समाजवाद तक की अविराम यात्रा थी रामगोविन्द चौधरी की राजनीति सपा जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने जताया गहरा शोक
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी के निधन से समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। सपा के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने कहा कि “रामगोविन्द चौधरी का जाना मेरे लिए केवल एक अपूरणीय क्षति नहीं, बल्कि मेरे जीवन की ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई शायद कभी संभव नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि रामगोविन्द चौधरी का पूरा जीवन संघर्ष, समाजवादी विचारधारा और जनसेवा को समर्पित रहा। छात्र जीवन से ही उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया था। छात्र हितों के लिए संघर्ष करते हुए वे आंदोलनों में सक्रिय हुए और इसी संघर्ष ने आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की दिशा तय की। 9 जुलाई 1953 को जन्मे रामगोविन्द चौधरी ने प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त करने के बाद सिकन्दरपुर और बलिया में उच्च शिक्षा हासिल की। छात्र राजनीति के दौरान वे टाउन कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री और बाद में अध्यक्ष निर्वाचित हुए। आपातकाल के दौर में उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा लगभग 24 महीने तक जेल में रहना पड़ा। जेल से रिहाई के बाद उनकी मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से हुई। यह मुलाकात आगे चलकर आत्मीय संबंध और राजनीतिक मार्गदर्शन का आधार बनी। वर्ष 1977 में उन्होंने तत्कालीन चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर अपने विधायी जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगातार कई बार विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। रामगोविन्द चौधरी ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण और पंचायती राज जैसे विभागों का दायित्व संभाला। वर्ष 2017 में वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विरोधी दल भी बने। उनके राजनीतिक जीवन और विधानसभा में भूमिका का उल्लेख समकालीन रिपोर्टों में भी मिलता है। सुशील कुमार पांडेय कान्ह जी ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी की पहचान केवल विधायक या मंत्री के रूप में नहीं थी, बल्कि वे समाज के कमजोर, वंचित और संघर्षरत वर्गों की आवाज थे। बेसिक शिक्षा मंत्री के रूप में शिक्षकों के खातों में सीधे ऑनलाइन वेतन भेजने, शिक्षामित्रों के समायोजन और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन जैसे फैसलों को उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण पहल माना जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्री के रूप में ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों को मानदेय देने की व्यवस्था भी उनके महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल रही। रामगोविन्द चौधरी ने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसकी समस्याओं को सदन तथा सरकार तक पहुंचाने का साधन समझा। सपा प्रवक्ता ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी का जीवन संघर्ष से निकले नेतृत्व, समाजवाद में आस्था और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन और जनपद ने एक अनुभवी, संघर्षशील और संवेदनशील नेता खो दिया है।
सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी का निधन, पीजीआई लखनऊ में ली अंतिम सांस
संजीव सिंह बलिया!बलिया के चिलकहर (अब रसड़ा) से पांच व बांसडीह से तीन बार रहे विधायक; मुलायम-अखिलेश सरकार में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके रामगोविन्द चौधरी का आज निधन हो गया। पीपीजीआई लखनऊ में ली अंतिम सांस समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके रामगोविन्द चौधरी का आज निधन हो गया। पीजीआई लखनऊ में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। रामगोविन्द चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1946 को बलिया जिले के गोसाईंपुर गाँव में हुआ था। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीए और लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की थी। राजनीति में उन्होंने लंबा सफर तय किया; बलिया के चिलकहर (अब रसड़ा) विधानसभा क्षेत्र से पांच बार तथा बांसडीह विधानसभा से तीन बार विधायक चुने गए। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकार में उन्होंने बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, बाल विकास व पोषण और बेसिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाली। 2017 से 2022 तक वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेता और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनके निधन पर पार्टी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों और विपक्ष-सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने शोक जताया है। प्रदेश की राजनीति में उनका जाना एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य के प्रथम आगमन पर उमड़ा समाजवादी कार्यकर्ताओं का उत्साह लखनऊ से बलिया पहुंचे तो नदौली सीमा पर भव्य स्वागत
2027 में सातों सीट जीतने का संकल्प, कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि: सुनील मौर्य

संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी बलिया के नवमनोनीत जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य गुरुवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ से चलकर बलिया पहुंचे। जनपद की सीमा नदौली पहुंचने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत के बाद सैकड़ों वाहनों का काफिला बलिया की ओर रवाना हुआ। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए अपने नए जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। जनपद की सीमा में प्रवेश करते ही सुनील कुमार मौर्य समाजवादी पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ खुली गाड़ी में सवार हुए। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। 2027 में सातों सीट जीतने का लिया संकल्प सुनील कुमार मौर्य के जिलाध्यक्ष बनने के बाद कार्यकर्ताओं में दिखाई दे रहा यह उत्साह संगठन की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी कार्यालय पर स्वागत समारोह के उपरान्त प्रेस से बात करते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए मैं कुछ भी करूंगा, उनका सम्मान मेरे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता पर जो विश्वास जताया है, उस पर शतप्रतिशत खरा उतरने का काम करूंगा और 2027 में बलिया के सातों सीट जीतकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण योगदान करूंगा। निवर्तमान अध्यक्ष संग्राम सिंह ने बैठाया कुर्सी पर निवर्तमान अध्यक्ष संग्राम सिंह ने सबसे पहले अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। इस अवसर पर अम्बिका चौधरी, मु. जियाउद्दीन रिज़वी, जयप्रकाश अंचल, श्रीमती मंजू सिंह, रंजीत चौधरी, संजय उपाध्याय, अरविन्द गिरी, यशपाल सिंह, डा. विश्राम यादव, सुशील पाण्डेय कान्हजी, राजेश गौड़, रामजी गुप्ता, रामजी यादव, बलजीत कुशवाहा, सुभाष चौहान, जय प्रकाश मुन्ना, धनंजय विशेन, विकेश सिंह सोनू, शशिकांत चतुर्वेदी, राजन कन्नौजिया, रामेश्वर पासवान, रोहित चौबे, आशुतोष ओझा, अनिल राय, जलालुद्दीन जे डी, अजय यादव, धनजी यादव, चंदन यादव, सर्वजीत यादव, विजय शंकर यादव, सुभाष यादव, गुरुज लाल राजभर, रवींद्र यादव, अखिलेश गुप्ता, मंटू साहनी, जगमोहन विंद, हरेन्द्र गोड, अटल पाण्डेय, रामनाथ पटेल, बलराम यादव, विनायक मौर्य, हरेंद्र राम, नीरज यादव आदि उपस्थित रहे। संचालन बीरबल राम ने किया। दिन भर की जोरदार बारिश के बाद भी कार्यकर्ताओं का जोश सराहनीय रहा।
बलिया डीएम ज्ञानेंद्र सिंह का सख्त फरमान बिना डस्टबिन वाली दुकानों पर लगेगा जुर्माना झोपड़ी मुक्त कूड़ा मुक्त बलिया: डीएम का संकल्प
संजीव सिंह बलिया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गुरुवार को अपने कार्यालय में नगर के सभी वार्डों के सफाई नायकों के साथ बैठक कर साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और सफाई कर्मियों को निर्देश दिया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अभियान चलाकर काम किया जाए। डीएम ने कहा कि जनपद को झोपड़ी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं और कोई भी व्यक्ति आवास के अभाव में झोपड़ी में रहने को मजबूर न हो। पात्र लोगों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। गली-मोहल्ले में नियमित सफाई, स्ट्रीट लाइट की भी होगी व्यवस्था जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नगर के प्रत्येक गली-मोहल्ले में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। जिन स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही है, वहां तत्काल लाइट लगाने अथवा खराब लाइटों को ठीक कराने की कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन: टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के आदेश शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था तत्काल शुरू कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने नगर पालिका को आदर्श नगर पालिका के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। दुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्य, नहीं माने तो जुर्माना सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों पर डस्टबिन रखना अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। दुकानदारों को दो से तीन दिन का समय देकर डस्टबिन रखने के लिए जागरूक किया जाए। इसके बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर दुकानदार के पास डस्टबिन होना सुनिश्चित किया जाए। स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं डीएम का सख्त रवैया जिलाधिकारी ने सफाई नायकों और संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर बलिया को स्वच्छ और कूड़ा मुक्त बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा। बैठक में एडीएम अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
UP सरकार के स्कूलों में अब हर महीने होगी समीक्षा; BEO-प्रधानाध्यापक बैठक में पढ़ाई, नामांकन और डिजिटल साधनों की होगी जांच
संजीव सिंह बलिया। लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की निगरानी को और सख्त बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब हर महीने के चौथे शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) स्कूल प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करेंगे और पढ़ाई, नामांकन, उपस्थिति, डिजिटल साधनों व सरकारी योजनाओं के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करेंगे। बैठक का उद्देश्य और समय यह मासिक समीक्षा बैठक हर महीने के चौथे शनिवार को आयोजित की जाएगी। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और स्कूल प्रधानाध्यापक मुख्य रूप से शामिल होंगे। उद्देश्य: पढ़ाई की गुणवत्ता, बच्चों की सीखने की स्थिति, नामांकन-उपस्थिति, डिजिटल साधनों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच करना। समीक्षा में किन-किन बिंदुओं पर होगी जांच बैठक में निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की जाएगी: निपुण भारत मिशन: पढ़ाई की प्रगति और बच्चों की सीखने की स्थिति। मासिक पाठ्यक्रम व शैक्षिक कैलेंडर: निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति। कक्षा में डिजिटल सामग्री: संदर्शिका, टीएलएम (Teaching Learning Material) का उपयोग। अतिरिक्त कक्षाएं: पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए चल रही विशेष पढ़ाई। पुस्तकालय: किताबों का उपयोग और उपलब्धता। प्रारंभिक शिक्षा: प्री-प्राइमरी, आंगनबाड़ी और बालवाटिका की स्थिति; 3–6 साल के बच्चों का नामांकन व उपस्थिति। स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब: डिजिटल पुस्तकालय और तकनीकी साधनों का प्रयोग। डिजिटल रजिस्टर: यू-डायस+, अपार आईडी और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का अपडेट। स्कूल चलो अभियान: स्कूल से बाहर बच्चों को वापस लाने और नामांकन की स्थिति। पीएम पोषण: भोजन, फल और दूध वितरण की व्यवस्था। ऑपरेशन कायाकल्प: निर्माण कार्य, स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाना। बालिका शिक्षा: बालिका शौचालय, विशेष जरूरत वाले बच्चों की सुविधाएं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की व्यवस्था। खेल गतिविधियां: प्रेरणा पोर्टल पर तस्वीरें अपलोड होने की स्थिति। विशेष जरूरत वाले बच्चे: उनकी पहचान और जांच। पर्यावरण अभियान: इको क्लब, 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियानों की प्रगति। वित्तीय स्थिति: समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण के तहत खर्च की स्थिति।
नवनियुक्त सपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य का 24 सितंबर को बलिया में प्रथम आगमन
संजीव सिंह बलिया।समाजवादी पार्टी बलिया के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य का जिलाध्यक्ष मनोनीत होने के बाद 24 सितंबर 2026 को जनपद में प्रथम आगमन होगा। उनके स्वागत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह है। पार्टी के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने बताया कि नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत प्रातः 9 बजे नदौली बॉर्डर, रसड़ा पर किया जाएगा। इसके बाद स्वागत यात्रा आजाद चौराहा रसड़ा, चिलकहर, पियरिया, फेफना, सागरपाली और बहेरी होते हुए चितू पाण्डेय चौराहा, बलिया पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, बलिया पर पार्टीजनों द्वारा सुनील कुमार मौर्य का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया जाएगा। इस अवसर पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे बांसडीह के लिए प्रस्थान करेंगे। निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने समाजवादी पार्टी के सभी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत करने की अपील की है
UP में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 34 IAS अधिकारियों का तबादला, 14 जिलों को मिले नए DM
संजीव सिंह बलिया!उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार की देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 34 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसमें कई जिलों के जिलाधिकारी (DM), मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और शासन स्तर के विशेष सचिव शामिल हैं। बलिया, मुरादाबाद और कानपुर समेत 14 जिलों को नए जिलाधिकारी मिले हैं। प्रमुख बदलाव 14 IAS और 34 PCS अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई। मेडिकल एजुकेशन, रेवेन्यू, ग्रामीण विकास, माध्यमिक शिक्षा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रेशम, उद्योग और स्टार्टअप मिशन जैसे विभागों में बड़े बदलाव हुए। कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिनमें अपर आयुक्त, प्रमुख सचिव और विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। किन जिलों को मिले नए DM? शासन के आदेश के मुताबिक बलिया, मुरादाबाद और कानपुर समेत कुल 14 जिलों में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। मुरादाबाद के मामले में डॉ. राजेंद्र पैंसिया का तबादला हुआ और अनुनय झा को नया DM बनाया गया। परिवहन और यात्रियों के लिए राहत इसी क्रम में लंबी दूरी की बस और रेल सेवाओं में भी सुधार के संकेत मिले हैं। नई जिम्मेदारियां संभाल रहे अधिकारियों से उम्मीद है कि जन सुविधाओं, विशेषकर दैनिक आवागमन और यात्री सुरक्षा पर बेहतर ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर में कार्यरत शिक्षामित्र सुरेंद्र मिश्र के निधन से शिक्षा जगत में शोक
संजीव सिंह बलिया! बेलहरी: शिक्षा क्षेत्र बेलहरी के प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर में कार्यरत शिक्षामित्र सुरेंद्र मिश्र का रविवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। मूल रूप से मझौवां (नई बस्ती) निवासी सुरेंद्र मिश्र मिलनसार और व्यवहारकुशल व्यक्तित्व के धनी थे। परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें उपचार के लिए बलिया स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरेंद्र मिश्र के निधन की खबर मिलते ही उनके घर पर शुभचिंतकों, परिचितों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। उनके निधन से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से राजेश कुमार साहनी, अखिलेश पांडेय, पंकज कुमार सिंह, संजीव सिंह, अमृत सिंह, मंजूर हुसैन, अजय कुंवर, दिलीप सिंह, रजनीश प्रसाद, रेखा सिंह, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, भरत यादव, राकेश कुमार पांडेय, निर्भय राय, डिम्पल सिंह, अजय श्रीवास्तव, शशिभान सिंह,अमित सिंह 'चुन्नू' और अमित चेला मिश्रा समेत कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों व ग्रामीणों ने शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।