मऊ जिलाधिकारी ने थाना दोहरीघाट में थाना समाधान दिवस पर सुनीं जनसमस्याएं
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के साथ शनिवार को थाना दोहरीघाट में आयोजित थाना समाधान दिवस के अवसर पर जनसुनवाई की।

इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकता है।

जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन करते हुए नियमानुसार निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रक्रिया एवं कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए।

राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ ऐसे मामलों का प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करें, जिनमें दोनों विभागों की संयुक्त भूमिका हो।

पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर ने भी पुलिस अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भदोही में रोडवेज बसों का ठहराव नहीं, पर बना दिए दो बस अड्डे, हाई स्पीड ट्रेनों और मेट्रो के दौर में यहां बस सेवा तक नहीं*


*भदोही में 32 वर्षों से रोडवेज बस सेवा का अभाव*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी के लोग 32 वर्ष से रोडवेज सुविधा के लिए परेशान हैं। जिले से एक भी बस नहीं चलने से उन्हें आटो या टोटो जैसे वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। उधर एक भी बस न चलने के बाद भी सरकार की ओर से लगभग छह करोड़ से अधिक रुपये से भदोही और ज्ञानपुर में बस अड्डे बना दिए गए।यहां बसों का ठहराव या संचालन तो दूर की बात है, यह जरूर कि इसमें बेसहारा मवेशी, शरारती तत्वों का जमावड़ा जरूर होता है। जनता के पैसों की किस तरह बर्बादी की जाती है यह दोनों बस अड्डे इस बात की गवाही दे रहे हैं। इनमें ज्ञानपुर बस अड्डा 2008 में बना था, बसों का संचालन न होने से यह भवन खंडहर में तब्दील हो गया। वर्तमान सरकार में फिर से नया भवन और तीन करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए गए। भवन बनने के बाद यह परिसर फिर से वीरानी का दंश झेल रहा है।

कालीन नगरी होने के कारण हर बाहरी व्यक्ति की यह जिज्ञासा रहती है कि वह कालीन को बुनते हुए देखे। यह जाने के एक कालीन बनाने में कितने दिन, लागत और डिजाइन किस तरह बुनकर तैयार करते हैं। उसी यह आशा तभी पूरी होगी जब उसके पास या तो अपना साधन हो या फिर कोई वाहन यहां आकर रिजर्व करे। इसके अलावा 20 लाख की आबादी वाले जिले के लोगों को भी बराबर कहीं न कहीं आना जाना होता है पर कोई सार्वजनिक साधन ही नहीं है।वाराणसी या प्रयागराज से लोग सार्वजनिक साधन से गोपीगंज तो आ सकते हैं लेकिन उसके बाद जिले में कहीं भी आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है। 2008 में यह आशा जगी थी कि ज्ञानपुर में बस अड्डा बन गया है तो यहां से बसें चलेंगी लेकिन कुछ दिनों बाद बसें ऐसी गायब हुईं कि मानो यहां के लिए उन साधनों को चलाया ही नहीं गया था।




भदोही में तीन करोड़ से बने बस अड्डे से भी उम्मीद जगी कि यहां बसें आएंगी। कुछ माह पूर्व इस अड्डे का परिवहन निदेशक ने निरीक्षण भी किया और आश्वस्त किया था कि छह बसें तो प्रयागराज और वाराणसी के लिए चलेंगी ही लेकिन हुआ कुछ नहीं। जब बड़े अधिकारी भी राजनीतिक जुमले कहकर चले जा रहे हैं तो स्थानीय अधिकारी भी प्रया करने की बात कहकर चुप्पी साध लेेते हैं।

बात हाई स्पीड ट्रेनों की और भदोही में 32 साल से बस सेवा तक नहीं

वाराणसी-प्रयागराज के मध्य भदोही जिला 32 वर्ष पहले बना। सार्वजनिक परिवहन के मामलों में दोनों जिले तो काफी आगे हैं पर भदोही जिला अब भी पिछड़ेपन का शिकार है। भदोही से ज्ञानपुर 13 किमी, गोपीगंज से ज्ञानपुर 6 किमी तक आटो, टोटो आदि हैं। पर ज्ञानपुर से जिला मुख्यालय सरपतहां 7 किमी, मुख्यालय या ज्ञानपुर से विकास भवन कंसापुर 5 किमी पहुंचने के लिए कोई नियमित सार्वजनिक साधन की व्यवस्था नहीं है।

लोग आटो रिजर्व कर या सवारी भरने के बाद आटो से जाने को विवश हैं। यह तब है देश में हाई स्पीड ट्रेनें चल रही हैं। शहरों को ऐसी ट्रेनों से जोड़ने का सपना दिखा रहे हैं। ऐसे में कालीन नगरी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध भदोही के लोग आटो, सफारी या डग्गामार वाहनों से ही मंजिल तय कर रहे हैंं।

ज्ञानपुर मुख्यालय से छह किमी दूर सरपतहां में जिला न्यायालय है, यहीं जिला मुख्यालय भी और इससे सात किमी दूर कंसापुर गांव में विकास भवन है। तीनों स्थानों पर हर रोज लगभग 4500 लोग रोज पहुंचते हैं। इन्हें इन स्थानों पर पहुंचने के लिए रोज आने जाने में 40 से 50 रुपये खर्च करना पड़ता है। आश्चर्य की बात यह कि कार्यालय नगर पंचायत ज्ञानपुर की सुविधा लेते हैं। पर साधन के नाम पर यहां किसी ने रोडवेज बस या सिटी बस चलवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।

इन स्थानों के लिए निर्धारित समय पर यदि सिटी बस ही चल जाए और आमजन को काफी लाभ मिल जाए। इसके अलावा जिला मुख्यालय से दूसरे जिलों के लिए भी नियमित रोडवेज सेवा का अभाव है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बड़े शहरों के लिए बसें जरूर मिलती हैं, लेकिन कोनिया, छेछुआ, सुरियावां, दुर्गागंज, चौरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाने के लिए लोगों को डग्गामार वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे अधिक किराया, अनियमित सेवा और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी सामने आते हैं।

दो बस अड़डे पर ठहराव किसी बस का नहीं
2008 में जिला मुख्यालय ज्ञानपुर में था। उस समय की बसपा सरकार में परिवहन मंत्री रहे रामअचल राजभर ने ज्ञानपुर में बस अड्डे का उद्घाटन किया था। दो महीने तक यहां से छह बसेें, वाराणसी, प्रयागराज, मीरजापुर, कानपुर, खजुराहो तक बस चली थी। इसे बाद से सारी बसें गायब हो गईं। बाद में जिला मुख्यालय और न्यायालय सरपतहां में चला गया और विकास भवन कंसापुर में बन गया। लोगों को आवागमन में तब से परेशानी शुरू हुई जो अब तक बनी हुई है। भदोही में भी बस अड्डा बना है लेकिन यहां एक भी बसों का न तो ठहराव है न ही यहां से संचालन है।

बोले कारोबारी

जिला सड़क परिवहन के मामले में फिसड्डी बना हुआ है। विवश होकर लोग आटो, डग्गामार वाहनों या रिजर्व वाहन से यात्रा कर रहे हैं। जिले में सिटी बसों का संचालन तो दूर की बात है परिवहन निगम की बस सेवा से भी लोग वंचित है। जबकि भदोही, ज्ञानपुर, औराई में करोडों रुपये खर्च कर रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कराया गया है। - रामू शर्मा, अध्यक्ष रजपुरा कालोनी सेवा समिति

सड़क परिवहन की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण अंचलों के लोगों को काफी परेशानी झेलनी होती है। जौनपुर-मीरजापुर और वाराणसी-प्रयागराज वाया गोपीगंज रोडवेज बसों का संचालन तो हो रहा है लेकिन इसका लाभ जनपदवासियों को नहीं मिल रहा। यह बसे सीधे निकल जाती है और यात्रा बैठे इंतजार करते रहते हैं। - डा. शैलेष कुमार पाठक, चिकित्सक

कचहरी आने वाले वादकारी जब यह कहते हैं कि साहब साधन नहीं मिला, इससे तारीख पर देरी हो गई। वादी की बात सुनकर बड़ा दुख होता है। यह समस्या जड़ कर चुकी है लेकिन जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक इस समस्या को जानबूझकर अंजान बने बैठे हैं। इसके लिए प्रयास होना चाहिए। - सुधाकर पांडेय, अधिवक्ता

सरकार से उम्मीद है कि जिले में सार्वजनिक साधन की व्यवस्था हो जाएगी। हालांकि जनप्रतिनिधि इसके लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। यह आश्चर्य ही है कि जिले में अब तक रोडवेज बसों का संचालन नहीं हाे रहा है। जिला प्रशासन को भी इसके लिए पहल करनी चाहिए। रोडवेज से संबंधित प्रस्ताव शासन में भेजना चाहिए। - अरविंद मौर्य, व्यापारी

डीघ क्षेत्र के वादीकारी न्यायालय आते हैं तो उनकी दशा देखकर मन खिन्न हो उठता है। उन्हें छेछुआ, भुर्रा से आने में चार से पांच साधन बदलने पड़ते हैं। न्यायालय तक पहुंचने में उनका लगभग डेढ़ सौ रुपये खर्च हो जाता है। उसके बाद अपनी तारीख देकर लौटते हैं। यदि बस की सुविधा हो तो उनका समय, पैसा दोनों बचेगा। इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। - शमशाद खान, अधिवक्ता

जिले की स्थापना के तीन दशक के बाद भी परिवहन निगम की बस सेवा से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। भदोही में तीन करोड की लागत से निर्मित रोडवेज बस स्टेशन महज शोपीस बना है। जिले के सीमावर्ती गांवों से जिला मुख्यालय जाने के लिए कोई सीधा साधन नहीं है। कंधिया क्षेत्र के लोगों को मुख्यालय जाने के लिए तीन से चार साधन बदलना पड़ते हैं। - गिरधारी जायसवाल, सभासद

ख्याति के अनुरूप जिले में न तो रेल साधन संतोषजनक है न ही परिवहन व्यवस्था है। इससे आम लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जनहित से जुड़ी गंभीर समस्या न तो चुनावी मुद्दा बनती है न ही जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से लेते हैं। जबकि इसके कारण जिले की 80 प्रतिशत जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। - आरके बोथरा, निर्यातक



जिले में सिटी बस संचालन को लंबी प्रक्रिया है। बस डिपो के लिए विभाग ने शासन में प्रस्ताव भेजा है। मूंसीलाटपुर में डिपो के लिए जमीन चिन्हित की गई है लेकिन राजस्व विभाग ने उसे विभाग के नाम नहीं किया है। जमीन विभाग के नाम हो जाए तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बसों के ठहरने आदि की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।

-
परशुराम पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य परिवहन निगम, वाराणसी
DPM Public School में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह मे मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित, डिजिटल बोर्ड एवं AI
मेरठ।बहसूमा। DPM Public School* , बहसूमा में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा, पूर्व विधायक प्रत्याशी भाजपा एवं 48 मेरठ शहर विधानसभा संयोजक रहे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया जैदी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा, सचिव जगदीश त्यागी एवं प्रधानाचार्य जिया जैदी ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। पुरस्कार प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों ने भी बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की।

डिजिटल शिक्षा की ओर विद्यालय का महत्वपूर्ण कदम :* कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में डिजिटल बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा द्वारा किया गया। विद्यालय में अब डिजिटल बोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक-आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही AI आधारित शिक्षण तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विषयों को अधिक सरल, प्रभावी और रोचक ढंग से समझने में सहायता मिलेगी।

रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन :* समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, वेशभूषा एवं परंपराओं को आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का खूब मनोरंजन किया और सभी ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई।
समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य बने डाक्टर संतोष वर्मा, डॉक्टर बीना सिंह हटाई गई
*जालौन मेडिकल कॉलेज के साथ गोंडा मेडिकल कॉलेज का भी मिला प्रभार

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार देर रात लगभग 9 बजे शासन स्तर से कार्यवाहक प्राचार्य के पद पर बदलाव किया गया।मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉक्टर बीना सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।उनके स्थान पर जालौन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर संतोष वर्मा को नया कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया है।प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन वी हेकाली झिमोमी ने इस संबंध में जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को पत्र भेजा है।शासन की तरफ से जारी आदेश में डॉक्टर संतोष कुमार वर्मा को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है।आदेश के अनुसार उन्हें इस पद के लिए कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं मिलेगा।डाक्टर बीना सिंह के कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।इनमें एमबीबीएस छात्रों का धरना भी शामिल था।शासन स्तर पर हुई कई समीक्षाओं में भी कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई गई थी।डॉक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉक्टर बीना सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया था।इसके बाद मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे और शासन स्तर से भी कॉलेज की स्थिति की समीक्षा की जाती रही।मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर अनिल तिवारी ने कार्यवाहक प्राचार्य बदले जाने की पुष्टि किया है।उन्होंने आशा व्यक्त किया कि नये प्राचार्य की तैनाती से संस्थान के शिक्षण और चिकित्सा प्रबंधन में सुधार होगा।उन्होंने कहा कि डाक्टर संतोष कुमार वर्मा वरिष्ठ चिकित्सक हैं और उनके अनुभव का मेडिकल कॉलेज के छात्रों को भी लाभ मिलेगा।
मऊ में जनपद स्तरीय श्री अन्न मेला व कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन
मऊ में उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय मिलेट्स (श्री अन्न) मेला सह प्रदर्शनी एवं कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम नगर पालिका कम्युनिटी सेंटर, बकवल-मऊ में आयोजित होगा।

कृषि विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती, इसके उपयोग और संभावनाओं के प्रति जागरूक करना है। मेले में मिलेट्स आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इसके साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी जाएगी। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रों और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि विभाग ने किसानों से कार्यक्रम में पहुंचकर विशेषज्ञों से जानकारी लेने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
तेज हवा-बारिश से बिजली आपूर्ति बाधित, कई जगह तारों पर गिरे पेड़
मऊ। तेज हवा और बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। कई स्थानों पर पेड़ विद्युत तारों पर गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही।

सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित क्षेत्रों में तारों पर गिरे पेड़ों की कटाई व उन्हें हटाने का काम शुरू किया। प्रशासन के सहयोग से विभागीय कर्मचारी लगातार राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।

विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने के साथ ही बिजली आपूर्ति को सामान्य करने का प्रयास कर रही हैं।

अधिकारियों के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को लगाया गया है, ताकि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सके।

विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि टूटे हुए बिजली के तारों और विद्युत पोल से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी तरह की समस्या होने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दें।
अयोध्या के दीपोत्सव में 30 से अधिक देशों के भारतीय होंगे आमंत्रित
अयोध्या। रामनगरी में इस वर्ष 5 से 8 नवंबर तक प्रस्तावित दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोजन में 30 से अधिक देशों में रहने वाले भारतीयों को आमंत्रित किए जाने की योजना है। इसके लिए संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से निमंत्रण भेजने की तैयारी की जा रही है।दीपोत्सव में विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों के साथ ही उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने की योजना है। इससे आयोजन के जरिए अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
- पहले भी जुट चुके हैं विदेशी मेहमान
अयोध्या का दीपोत्सव पहले से ही विदेशी मेहमानों के आकर्षण का केंद्र रहा है। पिछले आयोजन में 54 से अधिक देशों के करीब 88 राजनयिक और राजदूत रामनगरी पहुंचे थे। विदेशी प्रतिनिधियों ने सरयू तट पर आयोजित महाआरती में हिस्सा लिया और दीप प्रज्ज्वलित किए।
- दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला भी बनी थीं अतिथि
नवंबर 2018 में दक्षिण कोरिया की तत्कालीन प्रथम महिला किम जंग-सूक दीपोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुई थीं। इसके अलावा थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका, नेपाल और रूस समेत कई देशों के कलाकार व सांस्कृतिक दल अयोध्या में रामलीला और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इस बार भी आयोजन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने की तैयारी है। विदेशी मेहमानों के माध्यम से दीपोत्सव को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के वैश्विक मंच के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
मुहम्मदाबाद गोहना में सड़क के गड्ढे से टोटो पलटा
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कैलेंडर तिराहे के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे के कारण एक टोटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों से आए दिन राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को भरवाने की मांग की है।
मऊ में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, तीन वारंटी गिरफ्तार
मऊ। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मऊ पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए तीन वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया।

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के क्रम में हलधरपुर थाना पुलिस ने वारंटी अभियुक्त नन्दलाल गोंड पुत्र लालचन्द गोंड, निवासी नसीराबाद तथा छोटेलाल गोंड पुत्र लालचन्द गोंड, निवासी नसीराबाद खुर्द को गिरफ्तार किया।

इसी क्रम में दोहरीघाट थाना पुलिस ने वारंटी अभियुक्त रामानन्द सागर पुत्र रामप्यारे, निवासी ग्राम नगरीपार को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष चालान किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों एवं विभिन्न मामलों में वांछित तथा वारंटी अभियुक्तों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मऊ एआई थीम पर सजेगा हिंदी भवन का दुर्गा पूजा पंडाल, 10 से 12 लाख की लागत से तैयार हो रहा भव्य पंडाल
मऊ। नगर के हिंदी भवन स्थित प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल इस बार आधुनिक तकनीक और एआई थीम के साथ श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। पंडाल को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए करीब 10 से 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष पंडाल की थीम में मौजूदा सोशल मीडिया दौर और खासकर युवा पीढ़ी पर इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप के बढ़ते प्रभाव को केंद्र में रखा गया है। धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक और सामाजिक संदेश को जोड़कर पंडाल को एक अलग और आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

पंडाल के मध्य भाग में श्रद्धालुओं को सबसे पहले माता पार्वती और बाबा महादेव के दर्शन होंगे।

इसके बाद पंडाल की थीम और सजावट के माध्यम से आधुनिक तकनीक तथा सोशल मीडिया के प्रभाव को प्रदर्शित किया जाएगा।
पंडाल के निर्माण की तैयारियां करीब डेढ़ माह पहले शुरू कर दी गई थीं।

बंगाल से आए कुशल कारीगरों की टीम दिन-रात मेहनत कर डिजाइन, सजावट और आकर्षक कलाकृतियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। आधुनिक डिजाइन और सजावटी सामग्री के इस्तेमाल से पंडाल को भव्य रूप दिया जा रहा है।

हर वर्ष अपनी अलग थीम और आकर्षक सजावट के लिए पहचान रखने वाला हिंदी भवन का दुर्गा पूजा पंडाल इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है।

नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान मऊ शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
समिति के अनुसार, इस बार पंडाल में धार्मिक आस्था, एआई तकनीक और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

निर्माण कार्य तेजी से जारी है और पंडाल के तैयार होने के बाद इसकी भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।