आजमगढ़ : आरटीओ कार्यालय आजमगढ़ में वाहन फिटनेस बंद, अब इटौरा में सृष्टि मैन पावर सॉल्यूशन पर शुरू हुई फिटनेस
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़। जिले में वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब आरटीओ कार्यालय आजमगढ़ में वाहनों का फिटनेस नहीं किया जाएगा। सरकार की मंशा के अनुरूप वाहनों की फिटनेस के लिए ऑटोमैटिक टेस्टिंग व्यवस्था लागू किए जाने की प्रक्रिया के तहत यह बदलाव किया गया है। अब वाहन स्वामियों को फिटनेस कराने के लिए इटौरा जेल के सामने स्थित सृष्टि मैन पावर सॉल्यूशन जाना होगा। यहां 14 सितंबर से वाहनों की फिटनेस जांच का कार्य निजी स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आजमगढ़ विष्णु दत्त मिश्रा ने बताया कि इटौरा जेल के सामने सृष्टि मैन पावर सॉल्यूशन पर 14 सितंबर से वाहनों की फिटनेस शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले आरटीओ कार्यालय में वाहन फिटनेस के लिए निर्धारित शुल्क लिया जाता था। अब वही निर्धारित शुल्क निजी फिटनेस केंद्र पर ऑनलाइन लिया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए आरटीओ कार्यालय के बजाय निर्धारित निजी केंद्र पर पहुंचना होगा। परिवहन विभाग का कहना है कि ऑटोमैटिक टेस्टिंग व्यवस्था के जरिए वाहनों की फिटनेस जांच को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी आधार पर किया जाएगा।
आजमगढ़ : पत्नी और 2 पंडितों की हत्या के बाद आरोपी और आरोपी के बेटे की भी मौत , अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव की घटना

सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। घर के मालिक अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर अपनी पत्नी और दो पंडितों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने ही बच्चों को घर में बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चों को छुड़ाया। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दुखद यह रहा कि आरोपी की गोली से घायल उसके 8 वर्षीय बेटे की भी अस्पताल में मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार अरविंद सिंह के घर में पिछले तीन-चार दिनों से शांतिपाठ व अन्य धार्मिक पूजा चल रही थी। मंगलवार शाम करीब 6 -7 बजे घर में अरविंद की पत्नी बबीता, उनके बच्चे और तीन पंडित मौजूद थे। इसी दौरान अरविंद बाजार से घर लौटा। घर में पूजा होते देख उसने पंडितों से जानकारी ली और कथित तौर पर उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर कहासुनी और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर अरविंद सिंह ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से पत्नी बबीता और दो पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी कुछ ही देर बाद मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित जान बचाकर मौके से भाग निकले। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को और अपने बच्चों को घर के अंदर बंद कर बच्चो बंधक बना लिया।
घटना की सूचना मिलते ही वाराणसी जोन के एडीजी वाराणसी नवीन अरोड़ा सहित एसपी डॉ. अनिल कुमार ,ग्रामीण पुलिस अधीक्षक चिराग जैन और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें आरोपी अरविंद सिंह गम्भीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बंधक बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया। घायल अवस्था में आरोपी और उसके 8 वर्षीय बेटे हर्ष सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां अरबिंद सिंह और बेटे हर्ष सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जबकि आरोपी के ग्रामीणों के अनुसार आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह की कई साल पहले आपसी रंजिश में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से अरविंद डिप्रेशन में था। उसकी पत्नी बविता सिंह घर में शांति के लिए पूजा-पाठ करवा रही थी, जिसका अरविंद सिंह लगातार विरोध कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आजमगढ़ : महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज सिंह ने माल्यार्पण कर सामाजिक सम्मान का दिया संदेश
मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट
दीदारगंज (आजमगढ़)। जिले के विकास खंड मार्टिनगंज के महुजा मोड़ पर सोमवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख ठाकुर मनोज सिंह एवं पूर्व प्रमुख प्रत्याशी सोनू जायसवाल ने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने समाज के पिछड़े एवं दलित वर्ग के लोगों के सम्मान और अधिकारों की बात कही। पूर्व ब्लाक प्रमुख ठाकुर मनोज सिंह ने कहा कि वह हमेशा पिछड़े, दलित और वंचित समाज के लोगों के हक और सम्मान की आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के दबे-कुचले लोगों को उनका अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने अपने समय में समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके जीवन से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति सम्मान तथा एकजुटता की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर एडवोकेट शशि प्रकाश मिश्रा, बाबी सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, राकेश यादव, राहुल पांडेय, सत्येंद्र मिश्रा फूलेश, दीक्षित राजभर, संतोष राजभर, देव गौड़ा, उमेश राय, अभिषेक मिश्रा बरदह, एडवोकेट बसंत कुमार, रिंकू राजभर, काका राजभर, डब्बू राजभर, संजय राजभर, शिवकुमार राजभर, रामचंद्र राजभर, रामकेश राजभर कुर्थुवा, रामप्रवेश, पूर्व बीडीसी कमलेश राजभर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आजमगढ़ : यूजीसी, एससी एसटी एक्ट हटाने एवं आरक्षण आर्थिक आधार की मांग को लेकर सवर्णों ने सौंपा ज्ञापन
मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट
दीदारगंज (आजमगढ़ ) ।मार्टिनगंज ब्लॉक सभागार में आज सुबह 11 बजे पत्रकार बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे सैंकड़ों सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी, एससी एसटी एवं आरक्षण के विरोध में बैठक एवं प्रदर्शन किया जहाँ सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पूर्व से ही मौजूद थाना प्रभारी दीदारगंज जयप्रकाश यादव एवं वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनिल सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। वहीं उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता के निर्देश पर न्यायिक तहसीलदार ने धरना स्थल में पहुंच सवर्ण समाज की मांगों को सुना एवं धरनारत बैठे कार्यक्रम के नेतृत्व कर्ता जर्नलिस्ट बृजेश कुमार सिंह ने संभ्रांत गणों के साथ न्यायिक तहसीलदार विजय प्रकाश श्रीवास्तव को राष्ट्रपति महोदया के नाम 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए कहा की यूजीसी कानून कानून वापस हो, एससी एसटी एक्ट समाप्त कर समान नागरिकता कानून लाया जाय और आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार लागू किया जाय जिससे लोगों में भेद भाव समाप्त हो , संपूर्ण समाज के लोग समानता का जीवन जी सकें ।अब भारत सवर्ण समाज सरकार की तानाशाही सहन नहीं करेगा यदि यह भेद भाव रहित काला कानून वापस नहीं हुआ तो हम सभी आगे बड़ा आंदोलन करेंगे जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। जहां उपस्थित रहे गिरिजा शंकर राय, अभिषेक मिश्रा, उमेश राय, लल्लन शुक्ला, कुलदीप सिंह, बृजेश पाठक, विजय यादव, संदीप विश्वकर्मा, अजीत सिंह, शिवगोविंद सिंह, बिरू सिंह, अजय सिंह, अनिलकांत राय, जयप्रकाश राय, शुभम विश्वकर्मा, रामायण सिंह, मंगल मिश्रा, अनीश खान, बिक्की सिंह आदि
आजमगढ़ : भाजपा नेता ग्रामीणों ने किया माहुल के ईओ की शिकायत, नाराज ब्राह्मणों को मनाने पूरामया पहुंचे भाजपा नेता रमाकांत मिश्र
 
सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़। नगर पंचायत माहुल के वार्ड न चार पूरामया पांडेय में बेसहारा पशुओं से परेशान और विकास में शौतेलेपन से नाराज ब्राह्मण समाज द्वारा भाजपा छोड़ने की धमकी देने के तीन दिन बाद रविवार को उन्हें मनाने भाजपा श्रम प्रकोष्ठ के गोरखपुर के क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्र पूरामया पहुंचे वहां पहुंच कर उन्होंने समस्याओं के निराकरण का वार्ड वासियों को भरोसा दिलाया।ग्रामीणों ने उन्हें अधिशासी अधिकारी खिलाफ मंडलायुक्त को संबोधित एक ज्ञापन दिया। ज्ञात हो कि पूरामया पांडेय में 70 घर ब्राह्मण है।इनमें ज्यादातर किसान है।आए दिन किसानों की फसलों को बेसहारा पशु झुंड में आकर नुकसान पहुंचाते है लोग रत जगा कर रहे।इस वार्ड के ज्यादातर रास्ते और नालिया कच्ची है। जिससे लोग काफी परेशान है।उनके द्वारा कई बार नगर पंचायत प्रशासन से समस्या निराकरण के लिए कहा गया पर अधिशासी अधिकारी अनसुना कर देते है।जिससे नाराज हो कर इनके द्वारा गुरुवार को सामूहिक रूप से भाजपा छोड़ने और इन्हें वोट न देने की घोषणा की गई थी।ब्राह्मणों के नाराज होने की सूचना मिलते ही भाजपा नेता रमाकांत मिश्र पूरामया पांडेय पहुंचे और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया।उन्होंने यह भी कहा कि पूरामया पांडेय हमारा परिवार है और यह हमसे नाराज नहीं है।नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी किसी के कहने पर यदि ऐसा कर रहे तो वे इसका खामियाजा भुगतेगे नागरिकों ने मंडलायुक्त को संबोधित एक पत्रक भी रमाकांत मिश्र को दिया।जिसमें नाले नालियों का निर्माण बेसहारा पशुओं से मुक्ति,स्ट्रीट लाइट आदि का न जलना आदि समस्याओं के निजात की मांग किया। इस अवसर पर बीजेपी लालगंज के पूर्व मंत्री दिलीप सिंह, मंडल अध्यक्ष विमलेश पांडेय,योगेश पांडेय,सत्यप्रकाश पांडेय, राणा शर्मा ,कृष्ण मोहन पांडेय,श्रवण कुमार पांडेय,राजकुमार पांडेय विक्रांत पांडेय, सभासद शिवा शर्मा,ब्रह्मेश्वर पांडेय आदि रहे।
आजमगढ़ : विश्वकर्मा पूजा पर भव्य भंडारा, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर लिया भाईचारे का संदेश
(खालिद खान की रिपोर्ट)
दीदारगंज (आजमगढ़)। विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर पल्थी रोड स्थित हुब्बीगंज के बगल में पैंदापुर स्थान पर श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत क्षेत्र राजापुर वार्ड नंबर 33 के वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव, शोभनाथ यादव, हिमांशु यादव तथा डिम्पल उर्फ विवेक, राजापुर के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। आयोजकों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने पहुंचकर प्रसाद एवं भोजन ग्रहण किया। इस अवसर पर कमलाकांत विधायक, पूर्व विधायक आदिल शेख, मृगांक उर्फ टाइगर यादव, राजकुमार गौतम, कासिफ अब्बास, सलीम खान, फरमान हैदर, पल्थी से भावी प्रत्याशी रफीउद्दीन उर्फ लाडले, विधानसभा प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव दीदारगंज शैलेंद्र सिंह गुड्डू, सुभाषपा विधानसभा अध्यक्ष रमेश राजभर, शैलेश प्रधान बीबीगंज, शेखवलिया, मटियार सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दीदारगंज थाना प्रभारी जय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौजूद रहा। आयोजक वेद प्रकाश उर्फ गोरख यादव, उनके बड़े भाई सत्य प्रकाश यादव, ओम प्रकाश यादव और जय प्रकाश यादव ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए सभी को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, सेवा और उत्साह का माहौल रहा। अंत में आयोजकों ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़ : माहुल स्थित अशरफिया इंटर कॉलेज में 200 छात्रों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू से बचाव के बताए उपाय
सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।  जिले के माहुल स्थित अशरफिया इंटर कॉलेज में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौला की स्वास्थ्य टीम ने करीब 200 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव के उपाय बताए और स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूक किया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. नसीम खान, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सत्य विजय पाण्डेय, आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा कबीर तथा ए एन एम चंदा गौतम ने छात्रों की जांच की। चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए साफ-सफाई, सावधानी और संक्रमण से बचने के आवश्यक उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को दंत रोगों से बचाव, फिजियोथेरेपी तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चिकित्सकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के सेक्रेटरी मोहम्मद अतहर, कार्यवाहक प्रधानाचार्य अमीर खुसरो, अरुण मिश्रा, जीशान अहमद, अशोक सिंह, अदील अहमद, मुशीर अहमद, राकेश यादव सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
आजमगढ़ : पेड़ से टकराई अनियंत्रित कार, तीन किशोरों की मौत से मचा कोहराम हादसे में छह घायल, दो की हालत गंभीर ,फूलपुर कस्बे में पसरा मातम

सिद्धेश्वर पांडेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर पेट्रोल पंप के पास मंगलवार भोर करीब चार बजे एक भीषण सड़क हादसे में तीन किशोरों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब नौ लोगों से भरी अनियंत्रित कार सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग उसमें फंस गए। सूचना मिलते ही फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकलवाया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल दो युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं चार अन्य घायलों को मामूली चोटें आईं और उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हादसे में निखिल मद्धेशिया 17 वर्ष पुत्र रामफेर, लकी सोनकर 16 वर्ष पुत्र अनिल सोनकर और सत्यम मोदनवाल 17 वर्ष पुत्र नाटे, सभी निवासी फूलपुर कस्बा, की मौत हो गई। जबकि सक्षम बरनवाल 17 वर्ष पुत्र त्रिभुवन बरनवाल और अंश सोनकर 16 वर्ष पुत्र लालचंद सोनकर गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। कार में सवार सभी लोग फूलपुर कस्बा के निवासी बताए गए हैं। तीन किशोरों की एक साथ मौत की खबर से पूरे कस्बे में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरन पाल सिंह ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे सभी लोगों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
आजमगढ़ : पूर्वांचल की मिट्टी से निकले दिनेश कान्त यादव, संघर्ष और सेवा को बनाया पहचान
नवोदय से दिल्ली विश्वविद्यालय तक का सफर
वकालत के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय
सिद्धेश्वर पांडेय
   व्यूरो चीफ

आजमगढ़ । पूर्वांचल की धरती ने राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अनेक प्रतिभाएं दी हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ जिले से जुड़े दिनेश कान्त यादव का नाम भी सामने आता है। पूर्व सांसद उमाकांत यादव के पुत्र दिनेश ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के साथ अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर ,आजमगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। उनके शैक्षिक सफर में बीए ऑनर्स, एमए, एमबीए, बीएड, एलएलबी और ग्रामीण विकास जैसी पढ़ाई शामिल है।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में चुना। जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने के साथ वह शिव मंदिर और हनुमान मंदिर ट्रस्ट, भादी के अध्यक्ष के रूप में भी धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। कोरोना काल में सेवा का दावा वर्ष 2020 के कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का दावा भी दिनेश से जुड़े लोग करते हैं।

बताया जाता है कि उस दौर में शाहगंज समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में लोगों की मदद के लिए खाद्यान्न वितरित किया गया। कानूनी लड़ाई भी रही चर्चा में दिनेश कान्त यादव के जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष 2020 में सामने आया, जब उनके खिलाफ बदलापुर पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। उनके पक्ष की ओर से इसे गलत और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ी कार्रवाई बताया गया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद 17 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई समाप्त किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम को दिनेश के समर्थक उनके संघर्ष और कानूनी अधिकारों की लड़ाई के उदाहरण के रूप में देखते हैं। दिनेश कान्त यादव की कहानी शिक्षा, वकालत, सामाजिक सेवा और राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के मेल की कहानी के रूप में प्रस्तुत की जाती है। पूर्वांचल में युवाओं के बीच उनकी सक्रियता को लेकर समर्थकों को उनसे आगे भी सामाजिक और जनसेवा के क्षेत्र में भूमिका की उम्मीद है।
आजमगढ़ : पूर्वांचल की मिट्टी से निकले दिनेश कान्त यादव, संघर्ष और सेवा को बनाया पहचान

नवोदय से दिल्ली विश्वविद्यालय तक का सफर, वकालत के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय
सिद्धेश्वर पांडेय (व्यूरो चीफ )-
आजमगढ़ । पूर्वांचल की धरती ने राजनीति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में अनेक प्रतिभाएं दी हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ जिले से जुड़े दिनेश कान्त यादव का नाम भी सामने आता है। पूर्व सांसद उमाकांत यादव के पुत्र दिनेश ने शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के साथ अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर ,आजमगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। उनके शैक्षिक सफर में बीए ऑनर्स, एमए, एमबीए, बीएड, एलएलबी और ग्रामीण विकास जैसी पढ़ाई शामिल है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में चुना। जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने के साथ वह शिव मंदिर और हनुमान मंदिर ट्रस्ट, भादी के अध्यक्ष के रूप में भी धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। कोरोना काल में सेवा का दावा वर्ष 2020 के कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में जरूरतमंद परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का दावा भी दिनेश से जुड़े लोग करते हैं। बताया जाता है कि उस दौर में शाहगंज समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में लोगों की मदद के लिए खाद्यान्न वितरित किया गया। कानूनी लड़ाई भी रही चर्चा में दिनेश कान्त यादव के जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय वर्ष 2020 में सामने आया, जब उनके खिलाफ बदलापुर पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। उनके पक्ष की ओर से इसे गलत और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ी कार्रवाई बताया गया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद 17 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश से गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई समाप्त किए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम को दिनेश के समर्थक उनके संघर्ष और कानूनी अधिकारों की लड़ाई के उदाहरण के रूप में देखते हैं। दिनेश कान्त यादव की कहानी शिक्षा, वकालत, सामाजिक सेवा और राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के मेल की कहानी के रूप में प्रस्तुत की जाती है। पूर्वांचल में युवाओं के बीच उनकी सक्रियता को लेकर समर्थकों को उनसे आगे भी सामाजिक और जनसेवा के क्षेत्र में भूमिका की उम्मीद है।