पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया, जानें इस पैंतरे की पीछे की वजह
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पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(एफआईए) ने अपनी वेबसाइट पर 2026 की "रेड बुक- मोस्ट वॉन्डेट हाई प्रोफ़ाइल टेररिस्ट' लिस्ट जारी की है। इसमें आतंकी मसूद अज़हर का नाम भी है। जिसमें उसकी गिरफ़्तारी के लिए सूचना देने पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये देने का इनाम भी रखा गया है।
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इनाम की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख किया
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने एफआईए ने अपनी नई 'रेड बुक' में जेश जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित किया है। उसके सिर पर घोषित इनाम को भी बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपए कर दिया गया है। पहले ये इनामी राशि 50 लाख पाकिस्तानी रुपए थी। अजहर को 2021 में भी भगोड़ा घोषित किया था और 50 लाख इनाम रखा था। मसूद अजहर भारत में संसद के अलावा 2016 पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 पुलवामा अटैक में भी आरोपी है।
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रेड बुक में दी जाती है हाई-प्रोफ़ाइल आतंकवादियों की जानकारी
रेड बुक पाकिस्तान की एफआईए की ऐसी सूची है, जिसमें देश के मोस्ट वॉन्टेड और हाई-प्रोफ़ाइल आतंकवादियों के बारे में जानकारी दर्ज की जाती है। इसमें उन लोगों की तस्वीर, पहचान, संगठन से जुड़ाव, मामलों की जानकारी और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी जैसी चीज़ें दी जाती हैं। यह कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए एक वॉन्टेड-टेररिस्ट डेटाबेस/रिकॉर्ड की तरह काम करती है। एफआईए का काउंटर टेररिज़्म विंग इसे तैयार करता है। एफआईए की नई रेड बुक में 26-11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने हमले के लिए आतंकियों को समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचाने में मदद की, उन्हें आर्थिक सहायता दी या अभियान के प्रबंधन में भूमिका निभाई। इनमें से 17 आतंकियों के नाम के साथ उनकी तस्वीर और 26-11 हमले में उनकी भूमिका का विवरण दिया गया है। लेकिन दो मामलों में पाकिस्तान ने अहम जानकारियां हटा दी हैं।
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एफएटीएफ की बैठक से मसूद पर कार्रवाई
मसूद अजहर का नाम इस लिस्ट में आने को एफ़एटीएफ़ (फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स) रिव्यू से जोड़कर देखा जा रहा है। एफएटीएफ की अक्टूबर में होने वाली प्लीनरी से पहले पाकिस्तान की कार्रवाई दिखावे के तौर पर देखी जा रही है। इससे पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखाने की कोशिश कर सकता है कि वह आतंकवाद और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कदम उठा रहा है। पाकिस्तान पहले एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रह चुका है। इस दौरान उस पर आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव था। अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया था। अब अक्टूबर में एफएटीएफ की बैठक होने वाली है। ऐसे में मसूद अजहर जैसे आतंकी के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा पाकिस्तान के लिए अहम मानी जा रही है।










2 hours and 34 min ago
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