हजारीबाग की दो बेटियों का ब्राजील की अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयन

हजारीबाग। हजारीबाग की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हजारीबाग में रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं दो युवा एथलीट पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी का चयन अंडर-17 विश्व विद्यालयीन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए झारखंड टीम में हुआ है। प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 3 से 8 दिसंबर तक ब्राजील के जेनेवा में किया जाएगा। दोनों खिलाड़ियों के चयन से जिले के खेलप्रेमियों में खुशी का माहौल है।

प्रतियोगिता के लिए झारखंड के कुल 11 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। इनमें हजारीबाग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं पृथ्वी उरांव लंबी कूद और अनौखी कुमारी 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। दोनों खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत, लगन और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

गुमला की रहने वाली पृथ्वी उरांव पिछले करीब तीन वर्षों से हजारीबाग में रहकर लंबी कूद का प्रशिक्षण ले रही हैं। उनके पिता किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। साधारण पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद पृथ्वी ने खेल के प्रति अपनी लगन और मेहनत को जारी रखा। मैदान पर नियमित अभ्यास और प्रदर्शन में लगातार सुधार की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।

वहीं रांची की रहने वाली अनौखी कुमारी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में अपनी जगह बनाई है। उनके पिता कृषि कार्य से जुड़े हैं और मां गृहिणी हैं। अनौखी भी हजारीबाग में रहकर नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।

दोनों खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षक नीरज रॉय और अनुकंपा रूंडा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, गति, फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए लगातार अभ्यास किया। लंबे समय से की जा रही मेहनत का परिणाम है कि उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।

राज्य की आवासीय खेल व्यवस्था भी इन खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। आवासीय सुविधा और नियमित प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी खेल विधा में बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है। इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर पृथ्वी और अनौखी लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटी हैं।

ब्राजील रवाना होने से पहले दोनों खिलाड़ियों के लिए गोवा में करीब ढाई महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और प्रदर्शन को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके बाद दोनों खिलाड़ी ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक ट्रैक पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

इस उपलब्धि पर हजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सह युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने अपने कार्यालय परिसर में पृथ्वी उरांव और अनौखी कुमारी को सम्मानित किया। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हजारीबाग में प्रशिक्षण लेकर दो बेटियों का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ब्राजील तक पहुंचाने और उनकी तैयारी में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

हर्ष अजमेरा ने कहा कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। जरूरत है उसे सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए बेहतर प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करने की कामना की।

पृथ्वी उरांव की लंबी छलांग हो या अनौखी कुमारी की बाधा दौड़ में रफ्तार, दोनों की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार का विश्वास और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन है। किसान परिवार से आने वाली इन दोनों बेटियों का हजारीबाग से निकलकर ब्राजील के अंतरराष्ट्रीय ट्रैक तक पहुंचना जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। अब दोनों खिलाड़ियों की नजर ब्राजील में शानदार प्रदर्शन कर देश और झारखंड का नाम रोशन करने पर है।

बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति की 26वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी

हजारीबाग। मां दुर्गा की भक्ति और आस्था से जुड़ी बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति इस वर्ष अपनी 26वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में महासमिति की दूसरी बैठक सचिव दीप नारायण निषाद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत मां दुर्गा के जयकारों और जय माता दी के उद्घोष के साथ हुई।

बैठक में आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य, दिव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने को लेकर विभिन्न तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्ष 2001 में स्थापना के बाद से बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करती आ रही है। 26 वर्षों की यह धार्मिक परंपरा शहर में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। महासमिति का प्रयास है कि इस वर्ष पूजा आयोजन को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आस्था और भक्ति से सराबोर वातावरण मिल सके।

महासमिति की ओर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए लॉटरी ड्रा कूपन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न आकर्षक पुरस्कार शामिल रहेंगे। इसके माध्यम से पूजा में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और उमंग का माहौल बनाने की तैयारी है।

नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के दौरान बड़ा बाजार और आसपास का क्षेत्र माता रानी की भक्ति में डूबा रहता है। जयकारों और विभिन्न धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। महासमिति के सदस्य इसी धार्मिक परंपरा को और समृद्ध करते हुए इस वर्ष पूजा आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

महासमिति में 600 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। विशेष बात यह है कि महासमिति अपने सदस्यों से प्राप्त सदस्यता शुल्क के माध्यम से पूजा-अर्चना और आयोजन की व्यवस्थाओं का संचालन करती है। सभी सदस्य आपसी सहयोग और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।

महासमिति के सचिव दीप नारायण निषाद ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से इस वर्ष पूजा-अर्चना और भी भव्य एवं दिव्य रूप से संपन्न होगी। महासमिति की 26वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और उत्साह को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी लॉटरी ड्रा कूपन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न आकर्षक पुरस्कार शामिल रहेंगे।

बैठक में सचिव दीप नारायण निषाद के अलावा बालगोविंद निषाद, दिलीप जायसवाल, पवन रावत खण्डेलवाल, नरेश निषाद, प्रमोद खण्डेलवाल, दिलीप सोनी, महेंद्र गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, गुड्डन सोनकर, उपेंद्र सिन्हा, राजेश सिन्हा, लक्ष्मण निषाद, रितेश खण्डेलवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

कटकमसांडी में सांसद मनीष जायसवाल का तूफानी दौरा, धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में हुए शामिल

कटकमसांडी। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने मंगलवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के कटकमसांडी प्रखंड के पश्चिमी मंडल के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान वे गणेश पूजा, ब्रह्मभोज सहित कई धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए हरसंभव पहल का भरोसा दिलाया।

सांसद ने अपने दौरे की शुरुआत कटकमसांडी चट्टी से की। यहां गणेश पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए श्रद्धालुओं को गणेश पूजा की शुभकामनाएं दीं।

इसके बाद वे हेसाकुदर गांव पहुंचे, जहां आदित्य यादव के पिता के निधन के बाद आयोजित ब्रह्मभोज में शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही परिजनों को हर परिस्थिति में सहयोग का भरोसा दिया।

इसके बाद सांसद ग्राम पंचायत शाहपुर पहुंचे। यहां गणपति पूजा के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और प्रसाद वितरण में भी सहभागिता की।

दौरे के क्रम में सांसद ढौठवा, मारीगढ़ा और कोनहर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सांसद ने ग्रामीणों के बीच बैठकर क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने सकारात्मक पहल करते हुए हरसंभव समाधान का आश्वासन दिया।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के सुख-दुःख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना उनका दायित्व है।

दौरे के अंतिम चरण में सांसद ग्राम पंचायत आराभुसाई पहुंचे। यहां स्थानीय मुखिया आदित्य दांगी की माता के निधन के बाद आयोजित ब्रह्मभोज में शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

सांसद के दौरे के दौरान धार्मिक आयोजनों में पूजा-अर्चना, शोकाकुल परिवारों से मुलाकात और ग्रामीणों के साथ संवाद का क्रम जारी रहा। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं और स्थानीय आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। दौरे में जिला सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, जिला सह सांसद प्रतिनिधि जीवन मेहता, सदर विधानसभा सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा, पश्चिमी मंडल अध्यक्ष कैलाश यादव, सांसद प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार बीरू, प्रेम प्रसाद, पूर्व सांसद प्रतिनिधि मुनेश ठाकुर, मुखिया नारायण साव सहित भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

कटकमसांडी में हत्या मामले का खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार

हजारीबाग। कटकमसांडी थाना क्षेत्र के ग्राम तोरार में 6 सितंबर की रात हुई जगेश्वर भुईयां की हत्या के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे अवैध संबंध का आरोप सामने आया है।

मृतक की पत्नी फूलमती देवी के आवेदन के आधार पर कटकमसांडी थाना में कांड संख्या 140/26, दिनांक 07.09.2026 के तहत धारा 103(1)/3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय के नेतृत्व में SIT टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व में इस हत्याकांड में शामिल दो अभियुक्तों मंगरा कच्छप और रतन कुजूर को गिरफ्तार किया था।

इसी क्रम में आगे की जांच और छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 सितंबर 2026 को दो अन्य अभियुक्तों विकास मंडू और प्रकाश मंडू को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में विकास मंडू, पिता जगन मंडू तथा प्रकाश मंडू, पिता अशोक मंडू, दोनों ग्राम बेला, पोस्ट शाहपुर, थाना कटकमसांडी, जिला हजारीबाग के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है

हनुमान अंश फिल्म के सामूहिक दर्शन से भक्तिमय हुआ माहौल

हजारीबाग। हजारीबाग यूथ विंग के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने शहर स्थित लक्ष्मी सिनेमा हॉल में सामूहिक रूप से ‘हनुमान अंश’ फिल्म का दर्शन किया। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निर्देश एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम भक्ति, परिवार और सामाजिक एकजुटता का सुंदर उदाहरण बना।

फिल्म देखने से पहले सभी सदस्य एवं परिवारजन सिनेमा हॉल के बाहर एकत्र हुए, जहां सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद सीताराम के जयघोष के बीच सभी ने सिनेमा हॉल में प्रवेश किया और एक साथ बैठकर फिल्म का आनंद लिया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के कारण पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा।

‘हनुमान अंश’ महान संत नीम करौली बाबा (नीब करौरी बाबा) के जीवन और भगवान श्रीहनुमान के प्रति उनके अटूट समर्पण पर आधारित फिल्म है। फिल्म में संत नीम करौली बाबा के जीवन के संघर्ष, साधना और उनसे जुड़ी चमत्कारों की मान्यताओं के साथ प्रेम, सेवा, मानवता तथा ईश्वर के प्रति समर्पण जैसे भावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। फिल्म के माध्यम से भक्ति और मानव सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाने का संदेश भी दिया गया है।

फिल्म का भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी…’ भी दर्शकों के बीच विशेष रूप से भावपूर्ण रहा। सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने पूरी श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भावना के साथ फिल्म देखी तथा इसके संदेश की सराहना की।

इस अवसर पर हजारीबाग यूथ विंग के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के बाद सभी ने पूरी भक्ति भावना और आनंद के साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म का आनंद लिया। ऐसे आयोजन युवाओं को भक्ति, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सार्थक माध्यम हैं।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि परिवारजनों और सदस्यों के साथ सामूहिक रूप से फिल्म देखना बेहद आनंददायक रहा। भक्ति, संस्कार और मनोरंजन का यह सुंदर संगम सभी के लिए यादगार रहा।

हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आयोजित इस सामूहिक फिल्म दर्शन का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से युवाओं और परिवारों को एक साथ जोड़ना तथा प्रेम, सेवा, मानवता, भक्ति और संस्कार जैसे मूल्यों के प्रति सकारात्मक भाव जागृत करना भी था। फिल्म से पहले हुए सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ ने पूरे आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।

दिल्ली के ब्रजधाम महोत्सव में हजारीबाग का तरंग ग्रुप सम्मानित

हजारीबाग। कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में लगातार सक्रिय तरंग ग्रुप, हजारीबाग को दिल्ली के द्वारका में आयोजित आत्मनिर्भर दिल्ली सह ब्रजधाम महोत्सव में सम्मानित किया गया। 6 से 11 सितंबर तक आयोजित छह दिवसीय महोत्सव का आयोजन बिरसा मुंडा जनकल्याण प्रचार अभियान के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया।

महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए करीब 70 स्टॉल लगाए। इसके अलावा प्रत्येक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के कलाकारों एवं सांस्कृतिक समूहों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित किया।

कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में तरंग ग्रुप की निरंतर सक्रियता और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान को देखते हुए संस्था को सम्मान प्रदान किया गया। तरंग ग्रुप के निदेशक अमित कुमार गुप्ता ने आयोजन समिति की ओर से प्रदान किया गया सम्मान ग्रहण किया।

तरंग ग्रुप लंबे समय से नृत्य, संगीत, रंगमंच, लोककला, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से सक्रिय है। संस्था का उद्देश्य कलाकारों और नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के साथ भारतीय कला एवं संस्कृति को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना रहा है।

अमित कुमार गुप्ता ने सम्मान के लिए आयोजन समिति के प्रचार अभियान प्रमुख राजमणि कुमार एवं रामकिशोर सावंत के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कलाकारों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं को प्रोत्साहित कर राष्ट्रीय मंच प्रदान करना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन कलाकारों को नई ऊर्जा देने के साथ देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में मिले इस सम्मान से पूर्व 15 अगस्त 2026 को हजारीबाग में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में भी तरंग ग्रुप के निदेशक अमित कुमार गुप्ता को सम्मानित किया जा चुका है।

तरंग ग्रुप ने प्राप्त सम्मान को संस्था के सभी कलाकारों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों को समर्पित करते हुए कहा कि भविष्य में भी हजारीबाग की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए संस्था निरंतर कार्य करती रहेगी।

किसान परिवार से निकले सपन कुमार महथा ने पुलिस सेवा में बनाई अलग पहचान

प्रस्तुति : रंजन चौधरी

सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र

हजारीबाग। पुलिस की वर्दी सिर्फ एक पोशाक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन, कानून के प्रति निष्ठा और समाज के प्रति कर्तव्य का प्रतीक है। इसी वर्दी को पहनकर कई पुलिस पदाधिकारी अपनी सेवा पूरी करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनकी पहचान पद और वर्दी से आगे बढ़कर उनके व्यवहार, साहस, संवेदनशीलता और जनसेवा से बनती है। झारखंड पुलिस के इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा ऐसे ही पुलिस पदाधिकारी हैं।

बोकारो जिले के चंदनकियारी की मिट्टी से निकलकर वर्ष 1994 बैच में बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में सेवा शुरू करने वाले सपन कुमार महथा आज हजारीबाग जिले में सर्किल इंस्पेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके लंबे सेवाकाल में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी के साथ कम्युनिटी पुलिसिंग, मानवीय संवेदना और साहस के कई उदाहरण देखने को मिलते हैं।

किसान परिवार में जन्म, संघर्षों के बीच पढ़ाई

सपन कुमार महथा का जन्म 11 सितंबर 1971 को चंदनकियारी प्रखंड के चंडीपुर गांव में एक सामान्य किसान परिवार में हुआ। उनके पिता धान और सब्जी की खेती करते थे, जबकि मां साझा में बकरी और बत्तख पालकर उनके अंडे बेचती थीं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी।

उन्होंने चंडीपुर प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद मध्य विद्यालय चंदनकियारी और उच्च विद्यालय चंदनकियारी से पढ़ाई की। वर्ष 1986 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बोकारो स्टील कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

उनके विद्यार्थी जीवन का एक प्रसंग उनके संघर्ष को बयां करता है। कॉलेज जाने के लिए साइकिल की जरूरत थी, लेकिन परिवार के पास इसके लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। तब उनकी मां ने साझा में मिले बकरी और बत्तख के अंडे बेचकर 100 रुपये में सेकंड हैंड साइकिल खरीदी। यही साइकिल उनके लिए केवल कॉलेज आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि सपनों की ओर बढ़ने का माध्यम बनी।

सात लाख के इनामी अपराधी की गिरफ्तारी से मिली पहचान

वर्ष 1994 में बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में सेवा शुरू करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग नालंदा जिले में हुई। सेवा के शुरुआती दौर में ही उन्होंने सात लाख रुपये के इनामी फरार अपराधी सूरजभान सिंह की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में सूरजभान सिंह राजनीति में आए और सांसद भी बने।

इसके बाद सपन कुमार महथा ने नालंदा, दुमका, स्पेशल ब्रांच, मुख्यमंत्री सुरक्षा, धनबाद, लातेहार, रांची और सीआईडी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर सेवाएं दीं। झारखंड गठन के बाद राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की मुख्यमंत्री सुरक्षा में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई।

हजारीबाग में उन्होंने सदर थाना प्रभारी और विष्णुगढ़ थाना प्रभारी के रूप में भी कार्य किया। विष्णुगढ़ थाना प्रभारी रहते हुए नवादा में बालिका की नरबलि की चर्चित घटना के उद्भेदन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में वे पेलावल सर्किल इंस्पेक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

कोरोना काल में पुलिस की वर्दी ने दिखाया इंसानियत का चेहरा

सपन कुमार महथा के सेवाकाल का सबसे संवेदनशील अध्याय कोरोना संक्रमण का दौर रहा। उस समय वे रांची के बरियातू थाना प्रभारी के रूप में पदस्थापित थे। संक्रमण के भय के कारण लोग घरों से निकलने से डर रहे थे और अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के सामने गंभीर संकट खड़ा था।

ऐसे समय में उन्होंने पुलिस की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद का बीड़ा उठाया। मेडिकल सहायता, दवाइयां और भोजन उपलब्ध कराने के साथ करीब 98 दिनों तक थाना परिसर में जरूरतमंदों और मरीजों के परिजनों के लिए नि:शुल्क भोजनालय संचालित कराया।

कोरोना काल में रिम्स समेत अन्य अस्पतालों में कई मरीजों की मृत्यु हुई, जिनके परिजन समय पर अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंच सके। ऐसे मामलों में सपन कुमार महथा ने मृतकों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दिलाने में भी सहयोग किया। देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी लोग उन्हें फोन कर अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में मदद की गुहार लगाते थे।

कई मामलों में उन्होंने निजी खर्च और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अंतिम संस्कार कराया। लॉकडाउन के दौरान धनबाद के कतरास में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार में सहयोग करना भी उनके मानवीय पक्ष का उदाहरण रहा।

नक्सल मुठभेड़ में दिखाया अदम्य साहस

सपन कुमार महथा की सेवा यात्रा केवल संवेदनशीलता ही नहीं, बल्कि साहस की भी मिसाल है। नेतरहाट क्षेत्र में नक्सलियों के साथ हुई एक मुठभेड़ के दौरान उनके करीब एक दर्जन साथी जवान संकट में थे। परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने भी उन्हें आगे नहीं जाने की सलाह दी थी और आर्मी फोर्स ने भी तत्काल वहां जाने से इनकार किया था।

इसके बावजूद सपन कुमार महथा अपने साथियों को संकट में छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने जोखिम उठाते हुए उनकी मदद के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया। बाद में आर्मी फोर्स और अन्य पुलिस जवान भी वहां पहुंचे। मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ, जबकि अन्य जवान सुरक्षित निकल सके।

कम्युनिटी पुलिसिंग को मानते हैं पुलिसिंग का अहम हिस्सा

सपन कुमार महथा पुलिसिंग को केवल अपराध और अपराधियों से निपटने तक सीमित नहीं मानते। आम लोगों से संवाद, पीड़ितों की सुनवाई और जरूरतमंदों की मदद को वे पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

जहां भी पदस्थापित रहे, उन्होंने लोगों से सीधे जुड़ने का प्रयास किया। जनप्रतिनिधियों, मीडिया, आम जनता और अपने सहकर्मियों के साथ समन्वय बनाकर काम करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। कोरोना काल में रांची में बने उनके सामाजिक संबंध आज भी जरूरतमंद लोगों के काम आ रहे हैं।

जन्मभूमि से आज भी कायम है गहरा रिश्ता

लंबे पुलिस सेवाकाल और विभिन्न पदस्थापनाओं के बावजूद चंदनकियारी से उनका रिश्ता आज भी उतना ही मजबूत है। सहज, सरल, मिलनसार और मृदुभाषी स्वभाव के कारण वे अपने क्षेत्र के लोगों के बीच सहजता से घुल-मिल जाते हैं।

उनकी पत्नी सुषमा देवी बोकारो जिला परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में जिला परिषद सदस्य हैं। उनकी बहन भी चंदनकियारी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। सामाजिक जीवन में सक्रियता और लोगों से जुड़ाव के कारण चंदनकियारी क्षेत्र में उनकी अपनी अलग पहचान बनी हुई है।

वर्दी की असली पहचान इंसानियत से

सपन कुमार महथा की सेवा यात्रा बताती है कि किसी पुलिस अधिकारी की पहचान केवल उसके पद, रैंक या पदस्थापना से नहीं होती। असली पहचान इस बात से होती है कि कठिन समय में उसने किसका साथ दिया, संकट में किसका हाथ थामा और कर्तव्य निभाते हुए कितनी बार स्वयं जोखिम उठाया।

एक किसान परिवार में जन्मे उस बच्चे की कहानी, जिसकी मां ने बकरी और बत्तख के अंडे बेचकर 100 रुपये में साइकिल खरीदी थी, आज संघर्ष, सफलता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदना की कहानी बन चुकी है।

11 सितंबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना के साथ समाज और पुलिस सेवा के प्रति उनके समर्पण को सलाम।

झारखंड फुटबॉल संघ की बैठक और नई कमेटी को लेकर पुराने खिलाड़ियों में नाराजगी

हजारीबाग। झारखंड फुटबॉल संघ की ओर से हजारीबाग में आयोजित बैठक और नई कमेटी के गठन को लेकर जिले के पुराने फुटबॉल खिलाड़ियों, कोच, रेफरी एवं संघ के पूर्व सदस्यों में नाराजगी है। पुराने खिलाड़ियों और संघ से जुड़े सदस्यों ने बैठक में शामिल लोगों तथा नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

पूर्व सदस्यों का आरोप है कि बैठक में ऐसे लोगों को भी बुलाया गया, जो पूर्व में संघ के सदस्य नहीं रहे हैं। कुछ लोगों को पुराने खिलाड़ियों ने फुटबॉल गतिविधियों में भी नहीं देखा है। सदस्यों का कहना है कि हजारीबाग की पुरानी कमेटी को भंग किए बिना ही नए सदस्यों को जोड़कर नई कमेटी का गठन कर दिया गया। उनका कहना है कि संघ की परंपरा के अनुसार पहले पुरानी कमेटी को भंग किया जाना चाहिए और इसके बाद नई कमेटी का गठन होना चाहिए।

पुराने खिलाड़ियों ने झारखंड फुटबॉल संघ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सदस्यों का कहना है कि झारखंड गठन के बाद से गुलाम रब्बानी लगातार सचिव पद पर बने हुए हैं, जबकि इस दौरान अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के पदों पर बदलाव होता रहा है। सदस्यों ने संघ में परिवारवाद को बढ़ावा दिए जाने का भी आरोप लगाया।

पूर्व सदस्यों के अनुसार, पुरानी कमेटी के कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव एवं अन्य सदस्यों के साथ नए लोगों को जोड़कर लगातार लीग मैचों का आयोजन किया जाता रहा है। पिछले वर्ष 28 टीमों के बीच लीग मैच आयोजित किए जाने की बात भी सदस्यों ने कही।

सदस्यों ने बताया कि कुछ पूर्व सदस्यों की ओर से 72 खिलाड़ियों के पंजीयन के लिए दस्तावेज जमा किए गए थे, लेकिन अब तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया। इस संबंध में पूछे जाने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया गया।

पुराने खिलाड़ियों का आरोप है कि ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन से प्रतियोगिताओं की जानकारी पहले मिलने के बावजूद झारखंड के सदस्यों को अंतिम समय में इसकी सूचना दी जाती है। इससे खिलाड़ियों और आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संतोष ट्रॉफी जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए भी पर्याप्त समय नहीं मिलने की बात सदस्यों ने कही।

कार्यप्रणाली की जांच की मांग

पुराने खिलाड़ियों और संघ के पूर्व सदस्यों ने झारखंड फुटबॉल संघ के कार्यकाल एवं कार्यप्रणाली की पूरी जांच कराने की मांग की है। सदस्यों ने कहा कि हजारीबाग में गठित नई कमेटी के संबंध में उपायुक्त से मिलकर पूरी जानकारी दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

खेल मंत्री के निधन के बाद बैठक को लेकर भी जताई नाराजगी

छह सितंबर को खेल मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू के निधन के बाद आठ सितंबर को हजारीबाग में बैठक आयोजित किए जाने को लेकर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। सदस्यों ने बैठक के समय को लेकर सवाल उठाते हुए इसकी निंदा की। उनका कहना है कि झारखंड फुटबॉल संघ के सचिव गुलाम रब्बानी गिरिडीह से हैं और दिवंगत खेल मंत्री भी गिरिडीह से थे। ऐसे में मंत्री के निधन के एक दिन बाद बैठक आयोजित किए जाने को लेकर सदस्यों ने आपत्ति जताई और इसे असंवेदनशील बताया।

इस अवसर पर लाल किशोर प्रसाद, अशोक भट्टाचार्य, नजरुल हसन, भैया मुरारी सिन्हा, सरफराज अहमद, बहादुर राम, महताब आलम, धनेश्वर गोप और सूरज सिंह थापा उपस्थित थे।

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं

हजारीबाग के उपायुक्त हेमन्त सती ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन कर जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।

जनता दरबार में भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, सड़क निर्माण, आवास योजना, रोजगार, मुआवजा भुगतान सहित अन्य जनहित से जुड़े मामले सामने आए। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन अग्रसारित किया।

इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार आमजनों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

झामुमो जिला समिति ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हजारीबाग। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) हजारीबाग जिला समिति की ओर से गुरुवार को हीराबाग चौक स्थित पार्टी कार्यालय में झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं झामुमो के वरिष्ठ नेता रहे दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने की, जबकि संचालन जिला सचिव नीलकंठ महतो ने किया। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असामयिक निधन झारखंड की राजनीति और झामुमो परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि वे जुझारू, कर्मठ और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील जनप्रतिनिधि थे। संगठन को मजबूत करने और आम जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन से पार्टी में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है।

जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने अपने राजनीतिक जीवन में गरीब, मजदूर, किसान और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया। उनका संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

केंद्रीय सदस्य सह युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गौरव पटेल ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर संघर्ष, मेहनत और जनसेवा के बल पर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वे झामुमो की विचारधारा और आंदोलनकारी परंपरा के समर्पित सिपाही थे। झारखंड, विशेषकर गिरिडीह क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष यासीन खान ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू सभी वर्गों और समुदायों के बीच लोकप्रिय थे। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम किया। उनका निधन राज्य की जनता के लिए भी बड़ी क्षति है।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने संगठन को मजबूत करने, युवाओं को राजनीति से जोड़ने और झारखंड के विकास के लिए निरंतर कार्य किया। उनकी सादगी, कार्यशैली और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट पहचान देती थी। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके अधूरे सपनों तथा जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय सदस्य इजहार अंसारी, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश नारायण दास, जिला उपाध्यक्ष दीपक राय, मो. अख्तर, लखीराम मांझी, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल्ला खान, राजदेव यादव, दयानंद मेहता, रामा सोनी, राजीव वर्मा, संजय सिंह, राजेश मेहता, देवानंद कुमार, नाजीर अहमद, कुदुस अंसारी, बिनेश पासवान, महताब अंसारी, नवीन प्रकाश, यासीन अंसारी, निसार अहमद, राजकुमार राम, सूलेंद्र बांडो, चंद्रिका रजक, राजेश बेदिया, राजेश यादव, बबलू चंद्रवंशी, पिंटू कुमार, विजय सिन्हा, चंदन सिंह, सुनील कुमार, साजन मेहता, मो. कौशर, कैशर जमाल, सुनीता देवी, श्वेता दूबे, प्यारी देवी, साज़मा खातून, रेखा देवी, नाजनी खातून, भावना देवी, रविंद्र कुशवाहा, समशाद अंसारी, नंदू वीर राम, रंजीत कुमार, नवीन राम, वासुदेव राम, रामचंद्र राम, कुलदीप राम, बीरबल मेहता और गुलाब मेहता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने दिवंगत नेता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति भी शोक संवेदना प्रकट की।