आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा का सजीव प्रसारण*

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार एवं सहायिकाओं का 6 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा

पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण

जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रही सहभागिता

गोण्डा 08 सितम्बर,2026

जिला पंचायत सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश का राजकीय इंटर कॉलेज, अयोध्या के मैदान में आयोजित कार्यक्रम को सजीव प्रसारण के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं तथा अन्य लोगों ने देखा। इसके साथ ही जिले की सभी तहसीलों के मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित कर लाइव प्रसारण कार्यक्रम को दिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मुख्यमंत्री जी का संबोधन सुना।

मुख्यमंत्री जी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय को बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय को बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा की। घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने इस निर्णय को अपने कार्य, दायित्व एवं सेवाओं के प्रति सरकार की सकारात्मक एवं सराहनीय पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। कुपोषण की रोकथाम तथा पोषण अभियान को प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने कार्यकत्रियों से बच्चों का नियमित वजन कराने, कुपोषित बच्चों की पहचान एवं निगरानी, पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही कुपोषित से सामान्य श्रेणी में आने वाले बच्चों एवं माताओं को भी सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से कुपोषण के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक सदर गोण्डा श्री प्रतीक भूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री दयानंद प्रसाद, मा० सांसद प्रतिनिधि कैसरगंज श्री संजीव सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अकबाल बहादुर तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्रा, सीडीपीओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव एवं नीतू रावत, ज्ञानशरण, सुपरवाइजर लक्ष्मी यादव, प्रियंका वर्मा, दिव्या पाठक, अनुष्मा तिवारी, नेहा परवीन, सुशीला सिंह, शिवांगी, मोनिका नायक, जिला समन्वयक पोषण अभियान राज कुमार, समन्वयक इमरान अली, अमित गुप्ता, पिंकी दुबे, विभागीय कर्मचारी शिव पूजन, परेस सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण तथा जिला मिशन समिति की बैठक हुई आयोजित*

भूमि एवं जल संरक्षण की परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के डीएम ने दिए निर्देश

भूमि संरक्षण एवं किसान हित से जुड़ी परियोजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

वर्षा जल संचयन और मनरेगा की परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने पर जोर:-जिलाधिकारी

गोण्डा 08 सितम्बर,2026

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण तथा जिला मिशन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में भूमि एवं जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान वर्ष 2026-27 में तैयार की गई भूमि संरक्षण की परियोजनाओं, वर्ष 2025-26 में कराए गए कार्यों की प्रगति, वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित एवं तैयार की गई परियोजनाओं तथा उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में चयनित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्य की प्रगति तथा निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के घटक ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ के उपघटक ‘अदर इंटरवेंशन’ के अंतर्गत वर्षा जल संचयन एवं खेत तालाब योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चयनित परियोजनाओं पर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि एवं जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, खेत तालाब तथा अन्य सभी चयनित विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करते हुए निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

दिल्ली में महिला पत्रकारों से कथित मारपीट का मामला, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गोंडा। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशन में गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि साकेत पुलिस स्टेशन, दिल्ली में पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान एक कार्यक्रम की कवरेज के लिए गई थीं। ज्ञापन के अनुसार, कवरेज के दौरान साकेत पुलिस स्टेशन के कुछ पुलिसकर्मियों ने दोनों महिला पत्रकारों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की।

ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा दोनों पत्रकारों को कथित रूप से घसीटकर थाने ले जाया गया और एक कमरे में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का भी उल्लेख ज्ञापन में किया गया है।राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता तक सूचनाएं पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना गंभीर चिंता का विषय है।

ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन से मांग की गई कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित महिला पत्रकारों को न्याय मिल सके।

थाना तरबगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के आरोपी अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद-*

गोण्डा। दिनांक 07.09.2026 की रात्रि करीब 11ः30 बजे बच्चाराम पासवान पुत्र रामतीर्थ पासवान निवासी निहालपुर पसियन पुरवा, थाना तरबगंज, जनपद गोण्डा अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान कालीप्रसाद पुत्र रामआसरे पासवान निवासी निहालपुर पसियन पुरवा, थाना तरबगंज, जनपद गोण्डा द्वारा पुरानी रंजिश को लेकर जान से मारने की नीयत से चाकू से ताबड़तोड़ वार कर बच्चाराम पासवान के गले, हाथ, कान एवं शरीर के अन्य स्थानों पर चोट पहुंचाकर घायल कर दिया गया था। जिसके सम्बन्ध में थाना तरबगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ था।

कार्यवाही-

थाना तरबगंज पुलिस द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित नामजद व वांछित अभियुक्त कालीप्रसाद की तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त को गड़रियन पुरवा तिराहा के पास से दिनांक 08.09.2026 को समय करीब 10ः30 बजे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित चाकू बरामद किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी।

उत्कर्ष पांडेय को गोंडा एसपी पीआरओ पद से हटाया,फौजी से रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित हुए थे,

*अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कर रहे जांच

गोंडा।पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उप निरीक्षक उत्कर्ष पांडेय को अपने पीआरओ पद से हटा दिया है।नेशनल एक्सप्रेस में खबर छपने के बाद यह कार्रवाई की गई। उत्कर्ष पांडेय पर फौजी से डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने गुरुवार देर रात 31 उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था। इसी दौरान उत्कर्ष पांडेय को अपना पीआरओ बनाया था। जबकि अक्टूबर 2025 में उन्हें निलंबित किया गया था और बहाल होने के बाद पीआरओ बनाया गया था।

उत्कर्ष पांडेय को पीआरओ पद से हटाए जाने की पुष्टि पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आज मंगलवार सुबह लगभग 11.00 बजे नेशनल एक्सप्रेस संवाददाता से फोन पर बातचीत में की है। उत्कर्ष पांडेय के खिलाफ अभी भी विभागीय जांच चल रही है। इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्कर्ष पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने सेना में तैनात विनीत पांडेय से उनके पिता पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत ली थी। आरोप यह भी था कि पैसे लेने के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। फौजी विनीत पांडेय ने 24 अक्टूबर 2025 को उस समय के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से शिकायत की थी।इसके बाद 25 अक्टूबर को उत्कर्ष पांडेय को बालपुर चौकी प्रभारी के पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया था। एडिशनल एसपी पश्चिमी की रिपोर्ट के आधार पर 30 अक्टूबर 2025 को उन्हें निलंबित किया गया था। वर्तमान में उत्कर्ष पांडेय के खिलाफ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के यहां जांच चल रही थी। इसी जांच के दौरान उन्हें गोंडा एसपी का पीआरओ बना दिया गया था।उत्कर्ष पांडेय को फिलहाल अब पुलिस अधीक्षक पीआरओ के पद से हटा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने सभी पुलिस कर्मियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी किसी भी प्रकार की लापरवाही निकाल कर सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की हमारे यहां जांच चल रही है फौजी विनीत पांडे को बयान देने के लिए बुलाया गया है लेकिन वह आ नहीं रहे हैं फिर एक बार उन्हें बयान के लिए रिमाइंडर किया गया है।

उत्कर्ष पांडेय को गोंडा एसपी पीआरओ पद से हटाया,फौजी से रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित हुए थे,

*अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कर रहे जांच

गोंडा।पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उप निरीक्षक उत्कर्ष पांडेय को अपने पीआरओ पद से हटा दिया है।नेशनल एक्सप्रेस में खबर छपने के बाद यह कार्रवाई की गई। उत्कर्ष पांडेय पर फौजी से डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने गुरुवार देर रात 31 उप निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था। इसी दौरान उत्कर्ष पांडेय को अपना पीआरओ बनाया था। जबकि अक्टूबर 2025 में उन्हें निलंबित किया गया था और बहाल होने के बाद पीआरओ बनाया गया था।

उत्कर्ष पांडेय को पीआरओ पद से हटाए जाने की पुष्टि पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आज मंगलवार सुबह लगभग 11.00 बजे नेशनल एक्सप्रेस संवाददाता से फोन पर बातचीत में की है। उत्कर्ष पांडेय के खिलाफ अभी भी विभागीय जांच चल रही है। इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्कर्ष पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने सेना में तैनात विनीत पांडेय से उनके पिता पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत ली थी। आरोप यह भी था कि पैसे लेने के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। फौजी विनीत पांडेय ने 24 अक्टूबर 2025 को उस समय के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से शिकायत की थी।इसके बाद 25 अक्टूबर को उत्कर्ष पांडेय को बालपुर चौकी प्रभारी के पद से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया था। एडिशनल एसपी पश्चिमी की रिपोर्ट के आधार पर 30 अक्टूबर 2025 को उन्हें निलंबित किया गया था। वर्तमान में उत्कर्ष पांडेय के खिलाफ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के यहां जांच चल रही थी। इसी जांच के दौरान उन्हें गोंडा एसपी का पीआरओ बना दिया गया था।उत्कर्ष पांडेय को फिलहाल अब पुलिस अधीक्षक पीआरओ के पद से हटा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने सभी पुलिस कर्मियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी किसी भी प्रकार की लापरवाही निकाल कर सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की हमारे यहां जांच चल रही है फौजी विनीत पांडे को बयान देने के लिए बुलाया गया है लेकिन वह आ नहीं रहे हैं फिर एक बार उन्हें बयान के लिए रिमाइंडर किया गया है।

*स्टडी टेबल पाकर विद्यार्थियों द्वारा मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया*

मण्डलायुक्त की पहल देवीपाटन मण्डल में शिक्षा की उड़ान अभियान को मिली नई गति

अब तक 55,489 मेधावी विद्यार्थियों को वितरित की गई स्टडी टेबल

‘हर घर बने पढ़ाई का स्थान, हर मेधा को मिले सम्मान’

इस अभियान के पहल से छात्र -छात्राओं की उपस्थिति बढ़ रही

गोण्डा, 08 सितम्बर 2026। देवीपाटन मण्डल के चारों जनपदों गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर एवं श्रावस्ती में सरकारी विद्यालयों के मेधावी एवं परिश्रमी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “देवीपाटन: शिक्षा की उड़ान” अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 55,489 स्टडी टेबल परिषदीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के मार्गदर्शन में संचालित इस अभिनव पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें घर पर नियमित एवं एकाग्र होकर अध्ययन करने के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।

मेधा और परिश्रम को मिल रहा सम्मान

“देवीपाटन: शिक्षा की उड़ान” अभियान के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में सर्वोच्च शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को भी इस पहल से जोड़ा गया है।

स्टडी टेबल मिलने से विद्यार्थियों को घर पर पढ़ाई के लिए एक निर्धारित एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है। इससे उनमें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं एकाग्रता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।

अन्य विद्यार्थियों के लिए भी बन रही प्रेरणा

अभियान का उद्देश्य केवल संसाधन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मेधा, मेहनत और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करना भी है। जब किसी विद्यार्थी को उसकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाता है, तो वह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है। इससे विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन करने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित होती है।

इसी सोच के साथ यह पहल किसी एक अवसर तक सीमित न रहकर सतत प्रक्रिया के रूप में संचालित की जा रही है, ताकि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में उभरने वाले नए मेधावी विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन एवं सम्मान मिल सके।

कम लागत में व्यापक प्रभाव का मॉडल

“शिक्षा की उड़ान” अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका किफायती एवं विकेंद्रीकृत वित्तीय मॉडल है। प्रत्येक स्टडी टेबल की लागत लगभग ₹250 है। अभियान के क्रियान्वयन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सीएसआर, ग्राम पंचायत निधि एवं विद्यालय कम्पोजिट ग्रांट जैसे विभिन्न स्रोतों का उपयोग किया जा रहा है। इससे किसी एक स्रोत पर वित्तीय भार नहीं पड़ता और अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने में सुविधा मिल रही है।

शेष लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने पर जोर

मण्डल प्रशासन द्वारा 1लाख के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के सापेक्ष शेष 44,511 स्टडी टेबल के वितरण के लिए जनपदवार निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करते हुए पात्र एवं मेधावी विद्यार्थियों तक स्टडी टेबल पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

मण्डल का लक्ष्य है कि निर्धारित 1 लाख स्टडी टेबल वितरण का लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के साथ ही इस पहल को सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाली एक स्थायी एवं प्रेरणादायी व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाए।

मण्डलायुक्त का संदेश

मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि “देवीपाटन मण्डल में शिक्षा की उड़ान” अभियान केवल स्टडी टेबल वितरण की पहल नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और सपनों को सम्मान देने का प्रयास है। हमारा उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी मेधावी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि स्टडी टेबल बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें नियमित अध्ययन और एकाग्रता की आदत विकसित करने में सहायक होगी। मेधावी विद्यार्थियों को मिलने वाला यह सम्मान अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

इस अभियान के अंतर्गत अब तक जनपद गोंडा में 18,191 बहराइच मे 13,943 बलरामपुर में 16,155 श्रावस्ती में 7200 कुल 55,489 छात्र-छात्राओं को स्टडी टेबल वितरण की गई है शेष स्टडी टेबल का वितरण कराया जा रहा है

“हर घर बने पढ़ाई का स्थान—हर मेधा को मिले सम्मान” के संकल्प के साथ देवीपाटन मण्डल में शिक्षा की उड़ान अभियान को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

आभार वयक्त

परिषदीय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा स्टडी टेबल प्राप्त होने पर माननीय मा0मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया और मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा को जागृत किया गया

इस स्टडी टेबल की पहल से छात्र -छात्राओं में उपस्थित बड़ी जनपद गोंडा में माह जुलाई से बढकर अगस्त 64.25 से बढ़कर 72.23 श्रावस्ती में 57.96 से 64.56 बलरामपुर में 62.88 बढ़कर 70.16 जनपद बहराइच 61.56 से बढकर 66.86 हुइ है और बच्चों का पढ़ाई में मनोबल बढ़ रहा है

क्षेत्र पंचायत निधि का जनहित में पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें:- जिलाधिकारी*

विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों योजनाएं:-जिलाधिकारी

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान तक पहुंचाने पर जोर:-जिलाधिकारी

गोण्डा 08 सितम्बर,2026

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत निधि की स्वीकृति तथा जनकल्याण एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मा० ब्लॉक प्रमुख प्रशासक, खण्ड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने क्षेत्र पंचायत निधि से प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता, प्राथमिकता एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। क्षेत्र पंचायत निधि से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे अधिक से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की स्वीकृति से लेकर उनके पूर्ण होने तक प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता एवं मानकों तथा अभिलेखों का विशेष ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका स्थायी एवं व्यापक जनोपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों का नियमित निरीक्षण एवं स्थलीय सत्यापन किया जाए तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और कार्य की प्रगति पर विशेष निगरानी रखी जाए।

उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी तक समय से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराएं। कार्यों में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत आवश्यकताओं, विकास कार्यों की प्रगति, क्षेत्र पंचायत निधि के प्रस्तावों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए सभी अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण करें और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, डीसी एनआरएलएम जेएन राव, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा सभी विकास खण्डों के ब्लॉक प्रमुख प्रशासकगण सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से की शिष्टाचार भेंट

गोण्डा।जिले के 299 तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी दशकों से भाजपा संगठन में कार्यरत दयाशंकर ओझा ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ संगठनात्मक गतिविधियों मार्गदर्शन मिला। मुलाकात के दौरान नितिन नवीन ने संगठन के कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत भी अहम माना जा रहा है। इस अवसर पर दयाशंकर ओझा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात उनके लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। शीर्ष नेतृत्व का स्नेह एवं मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने व्यस्त समय में मुलाकात का अवसर प्रदान करने के लिए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। श्री ओझा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से हुई इस मुलाकात को क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी गौरवपूर्ण अवसर बताया।

जन समस्याओं पर सपा ने तरबगंज में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन* *गोण्डा।*

समाजवादी पार्टी के विधान सभा क्षेत्र तरबगंज के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रामभजन चौबे के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। धरने में सपा नेताओं ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार के जन विरोधी व दमनकारी नीतियों की आलोचना करते हुए प्रदेश सरकार को को कटघरे में खड़ा किया और प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्रीय मांगपत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा।

मांगपत्र में चीनी के दामों में अचानक की गई बीस पच्चीस रुपये किलो की बढ़ोतरी वापस लेने और किसानों को गन्ने का दाम छह सौ रुपये कुंतल निर्धारित करने व पन्द्रह दिनों में भुगतान करने एवं अयोध्या में श्री राम मंदिर में की गई चंदा चोरी के प्रकरण में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। मांग पत्र में तहसील क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लिए निगरानी समिति बनाकर प्रतिमाह बैठक करने, ध्वस्त बिजली व्यवस्था में सुधारने शिक्षा का वातावरण बनाने व बाढ ग्रस्त क्षेत्रों में पारदर्शी ढंग से राहत कार्यक्रम चलाने की मांग दुहराई गई है।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व सपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रत्याशी रामभजन चौबे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के टी तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष विजय सिंह टिंटू, विवेक सिंह बाबा व जिला उपाध्यक्ष दिनेश यादव ने किया।

इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज चौबे,साधना सिंह, सोनू ओझा, साहब राम यादव, सोनू यादव,धर्म सिंह, बृजेश मिश्रा, रमेश तिवारी, गुड्डू सिंह चौसेला, सब्बू यादव, हृदय राम यादव, पिंटू तिवारी, रमेश यादव एवं राम बाबू यादव आदि प्रमुख नेता व पार्टी समर्थक कार्यकर्ता शामिल रहे।