स्नातक एमएलसी चुनाव में जुटे सपा कार्यकर्ता, मतदाता संपर्क अभियान तेज करने पर जोर
स
ंजीव सिंह बलिया : वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, स्नातक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और चुनावी जिम्मेदारियां तय करने पर मंथन हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए वाराणसी खंड के वर्तमान विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने विधान परिषद से लेकर सड़क तक युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के मुद्दों को उठाया है। जनप्रतिनिधि के दायित्वों को निष्ठा से निभाने का प्रयास किया है और आगे भी जनहित से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत से जुटने और अधिकाधिक स्नातक मतदाताओं तक पहुंच बनाने का आह्वान किया। कहा कि विधान परिषद में जनता की आवाज प्रभावी ढंग से रखना और सड़क पर संघर्ष करना उनकी प्राथमिकता रही है। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि यह चुनाव केवल किसी व्यक्ति के निर्वाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की आवाज को मजबूत करने का चुनाव है। कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों और जनहित के संघर्षों को मतदाताओं तक पहुंचाएं। उन्होंने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही। बैठक में मतदाता संपर्क अभियान तेज करने, संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने तथा सभी क्षेत्रों में प्रभावी जनसंपर्क चलाने पर चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने की और संचालन महासचिव बीरबल राम ने किया। इस दौरान डा. विश्राम यादव, यशपाल सिंह, आद्या शंकर यादव, रंजीत चौधरी, अरविंद गिरी, सुशील पांडेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, चंद्रशेखर सिंह, विजय शंकर यादव, शशिकांत चतुर्वेदी, संतोष गर्ग, राजन कन्नौजिया, रामेश्वर पासवान, रविंद्र यादव, जमाल आलम, अनिल राय, जुबेर सोनू, दशरथ यादव, रामनाथ पटेल, सुरेश यादव, विनय गौड़, धनजी यादव, सर्वजीत यादव और सुभाष यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे

स
ंजीव सिंह बलिया : वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, स्नातक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और चुनावी जिम्मेदारियां तय करने पर मंथन हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए वाराणसी खंड के वर्तमान विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने विधान परिषद से लेकर सड़क तक युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के मुद्दों को उठाया है। जनप्रतिनिधि के दायित्वों को निष्ठा से निभाने का प्रयास किया है और आगे भी जनहित से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत से जुटने और अधिकाधिक स्नातक मतदाताओं तक पहुंच बनाने का आह्वान किया। कहा कि विधान परिषद में जनता की आवाज प्रभावी ढंग से रखना और सड़क पर संघर्ष करना उनकी प्राथमिकता रही है। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि यह चुनाव केवल किसी व्यक्ति के निर्वाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की आवाज को मजबूत करने का चुनाव है। कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों और जनहित के संघर्षों को मतदाताओं तक पहुंचाएं। उन्होंने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही। बैठक में मतदाता संपर्क अभियान तेज करने, संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने तथा सभी क्षेत्रों में प्रभावी जनसंपर्क चलाने पर चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने की और संचालन महासचिव बीरबल राम ने किया। इस दौरान डा. विश्राम यादव, यशपाल सिंह, आद्या शंकर यादव, रंजीत चौधरी, अरविंद गिरी, सुशील पांडेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, चंद्रशेखर सिंह, विजय शंकर यादव, शशिकांत चतुर्वेदी, संतोष गर्ग, राजन कन्नौजिया, रामेश्वर पासवान, रविंद्र यादव, जमाल आलम, अनिल राय, जुबेर सोनू, दशरथ यादव, रामनाथ पटेल, सुरेश यादव, विनय गौड़, धनजी यादव, सर्वजीत यादव और सुभाष यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे

संजीव सिंह बलिया!सुखपुरा: कस्बा निवासी धनंजय सिंह के पुत्र प्रियांशु कुमार सिंह ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति पाकर घर-परिवार और बलिया-बागी धरती का नाम रोशन किया है। जयपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद UPSC के माध्यम से EME ग्रुप में चयनित प्रियांशु ने गया के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर पासिंग आउट परेड में शानदार प्रदर्शन किया। प्रियांशु का परिवार सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता धनंजय सिंह 17वीं बटालियन द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि चाचा राजीव कुमार सिंह ऑनरेरी कैप्टन और अजय कुमार सिंह सूबेदार मेजर के पद पर सेवारत हैं। प्रियांशु की प्रारंभिक शिक्षा गुड सेमेरिटन इंग्लिश स्कूल सुखपुरा में हुई; बाद में उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल बीकानेर और मामूँ कैंट पठानकोट से पढ़ाई पूरी की।पारिवारिक पृष्ठभूमि: सैनिक परंपरा की तीसरी पीढ़ी प्रियांशु का परिवार लंबे समय से भारतीय सेना से जुड़कर देश सेवा करता आया है: पिता: धनंजय सिंह (मंजीत कुमार सिंह उर्फ धनंजय) — भारतीय थल सेना की 17वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त। चाचा: राजीव कुमार सिंह — 15वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त। चाचा: अजय कुमार सिंह (रामबाबू) — प्रथम बटालियन, द महार रेजीमेंट में सूबेदार मेजर-ऑनरेरी कैप्टन के पद पर सेवारत। माता: प्रियंका सिंह (गृहिणी); बहन: रिद्धि सिंह (कक्षा 12वीं की छात्रा)। रविवार को स्वतंत्रता शहीद स्मारक संस्थान सुखपुरा के पदाधिकारी व विशिष्टजनों ने घर जाकर प्रियांशु को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर बसंत सिंह, जेपी सिंह, राकेश कुमार, अनुज कुमार, संदेश सिंह, रामजन्म सिंह, गुड्डू उपाध्याय, पप्पू जी, गामाजी, विकास कुमार, डाकघर अभिकर्ता उमेश सिंह तथा संस्था प्रबंधक उमेश कुमार सिंह मौजूद रहे। गांव पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीणों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया।
अमर बहादुर सिंह नगरा।। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरक्ष प्रांत जिला रसड़ा का एक दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग रविवार को नगरा नगर इकाई स्थित तेजश पैलेस में आयोजित किया गया। अभ्यास वर्ग में जिले की पांचों नगर इकाइयों सिकंदरपुर, नगरा, बेल्थरा रोड, रसड़ा एवं चिलकहर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में प्रवासी के रूप में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, विभाग प्रमुख डॉ. अनिल तिवारी, विभाग संगठन मंत्री रंजीत सिंह, विभाग संयोजक अनन्या शर्मा उपस्थित रहे। इसके अलावा रसड़ा जिला प्रमुख घनश्याम शरण सिंह, जिला संयोजक अतुल मिश्रा, नगरा नगर अध्यक्ष उदय नारायण पाण्डेय, सिकंदरपुर नगर अध्यक्ष विशाल सोनी सहित विभिन्न नगर इकाइयों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभ्यास वर्ग की शुरुआत परिषद गीत से हुई। इसके बाद मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। आगंतुक अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत और सम्मान किया गया। एक दिवसीय अभ्यास वर्ग में कुल पांच सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सैद्धांतिक भूमिका, सदस्यता एवं कार्यकारिणी पुनर्गठन, कार्यपद्धति, कार्यकर्ता विकास एवं समारोप प्रमुख रहे। इन सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यशैली, दायित्वों एवं आगामी कार्ययोजना से विस्तारपूर्वक परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि सही विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से व्यक्ति और समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संगठनात्मक कार्यों में पूर्व योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि पूर्व योजना ही पूर्ण योजना का आधार होती है। उन्होंने विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के हितों की चिंता करते हुए समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करता है। अभ्यास वर्ग में यह भी बताया गया कि विद्यार्थी परिषद शिक्षक एवं विद्यार्थी कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण की दिशा में युवाओं को सही मार्गदर्शन देने का कार्य करता है। संगठन में किसी भी निर्णय से पहले वास्तविक परिस्थितियों से परिचित होना और उसके आधार पर निर्णय लेना कार्यपद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न नगरों से आए कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
संजीव सिंह बलिया!शनिवार, 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राज्य स्तरीय समारोह का सजीव प्रसारण इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सजीव प्रसारण देखा और सुना। राज्य स्तरीय समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी उपस्थित लोगों ने प्राप्त की। 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मान इस अवसर पर बलिया जिले के माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के उत्कृष्ट शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कुल मिलाकर 1000 शिक्षकों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। मंत्री का संदेश दयाशंकर सिंह ने कहा कि ऐसे सम्मान शिक्षकों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। नवाचार और गुणवत्ता पर जोर कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचार और बेहतर शैक्षिक प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, सीडीओ आलोक कुमार, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, सुनीता श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह इत्यादि अधिकारी उपस्थित रहे।
संजीव सिंह बलिया!राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर से चुने गए 48 उत्कृष्ट स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया, जिनमें बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां का नाम भी शामिल है। मूल रूप से सिकंदरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव के निवासी डॉ. खां को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभिनव और समाज-केंद्रित कार्यों के लिए दिया गया है। परिचय और शैक्षणिक पृष्ठभूमि डॉ. इफ्तेखार खां साल 1998 से राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया में कला शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने शुरू में विज्ञान से पढ़ाई की, लेकिन बाद में कला की ओर रुख किया और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से BFA, MFA तथा पीएचडी की डिग्री प्राप्त की; उनकी पीएचडी का विषय ‘मुगलकालीन पोथियों में दृष्टांत चित्र’ रहा है। सामाजिक पहल: मुफ्त कला शिक्षा और ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’ डॉ. खां का पढ़ाने का दायरा सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं है—वे साल 2000 से हर रविवार अपने घर पर बच्चों को नि:शुल्क कला की बारीकियां सिखाते हैं और गर्मियों में चित्रकला वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र कला व रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है उनकी अनूठी पहल—वे छात्रों से महंगे तोहफों की बजाय ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’ लगवाने की अपील करते हैं, जिससे एक ओर पर्यावरण जागरूकता फैलती है और दूसरी ओर सामाजिक संदेश भी मिलता है। कक्षा से परे कला: प्रकृति और पर्यावरण से जोड़कर सीखना डॉ. खां बच्चों को प्रकृति, पेड़-पौधों और आसपास के माहौल से जोड़कर कला सीखने के लिए प्रेरित करते हैं, इसलिए उनकी कक्षाएं पारंपरिक क्लासरूम तक सीमित नहीं रहतीं। उनके छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर चित्र बनाकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में किए गए चयन के बाद 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से 48 शिक्षकों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया। प्रत्येक विजेता को रजत पदक, प्रमाण पत्र और ₹50,000 की नकद राशि प्रदान की जाती है। इस सूची में उत्तर प्रदेश से डॉ. इफ्तेखार खां का चयन बलिया जिले के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।
संजीव सिंह बलिया। कम्पोजिट विद्यालय गौवापार, शिक्षा क्षेत्र नगरा की अनुदेशिका श्रीमती अनीता देवी का 24 अगस्त 2026 को विद्युत आघात से असामयिक निधन हो गया था। उनकी याद में आज 5 सितंबर 2026 को उनके मूल आवास पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शमशाद खान, जिला महामंत्री दीपक कुमार सिंह, जिला कार्यकारिणी अविनाश सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, शेषमणि कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष पंकज कुमार, ब्लॉक संयोजक अमित सिंह ( सिप्पू), कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, ब्लॉक कार्यकारिणी विनय गुप्त, राजनाथ यादव, रंजीत, रामसेवक यादव सहित समस्त जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किया और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसी क्रम में परिवार को रु. 1,00,000/- (एक लाख रुपये) की सहयोग राशि भेंट की गई। वक्ताओं ने कहा कि अनीता देवी का सरल, सहज और सहयोगी व्यक्तित्व शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा था और उनका जाना अनुदेशक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
संजीव सिंह बलिया!बलिया के मनियर ब्लॉक की 7 वर्षीय रागिनी ने डीएम से भावुक अपील की थी; वायरल वीडियो के बाद दो ट्राइसाइकिल, पढ़ाई का सामान और अब प्रदेश सरकार के निर्देश पर बेहतर उपचार की राह खुली जिले के मनियर ब्लॉक अंतर्गत रानीपुर गांव की निवासी सात वर्षीय रागिनी दिघेड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। एक पैर में दिव्यांगता के बावजूद वह रोज़ 400 मीटर की दूरी कूदते-कूदते तय कर स्कूल जाती थी, रास्ते में थककर बैठ जाती और दर्द होने पर रोने लगती थी। 31 अगस्त को उसने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से भावुक होकर कहा—“अंकल, साइकिल दिला दीजिए… मैं खूब पढ़ना चाहती हूं।” यह अपील इंटरनेट/सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया। प्रशासनिक पहल: दो ट्राइसाइकिल, स्कूल किट और इलाज का भरोसा बुधवार को डीएम स्वयं रागिनी के गांव पहुंचे और उसे एक नहीं, बल्कि दो ट्राइसाइकिलें सौंपीं; साथ ही स्कूल बैग, कॉपी-किताब, चॉकलेट व अन्य जरूरी सामान दिया गया। साइकिल मिलने पर रागिनी ने मासूमियत से कहा—“अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए।” गुरुवार को जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. करन सिंह चौहान की मौजूदगी में जांच के बाद तय हुआ कि कुछ विशेष जांचें बलिया में संभव नहीं हैं, इसलिए उसे वाराणसी स्थित बीएचयू (BHU) भेजा जाएगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इलाज का पूरा खर्च प्रदेश सरकार उठाएगी और लक्ष्य है कि रागिनी अपने पैरों पर खड़ी हो सके। समाज से भी बढ़े मदद के हाथ रागिनी की कहानी सामने आने के बाद फिजिक्स वाला (Physics Wallah) के सह-संस्थापक व सीईओ अलख पांडेय ने बच्ची के इलाज के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की ओर से भी 26 हजार रुपये की सहायता भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पारिवारिक पृष्ठभूमि रागिनी के पिता देवेंद्र राजभर हैदराबाद में मजदूरी करते हैं; वह गांव में अपनी मां बबीता देवी और दादा-दादी के साथ रहती है। बबीता देवी के मुताबिक, जब रागिनी लगभग छह माह की थी तब दुर्घटना में उसके पैर में गंभीर चोट लगी; इलाज हुआ पर पैर पूरी तरह ठीक नहीं हो सका। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने इलाज जारी रखा, पर अपेक्षित लाभ नहीं मिला। आगे की कार्ययोजना जिला प्रशासन ने शनिवार को रागिनी को वाराणसी BHU ले जाने की तैयारी की है। वहां विशेष जांचों के बाद ऑपरेशन या अन्य संभावित उपचार पर फैसला लिया जाएगा। प्रदेश सरकार इलाज का पूरा व्यय वहन करेगी; जरूरत पड़ने पर लखनऊ या अन्य केंद्रों पर भी उपचार की व्यवस्था की जाएगी। रागिनी की “पढ़ाई की ललक” ने न सिर्फ प्रशासन को संवेदनशील बनाया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को भी एकजुट किया। अब चुनौती है—समय पर विशेष जांच और सटीक उपचार से उसे वास्तव में “अपने पैरों पर खड़ा” करना।
Sep 07 2026, 21:00
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
16.4k