दो चौकी प्रभारियो को कर दिया लाइन हाज़िर

फर्रुखाबाद । जनपद की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बीती रात दो चौकी चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर कर अनेकों चौकी प्रभारियों के तबादले किए हैं। एसपी ने याकूतगंज पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार एवं फैजाबाद पुलिस चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने पुलिस लाइन के उप निरीक्षक विनोद कुमार की प्रभारी चौकी याकूतगंज में तैनाती की है, सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी उप निरीक्षक शिवकुमार को कुआं खेड़ा का प्रभारी चौकी बनाया गया।

कुआं खेड़ा के प्रभारी चौकी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार को सेंट्रल जेल प्रभारी चौकी पद पर भेजा गया। कोतवाली मोहम्मदाबाद के उप निरीक्षक कपिल कुशवाहा को ताजपुर चौकी का प्रभारी बनाया गया। कोतवाली कायमगंज के उपरीक्षक अरविंद कुमार की प्रभारी चौकी मंडी कायमगंज में तैनाती की गई। कोतवाली फर्रुखाबाद के उपनिरीक्षक ज्ञान प्रकाश पांडे की तैनाती प्रभारी चौकी रेलवे रोड पर की गई। कोतवाली मोहम्मदाबाद के उप निरीक्षक हरीश कुमार को फैजाबाद चौकी का प्रभारी बनाया गया, कोतवाली फतेहगढ़ के उप निरीक्षक वीर सिंह यादव को प्रभारी चौकी सरह नियूक्त किया गया।

गंगा का रौद्र रूप लौटते ही चित्रकूट डिप पर फिर लगा पहरा, तीन फीट पानी में डूबा रास्ता

राजेपुर फर्रुखाबाद

गंगा के जलस्तर में दोबारा तेजी आने के साथ ही बाढ़ का असर एक बार फिर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। फर्रुखाबाद-बदायूं स्टेट हाईवे स्थित चित्रकूट डिप पर बाढ़ का पानी फिर बढ़ गया है। करीब तीन फीट पानी बहने और तेज बहाव के चलते पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए डिप से दोनों तरफ का आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया है। रास्ता बंद होने से फर्रुखाबाद और बदायूं की ओर आने-जाने वाले ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।

कुछ दिन पहले गंगा का जलस्तर घटने पर चित्रकूट डिप से पानी उतर गया था। इसके बाद पुलिस ने रास्ते से बैरिकेडिंग हटाकर यातायात बहाल करा दिया था। लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने लगी। देखते ही देखते डिप पर पानी का स्तर बढ़ गया और अब करीब तीन फीट पानी तेज बहाव के साथ सड़क के ऊपर से गुजर रहा है।

जान जोखिम में डालकर डिप पार करने की कोशिश

डिप पर पानी बढ़ने के बावजूद कुछ वाहन चालक और राहगीर जल्दबाजी में पानी के बीच से निकलने का प्रयास करते देखे गए। तेज बहाव के बीच वाहन का संतुलन बिगड़ने या अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसी खतरे को देखते हुए राजेपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है।

पुलिस ने चित्रकूट डिप के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया है। वहीं राजेपुर चौराहे पर भी बैरियर लगाकर वाहनों को चित्रकूट की तरफ जाने से रोक दिया गया है। पुलिसकर्मियों की 24 घंटे तैनाती की गई है, जिससे कोई भी राहगीर अथवा वाहन चालक प्रतिबंधित मार्ग से पानी पार करने का प्रयास न कर सके।

फर्रुखाबाद जाने वालों को बदलना पड़ेगा रास्ता

चित्रकूट डिप बंद होने से फर्रुखाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अब वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा। पुलिस के अनुसार वाहन राजेपुर-डबरी-जमापुर मार्ग से होकर फर्रुखाबाद की ओर जा सकेंगे। मार्ग बदलने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

पानी घटने तक जारी रहेगी निगरानी

पुलिस प्रशासन का कहना है कि डिप पर पानी का बहाव कम होने और रास्ता सुरक्षित होने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम न लेने की अपील की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगातार बदल रही स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मी डिप और आसपास के मार्गों पर निगरानी रख रहे हैं।

राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि चित्रकूट डिप पर अधिक पानी और तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से दोनों तरफ से आवागमन बंद कराया गया है। पुलिस की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि फर्रुखाबाद जाने वाले वाहन राजेपुर-डबरी-जमापुर मार्ग से होकर निकलें। पानी के बीच से डिप पार करने का प्रयास करने वालों को रोका जाएगा।

बाढ़ से पहले ही धराशायी हुए सुरक्षा संकेतक, जिम्मेदारों की अनदेखी पर सवाल

अमैयापुर पुलिया पर एक माह भी नहीं टिक सके संकेतक चिन्ह, एसडीएम के निर्देश भी हवा में; ग्रामीण बोले—बाढ़ में कैसे सुरक्षित होगा आवागमन?

अमृतपुर फर्रुखाबाद

राजपुर-गुंडेरा संपर्क मार्ग स्थित अमैयापुर पुलिया पर सुरक्षा के लिए लगाए गए संकेतक चिन्ह भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोल रहे हैं। करीब एक माह पहले लगाए गए सुरक्षा संकेतक चिन्ह जमीन पर गिर पड़े हैं। कई संकेतक उखड़े पड़े हैं, जबकि कुछ बाढ़ के पानी में बहने की कगार पर हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब बाढ़ से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था का यह हाल है तो जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों की सुरक्षा कैसे होगी?

ग्रामीणों के मुताबिक सुरक्षा संकेतक चिन्ह लगाए जाने के कुछ ही समय बाद उनके कमजोर होने की शिकायत उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू से की गई थी। बताया गया था कि बाढ़ आने से पहले सभी संकेतक चिन्हों को दुरुस्त करा दिया जाएगा, लेकिन बाढ़ दस्तक दे चुकी है और अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

खास बात यह है कि पूर्व में एसडीएम श्वेता साहू ने अमैयापुर पुलिया का निरीक्षण भी किया था। उस दौरान भी कई संकेतक चिन्ह हिलते हुए और उखड़े पड़े दिखाई दे रहे थे। इसके बावजूद इन्हें मजबूत कराने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा संकेतक चिन्हों को जमीन में पर्याप्त गहराई तक खोदकर मजबूती से लगाने के बजाय महज ऊपर-ऊपर से खड़ा कर दिया गया। यही वजह है कि मामूली पानी और हल्के दबाव में ही ये धराशायी हो गए। सूत्रों के अनुसार यह कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कराया गया था। यदि यह सही है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान अमैयापुर पुलिया से होकर निकलना पहले ही जोखिम भरा रहता है। ऐसे समय में सुरक्षा संकेतक ही राहगीरों को पुलिया की स्थिति और खतरे का अंदाजा देते हैं। यदि बचे हुए संकेतक भी पानी में बह गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान खामियां अधिकारियों के सामने थीं, फिर भी समय रहते उन्हें क्यों नहीं ठीक कराया गया? क्या जिम्मेदारों को किसी हादसे का इंतजार है? ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर घटिया कार्य कराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई और सभी सुरक्षा संकेतकों को तत्काल मजबूत कराने की मांग की है।

भाकियू टिकेत का 8 सितंबर को कलेक्ट्रेट का ट्रैक्टरों से घेराव करने की चेतावनी, किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 13वें दिन भी जारी


फर्रुखाबाद । जनपद के मोहम्मदाबाद विकास खण्ड की ग्राम सभा बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया और किसानों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर जिला अध्यक्ष अजय कटियार के पहुंचने पर किसानों ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत अमर रहें, नरेश टिकैत जिंदाबाद और राकेश टिकैत जिंदाबाद के नारे लगाए। किसानों ने कहा कि अध्यक्ष संघर्ष करें, किसान उनके साथ हैं। उन्होंने घोषणा की कि 8 सितंबर को किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने जहानगंज थाना क्षेत्र के कोरोखेड़ा गांव में 10 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या के मामले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि घटना को करीब नौ महीने बीत चुके हैं और पिछले छह महीने से मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित है, इसके बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक अपने बच्चे की मौत का कारण और आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।

अजय कटियार ने आरोप लगाया कि परिवार के मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से धमकियां दी जा रही हैं।

फैमिली वेलफेयर द्वारा पुलिस और परिवार का किया गया डाक्टरी परीक्षण

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में पुलिस लाइन अस्पताल में टाटा 1 एमजी की सहभागिता से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं होम्योपैथिक वामा वेलनेस कैम्प का आयोजन किया गया।

कैम्प में पुलिस व पुलिस परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सीय परीक्षण व स्वास्थ्य संबंधी जाँच कर औषधि वितरित की गई।

गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करें, खंडित मूर्तियां और गंगा में प्रभावित न करें

फर्रुखाबाद। जिला गंगा समिति के तत्वाधान में पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं के माध्यम से साप्ताहिक गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा इस अभियान का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत घाट पर फैली गंदगी, खंडित मूर्तियां, प्लास्टिक, पॉलिथीन इत्यादि एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया। उन्होंने घाट पर आने वाले लोगों को भी जागरूक किया।उन्होंने कहा कि गंगा हमारी पवित्र नदी है अनेकों श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा स्नान कर अपने आप को स्वच्छ रखते है परंतु अज्ञानता वश अपने साथ पूजा की सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री गंगा में ही प्रवाहित कर देते हैं जिससे गंगा का जल दूषित होता है । गंगा घाट पर भारी मात्रा में गंदगी एकत्रित होती है इसलिए सभी को चाहिए की गंगा के

जल को स्वच्छ रखें। किसी भी प्रकार के अपशिष्ट सामग्री गंगा के तट पर लेकर न जाए। गंगा योद्धाओं के द्वारा विशेष रूप से समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है एवं लोगों को गंगा की विशेषता के बारे में बताया गया , सभी को गंगा स्वच्छता की शपथ विधि लाई गई। इस अवसर पर समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रोहित दीक्षित,गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,घनश्याम, राघवन, ओम, कृष्णा,शनि,उत्तम, केशव,देव एवं अन्य युवा साथी उपस्थित रहे।

बाढ़ में महिलाओं ने थामी नाव की पतवार, खुद जोखिम में डाली जान; कई बार फोन के बाद भी नहीं उठा एसडीएम का फोन

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। रामगंगा और गंगा नदी में बढ़े जलस्तर से अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंझा की मड़ैया में प्रशासन की ओर से नाव चलाने के लिए चालक की व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। मजबूरी में महिलाएं और लड़कियां खुद नाव की पतवार थामकर बाढ़ के पानी के बीच जरूरी काम के लिए आने-जाने को मजबूर हैं।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित है। नाव ही आने-जाने का सहारा है, लेकिन नाव चलाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई चालक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में महिलाएं स्वयं नाव चलाकर अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए बाहर निकल रही हैं। बाढ़ के पानी में इस तरह नाव चलाना जोखिम भरा है, बावजूद इसके ग्रामीणों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

उधर, गुलरिया बाली भावन गांव में बाढ़ का पानी करीब सात-आठ घरों में पहुंच गया है। ग्रामीण शिवओम ने बताया कि गांव में खांसी, बुखार समेत अन्य बीमारियों से लोग परेशान हैं। स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सकों के पास इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।

करीब चार वर्ष से निर्माणाधीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बाढ़ के पानी की चपेट में है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र अब तक पूरा नहीं हुआ है। बाढ़ के समय स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत बढ़ने के बावजूद अधूरा केंद्र ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रहा है।

बाढ़ प्रभावित महिला शिवश्री का कहना है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जिस जमीन पर बनाया गया है, वह उनकी निजी जमीन थी और जमीन के बदले उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।

कई बार फोन किया, नहीं उठा एसडीएम का फोन

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं और नाव संचालन की व्यवस्था को लेकर एसडीएम श्वेता साहू का पक्ष जानने के लिए कई बार दूरभाष पर संपर्क किया गया, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद एसडीएम का फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में बाढ़ के बीच फंसे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, तब जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

मंत्री राकेश राठौर को 35वें वार्षिक अधिवेशन का न्योता

सीतापुर पहुंचकर समाज के पदाधिकारियों ने सौंपा आमंत्रण पत्र, मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण मंत्री ने सहर्ष स्वीकारा

अमृतपुर फर्रुखाबाद

जिला राठौर साहू समाज फर्रुखाबाद के 35वें वार्षिक अधिवेशन एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समारोह को भव्य बनाने के लिए समाज के पदाधिकारी जुट गए हैं। इसी क्रम में समाज के पदाधिकारियों ने सीतापुर पहुंचकर नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु जी’ से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण पत्र सौंपा।

समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री को बताया कि 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे उत्सव गेस्ट हाउस, बढ़पुर देवी मंदिर के पास, फर्रुखाबाद में 35वें वार्षिक अधिवेशन एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के साथ ही समाज की एकजुटता और सामाजिक उत्थान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

आमंत्रण पत्र मिलने पर राज्य मंत्री राकेश राठौर ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण हर्ष के साथ स्वीकार कर लिया। मंत्री की स्वीकृति के बाद समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

इस दौरान जिला अध्यक्ष राम सिंह राठौर, संरक्षक एवं पूर्व जिला अध्यक्ष फतेहचंद राठौर, मोदी राठौर युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज राठौर एडवोकेट तथा प्रदेश अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह राठौर मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि वार्षिक अधिवेशन को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

आलू किसानों का आज कलेक्ट्रेट में विशाल आंदोलन,भीड़ जुटाने के लिए गांव-गांव हुई बैठके
आलू की हो सरकारी ख़रीद, किसानों को दिया जाए समर्थन मूल्य, कोल्ड स्टोरेज से निकासी कम सड़ने की कगार पर

फर्रुखाबाद। आलू किसान आन्दोलन  7 सितंबर को कलेक्ट्रेट पर होने वाले प्रदर्शन की गांव गांव में की गई बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आलू किसान दिनों-दिन बर्बाद होते जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि बर्बादी को रोकने के लिए सरकार को आलू नीति बनानी चाहिए, पिछले वर्षों की अपेक्षा इस समय कोल्डस्टोरेज में भण्डारित आलू की निकासी कम होने पर चौथाई आलू को फेंकने की नौबत आ सकती है,  ऐसे हालात में कोल्डस्टोरेज में भण्डारित आलू का भण्डार शुल्क किसान से न लिया जाए पूरा-पूरा सरकार चुकाए , प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने कहा कि भूसा 1200 रुपए  कुंतल गौशालाओं में न देकर दो तीन रुपए किलो वाले आलू को खिलाया जाए , प्रति राशनकार्ड एक पैकेट आलू दिया जाए , आज कमालगंज क्षेत्र के गांवों नौधापुर,नगला दलू,पकरिया,कंतला, कुंदन गनेशपुर, रानू खेड़ा, नगला उदी, आदि में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामलड़ैते राजपूत, पूर्व प्रधान अनिल कुमार दीक्षित,राजेन्द्रसिंह पाल, मंडल उपाध्यक्ष अरविन्द राजपूत, प्रवीन पाल, सुरेश चन्द्र पाल,डा महिपाल सिंह लोधी, आढ़ती लक्ष्मी नारायण वर्मा, आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान : जिलाधिकारी

शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें

मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान : सांसद

भारत देश को विकसित राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का है कर्तव्य

जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा को प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

जनपद के शिक्षकों का "सम्मान समारोह कार्यक्रम" कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न

फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम गोरखपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एवं जनपद स्तर पर "शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" का आयोजन जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत संबोधन को कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया।

"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की स्मृति में मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन करते हैं। आज के समय में शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत के व्यक्तित्व को तराशने का एक सुअवसर है, जिसकी पात्रता सभी नागरिकों को प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश लागू हो सकता है, एक जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर से योजना लागू हो सकती है, परंतु एक शिक्षक अपने हस्ताक्षर से परीक्षाफल में अंक प्रदान करता है तो एक भावी पीढ़ी में उन्नति कारक परिवर्तन होता है। जिला प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है। शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें, जिससे वह आधुनिक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है। बच्चों का उज्जवल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षक भी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था आमजनमानस की दृष्टि में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके। राष्ट्र को विकसित बनाना प्रत्येक नागरिक का हम कर्तव्य है, इसलिए सभी नागरिक चाहे वह किसी भी विधा एवं क्षेत्र में कार्यरत हों अपने दायित्वों का निर्वहन लगन एवं उत्साह के साथ पूर्ण करें।

कार्यक्रम में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने कहा कि आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी ने मा0 मुख्यमंत्री जी के आशीर्वचन को सुना। उन्होंने कहा कि अपने देश में गुरु का महत्व आदिकाल से रहा है, जिसके दृष्टिगत हमारे देश में गुरु पूर्णिमा का पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है। समाज के निर्माण में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्र को ऊंचाइयों तक ले जाने में भी एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। विद्यार्थी के प्रति शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, उनके आचरण व्यवहार का प्रभाव विद्यार्थी पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, उनमें जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा का नाम भी सम्मिलित है, यह हमारे जनपद के लिए अत्यधिक गर्व की बात है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के प्रयासों से बच्चों में वाकपुटता एवं कौशल का विकास हो रहा है।

इस दौरान विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह अपेक्षा है कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करें, जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही जीवन में एक सफल नागरिक भी बन सके।

इस दौरान प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के विकास एवं उन्नति में एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। अभिभावक जितनी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का पालन पोषण करते हैं ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों की उन्नति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। बच्चे विद्यालयों में शिक्षकों के आचरण एवं विचारों से प्रेरित होकर ही उन्हें अपने जीवन में धारण कर भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसी ऊर्जा है जिसके होने से व्यक्ति समाज में प्रत्येक चुनौती का सामना कर सकता है। जनपद के सभी शिक्षक इसी प्रेरणा के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन कर बच्चों की उन्नति में अपना सहयोग प्रदान करें।शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। जनपद स्तर पर आयोजित"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 13 परिषदीय विद्यालय पी0एम0श्री0 योजना से आच्छादित हैं, जिनमें 147515 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं एवं समस्त विद्यालयों में कुल 6269 (1496 शिक्षक, 1542 शिक्षामित्र एवं 231 अनुदेशक) कार्यरत हैं। जनपद में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।