गंगा को स्वच्छ रखने में सहयोग करें, खंडित मूर्तियां और गंगा में प्रभावित न करें

फर्रुखाबाद। जिला गंगा समिति के तत्वाधान में पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं के माध्यम से साप्ताहिक गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा इस अभियान का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत घाट पर फैली गंदगी, खंडित मूर्तियां, प्लास्टिक, पॉलिथीन इत्यादि एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया। उन्होंने घाट पर आने वाले लोगों को भी जागरूक किया।उन्होंने कहा कि गंगा हमारी पवित्र नदी है अनेकों श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा स्नान कर अपने आप को स्वच्छ रखते है परंतु अज्ञानता वश अपने साथ पूजा की सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री गंगा में ही प्रवाहित कर देते हैं जिससे गंगा का जल दूषित होता है । गंगा घाट पर भारी मात्रा में गंदगी एकत्रित होती है इसलिए सभी को चाहिए की गंगा के

जल को स्वच्छ रखें। किसी भी प्रकार के अपशिष्ट सामग्री गंगा के तट पर लेकर न जाए। गंगा योद्धाओं के द्वारा विशेष रूप से समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है एवं लोगों को गंगा की विशेषता के बारे में बताया गया , सभी को गंगा स्वच्छता की शपथ विधि लाई गई। इस अवसर पर समर्पण फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रोहित दीक्षित,गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,घनश्याम, राघवन, ओम, कृष्णा,शनि,उत्तम, केशव,देव एवं अन्य युवा साथी उपस्थित रहे।

बाढ़ में महिलाओं ने थामी नाव की पतवार, खुद जोखिम में डाली जान; कई बार फोन के बाद भी नहीं उठा एसडीएम का फोन

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। रामगंगा और गंगा नदी में बढ़े जलस्तर से अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंझा की मड़ैया में प्रशासन की ओर से नाव चलाने के लिए चालक की व्यवस्था नहीं होने का आरोप है। मजबूरी में महिलाएं और लड़कियां खुद नाव की पतवार थामकर बाढ़ के पानी के बीच जरूरी काम के लिए आने-जाने को मजबूर हैं।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित है। नाव ही आने-जाने का सहारा है, लेकिन नाव चलाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई चालक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में महिलाएं स्वयं नाव चलाकर अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए बाहर निकल रही हैं। बाढ़ के पानी में इस तरह नाव चलाना जोखिम भरा है, बावजूद इसके ग्रामीणों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

उधर, गुलरिया बाली भावन गांव में बाढ़ का पानी करीब सात-आठ घरों में पहुंच गया है। ग्रामीण शिवओम ने बताया कि गांव में खांसी, बुखार समेत अन्य बीमारियों से लोग परेशान हैं। स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से होकर निजी चिकित्सकों के पास इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।

करीब चार वर्ष से निर्माणाधीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बाढ़ के पानी की चपेट में है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र अब तक पूरा नहीं हुआ है। बाढ़ के समय स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत बढ़ने के बावजूद अधूरा केंद्र ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रहा है।

बाढ़ प्रभावित महिला शिवश्री का कहना है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जिस जमीन पर बनाया गया है, वह उनकी निजी जमीन थी और जमीन के बदले उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।

कई बार फोन किया, नहीं उठा एसडीएम का फोन

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं और नाव संचालन की व्यवस्था को लेकर एसडीएम श्वेता साहू का पक्ष जानने के लिए कई बार दूरभाष पर संपर्क किया गया, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद एसडीएम का फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में बाढ़ के बीच फंसे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, तब जिम्मेदार अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

मंत्री राकेश राठौर को 35वें वार्षिक अधिवेशन का न्योता

सीतापुर पहुंचकर समाज के पदाधिकारियों ने सौंपा आमंत्रण पत्र, मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण मंत्री ने सहर्ष स्वीकारा

अमृतपुर फर्रुखाबाद

जिला राठौर साहू समाज फर्रुखाबाद के 35वें वार्षिक अधिवेशन एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समारोह को भव्य बनाने के लिए समाज के पदाधिकारी जुट गए हैं। इसी क्रम में समाज के पदाधिकारियों ने सीतापुर पहुंचकर नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु जी’ से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण पत्र सौंपा।

समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री को बताया कि 20 सितंबर 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे उत्सव गेस्ट हाउस, बढ़पुर देवी मंदिर के पास, फर्रुखाबाद में 35वें वार्षिक अधिवेशन एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के साथ ही समाज की एकजुटता और सामाजिक उत्थान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

आमंत्रण पत्र मिलने पर राज्य मंत्री राकेश राठौर ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण हर्ष के साथ स्वीकार कर लिया। मंत्री की स्वीकृति के बाद समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

इस दौरान जिला अध्यक्ष राम सिंह राठौर, संरक्षक एवं पूर्व जिला अध्यक्ष फतेहचंद राठौर, मोदी राठौर युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज राठौर एडवोकेट तथा प्रदेश अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह राठौर मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि वार्षिक अधिवेशन को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

आलू किसानों का आज कलेक्ट्रेट में विशाल आंदोलन,भीड़ जुटाने के लिए गांव-गांव हुई बैठके
आलू की हो सरकारी ख़रीद, किसानों को दिया जाए समर्थन मूल्य, कोल्ड स्टोरेज से निकासी कम सड़ने की कगार पर

फर्रुखाबाद। आलू किसान आन्दोलन  7 सितंबर को कलेक्ट्रेट पर होने वाले प्रदर्शन की गांव गांव में की गई बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आलू किसान दिनों-दिन बर्बाद होते जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि बर्बादी को रोकने के लिए सरकार को आलू नीति बनानी चाहिए, पिछले वर्षों की अपेक्षा इस समय कोल्डस्टोरेज में भण्डारित आलू की निकासी कम होने पर चौथाई आलू को फेंकने की नौबत आ सकती है,  ऐसे हालात में कोल्डस्टोरेज में भण्डारित आलू का भण्डार शुल्क किसान से न लिया जाए पूरा-पूरा सरकार चुकाए , प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने कहा कि भूसा 1200 रुपए  कुंतल गौशालाओं में न देकर दो तीन रुपए किलो वाले आलू को खिलाया जाए , प्रति राशनकार्ड एक पैकेट आलू दिया जाए , आज कमालगंज क्षेत्र के गांवों नौधापुर,नगला दलू,पकरिया,कंतला, कुंदन गनेशपुर, रानू खेड़ा, नगला उदी, आदि में व्यापार मंडल अध्यक्ष रामलड़ैते राजपूत, पूर्व प्रधान अनिल कुमार दीक्षित,राजेन्द्रसिंह पाल, मंडल उपाध्यक्ष अरविन्द राजपूत, प्रवीन पाल, सुरेश चन्द्र पाल,डा महिपाल सिंह लोधी, आढ़ती लक्ष्मी नारायण वर्मा, आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान : जिलाधिकारी

शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें

मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान : सांसद

भारत देश को विकसित राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का है कर्तव्य

जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा को प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

जनपद के शिक्षकों का "सम्मान समारोह कार्यक्रम" कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न

फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम गोरखपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एवं जनपद स्तर पर "शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" का आयोजन जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत संबोधन को कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया।

"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की स्मृति में मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन करते हैं। आज के समय में शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत के व्यक्तित्व को तराशने का एक सुअवसर है, जिसकी पात्रता सभी नागरिकों को प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश लागू हो सकता है, एक जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर से योजना लागू हो सकती है, परंतु एक शिक्षक अपने हस्ताक्षर से परीक्षाफल में अंक प्रदान करता है तो एक भावी पीढ़ी में उन्नति कारक परिवर्तन होता है। जिला प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है। शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत एवं लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें, जिससे वह आधुनिक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है। बच्चों का उज्जवल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षक भी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था आमजनमानस की दृष्टि में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके। राष्ट्र को विकसित बनाना प्रत्येक नागरिक का हम कर्तव्य है, इसलिए सभी नागरिक चाहे वह किसी भी विधा एवं क्षेत्र में कार्यरत हों अपने दायित्वों का निर्वहन लगन एवं उत्साह के साथ पूर्ण करें।

कार्यक्रम में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने कहा कि आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हम सभी ने मा0 मुख्यमंत्री जी के आशीर्वचन को सुना। उन्होंने कहा कि अपने देश में गुरु का महत्व आदिकाल से रहा है, जिसके दृष्टिगत हमारे देश में गुरु पूर्णिमा का पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है। समाज के निर्माण में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्र को ऊंचाइयों तक ले जाने में भी एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। विद्यार्थी के प्रति शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, उनके आचरण व्यवहार का प्रभाव विद्यार्थी पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, उनमें जनपद की शिक्षिका गीता वर्मा का नाम भी सम्मिलित है, यह हमारे जनपद के लिए अत्यधिक गर्व की बात है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों के प्रयासों से बच्चों में वाकपुटता एवं कौशल का विकास हो रहा है।

इस दौरान विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह अपेक्षा है कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करें, जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही जीवन में एक सफल नागरिक भी बन सके।

इस दौरान प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के विकास एवं उन्नति में एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। अभिभावक जितनी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का पालन पोषण करते हैं ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों की उन्नति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं। बच्चे विद्यालयों में शिक्षकों के आचरण एवं विचारों से प्रेरित होकर ही उन्हें अपने जीवन में धारण कर भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसी ऊर्जा है जिसके होने से व्यक्ति समाज में प्रत्येक चुनौती का सामना कर सकता है। जनपद के सभी शिक्षक इसी प्रेरणा के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्व का निर्वहन कर बच्चों की उन्नति में अपना सहयोग प्रदान करें।शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। जनपद स्तर पर आयोजित"शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम" में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 13 परिषदीय विद्यालय पी0एम0श्री0 योजना से आच्छादित हैं, जिनमें 147515 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं एवं समस्त विद्यालयों में कुल 6269 (1496 शिक्षक, 1542 शिक्षामित्र एवं 231 अनुदेशक) कार्यरत हैं। जनपद में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

सर्पदंश से महिला की मौत पुलिस ने भरा पंचनामा*

 पहाड़ी इलाकों से आए जहरीले सर्प घरों में बना रहे अपना ठिकाना

अमृतपुर फर्रुखाबाद 4 सितम्बर। थाना क्षेत्र के असम तितरफा गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। घर में चारपाई न होने के कारण जमीन पर सो रही एक 37 वर्षीय महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे ने 6 बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया है। शीतल (37 वर्ष), पत्नी प्रवेश, मूल निवासी पैथन कायमगंज है।बाढ़ के कारण जहरीले सांप निचले इलाकों और घरों में घुस रहे हैं। शाम को खाना खाने के बाद शीतल जमीन पर लेटी थी, तभी उसे सांप ने काट लिया। शीतल पिछले 6 महीने से अपनी ताई निर्मला के घर आसमपुर तितरफा में अपने छह बच्चों विशाल, गोलू, नैंसी, अरमान, अनिकेत और पारुल के साथ रह रही थी। ताई की कोई संतान न होने के कारण उन्होंने भतीजी को अपने पास रख लिया था।सांप काटने के बाद परिजन उसे लोहिया जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद हताश परिजन घर लौटकर झाड़-फूंक में भी जुटे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अमृतपुर थानाध्यक्ष दर्शन सिंह सोलंकी ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गंगा नदी में बाढ़ के चलते पहाड़ी क्षेत्र से जहरीले सांप इन इलाकों में आ गए हैं। जिनकी वजह से सर्प दंस की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पहाड़ी क्षेत्र से आए सर्प सूखे इलाकों की तरफ पहुंचकर अपना ठिकाना बना लेते हैं और फिर लोगों को डस लेते हैं। जिससे इन वर्षा के दिनों में सर्प से होने वाली मृत्यु का आंकड़ा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वह बाढ़ के इस मौसम में कृपया सतर्क रहें और जमीन पर सोने से बचें।

स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों की मदद को बढ़े कदम, जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में 15 लोगों ने किया रक्तदान


फतेहगढ़ स्थित जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 15 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में O Positive के 7, A Positive के 4 तथा B Positive के 4 रक्तदाता शामिल रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्त की आवश्यकता किसी भी मरीज को उपचार के दौरान पड़ सकती है। दुर्घटना में घायल मरीजों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने वाली महिलाओं तथा अन्य जरूरतमंद मरीजों के उपचार में समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में रक्तदान के माध्यम से उपलब्ध कराया गया रक्त जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के उपचार में उपयोगी साबित होता है। इसलिए स्वस्थ एवं पात्र लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और अपने आसपास के लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। नियमित रक्तदान शिविरों के आयोजन से रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाए।

शिविर में जिला कमांडेंट होमगार्ड धीरेंद्र नाथ सिंह (O Positive), गौरव सिंह गंगवार (O Positive), अजय दीक्षित (B Positive), कार्तिक बाथम (A Positive), अजय सिंह कुशवाहा (O Positive), रामनिवास सिंह (O Positive), प्रमोद कुमार वर्मा (A Positive), चंद्रावती (O Positive), सुनील (O Positive), वीर बहादुर सिंह (B Positive), भीखम दास (O Positive), इरशाद (B Positive), विनोद कुमार (A Positive), आदेश कुमार (A Positive) एवं कुलदीप (O Positive) ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच के उपरांत सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया तथा रक्तदाताओं को रक्तदान के महत्व और इसके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाली सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।

स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों की मदद को बढ़े कदम, जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में 15 लोगों ने किया रक्तदान


फतेहगढ़ स्थित जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 15 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में O Positive के 7, A Positive के 4 तथा B Positive के 4 रक्तदाता शामिल रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। रक्त की आवश्यकता किसी भी मरीज को उपचार के दौरान पड़ सकती है। दुर्घटना में घायल मरीजों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने वाली महिलाओं तथा अन्य जरूरतमंद मरीजों के उपचार में समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में रक्तदान के माध्यम से उपलब्ध कराया गया रक्त जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरत के समय किसी दूसरे व्यक्ति के उपचार में उपयोगी साबित होता है। इसलिए स्वस्थ एवं पात्र लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए और अपने आसपास के लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। नियमित रक्तदान शिविरों के आयोजन से रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाए।

शिविर में जिला कमांडेंट होमगार्ड धीरेंद्र नाथ सिंह (O Positive), गौरव सिंह गंगवार (O Positive), अजय दीक्षित (B Positive), कार्तिक बाथम (A Positive), अजय सिंह कुशवाहा (O Positive), रामनिवास सिंह (O Positive), प्रमोद कुमार वर्मा (A Positive), चंद्रावती (O Positive), सुनील (O Positive), वीर बहादुर सिंह (B Positive), भीखम दास (O Positive), इरशाद (B Positive), विनोद कुमार (A Positive), आदेश कुमार (A Positive) एवं कुलदीप (O Positive) ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच के उपरांत सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया तथा रक्तदाताओं को रक्तदान के महत्व और इसके माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाली सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।

सीएमओ ने पांच स्वास्थ्य केंद्रों का किया निरीक्षण, ड्यूटी से गायब कर्मचारियों पर जताई नाराजगी; मांगा स्पष्टीकरण


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने शनिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति परखने के लिए पांच स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कहीं सभी कर्मचारी उपस्थित मिले तो कई स्थानों पर कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कुछ कर्मचारी बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के प्रतिकर अवकाश पर थे। सीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीएमओ ने सीएचसी नवाबगंज, पीएचसी अचरा खलवारा, पीएचसी अचरिया बाकरपुर, पीएचसी संकिसा तथा पीएचसी पखना का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं तथा केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सीएचसी नवाबगंज में नियमित कर्मचारी अमित कुमार डेंटल हाइजीनिस्ट, धीरेन्द्र प्रताप सिंह लैब असिस्टेंट एवं राहुल कुमार वार्ड बॉय अनुपस्थित मिले। वहीं संविदा कर्मचारियों में रतन देव ऑप्टोमेट्रिस्ट आरबीएसके, आरती स्टाफ नर्स एनसीडी, अमृता सिंह लैब टेक्नीशियन एवं मंजू कुमारी एनसीडी काउंसलर भी अनुपस्थित पाई गईं। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन काटते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

पीएचसी अचरा खलवारा में फार्मासिस्ट प्रेम चंद्र उपस्थित मिले, जबकि स्टाफ नर्स अंकुर कुमार, लैब टेक्नीशियन आज्ञाराम एवं एएनएम सुहानी बिना उच्च अधिकारी की अनुमति के प्रतिकर अवकाश पर मिले। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना प्रतिकर अवकाश लेना नियमों के विपरीत है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसके बाद पीएचसी अचरिया बाकरपुर के निरीक्षण में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। सीएमओ ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों को समय से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पीएचसी संकिसा में एएनएम ममता यादव, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, एमओ डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. प्रभात त्रिपाठी अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के समय ये कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

पीएचसी पखना में डीएवी/आईएमओ प्रियंक पांडेय अनुपस्थित मिले, जबकि कैलाश बाबू एवं अंजली शाक्य बिना किसी सूचना के प्रतिकर अवकाश पर पाए गए। सीएमओ ने अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सीधे तौर पर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी है। इसलिए किसी भी कर्मचारी द्वारा बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवकाश लेना अथवा ड्यूटी से अनुपस्थित रहना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने तथा लापरवाही मिलने पर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक मरीज को उसके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर समय से उपचार, जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और ड्यूटी में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार की पूर्ण संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं :मुख्यमंत्री

*बाढ़ की समस्या के समाधान हेतु गंगा की ड्रेजिंग एवं तटबंध के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित किया जाएगा प्रस्ताव*

*बाढ़ से प्रभावित होने वाली फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए शीघ्र ही संबंधित कृषकों को मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ*

*लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण करेगा जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोड़ने का कार्य*

*स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का किया कार्य*

मुख्यमंत्री  ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का लिया जायजा*

मुख्यमंत्री  द्वारा 1000 परिवारों को राहत सामग्री किट, आश्रयहीन 31 परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि के गृह अनुदान राशि प्रमाण पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किए गए*


फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के द्वारा जनपद फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाईन, फतेहगढ़ में किया गया। कार्यक्रम में प्रशासक जिला पंचायत फर्रुखाबाद मोनिका यादव, सांसद  मुकेश राजपूत, सदस्य विधान परिषद प्रांशु दत्त द्विवेदी, विधायक सदर मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, विधायक अमृतपुर  सुशील कुमार शाक्य, विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर एवं विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि, जिला अध्यक्ष भाजपा फतेह चंद्र वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री  द्वारा सर्वप्रथम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया गया, इसके उपरांत कार्यक्रम में उपस्थित होकर 1000 लाभार्थी परिवारों को उनके स्थान पर जाकर प्रतीकात्मक रूप से बाढ़ राहत सामग्री किट का वितरण किया गया, जिससे वह पुनर्वास होने तक अपने जीवन को सुरक्षा के साथ सुचारू रूप से संचालित कर सकें।
इस दौरान मंच पर आसीन मुख्य अतिथि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्रयहीन 31 परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि के गृह अनुदान राशि प्रमाण पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाबा नीम करौली की पावन धरा, जिसे मां गंगा का सानिध्य प्राप्त हुआ, ऐसे फर्रुखाबाद को नमन करते हुए कहा कि आज फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों (सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर) का निरीक्षण करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि 102 गांव में बाढ़ की इस विभीषिका से जूझने के लिए मजबूर जनता के साथ सरकार की पूरी संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं हैं, आपदा की इस घड़ी में आप सभी अकेले नहीं है सरकार आपके साथ सदैव तत्परता के साथ खड़ी हुई है। सरकार आपकी जरूरत के लिए प्रत्येक सहायता आप तक पहुंचाने का कार्य करेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधि पिछले 15 दिवस से राहत कार्यों को लगातार तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। एक ओर सरकार की संवेदना पीड़ितों के प्रति है और दूसरी ओर बाढ़ राहत कार्य के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां, राहत शिविर और जिन गांवों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर भर गया है, वहां पर उन सभी प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है। राहत सामग्री किट 50 किलोग्राम की है, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम आलू, 02 किलोग्राम अरहर की दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसादी एवं डिग्निटी किट सहित अन्य आवश्यक सामग्रियां सम्मिलित हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचने का कार्य किया। पहली बार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जा रही है, चिकित्सकों द्वारा उपचार प्रदान किया जा रहा है तथा पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि समय के अनुरूप मां गंगा उथली हुई हैं। नदी जब भी उथली होगी तो उसके पानी का फैलाव भी होगा, जिससे अन्नदाताओं की फसलों का नुकसान होता है। बाढ़ का एकमात्र समाधान पूरे जनपद क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसके जल के प्रभाव को व्यवस्थित किया जाए और ड्रेजिंग के दौरान नदी से निकलने वाली सिल्ट का प्रयोग तटबंध के निर्माण में किया जाए, इस हेतु जिला प्रशासन से शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आख्या मांगी गई है, इसके साथ ही जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आप सभी की सेवा के लिए तैयार है। सरकार द्वारा बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान निकलने का कार्य किया जा रहा है जिससे फर्रुखाबाद को बाढ़ जैसी आपदा से मुक्त कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनपद फर्रुखाबाद में लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण होने जा रहा है, जो जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोड़ने का कार्य करेगा, जिसके फलस्वरुप फर्रुखाबाद जंक्शन बनने के पश्चात फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक एक्सप्रेस वे होगा, जनपद की कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मांगे गए हैं। फर्रुखाबाद खेती किसानी का बेल्ट है, जिसके दृष्टिगत सरकार द्वारा आलू की खेती करने वाले किसानों के कल्याण के लिए  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पेरू देश की सहायता से आगरा में आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र स्वीकृत किया गया है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित होने वाली फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए शीघ्र ही संबंधित कृषकों को फसल बीमा योजना के लाभ से आच्छादित किया जाएगा।          
  इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में बाढ़ की समस्या का एकमात्र निदान तटबंध का निर्माण है। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद जनपद सहित प्रदेश के सभी आलू किसानों को भाड़े में ₹100 कुंतल की सब्सिडी प्रदान की है, जिसके लिए मैं संपूर्ण प्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
कार्यक्रम में  विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि आज मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए और बाढ़ पीड़ितों से मिलकर जो उन्हें संबल देने का कार्य किया है, वह इस बात का साक्षात प्रमाण है कि मुख्यमंत्री प्रत्येक गरीब एवं दुखी व्यक्ति के साथ खड़े हैं।
कार्यक्रम में विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि ने अपने संबोधन में कहा कि यह बाढ़ हमारे लिए एक प्राकृतिक आपदा नहीं है बल्कि हमारे किसानों के महीनों की मेहनत पर संकट है। जब खेतों में खड़ी हुई फसलों में बाढ़ का पानी भरता है, तो उसके साथ किसने की उम्मीदें भी टूटती हैं। आज इस मंच से मैं बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूं कि सरकार एवं जिला प्रशासन सभी बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हुए हैं। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी बाढ़ पीड़ितों तक बाढ़ राहत सामग्री को पहुंचा, जिसके फलस्वरुप एक भी बच्चा इस आपदा की स्थिति में भोजन, शिक्षा एवं चिकित्सा उपचार से वंचित नहीं रहा, इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं।
इस दौरान सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में जब भी बाढ़ आती है, तो  मुख्यमंत्री का यही चिंतन रहता है, कि विस्थापित परिवारों को राहत कैसे पहुंचाई जाए एवं जिला प्रशासन की ओर से उन्हें किस प्रकार राहत राशि एवं आवासीय पट्टों का आवंटन किया जाए। उन्होंने  मुख्यमंत्री से बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ की समस्या से राहत हेतु पांचाल घाट गंगा जी के केंद्र से 40 किलोमीटर बाएं कंपिल तक एवं 40 से 50 किलोमीटर दाएं कमालगंज तक एक तटबंध बनाने की मांग की।
कार्यक्रम में उपस्थित अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज हमारे लिए अत्यधिक सौभाग्य का विषय है कि हम लोगों की इस दुखद घड़ी में पूरे प्रदेश के मुखिया आज हमारे कंधे पर हाथ रखने आए हैं, हमें सांत्वना प्रदान करने आए हैं एवं हमारा उत्साहवर्धन करने आए हैं। बाढ़ पीड़ित क्षेत्र की जनता की मांग है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिवर्ष आने वाली आपदा से राहत हेतु गंगा नदी की ड्रेसिंग एवं गंगा के किनारे तटबंध का निर्माण कार्य कराया जाए। बाढ़ के समय बिजली एवं पानी की समस्या के निदान हेतु सोलर प्लांट लगाया जाए जिससे बाढ़ पीड़ित लोगों को आपदा से राहत प्राप्त हो सके।
      कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सांसद मुकेश राजपूत एवं जिला अध्यक्ष भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री  को  महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्वागत स्वरुप भेंट की गई।
     कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनंद उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, पार्टी प्रतिनिधि एवं विशाल जन समूह उपस्थित रहा।