कृष्ण : जब अंधकार के बीच एक चेतना जन्म लेती है*
कृष्ण का जन्म उस रात हुआ था, जब बाहर भी अंधकार था और भीतर भी। मथुरा की कारागार में जन्मा वह बालक केवल देवकी और वसुदेव का पुत्र नहीं था; वह उस व्यवस्था के विरुद्ध जन्मी एक चेतना था, जो भय, अत्याचार और सत्ता के अहंकार पर खड़ी थी।

शायद इसीलिए कृष्ण का जन्मोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं है। यह मनुष्य के भीतर प्रकाश के जन्म का उत्सव भी है।

कृष्ण की कथा जितनी पुरानी है, उतनी ही आज की भी। समय बदला, राजसत्ताएँ बदलीं, शासन के तरीके बदले, समाज की संरचना बदली, लेकिन कंस का चरित्र समाप्त नहीं हुआ। हर युग में कोई न कोई सत्ता अपने अहंकार में मनुष्य की स्वतंत्रता को कुचलने लगती है। हर युग में भय को व्यवस्था का नाम दिया जाता है और मौन को विवेक समझ लिया जाता है।

ऐसे समय में कृष्ण हमें याद दिलाते हैं कि अन्याय के सामने निष्पक्ष रहना हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ा होना नहीं होता।

कृष्ण का जीवन विरोधाभासों का अद्भुत दर्शन है। उनके हाथ में बांसुरी है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही कृष्ण रणभूमि में सारथी बन जाते हैं। वे प्रेम के प्रतीक हैं, लेकिन अन्याय के सामने कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटते। वे राजमहल में भी सहज हैं और ग्वाल-बालों के बीच भी उतने ही अपने।

उनकी यही व्यापकता उन्हें केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का जीवंत रूप बनाती है।

कृष्ण का दर्शन मनुष्य को भाग्य के भरोसे बैठने की शिक्षा नहीं देता। गीता में वे कर्म की ओर लौटाते हैं। उनका संदेश है कि मनुष्य अपने अधिकार और कर्तव्य से विमुख होकर जीवन की कठिनाइयों से मुक्त नहीं हो सकता। कर्म से पलायन शांति नहीं देता; वह केवल भीतर एक और युद्ध पैदा करता है।

आज जब हम सफलता को परिणाम से और मनुष्य को उसकी उपयोगिता से मापने लगे हैं, तब कृष्ण का कर्मयोग हमें याद दिलाता है कि कर्म का मूल्य केवल उसके परिणाम में नहीं, उसकी निष्ठा में भी है।

राजनीति के क्षेत्र में कृष्ण को समझना और भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सत्ता को कभी अंतिम लक्ष्य नहीं माना। वे जानते थे कि सत्ता यदि लोककल्याण से कट जाए तो वह केवल शक्ति का प्रदर्शन बन जाती है। कंस का अंत इसलिए महत्वपूर्ण नहीं था कि एक राजा मारा गया; महत्वपूर्ण यह था कि भय के शासन के विरुद्ध न्याय की संभावना पैदा हुई।

महाभारत में कृष्ण की राजनीति हमें एक और कठिन सत्य सिखाती है—अच्छे समाज के निर्माण के लिए केवल अच्छे इरादे पर्याप्त नहीं होते; विवेक, रणनीति और समय की पहचान भी आवश्यक होती है।

उन्होंने युद्ध को उत्सव नहीं बनाया। उन्होंने शांति का प्रयास किया। लेकिन जब संवाद की सारी संभावनाएँ समाप्त हो गईं और अन्याय अपनी सीमा पार कर गया, तब उन्होंने अर्जुन को कर्तव्य से भागने नहीं दिया।

आज लोकतंत्र में हमारी सबसे बड़ी चुनौती भी शायद यही है कि हम राजनीति को केवल सत्ता प्राप्त करने का साधन न बनने दें। राजनीति का अर्थ यदि जनता के जीवन को बेहतर बनाना है, तो उसमें कृष्ण का विवेक चाहिए— जहाँ नीति हो, लेकिन नीति के केंद्र में मनुष्य हो; जहाँ शक्ति हो, लेकिन शक्ति के ऊपर न्याय हो; जहाँ असहमति हो, लेकिन शत्रुता न हो।

सामाजिक जीवन में भी कृष्ण की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है।

कृष्ण का लोकजीवन हमें बताता है कि संस्कृति केवल ऊँचे महलों और राजदरबारों में नहीं रहती। वह गाँव की गलियों में, लोकगीतों में, रिश्तों में, उत्सवों में और सामान्य मनुष्य की स्मृतियों में भी सांस लेती है। कृष्ण जितने राजाओं के हैं, उतने ही उस सामान्य जन के भी हैं जिसकी जिंदगी में उत्सव अक्सर कठिन परिस्थितियों के बीच आशा का एक छोटा-सा दीप होता है।

इसीलिए जन्माष्टमी के अवसर पर हमें केवल कृष्ण की मूर्ति के सामने दीप नहीं जलाना चाहिए; हमें अपने भीतर भी यह देखना चाहिए कि कहीं कोई अंधकार तो नहीं पल रहा।

क्या हम किसी कमजोर के साथ खड़े हैं?

क्या हम अन्याय देखकर चुप तो नहीं हैं?

क्या हमारी राजनीति समाज को जोड़ रही है या मनुष्यों के बीच दीवारें खड़ी कर रही है?

क्या हमारा धर्म हमें अधिक संवेदनशील बना रहा है या केवल दूसरों को गलत साबित करने का हथियार बन गया है?

कृष्ण की सबसे बड़ी चुनौती शायद यही है कि वे हमें पूजा से आगे बढ़कर आत्मपरीक्षण के लिए मजबूर करते हैं।

कृष्ण को जानना आसान है, कृष्ण को मानना भी आसान है; लेकिन कृष्ण को अपने आचरण में उतारना कठिन है।

क्योंकि कृष्ण केवल बांसुरी की मधुरता नहीं हैं, वे अन्याय के विरुद्ध उठी हुई चेतना भी हैं।

वे केवल राधा के प्रेम की स्मृति नहीं हैं, वे अर्जुन के संशय के बीच खड़ा हुआ विवेक भी हैं।

वे केवल मंदिरों के देवता नहीं हैं, वे उस मनुष्य के भीतर की आवाज हैं जो अंधकार में भी प्रकाश की संभावना को बचाए रखना चाहता है।

इस जन्माष्टमी पर यदि कृष्ण का जन्म सचमुच मनाना है, तो शायद हमें अपने भीतर तीन चीजों को जन्म देना होगा—विवेक, साहस और करुणा।

विवेक ताकि हम सही और गलत में अंतर कर सकें।

साहस ताकि सही के साथ खड़े हो सकें।

और करुणा ताकि हमारी विजय किसी दूसरे मनुष्य की पराजय का उत्सव न बन जाए।

कृष्ण की कथा हमें यह नहीं सिखाती कि जीवन में कभी अंधकार नहीं आएगा। वह तो यह सिखाती है कि अंधकार कितना भी गहरा हो, मनुष्य के भीतर प्रकाश को जन्म लेने से रोका नहीं जा सकता।

और शायद इसीलिए—कृष्ण का जन्म मथुरा की उस कारागार में एक बार नहीं हुआ था।

वे हर उस क्षण जन्म लेते हैं, जब भय के विरुद्ध साहस खड़ा होता है,

अन्याय के विरुद्ध न्याय आवाज उठाता है,और मनुष्य अपने भीतर के अंधकार पर प्रकाश को चुनता है।

यही कृष्ण हैं। यही जन्माष्टमी का वास्तविक अर्थ है।

अधिवक्ता संदीप पाण्डेय
अपर सचिव एवं मिशन निदेशक,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आराधना पटनायक,IAS द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया*
आज भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती आराधना पटनायक,आईएएस द्वारा जनपद सुल्तानपुर में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर अहिमाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भादा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदैयां का भ्रमण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, दवा एवं जांच सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुल्तानपुर श्री इन्द्रजीत सिंह भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान श्रीमती आराधना पटनायक द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं जनसामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उनके द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन हेतु संज्ञान में लिया गया। श्रीमती आराधना पटनायक ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एवं सेवा प्रदायगी पर संतोष व्यक्त किया तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना की। निरीक्षण के दौरान डॉ. अमित ओझा महाप्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीएम व एसपी की संयुक्त अध्यक्षता में जनमाष्टमी, गणेश पूजा व दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के

सुलतानपुर 03 सितम्बर/आगामी जनमाष्टमी, गणेश पूजा व दुर्गा पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की संयुक्त अध्यक्षता व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद प्रवीण कुमार अग्रवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल हिंदल, अपर जिलाधिकारी (प्रशा0) रत्नप्रिया, अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह व केन्द्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश की उपस्थिति में पीस कमेटी/धर्मगुरूओं के साथ बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता के सम्बन्ध में विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्व के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। अपर जिलाधिकारी(प्रशा0) द्वारा आगामी त्यौहार के दृष्टिगत थानावार, तहसीलवार पीस कमेटी की बैठक के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गयी। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण कर लें तथा सम्बन्धित पीस कमेटी से वार्ता कर सभी आधारभूत सुविधाओं जैसे- साफ-सफाई, बिजली, पानी, यातायात, सड़क आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को समय से अवगत करा दें, जिससे त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराया जा सके। उन्होंने नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को धार्मिक स्थलों तथा प्रमुख स्थानों पर साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा लॉ एण्ड ऑर्डर के दृष्टिगत समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारियों व थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी पीस कमेटी की बैठक अवश्य कर लें तथा सम्बन्धित शांति समितियों से बेहतर संवाद कायम करते हुए आगामी त्यौहार को शांतिपूर्ण व सकुशल सम्पन्न करायें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी पूजा समितियां अपने-अपने कार्यक्रम स्थलों पर सी.सी.टी.वी. कैमरों की व्यवस्था अवश्य करा लें तथा स्थल पर अपने वालेन्टियर्स की नियुक्ति करें। डी.जे. कम्पटीशन न हो ऐसा सुनिश्चित करें तथा डी.जे. की ध्वनि निर्धारित मानक के अनुरूप रखी जाय। उन्होंने कहा कि अनुमति प्रदान करते समय उपरोक्त सभी बातों का ध्यान रखें। पुलिस अधीक्षक महोदय ने पुलिस अधिकारियों को पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि डी.जे. व मूर्ति विसर्जन के दौरान ऊंचाई निर्धारित मानक जमीन से 12 फुट तक ही रखें, उससे अधिक ऊंचाई अनुमन्य नही होगी। उन्होंने कादीपुर, कूरेभार, मोतिगरपुर, गोसाईंगंज में जन्माष्टमी के अवसर पर लगने वाले मेलों के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था का विशेष प्रबन्ध करने के निर्देश सम्बन्धित थाना प्रभारियों को दिये। उन्होंने कहा कि सभी आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगामी त्यौहार को सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जनमाष्टमी, गणेश पूजा व दुर्गा पूजा पर्व आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द का पर्व है। जनपद में पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने जनपदवासियों से आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों जैसे- जिला पंचायतराज अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, ए.सी. विद्युत, एक्सीईन पी0डब्ल्यू0डी0 को निर्देशित किया कि सभी शांति समितियों द्वारा चिन्हित किये गये कार्यों को ससमय पूर्ण करायें। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, मुख्य अभियंता विद्युत वितरण खंड, संबंधित अधिशासी अभियंता, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, परिवहन विभाग तथा पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी, पीस कमेटी के प्रतिनिधि व धर्मगुरू उपस्थित रहे।
जनपद स्तरीय एमडीएम टास्क फोर्स,आपरेशन कायाकल्प तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु गहन समीक्षा बैठक हुई आयोजित*
मुख्य विकास अधिकारी महोदय की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत जिला अनुश्रवण समिति, जनपद स्तरीय एमडीएम टास्क फोर्स, आपरेशन कायाकल्प तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु गहन समीक्षा बैठक हुई आयोजित।* विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश।* सुलतानपुर 03 सितम्बर/मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में नवीन सभागार कलेक्ट्रेट में बेसिक शिक्षा, के अन्तर्गत बैठक का आयोजन कर बिन्दुवार गहन समीक्षा की गयी। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, जनपद स्तरीय एमडीएम टास्क फोर्स, आपरेशन कायाकल्प सहित अन्य बिन्दुओं तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु किये जा रहे उपायों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत जनपद के प्राथमिक /उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सापेक्ष बाउण्ड्रीवाल से असंतृप्त विद्यालयों के सम्बन्ध में समीक्षा की गयी, जिसमें विद्यालयों में भूमि विवाद के लंबित प्रकरण तथा अवशेष विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल का कार्य डीसी मनरेगा द्वारा तथा बाउण्ड्रीवाल का कार्य नगर पंचायत द्वारा कराया जाना है। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिये गये कि सभी लंबित कार्य जल्द पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों से सम्पर्क कर जल्द ही भूमि विवादों के प्रकरण को निस्तारित करायें। उन्होंने सड़क किनारे विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए पाया कि विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल का कार्य पूर्ण है, अधूरी बाउण्ड्रीवाल वाले विद्यालय, बाउण्ड्रीवाल विहीन विद्यालय अवस्थित हैं। उन्होंने सभी विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल का कार्य अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये तथा अवशेष विद्यालयों में शीघ्र रोड सेफ्टी बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार प्रा0/उ0प्रा0 विद्यालयों में दिव्यांगजन शौंचालय बनाने हेतु डीपीआरओ व समस्त ईओ नगर पालिका/नगर पंचायत को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दिव्यांगजनों को समस्त योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि दिव्यांग बच्चों की पहचान करा कर उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार समस्त आधारभूत सुविधाएं जैसे- दिव्यांग सर्टिफिकेट, अन्य उपकरण जैसे- ट्राई साइकिल, हेयरिंग मशीन सहित अन्य उपकरण उपलब्ध करायें। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत रसोइया मानदेय भुगतान, खाद्यान्न व कनवर्जन कास्ट की विद्यालयों में उपलब्धता तथा टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण एवं फल/दूध वितरण की समीक्षा की गयी। सभी जनपद स्तरीय/विकास खण्ड स्तरीय टास्क फोर्स अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करने का निर्देष दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आई.आई.टी. गाँधी नगर व खान एकाडेमी के सहयोग से संचालित क्युरिसिटी कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय में छात्राओं की एक्टिविटी के प्रतिषत को बढ़ाने हेतु निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कई पैरामीटर्स जैसे- निपुण ऐप, दीक्षा ऐप, मास्टर ट्रेनर, पैरेन्ट्स मीटिंग, मेडिकल एससमेन्ट कैम्प, प्रेरणा पोर्टल, शारदा पोर्टल, शिक्षक संकुल की बैठक, स्मार्ट क्लासेज, यू-डॉयस पोर्ट, जॉच समीक्षा ऐप, आई.सी.टी.सी. स्मार्ट क्लासेज आदि की समीक्षा की गयी तथा प्रगति लाने के निर्देष दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा लंबित निर्माण कार्यों में कार्यदायी संस्था के सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए छात्र/छात्राओं के शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले शिक्षकों को ईमानदारी पूर्वक पठन-पाठन के कार्य को करने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि समस्त विद्यालयों में पैरेन्ट्स मीटिंग का नियमित आयोजन किया जाय।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर का जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान,तत्काल सड़क ठीक कराने के दिए निर्देश
सुलतानपुर,तहसील लंभुआ,वि0ख0 पी.पी कामैचा की ग्राम पंचायत रामगढ़ से एक छोटी बच्ची द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से बारिश के दृष्टिगत क्षतिग्रस्त हुई अपने ग्राम की सड़क का निर्माण कराए जाने की अपील जिलाधिकारी महोदय से की गई ।
   
जिलाधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल उक्त ख़बर का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला पंचायतराज अधिकारी को सड़क ठीक कराने हेतु निर्देशित किया गया,जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ला द्वारा अवगत कराया गया है कि उक्त सडक विद्यालय को जोड़ने वाले मार्ग की नही है। उक्त सडक ग्राम के एक मजरे की है, जिस पर खडण्जा लगा हुआ है। बरसात के कारण जलबहाव होने पर खडण्जे पर मिट्टी जमा होने के कारण कीचड़ हो गया है। उक्त सड़क का मरम्मत कराने हेतु ग्राम पंचायत की कार्ययोजना में सम्मिलित किया गया है। बरसात समाप्त होने के उपरान्त उक्त खडण्जे का मरम्मत प्राथमिकता पर करा दिया जायेगा।
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारम्भ कार्यक्रम सम्पन्न*
रिपोर्ट/लालजी आउटसोर्स भर्तियों में पारदर्शिता एवं युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल। सुलतानपुर,उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के शुभारम्भ के अवसर पर आज पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार, सुलतानपुर में भव्य एवं गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मा0 जिलाध्यक्ष भाजपा सुशील त्रिपाठी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उ0प्र0 सहकारी बैंक के अध्यक्ष योगेन्द्र प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लाल चन्द्र सरोज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, आउटसोर्स कर्मी एवं जनसामान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका द्वारा उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सभागार में लखनऊ से मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के शुभारम्भ कार्यक्रम का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सजीव प्रसारण किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मियों एवं जनसामान्य ने मा0 मुख्यमंत्री जी के उद्बोधन एवं कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना। तदोपरान्त अतिथियों द्वारा मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों ज्योति, सोनम, जगन्नाथ, पंकज, हौंसिला एवं मिथिलेश सहित अन्य लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक वितरित किये गये। इसके साथ ही लाभार्थी हिमांशु, अर्जुन, श्याम, मंसूर, अरविन्द, घनश्याम, गणेश एवं रवि सहित अन्य लाभार्थियों को पीपीई किट का वितरण किया गया। योजना का लाभ प्राप्त कर लाभार्थियों के चेहरे पर प्रसन्नता एवं संतोष दिखाई दिया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मियों के हित में उठाये गये इस महत्वपूर्ण कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती एवं सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में अधिक पारदर्शिता एवं सुव्यवस्था स्थापित होने की उम्मीद है। उन्होंने उपस्थित आउटसोर्स कर्मियों को शासन की इस पहल से मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि मा0 जिलाध्यक्ष भाजपा द्वारा उपस्थित आउटसोर्स कर्मियों एवं जनसामान्य को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण एवं उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की स्थापना आउटसोर्स व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से आउटसोर्स भर्तियों में पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने तथा योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी तथा कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने जनसामान्य से आह्वान किया कि वे स्वयं शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के साथ-साथ अपने आसपास रहने वाले पात्र लोगों को भी योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें लाभ प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करें। कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों द्वारा भी उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारम्भ को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि शासन की योजनाओं एवं नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए पात्र व्यक्तियों तक उनका लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित आउटसोर्स कर्मियों एवं जनसामान्य को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना के उद्देश्य एवं इससे संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त हुई। उपस्थित लोगों ने प्रदेश सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे आउटसोर्स व्यवस्था में पारदर्शिता एवं बेहतर प्रबंधन की दिशा में उपयोगी कदम बताया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में पौधा प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इसके उपरान्त धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गयी।
अतिवृष्टि से बेसिक स्कूलों में जलभराव, धारूपुर के विद्यालयों में छत भी टपक रही
सुल्तानपुर,जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकांश विद्यालयों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विकास क्षेत्र कुड़वार के प्राथमिक विद्यालय धारूपुर एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय धारूपुर भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। विद्यालय परिसर में पानी भरने के साथ ही बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है। प्राथमिक विद्यालय धारूपुर में 78 छात्र-छात्राएं, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय धारूपुर में 79 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में विद्यालय परिसर में जलभराव और छत से पानी टपकने के कारण बच्चों एवं शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। अभिभावकों एवं ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ बच्चों के फिसलने तथा अन्य दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय परिसर से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा जर्जर छत की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए |
मानदेय में बढ़ोतरी,समय से भुगतान समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपा ज्ञापन*
सुल्तानपुर में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के आउटसोर्स कर्मचारियों ने उठाई मांगें।

सुलतानपुर,स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने मानदेय में बढ़ोतरी, समय से भुगतान सहित पांच सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि कार्य और जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि राज्य/मंडल/जनपद/विकासखंड स्तर पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को एनआरएलएम की तर्ज पर मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही शासन स्तर से निर्धारित मानदेय का समय से भुगतान सुनिश्चित करने तथा मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि आउटसोर्स कर्मचारियों को आकस्मिक मृत्यु एवं दुर्घटना की स्थिति में उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। महिला आउटसोर्स कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश (मेटरनिटी लीव) के दौरान मानदेय देने की व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा राज्य, मंडल, जनपद और विकासखंड स्तर पर कार्यरत सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को एचआर पॉलिसी का लाभ देने तथा स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई। कर्मचारियों ने अधिकारियों से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है। ज्ञापन पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जनपद सुलतानपुर में कार्यरत कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। गौरतलब है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी सुविधाओं की मांग उठाई जा रही है।
सुल्तानपुर,भारतीय शिक्षा बोर्ड की संगोष्ठी, विषय-आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश*
BSB संगोष्ठी में वक्ता बोले - शौर्य और साहित्य के बिना शिक्षा अधूरी।

सुल्तानपुर,भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) के तत्वावधान में पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विषय था - आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश"। दिनांक 1 सितंबर 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य सिर्फ विज्ञान और गणित पढ़ाना नहीं, बल्कि शौर्य और साहित्य का संकल्प पैदा करना भी है। इसके बिना शिक्षा अधूरी है। मुख्य वक्ता ने कहा कि लोग सवाल उठाते हैं कि साइंस और मैथ्स दूसरे बोर्ड में है वही BSB में भी है तो अलग क्या है? उन्होंने कहा कि अलग है हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार और सोच। मुख्य वक्ता स्टेज से बोले उनकी मूर्तियाँ और पंडित राम नरेश त्रिपाठी के नाम से सभागार, ये संपूर्ण परिवेश ही भारतीय शिक्षा बोर्ड के उद्देश्य को दर्शा रहा है। शौर्य और साहित्य का संकल्प... नहीं पैदा कर पाते हैं तो शिक्षा व्यवस्था अधूरी है। बहुत सारे लोग सवाल उठाते हैं उनसे कि जिस विज्ञान की बात आप कर रहे हैं, जिस मैथमेटिक्स की बात आप भारतीय शिक्षा बोर्ड में कर रहे हैं, वो सारे मैथमेटिक्स और साइंस तो दूसरे बोर्ड की किताबों में भी है, तो इसमें क्या है? अब तो कहते हैं लोग... और शिक्षक पहले मारते बहुत थे,अब तो खैर कानून ने ही मना कर दिया कि नहीं मारना, लेकिन पहले शिक्षक यहाँ मारते थे, यहाँ ये सारे पॉइंट्स हैं अक्कुप्रेशर वाले तो ऐसे हाथ करते थे तो मारा तो यहाँ खुल जाता था।
2027 में सुलतानपुर की पांचों सीटों पर जीत का परचम फहराना है : मीना चौबे

*‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करें कार्यकर्ता : मीना चौबे*

*मिशन-2027 को लेकर भाजपा चुनावी मोड में, 2156 बूथों का होगा सत्यापन*

सुलतानपुर। मिशन-2027 को लेकर भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। संगठन ने बूथों को मजबूत और फुलप्रूफ बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जिले के सभी 2156 बूथों एवं समितियों का 4 सितम्बर तक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के 26 मंडलों की कार्यसमिति का भी भौतिक सत्यापन होगा।

भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जिला योजना बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रभारी मीना चौबे ने कहा कि 2027 में सुलतानपुर की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम फहराना है। ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करते हुए प्रत्येक बूथ को मजबूत कर पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।उन्होंने कहा कि 2 सितम्बर को सभी 26 मंडलों में कार्यसमिति की बैठक कर मंडल पदाधिकारियों, सदस्यों  का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बूथवार प्रमुख जातियों का अनुमानित डेटा तैयार करने के साथ मंडल स्तर पर पक्ष एवं विपक्ष के प्रमुख नेताओं की सूची भी तैयार की जाएगी, जिससे चुनावी रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सके।

जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मिशन-2027 की जीत के लिए संगठन को बूथ स्तर तक पूरी ताकत के साथ जुटना होगा और प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करे।जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि जिले के सभी 2156 बूथों के भौतिक सत्यापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। बैठक का संचालन जिला महामंत्री संदीप सिंह ने किया।इस मौके पर डॉ. सीताशरण त्रिपाठी, घनश्याम चौहान, विजय त्रिपाठी, डॉ. प्रीति प्रकाश, आनंद द्विवेदी, रामेंद्र सिंह राणा, आशीष सिंह, आलोक आर्य, राजेश सिंह, अखिलेश जायसवाल, चंदन नारायण सिंह, कुसुमलता मौर्य, रेखा निषाद, प्रदीप शुक्ल, शिवाकांत मिश्रा,  रचना अग्रवाल, रीना जायसवाल, संतोष सिंह, सूर्य नारायण पांडेय, प्रदीप शर्मा, सोहनलाल निषाद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।