आजमगढ़ : फत्तेपूर गांव में सरकारी कोटे की दुकान आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप ,खुली बैठक में मची भगदड़
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खालिद खान )
दीदारगंज (आजमगढ़ ) ।मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत कस्बा फत्तेपुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक के दौरान पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण भारी भीड़ जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी (एजी) रघुनाथ राय ने ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही रजिस्टर भरवाया और करीब 500 ग्रामीणों से हाथ उठवाकर समर्थन की प्रक्रिया कराई। परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों समूहों के समर्थकों की संख्या की सही गणना नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई थी। इसमें कस्बा फत्तेपुर गांव के सिद्धार्थ स्वयं सहायता समूह और चमेली स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया था। इसके बाद 20 अगस्त को पुनः बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के बीएमएम विक्रम सिंह ने दोनों समूहों की कार्यप्रणाली की रेटिंग की। इसमें सिद्धार्थ समूह को 34 अंक तथा चमेली समूह को 30 अंक मिले थे। बैठक में मौजूद ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर राज कमल राय ने सिद्धार्थ समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए अनुमोदित किया था। इसी क्रम में अग्रिम कार्रवाई के लिए 27 अगस्त को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में एडीओ एजी रघुनाथ राय करीब 12 बजे पहुंचे और सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही शुरू कर दी। इसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन परिसर में पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के समर्थकों की गिनती नहीं हो सकी और देखते ही देखते अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसके बाद एडीओ एजी ने चमेली समूह के समर्थकों से करीब 11 पेज पर हस्ताक्षर कराए, जबकि रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ समूह के समर्थकों को घर जाने के लिए कहा गया। इस पर सिद्धार्थ समूह के समर्थकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि अधिकारियों द्वारा एकपक्षीय तरीके से कार्रवाई की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के साथ मार्टिनगंज के उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता से की।
एसडीएम ने कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि नियमों के विपरीत कार्यवाही या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव, एडीओ एजी रघुनाथ राय, बीएमएम विक्रम सिंह, कस्बा फत्तेपुर ग्राम प्रधान पति सुरजीत कनौजिया, पूरंदपुर प्रधान श्रीकांत राय, डेमरी मखदुमपुर के पूर्व प्रधान पति जुलकदर सहित सरायमीर थाना पुलिस के कांस्टेबल सौरभ पांडे, शशिकांत तिवारी एवं उपनिरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
Aug 29 2026, 10:51
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