सत्ता परिवर्तन से ही व्यवस्था परिवर्तन संभव - आईपी रामबृज*
*कांशीराम जी बहुजन समाज का राज देखना चाहते थे, आजाद समाज पार्टी ने द्वितीय चरण की यात्रा का किया ऐलान*
प्रयागराज
Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह
मान्यवर कांशीराम साहब देश में बहुजन समाज का राज देखना चाहते थे, यह केवल सत्ता परिवर्तन का सपना नहीं बल्कि उस व्यवस्था के परिवर्तन का संकल्प था जिसमें सदियों से वंचित, शोषित और उपेक्षित समाज को उसके अधिकारों से दूर रखा गया। उक्त बातें आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पूर्व जिला प्रभारी व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने प्रेस विज्ञप्ति में कही।
उन्होंने कहा कि बहुजन का राज मतलब ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था जिसमें शासन कुछ परिवारों, जातियों या वर्गों की जागीर न हो, बल्कि जिसकी आबादी जितनी बड़ी हो उसकी राजनीतिक भागीदारी भी उतनी ही मजबूत हो। यह सपना ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहू महाराज, पेरियार, नारायणा गुरु, डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम साहब की विचारधारा से निकला है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि बहुजन समाज अपनी शक्ति को संगठन, संघर्ष और सत्ता में परिवर्तित करे। वोट हमारा हो, नेतृत्व हमारा हो और नीतियां भी हमारे हितों को ध्यान में रखकर बनें। बहुजन का राज नफरत नहीं बल्कि बराबरी, न्याय और प्रतिनिधित्व की लड़ाई है।
उन्होंने बताया कि सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन यात्रा का द्वितीय चरण शुरू हो रहा है। इसका उद्देश्य वंचित, शोषित, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर, युवा, छात्र और महिलाओं की आवाज को मजबूती से उठाना और गांव-गांव, वार्ड-वार्ड, बूथ-बूथ तक जनजागरण करना है।
Aug 24 2026, 19:27
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