औरंगाबाद के सदर अस्पताल में गजब लापरवाही, बिच्छू ने काटा तो डॉक्टर ने लिखा एंटीवेनम, नर्स ने तैयार कर दिया दूसरा इंजेक्शन, मरीज ने बचाई जान

,औरंगाबाद बिहार के औरंगाबाद के सदर अस्पताल में 'बीमारी कान का और इलाज आंख का' वाली कहावत लागू हुई है। मामला बिच्छूदंश के एक मरीज से जुड़ा है। डॉक्टर ने पर्ची पर लिखा एंटीवेनम, नर्स ने कर ली दूसरा इंजेक्शन देने की तैयारी-दरअसल देव के ढ़िबरा थाना क्षेत्र के बरंडा गांव के रंजीत कुमार मेहता बिच्छू काटने के बाद इलाज कराने औरंगाबाद सदर अस्पताल आये थे।

चिकित्सक ने उनका इलाज शुरू किया और कुछ दवाएं व एंटीवेनम इंजेक्शन लिखे। वही नर्स ने डॉक्टर की पर्ची पर लिखे एंटीवेनम इंजेक्शन की जगह दूसरा इंजेक्शन देने की तैयारी कर ली। लगाने से पहले मरीज ने देख लिया इंजेक्शन- गनीमत यह रही कि मरीज ने समय रहते इंजेक्शन देख लिया और अपनी जान बचा ली। मरीज ने बताया कि डॉक्टर ने पर्ची पर एंटीवेनम इंजेक्शन लिखा था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात नर्स रूही कुमारी ने कथित तौर पर पर्ची पढ़ने में गलती कर दी और वह ‘ऑनडेम’ इंजेक्शन देने की तैयारी करने लगीं।

इंजेक्शन लगाने से ठीक पहले रंजीत की नजर इंजेक्शन पर पड़ गई। उन्होंने नर्स से सवाल किया, जिसके बाद मामला गरमा गया। मरीज और नर्स के बीच काफी देर तक बहस हुई। डॉक्टर तक पहुंचा मामला-इसके बाद परिजन डॉक्टर के पास पहुंचे और उनसे पूछा कि आखिर पर्ची पर कौन-सा इंजेक्शन लिखा गया था। डॉक्टर प्रदीप कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ‘ऑनडेम’ नहीं, बल्कि बिच्छू के जहर के इलाज के लिए एंटीवेनम इंजेक्शन लिखा था।

गलत इंजेक्शन पड़ने पर मरीज को भुगतने पड़ते गंभीर परिणाम-मरीज और उसके परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते इंजेक्शन पर उनकी नजर नहीं पड़ती तो गलत दवा शरीर में जा सकती थी और गंभीर परिणाम हो सकते थे। गलत इंजेक्शन लगने से मरीज की जान भी जा सकती थी।

अस्पताल प्रबंधक ने नर्स की गलती स्वीकारी-मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार निराला ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि नर्स से इंजेक्शन का नाम पढ़ने में गलती हुई है। उन्होंने इसे गंभीर और अक्षम्य लापरवाही बताया। अस्पताल प्रबंधक के अनुसार संबंधित नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सदर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल-अब सवाल यह है कि अगर मरीज खुद सतर्क नहीं होता तो क्या होता? सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में दवा या इंजेक्शन की पहचान में इस तरह की गलती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय कर क्या कदम उठाए जाते हैं।

सरकार के दावों पर भी सवाल-भले ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदर अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन औरंगाबाद के मॉडल सदर अस्पताल से सामने आई इस घटना ने सरकार के इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय

पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप के कथित वीडियो से सियासत गरम, आचरण को लेकर उठे सवाल

औरंगाबाद। खुद को जनता का हितैषी और मुसलमानों का रहनुमा बताने वाले पूर्व मुखिया कुणाल प्रताप का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद इलाके की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वायरल बताए जा रहे वीडियो में कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल, धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब और कहां का है, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कुणाल प्रताप पूर्व विधायक बीरेंद्र कुमार सिन्हा के पुत्र और पूर्व मुखिया बताए जाते हैं। राजनीतिक हलकों में उन्हें पूर्व विधायक ऋषि कुमार का करीबी भी माना जाता है। ऐसे में उनके कथित वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। समर्थक और विरोधी वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं। वहीं, पूरे मामले की वास्तविकता निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि वीडियो में जिस तरह का घटनाक्रम नजर आ रहा है, उससे कुणाल प्रताप के सार्वजनिक दावों और व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विरोधियों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव में ऋषि कुमार की हार के बाद कुणाल प्रताप क्षेत्र में लगातार राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और इसी क्रम में उनका कथित व्यवहार सामने आया है। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की सक्रियता बढ़ रही है। ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक कार्यकर्ता से जुड़े विवादित वीडियो के सामने आने से राजनीतिक बहस और तेज होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि जांच में वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उसमें शामिल लोगों की भूमिका सही पाई जाती है, तो क्या संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी। हालांकि, पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में फिलहाल किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके राजनीतिक दावों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और आचरण से भी तय होती है। ऐसे में वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आना महत्वपूर्ण है। फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता, घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस कथित वीडियो ने इलाके की सियासत में जरूर नई चर्चा छेड़ दी है।

औरंगाबाद के पौथू में शर्मनाक वारदात: नाबालिग से दुष्कर्म के बाद फरार हुए 2 युवक, पुलिस कर रही छापेमारी

औरंगाबाद औरंगाबाद जिले के पौथू थाना क्षेत्र के एक गांव में दो युवकों ने शौच करने जा रही नाबालिग किशोरी को उठा लिया। दोनों उसे सुनसान खेत में ले गए, जहां गंदा काम करने के बाद उसे नंगी हालत में छोड़ दिया और फरार हो गए। इसे लेकर पीड़िता की मां ने स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।मामले को लेकर पुलिस को दिए शिकायत आवेदन में पीड़िता की मां ने कहा है कि उनकी 16 वर्षीया पुत्री सोमवार की शाम 07.30 बजे शौच के लिए घर से निकली। आधे घंटे बाद वह जब घर नही लौटी तो वह पति को साथ लेकर उसे ढूंढ़ने खेतों की ओर गई। इसी दौरान मेरे पति को सुनसान खेत की ओर से कराहने की आवाज सुनाई दी। आवाज की ओर जाने पर मेरी बेटी खेत में नग्न अवस्था में मिली, जिसे देखकर मैंने उसके शरीर को अपने आंचल से ढ़का। इसके बाद नाबालिग किशोरी ने रोते हुए माता-पिता को पूरी घटना की आपबीती बताई। उसने माता-पिता को बताया कि शौच के लिए घर से निकलकर कुछ दूर जाते ही गांव के दो युवकों ने मुंह दबाकर उसे उठा लिया। दोनों उसे लेकर सुनसान खेत में ले गए, जहां एक ने उसके शरीर के सारे कपड़े उतार कर गंदा काम किया और दूसरा युवक उसका मुंह दबाए रखा। इसके बाद दोनों उसे खेत में ही नंगा छोड़कर फरार हो गये। मामले में पौथू थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि पीड़िता की मां के शिकायत आवेदन के आधार पर बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में दो युवकों को नामजद आरोपी बनाया गया है। दोनों नामजदों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस शीघ्र ही दोनों को गिरफ्तार कर लेगी।