30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की समीक्षा करें
-  गोवंश के लिए हरा चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश; 70 फीसदी टीकाकरण पूरा कराने का लक्ष्य
लखनऊ। प्रदेश में गोसंरक्षण, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध विकास योजनाओं को गति देने के लिए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की मंडलवार समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।

विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में गोसंरक्षण, हरा चारा, संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान और दुग्ध समितियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-  30 अगस्त तक 70 फीसदी टीकाकरण
धर्मपाल सिंह ने संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे पशु टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 अगस्त तक कम से कम 70 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अभियान की नियमित निगरानी करते हुए लक्षित पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।

-  किसानों से अनुबंध कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा हरा चारा
मंत्री ने गौशालाओं में हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ अनुबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं को लगातार हरा चारा मिल सकेगा और किसानों को भी इसका आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जुलाई 2026 में विभागीय अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में सामने आई कमियों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा। निरीक्षण में कई गो-आश्रय स्थलों पर जलभराव और कीचड़, खड़ंजा-पंडना, हरे चारे व पशु आहार, शेड एवं बाउंड्रीवाल तथा अभिलेखीकरण और टैगिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। गोंडा, बहराइच, मुरादाबाद, अमरोहा, वाराणसी, जालौन, संत कबीर नगर, उन्नाव, अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर समेत कई जिलों में इन कमियों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।

-  बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले से हो पुख्ता इंतजाम
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशुओं के लिए चारा, भूसा, दवाएं और पेयजल समेत सभी आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था करने को कहा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा परिस्थितियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुपालकों और गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

-  हर गांव में दुग्ध समिति बनाने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में धर्मपाल सिंह ने हर गांव में दुग्ध समिति गठित करने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को समितियों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके दूध का बेहतर मूल्य और लाभ मिल सके। मंत्री ने पराग उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि दुग्ध विकास से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाई जाए और उत्पादों की बाजार में बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा हरे चारे-भूसे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा। साथ ही एफएमडी टीकाकरण, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध समितियों के गठन की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
ऑपरेशन 'साइबर कवच' के दृष्टिगत थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 1,00,000/- रूपये कराए गए वापस

पैसे वापस मिलने पर पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


गोण्डा। साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 1,00,000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

आवेदक  अरविन्द कुमार मिश्रा पुत्र जनार्दन मिश्रा निवासी ग्राम पूरेगाना बादलपुर थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड के संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। साइबर फ्राड गिरोह द्वारा क्यूआर कोड़ भेज कर 1 लाख रूपये का साइबर फ्राड कर लिया गया है। उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा जनपदीय साइबर सेल टीम की सहयोग से कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 1,00,000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
1. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
2. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
3. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
4. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
5. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
6. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
7. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
8. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
9. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।
किसानों को शत-प्रतिशत समय से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी

*कुन्दरखी चीनी मिल को भुगतान में लापरवाही पर सख्त चेतावनी, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिये निर्देश*


*गन्ना ढुलाई में ट्राला का प्रयोग न करें, वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगायें अनिवार्य-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 12 अगस्त,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद की सभी चीनी मिलों के यूनिट हेड एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ गन्ना मूल्य भुगतान एवं किसानों से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने चीनी मिलवार गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कुन्दरखी चीनी मिल के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गन्ना किसानों को उनके गन्ने का मूल्य भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों को उनके भुगतान के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने जनपद की सभी चीनी मिलों के यूनिट हेड को निर्देशित किया कि गन्ना किसानों के भुगतान की नियमित रूप से समीक्षा करते हुए लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गन्ना किसान कृषि अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए। किसानों की आय में वृद्धि के लिए नवीन एवं प्रभावी उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

गन्ना ढुलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गन्ना परिवहन में ट्राला का प्रयोग न किया जाए तथा गन्ना ढोने वाले सभी वाहनों के पीछे अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

उन्होंने मिल प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को समय से भुगतान, उनकी समस्याओं का समाधान तथा गन्ना परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनपद की सभी चीनी मिलों के यूनिट हेड उपस्थित रहे।
ऑपरेशन 'साइबर कवच' के दृष्टिगत थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 1,00,000/- रूपये कराए गए वापस
पैसे वापस मिलने पर पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


गोण्डा। साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 1,00,000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

आवेदक  अरविन्द कुमार मिश्रा पुत्र जनार्दन मिश्रा निवासी ग्राम पूरेगाना बादलपुर थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड के संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। साइबर फ्राड गिरोह द्वारा क्यूआर कोड़ भेज कर 1 लाख रूपये का साइबर फ्राड कर लिया गया है। उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा जनपदीय साइबर सेल टीम की सहयोग से कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 1,00,000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
1. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
2. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
3. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
4. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
5. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
6. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
7. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
8. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
9. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।
उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 01 और वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी तरबगंज  उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0- 94/2026, धारा 115(2), 352, 351(3), 324(4), 109(1), 109(2) बीएनएस से सम्बन्धित 01 और वांछित अभियुक्त 01. मोनू पुत्र बाबूलाल निवासी बाबामठ बरौली थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा को ढेकिया पुल के आगे पेट्रोल पम्प से गिरफ्तार किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

वादिनी द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 04.05.2026 को उसके गाँव के विपक्षीगण द्वारा उसके घर पर आये और गाली गुप्ता देते हुए उसके घर का टीना शेट तोड़ दिये, और मना करने पर वादिनी, उनके पुत्र, बहू , नातिन को भी मारे पीटे है। जिससे वादिनी के पुत्र अनील सिंह को गम्भीर चोटे आयी है। वादिनी की तहरीर पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ तथा साक्ष्य संकलन के आधार धारा 109(1) बीएनएस की बढोत्तरी हुई थी। दिनांक 08.05.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा वांछित 03 वांछित अभियुक्तों 01. बाबूलाल पुत्र जगदीश यादव, 02. सोनू पुत्र बाबूलाल, 03. लवकुश पुत्र चन्दू यादव को बाबामठ गाँव के मोड़ तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
आज दिनांक 12.08.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा घटना में संलिप्ट 01 और आरोपी अभियुकत मोनू पुत्र बाबूलाल को ढेकिया पुल के आगे पेट्रोल पम्प से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।
नगर निकायों की योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

*कार्य प्रारम्भ एवं पूर्ण होने की फोटोग्राफी अनिवार्य, पीपीटी व मीटिंग बुकलेट में प्रस्तुत करने के निर्देश-जिलाधिकारी*
*बैठक से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर ईओ परसपुर को शोकाज नोटिस तथा वेतन रोकने के निर्देश*


*गोण्डा 12 अगस्त,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के समस्त स्थानीय नगर निकायों से संबंधित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, नगरीय झील, तालाब एवं पोखरा, अन्त्येष्टि स्थल, सामुदायिक शौचालय, वन्दन योजना, आकांक्षी योजना, अवस्थापना निधि, 15वें वित्त आयोग, नगरीय गौशाला सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के नगर निकायों में संचालित विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान बिना किसी सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत परसपुर अनुराग शुक्ला के विरुद्ध जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने तथा वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है और बिना सूचना अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकास कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व की फोटोग्राफ तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखी जाए। दोनों चरणों की फोटोग्राफ को पीपीटी एवं मीटिंग बुकलेट में प्रस्तुत किया जाए, जिससे कार्य की वास्तविक प्रगति एवं गुणवत्ता का स्पष्ट सत्यापन किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट अद्यतन रखते हुए प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करें। नगर निकायों में संचालित जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा स्वीकृत परियोजनाओं को समय से पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता, अपर उपजिलाधिकारी सविता शुक्ला, अपर उपजिलाधिकारी विनीत कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका गोण्डा सन्तराम, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका करनैलगंज, अधिशासी अधिकारी खरगूपुर, तरबगंज, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मुजेहना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूल वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान, 4 वाहन सीज


*खोरहंसा, दर्जीकुआं, वजीरगंज, मुन्नन खां चौराहा व सर्कुलर रोड पर हुई कार्रवाई*


*गोण्डा, 11 अगस्त 2026*। शासन के निर्देशों एवं जिला प्रशासन के आदेश के अनुपालन में जनपद में स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा खोरहंसा, दर्जीकुआं, वजीरगंज, मुन्नन खां चौराहा, सर्कुलर रोड सहित विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

चेकिंग के दौरान स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में फिटनेस फेल, परमिट फेल एवं अन्य परिवहन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 04 स्कूल वाहनों को सीज किया गया। संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त होने वाले सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस वैध एवं अद्यतन होनी चाहिए। वाहनों का परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक अभिलेख पूर्ण एवं वैध रखे जाएं। किसी भी दशा में अनफिट अथवा परमिट फेल वाहन का संचालन न किया जाए।


*11 से 25 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान, अनफिट व परमिट फेल वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई*


शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के आदेश के क्रम में 11 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न मार्गों, प्रमुख चौराहों एवं अन्य स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
विशेष रूप से अनफिट, परमिट फेल एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसे वाहनों को नियमानुसार सीज किया जाएगा। अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रबंधकों एवं वाहन संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य समस्त आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त रखें और वाहन को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित करें।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन संचालक अभियान के दौरान सहयोग प्रदान करें तथा बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन नियमों का पूरी तरह पालन करें।
डायट प्रवक्ता से 9.11 लाख की ठगी,प्लाट के नाम पर धोखाधड़ी
*रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गोंडा।जिले में डायट प्रवक्ता से आवासीय प्लॉट देने के नाम पर 9.11 लाख रूपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।आरोप रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक व कर्मचारियों पर है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर शाम लगभग 8 बजे बिहार के सीवान निवासी अश्विनी सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।जिला मुख्यालय स्थित विष्णुपुरी कालोनी निवासी डायट प्रवक्ता संदीप जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गोरखपुर के ग्राम उनौला दोयम और पतरा में आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए आरवीएस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था।जिसके बाद कंपनी द्वारा प्लॉट की कीमत 12.60 लाख रुपये तय की गयी थी।संदीप के अनुसार उन्होंने अलग अलग तारीखों में आनलाइन बैंक खाते के  माध्यम से कंपनी को कुल 9.11 लाख रुपए का भुगतान कर दिया।पीड़ित ने आरोप लगाया कि भुगतान करने के बावजूद कंपनी की तरफ से उन्हें प्लॉट नहीं दिया गया और पीड़ित द्वारा अपनी रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों ने कथित तौर पर मोबाइल फोन उठाना बंद कर दिया।संदीप का आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने आनलाइन बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लिया और प्लॉट से संबंधित दस्तावेज दिखाकर रकम हासिल कर लिया।बाद में उन्हें न प्लॉट मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की  गई।डायट प्रवक्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि कंपनी के लोग इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं।उन्होंने मांग किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी रकम उन्हें वापस दिलाई जाए।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच उप निरीक्षक पिंटू कुमार यादव को सौंपी गई है।पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों,भुगतान से जुड़े दस्तावेज और कंपनी की गतिविधियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी के नाम पर 3.30 लाख की ठगी करने वाले के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*जान से मारने की धमकी का भी है आरोप

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर 3.30 लाख रूपए की धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आगरा के गौतम नगर निवासी संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।यह कार्रवाई जिला मुख्यालय स्थित विष्णुपुरी कालोनी निवासी ज्योति तिवारी की शिकायत पर की गई है।ज्योति तिवारी ने पुलिस को दिए अपने तहरीर में बताया कि आरोपी संजय कुमार ने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।इस भरोसे पर उन्होंने 18 जनवरी 2023 से 20 दिसंबर 2024 के बीच अलग अलग किश्तों में कुल 3.30 लाख रुपए आरोपी के खाते में जमा कराए।पीड़िता के अनुसार जब काफी समय व्यतीत हो जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी और आरोपी से उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने गाली गलौज करना शुरु कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।तहरीर में यह भी बताया गया है कि 13 जून 2026 को आरोपी गोंडा आया था,जहाँ दोबारा पैसे मांगने पर उसने कथित तौर पर अभद्रता किया और धमकी देकर चला गया।ज्योति तिवारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी संजय कुमार ने छल कपट और धोखाधड़ी कर उनकी रकम हड़प लिया है।उन्होंने पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।
हत्याकांड में पति-पत्नी को उम्रकैद, 25-25 हजार रुपये का जुर्माना
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के बाद गोण्डा कोर्ट ने सुनाया फैसला

गोण्डा। हत्या के मामले में प्रभावी पैरवी के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई पुलिस के चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद सामने आई है।

मामला धानेपुर थाना क्षेत्र का है। वादी बृजविहारी मिश्र निवासी ग्राम खिरई खिरवा, थाना मोतीगंज ने धानेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि राजेश शुक्ला ने उनकी पुत्री की हत्या करने के बाद दूसरी शादी कर ली और मृतका की पुत्री की भी हत्या करने का प्रयास कर रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी राजेश शुक्ला पुत्र दुःखहरन नाथ शुक्ला और उसकी पत्नी किरन शुक्ला पत्नी राजेश शुक्ला, निवासी तुलसीरामपुरवा मौजा माधवगंज, थाना धानेपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने 11 जुलाई 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित अपराधों में दोषियों को अधिकतम एवं त्वरित सजा दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में 11 अगस्त 2026 को हत्या से संबंधित इस मामले में अभियोजक बसंत शुक्ला और विनय सिंह तथा थाना धानेपुर के पैरोकार कांस्टेबल सूर्य प्रताप और कोर्ट मोहर्रिर मुख्य आरक्षी मारकंडेय सिंह की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गानारायण सिंह की अदालत ने राजेश शुक्ला और किरन शुक्ला को दोषसिद्ध किया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।