30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की समीक्षा करें
- गोवंश के लिए हरा चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश; 70 फीसदी टीकाकरण पूरा कराने का लक्ष्य
लखनऊ। प्रदेश में गोसंरक्षण, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध विकास योजनाओं को गति देने के लिए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की मंडलवार समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।
विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में गोसंरक्षण, हरा चारा, संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान और दुग्ध समितियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- 30 अगस्त तक 70 फीसदी टीकाकरण
धर्मपाल सिंह ने संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे पशु टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 अगस्त तक कम से कम 70 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अभियान की नियमित निगरानी करते हुए लक्षित पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।
- किसानों से अनुबंध कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा हरा चारा
मंत्री ने गौशालाओं में हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ अनुबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं को लगातार हरा चारा मिल सकेगा और किसानों को भी इसका आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जुलाई 2026 में विभागीय अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में सामने आई कमियों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा। निरीक्षण में कई गो-आश्रय स्थलों पर जलभराव और कीचड़, खड़ंजा-पंडना, हरे चारे व पशु आहार, शेड एवं बाउंड्रीवाल तथा अभिलेखीकरण और टैगिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। गोंडा, बहराइच, मुरादाबाद, अमरोहा, वाराणसी, जालौन, संत कबीर नगर, उन्नाव, अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर समेत कई जिलों में इन कमियों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
- बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले से हो पुख्ता इंतजाम
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशुओं के लिए चारा, भूसा, दवाएं और पेयजल समेत सभी आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था करने को कहा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा परिस्थितियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुपालकों और गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
- हर गांव में दुग्ध समिति बनाने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में धर्मपाल सिंह ने हर गांव में दुग्ध समिति गठित करने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को समितियों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके दूध का बेहतर मूल्य और लाभ मिल सके। मंत्री ने पराग उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि दुग्ध विकास से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाई जाए और उत्पादों की बाजार में बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा हरे चारे-भूसे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा। साथ ही एफएमडी टीकाकरण, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध समितियों के गठन की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
Aug 12 2026, 18:14
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