ऑपरेशन 'साइबर कवच' के दृष्टिगत थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 1,00,000/- रूपये कराए गए वापस
पैसे वापस मिलने पर पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


गोण्डा। साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 1,00,000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

आवेदक  अरविन्द कुमार मिश्रा पुत्र जनार्दन मिश्रा निवासी ग्राम पूरेगाना बादलपुर थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना तरबगंज की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड के संबंध में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। साइबर फ्राड गिरोह द्वारा क्यूआर कोड़ भेज कर 1 लाख रूपये का साइबर फ्राड कर लिया गया है। उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा जनपदीय साइबर सेल टीम की सहयोग से कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 1,00,000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना तरबगंज की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
1. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
2. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
3. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
4. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
5. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
6. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
7. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
8. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
9. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।
उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा जानलेवा हमला करने के 01 और वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार-

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी तरबगंज  उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0स0- 94/2026, धारा 115(2), 352, 351(3), 324(4), 109(1), 109(2) बीएनएस से सम्बन्धित 01 और वांछित अभियुक्त 01. मोनू पुत्र बाबूलाल निवासी बाबामठ बरौली थाना उमरीबेगमगंज जनपद गोण्डा को ढेकिया पुल के आगे पेट्रोल पम्प से गिरफ्तार किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

वादिनी द्वारा थाना उमरीबेगमगंज में लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 04.05.2026 को उसके गाँव के विपक्षीगण द्वारा उसके घर पर आये और गाली गुप्ता देते हुए उसके घर का टीना शेट तोड़ दिये, और मना करने पर वादिनी, उनके पुत्र, बहू , नातिन को भी मारे पीटे है। जिससे वादिनी के पुत्र अनील सिंह को गम्भीर चोटे आयी है। वादिनी की तहरीर पर थाना उमरीबेगमगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत हुआ तथा साक्ष्य संकलन के आधार धारा 109(1) बीएनएस की बढोत्तरी हुई थी। दिनांक 08.05.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा वांछित 03 वांछित अभियुक्तों 01. बाबूलाल पुत्र जगदीश यादव, 02. सोनू पुत्र बाबूलाल, 03. लवकुश पुत्र चन्दू यादव को बाबामठ गाँव के मोड़ तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
आज दिनांक 12.08.2026 को थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा घटना में संलिप्ट 01 और आरोपी अभियुकत मोनू पुत्र बाबूलाल को ढेकिया पुल के आगे पेट्रोल पम्प से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना उमरीबेगमगंज पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।
नगर निकायों की योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

*कार्य प्रारम्भ एवं पूर्ण होने की फोटोग्राफी अनिवार्य, पीपीटी व मीटिंग बुकलेट में प्रस्तुत करने के निर्देश-जिलाधिकारी*
*बैठक से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर ईओ परसपुर को शोकाज नोटिस तथा वेतन रोकने के निर्देश*


*गोण्डा 12 अगस्त,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के समस्त स्थानीय नगर निकायों से संबंधित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, नगरीय झील, तालाब एवं पोखरा, अन्त्येष्टि स्थल, सामुदायिक शौचालय, वन्दन योजना, आकांक्षी योजना, अवस्थापना निधि, 15वें वित्त आयोग, नगरीय गौशाला सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के नगर निकायों में संचालित विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान बिना किसी सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत परसपुर अनुराग शुक्ला के विरुद्ध जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी करने तथा वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है और बिना सूचना अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकास कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व की फोटोग्राफ तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखी जाए। दोनों चरणों की फोटोग्राफ को पीपीटी एवं मीटिंग बुकलेट में प्रस्तुत किया जाए, जिससे कार्य की वास्तविक प्रगति एवं गुणवत्ता का स्पष्ट सत्यापन किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट अद्यतन रखते हुए प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा करें। नगर निकायों में संचालित जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा स्वीकृत परियोजनाओं को समय से पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता, अपर उपजिलाधिकारी सविता शुक्ला, अपर उपजिलाधिकारी विनीत कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका गोण्डा सन्तराम, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका करनैलगंज, अधिशासी अधिकारी खरगूपुर, तरबगंज, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मुजेहना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूल वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान, 4 वाहन सीज


*खोरहंसा, दर्जीकुआं, वजीरगंज, मुन्नन खां चौराहा व सर्कुलर रोड पर हुई कार्रवाई*


*गोण्डा, 11 अगस्त 2026*। शासन के निर्देशों एवं जिला प्रशासन के आदेश के अनुपालन में जनपद में स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा खोरहंसा, दर्जीकुआं, वजीरगंज, मुन्नन खां चौराहा, सर्कुलर रोड सहित विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

चेकिंग के दौरान स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में फिटनेस फेल, परमिट फेल एवं अन्य परिवहन नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 04 स्कूल वाहनों को सीज किया गया। संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा स्कूल प्रबंधन एवं वाहन संचालकों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त होने वाले सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस वैध एवं अद्यतन होनी चाहिए। वाहनों का परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक अभिलेख पूर्ण एवं वैध रखे जाएं। किसी भी दशा में अनफिट अथवा परमिट फेल वाहन का संचालन न किया जाए।


*11 से 25 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान, अनफिट व परमिट फेल वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई*


शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के आदेश के क्रम में 11 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न मार्गों, प्रमुख चौराहों एवं अन्य स्थानों पर वाहनों की सघन जांच की जाएगी।
विशेष रूप से अनफिट, परमिट फेल एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसे वाहनों को नियमानुसार सीज किया जाएगा। अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रबंधकों एवं वाहन संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य समस्त आवश्यक दस्तावेजों को दुरुस्त रखें और वाहन को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित करें।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन संचालक अभियान के दौरान सहयोग प्रदान करें तथा बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन नियमों का पूरी तरह पालन करें।
डायट प्रवक्ता से 9.11 लाख की ठगी,प्लाट के नाम पर धोखाधड़ी
*रियल एस्टेट कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गोंडा।जिले में डायट प्रवक्ता से आवासीय प्लॉट देने के नाम पर 9.11 लाख रूपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।आरोप रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक व कर्मचारियों पर है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर शाम लगभग 8 बजे बिहार के सीवान निवासी अश्विनी सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।जिला मुख्यालय स्थित विष्णुपुरी कालोनी निवासी डायट प्रवक्ता संदीप जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गोरखपुर के ग्राम उनौला दोयम और पतरा में आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए आरवीएस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया था।जिसके बाद कंपनी द्वारा प्लॉट की कीमत 12.60 लाख रुपये तय की गयी थी।संदीप के अनुसार उन्होंने अलग अलग तारीखों में आनलाइन बैंक खाते के  माध्यम से कंपनी को कुल 9.11 लाख रुपए का भुगतान कर दिया।पीड़ित ने आरोप लगाया कि भुगतान करने के बावजूद कंपनी की तरफ से उन्हें प्लॉट नहीं दिया गया और पीड़ित द्वारा अपनी रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों ने कथित तौर पर मोबाइल फोन उठाना बंद कर दिया।संदीप का आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने आनलाइन बातचीत के दौरान उन्हें विश्वास में लिया और प्लॉट से संबंधित दस्तावेज दिखाकर रकम हासिल कर लिया।बाद में उन्हें न प्लॉट मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की  गई।डायट प्रवक्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि कंपनी के लोग इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं।उन्होंने मांग किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी रकम उन्हें वापस दिलाई जाए।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच उप निरीक्षक पिंटू कुमार यादव को सौंपी गई है।पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों,भुगतान से जुड़े दस्तावेज और कंपनी की गतिविधियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी के नाम पर 3.30 लाख की ठगी करने वाले के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*जान से मारने की धमकी का भी है आरोप

गोंडा।जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर 3.30 लाख रूपए की धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आगरा के गौतम नगर निवासी संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।यह कार्रवाई जिला मुख्यालय स्थित विष्णुपुरी कालोनी निवासी ज्योति तिवारी की शिकायत पर की गई है।ज्योति तिवारी ने पुलिस को दिए अपने तहरीर में बताया कि आरोपी संजय कुमार ने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।इस भरोसे पर उन्होंने 18 जनवरी 2023 से 20 दिसंबर 2024 के बीच अलग अलग किश्तों में कुल 3.30 लाख रुपए आरोपी के खाते में जमा कराए।पीड़िता के अनुसार जब काफी समय व्यतीत हो जाने के बाद भी नौकरी नहीं लगी और आरोपी से उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने गाली गलौज करना शुरु कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।तहरीर में यह भी बताया गया है कि 13 जून 2026 को आरोपी गोंडा आया था,जहाँ दोबारा पैसे मांगने पर उसने कथित तौर पर अभद्रता किया और धमकी देकर चला गया।ज्योति तिवारी ने आरोप लगाया है कि आरोपी संजय कुमार ने छल कपट और धोखाधड़ी कर उनकी रकम हड़प लिया है।उन्होंने पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दिया है।
हत्याकांड में पति-पत्नी को उम्रकैद, 25-25 हजार रुपये का जुर्माना
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के बाद गोण्डा कोर्ट ने सुनाया फैसला

गोण्डा। हत्या के मामले में प्रभावी पैरवी के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई पुलिस के चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत की गई प्रभावी पैरवी के बाद सामने आई है।

मामला धानेपुर थाना क्षेत्र का है। वादी बृजविहारी मिश्र निवासी ग्राम खिरई खिरवा, थाना मोतीगंज ने धानेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि राजेश शुक्ला ने उनकी पुत्री की हत्या करने के बाद दूसरी शादी कर ली और मृतका की पुत्री की भी हत्या करने का प्रयास कर रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी राजेश शुक्ला पुत्र दुःखहरन नाथ शुक्ला और उसकी पत्नी किरन शुक्ला पत्नी राजेश शुक्ला, निवासी तुलसीरामपुरवा मौजा माधवगंज, थाना धानेपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साक्ष्य संकलन और विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने 11 जुलाई 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित अपराधों में दोषियों को अधिकतम एवं त्वरित सजा दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में 11 अगस्त 2026 को हत्या से संबंधित इस मामले में अभियोजक बसंत शुक्ला और विनय सिंह तथा थाना धानेपुर के पैरोकार कांस्टेबल सूर्य प्रताप और कोर्ट मोहर्रिर मुख्य आरक्षी मारकंडेय सिंह की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गानारायण सिंह की अदालत ने राजेश शुक्ला और किरन शुक्ला को दोषसिद्ध किया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित पोल्ट्री कान्क्लेव/कुक्कुट निवेश मेला संपन्न
*दीप प्रज्वलित कर मेले का हुआ शुभारंभ*

*गोंडा, दिनांक: 11 अगस्त 2026।* मुख्य अतिथि *मण्डलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल* द्वारा जिला पंचायत सभागार, गोंडा में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित *मण्डल स्तरीय एक दिवसीय "पोल्ट्री कान्क्लेव/कुक्कुट निवेश मेला"* का आयोजन किया गया। मेले का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने कहा कि कुक्कुट व्यवसाय केवल पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक लाभदायक व्यवसाय और रोजगार का बड़ा स्रोत है।

*कुक्कुट क्षेत्र की स्थिति और अवसर*
देश में कुक्कुट उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी भी अंडे और कुक्कुट  की मांग के मुकाबले आपूर्ति का अंतर है। इसका अर्थ है कि इस क्षेत्र में अवसर बहुत अधिक हैं।

*उत्तर प्रदेश सरकार का सहयोग एवं वित्तीय सहायता*
राज्य सरकार ने *कुक्कुट पालन विकास नीति* के तहत *1,500 करोड़ रुपये* के निवेश और *1.25 लाख* नए रोजगार का लक्ष्य रखा है। उद्यमियों को दी जाने वाली प्रमुख सुविधाएं:

1. *ब्याज अनुदान:* 5 वर्षों तक ऋण पर 7 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान। AHIDF के तहत अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान।
2. *ऋण सुविधा:* परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक बैंक ऋण। उद्यमी को केवल 30 प्रतिशत मार्जिन मनी लगानी होगी।
3. *स्टांप शुल्क:* जमीन खरीदने या लीज पर लेने पर 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट।
4. *बिजली शुल्क:* कुक्कुट इकाई को अगले 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट।
5. *पूंजीगत अनुदान:* राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत हैचरी और फीड प्लांट लगाने पर 50 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान।
6. *ऑनलाइन प्रक्रिया:* स्वीकृतियों के लिए *कुक्कुट निवेश पोर्टल* के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था।
7. *KCC:* किसान भाइयों को कार्यशील पूंजी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है।

*देवीपाटन मण्डल में संभावनाएं*
देवीपाटन मण्डल के चारों जिले - *गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती* कृषि प्रधान क्षेत्र हैं। यहां धान, गेहूं और विशेषकर *मक्का* का अच्छा उत्पादन होता है, जो कुक्कुट आहार का प्रमुख घटक है। इसलिए आहार सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है। हमारे पास क्षेत्र, मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधन हैं जो हमारी बड़ी ताकत हैं।

*पूरा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर बल*
मण्डलायुक्त ने कहा कि हमें केवल फार्म लगाने तक सीमित नहीं रहना है। *चारा मिल, हैचरी, ब्रॉयलर/लेयर फार्म, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चेन, परिवहन और विपणन* - पूरे तंत्र को विकसित करना होगा। इससे मण्डल में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

*तीन मुख्य फोकस क्षेत्र*
1. *जैव-सुरक्षा:* पोल्ट्री बीमारियों की रोकथाम सर्वोच्च प्राथमिकता।
2. *स्थानीय चारा उत्पादन:* मक्का उपलब्ध होने से चारे की लागत कम करने का अवसर।
3. *बाजार एवं ब्रांडिंग:* प्रसंस्करण और ब्रांडिंग पर काम कर किसानों को बेहतर दाम दिलाना।

मण्डलायुक्त ने सभी उद्यमियों और किसानों से सम्मेलन का लाभ उठाने, योजनाओं की जानकारी लेने, बैंकों से सहायता लेने और सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से देवीपाटन मण्डल शीघ्र ही उत्तर प्रदेश का अग्रणी कुक्कुट केंद्र बनेगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन मुख्य विकास अधिकारी सहित मण्डल स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी, किसान उपस्थित रहे।
कृषि निर्यात निगरानी समिति की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में संपन्न

*मण्डल के सभी जनपदों में जिलाधिकारी  द्वारा कृषि निर्यात वैन को फ्लैग ऑफ कर प्रचार प्रसार भी कराया जाय*

*गोंडा, दिनांक: 11 अगस्त 2026।* देवीपाटन मण्डल के अंतर्गत *कृषि निर्यात निगरानी समिति* की मण्डलीय समीक्षा बैठक *मण्डलायुक्त  दुर्गा शक्ति नागपाल* की अध्यक्षता में महाराजा सुहेलदेव सभागार, गोंडा में संपन्न हुई।

बैठक में मण्डल के चारों जनपदों - *गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती एवं बलरामपुर* से कृषि एवं कृषि उत्पादों के निर्यात की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मण्डलायुक्त ने कहा कि मंडल के सभी जनपदों में  कृषि निर्यात वैन को जिलाधिकारी द्वारा फ्लैग आफ करवाई कर प्रचार प्रसार भी कराया जाय जिससे आमजन को भी जानकारी हो सके जनपद के जो भी लक्ष्य है उनका हर हाल में पूरा किया जाए , फूड प्रोसेसिंग को विद्यालय में कोर्स कर कर लोगों को जागरुक भी किया जाए
उन्होंने यह भी कहा कि जिन जनपदों में जो भी समस्याएं हैं उनका संयुक्त प्रपोजल बनाकर शासन में भेजा जाए
*बैठक के प्रमुख बिंदु एवं निर्देश:*
1. *निर्यात को बढ़ावा:* मण्डल से गेहूं, चावल, मक्का, सब्जी, फल एवं प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए निर्यातकों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
2. *गुणवत्ता एवं मानक:* निर्यात हेतु भेजे जाने वाले उत्पादों में गुणवत्ता, स्वास्थ्य एवं फूड सेफ्टी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
3. *समस्याओं का निस्तारण:* निर्यातकों को प्रमाण पत्र, मंडी, परिवहन एवं कोल्ड चेन से संबंधित आ रही समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
4. *किसान हित:* कृषकों को निर्यात से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो।
5. *विभागीय समन्वय:* कृषि, उद्यान, मंडी परिषद, एपीडा एवं कस्टम विभाग आपसी समन्वय से निर्यात प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाएं।

बैठक में निर्देशित किया गया कि निर्यात के आंकड़ों की मासिक निगरानी की जाए तथा नई संभावनाओं वाले देशों/बाजारों को चिन्हित कर निर्यात को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मंडी परिषद, एपीडा, निर्यातक संघ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
घाघरा नदी की कटान तेज,नये परक्यूपाइन लगाकर रोकने की कोशिश
गोंडा।घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बावजूद तटबंधों के कटान का खतरा बढ़ गया है।नदी निचले इलाकों से कटान करते हुए लगातार अब तटबंधों की तरफ बढ़ रही है तथा कई स्थानों पर नदी तटबंध से सटकर बह रही है और किनारे पर कटान कर रही है।बाढ़ खंड विभाग तटबंधों कीमत सुरक्षा के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।कटान रोकने और नदी की धारा मोड़ने के लिए परक्यूपाइन लगाए जा रहे हैं।विभाग 24 घंटे तटबंधों की निगरानी कर रहा है।अधिकारियों के अनुसार जलस्तर बढ़ने से पहले लगाए गए कई परक्यूपाइन नदी में समा चुके हैं,जिसके कारण अब नए परक्यूपाइन लगाए जा रहे हैं ताकि नदी तटबंधों के किनारे कटान न करे और नदी की धारा दूसरी तरफ मुड़ जाए।हालांकि, निचले इलाकों में नदी के कटान पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया है,फिर भी नदी लगातार कटान कर रही है।अब यह कटान मैदानी इलाकों की जमीनों को भी प्रभावित कर रहा है।जो पहले मात्र गावों के आसपास तक सीमित था।आज मंगलवार दोपहर घाघरा नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।पिछले 24 घंटों में घाघरा नदी का जलस्तर 13 सेंटीमीटर घटा है।आज गिरजा बैराज से 137234 क्यूसेक,शारदा बैराज से 78137 क्यूसेक व सरयू बैराज से 1731 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।जिससे कुल 2,07,112 क्यूसेक पानी नदी में पहुंचा।गोंडा बाढ़ खंड विभाग के अनुसार घाघरा और सरयू दोनों नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है।हालांकि, सरयू नदी नवाबगंज इलाके में तेजी से कटान कर रही है,जिससे वहां भी चिंता बनी हुई है।नदी के घटते जलस्तर के कारण मंगलवार दोपहर 12 बजे बाढ़ खंड विभाग गोंडा क्षेत्र के मुख्य अभियंता मनोज कुमार साहू और अधिशासी अभियंता जय सिंह ने तटबंध पर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया है और युद्धस्तर पर कटान रोकने के लिए कार्य करने का निर्देश भीतर दिया है।मुख्य अभियंता मनोज कुमार साहू ने बताया कि नदी का जलस्तर अब घट रहा है,मैदानी इलाकों में नदी कटान कर रही है।कुछ ग्रामीण इलाकों के आसपास भी नदी कटान कर रही है तथा तटबंध की तरफ नदी बढ़ रही है।परन्तु उसे रोकने का कार्य किया जा रहा है।