लखनऊ मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार, 59 परियोजनाओं पर नवंबर तक शुरू होगा काम
- ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों और आस्था स्थलों के सौंदर्यीकरण के प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई; पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लखनऊ मंडल की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य आस्था स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 59 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन सभी परियोजनाओं को आगामी नवंबर तक धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य किया जाए।
पर्यटन मंत्री ने गुरुवार को बताया कि प्राप्त प्रस्ताव सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिलाधिकारियों तथा जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषदों की ओर से भेजे गए हैं। इनमें रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ मंडल में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए वहां बुनियादी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके और स्थानीय पर्यटन को नई गति मिले।
- इन प्रमुख स्थलों का होगा विकास
प्रस्तावित परियोजनाओं में लखनऊ के प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, नाका हिंडोला गुरुद्वारा, भुइयन देवी मंदिर, आलमबाग स्थित सनातन धर्म मंदिर, उनई देवी मंदिर, कल्याणगिरी महादेव मंदिर, श्री चित्रगुप्त भवन, राजाजीपुरम शीतला देवी मंदिर, अलीगंज हनुमान मंदिर, काकोरी शहीद स्थल और गंगाप्रसाद मेमोरियल हॉल के संरक्षण एवं पर्यटन विकास के प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी के बाबा भूतनाथ मंदिर, तुरन्तनाथ बाबा मंदिर, जंगलियानाथ बाबा मंदिर और बाबा भुरिया नाथ धाम, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में पर्यटन सुविधा केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर, महमूदाबाद का मां संकटा देवी धाम, सिधौली का झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, रायबरेली का चंपा देवी मंदिर, ऊंचाहार स्थित महाराज माहे पासी किला तथा प्राचीन विष्णु मंदिर के विकास के प्रस्ताव भी कार्ययोजना में शामिल किए गए हैं।
हरदोई के महर्षि दधीचि मंदिर, शाहाबाद के बाबा वनखंडी मंदिर, संडीला के चौमुखी मंदिर तथा उन्नाव के बुद्ध अंबेडकर पार्क, मोहान स्थित जमदग्नि आश्रम-परशुराम मंदिर, भगवंतनगर के हनुमान मंदिर और श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि सभी परियोजनाओं के लिए संबंधित जनपदों से भूमि अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि स्वीकृति के बाद निर्माण एवं विकास कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किए जा सकें।
Aug 06 2026, 20:02
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.2k