यूपी में 10 हजार नए ग्राम संगठन बनेंगे, महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई ताकत
- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा फैसला, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा मजबूत संस्थागत आधार; ग्रामीण आजीविका मिशन को भी मिलेगी नई गति


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत सशक्तिकरण को नई गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत प्रदेश में ग्राम संगठनों की संख्या 65,460 से बढ़ाकर 75,460 करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का मजबूत नेटवर्क ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविक ताकत है और 10 हजार नए ग्राम संगठनों का गठन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने बताया कि ग्राम संगठनों के विस्तार से अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को संगठित ढांचे से जोड़ा जा सकेगा। इससे समूहों को समयबद्ध मार्गदर्शन, क्षमता संवर्धन, वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सेवाओं तक बेहतर पहुंच और विभिन्न आजीविका गतिविधियों का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। साथ ही ग्राम संगठनों की संस्थागत क्षमता और कार्यकुशलता भी मजबूत होगी।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में तीन करोड़ परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम संगठनों की संख्या बढ़ने से नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, निष्क्रिय समूहों को पुनः सक्रिय करने और सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने में तेजी आएगी। इससे मिशन के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र परिवार तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि ग्राम संगठनों की संख्या में वृद्धि मजबूत और आत्मनिर्भर सामुदायिक संस्थाओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्वयं सहायता समूहों को बेहतर संस्थागत सहयोग मिलेगा और ग्रामीण विकास तथा महिला सशक्तिकरण के लक्ष्यों को हासिल करने में नई गति मिलेगी।
लखनऊ मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार, 59 परियोजनाओं पर नवंबर तक शुरू होगा काम
-  ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों और आस्था स्थलों के सौंदर्यीकरण के प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई; पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत लखनऊ मंडल की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य आस्था स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 59 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन सभी परियोजनाओं को आगामी नवंबर तक धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य किया जाए।
पर्यटन मंत्री ने गुरुवार को बताया कि प्राप्त प्रस्ताव सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, जिलाधिकारियों तथा जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषदों की ओर से भेजे गए हैं। इनमें रक्षा मंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ मंडल में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करते हुए वहां बुनियादी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके और स्थानीय पर्यटन को नई गति मिले।

-  इन प्रमुख स्थलों का होगा विकास
प्रस्तावित परियोजनाओं में लखनऊ के प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, नाका हिंडोला गुरुद्वारा, भुइयन देवी मंदिर, आलमबाग स्थित सनातन धर्म मंदिर, उनई देवी मंदिर, कल्याणगिरी महादेव मंदिर, श्री चित्रगुप्त भवन, राजाजीपुरम शीतला देवी मंदिर, अलीगंज हनुमान मंदिर, काकोरी शहीद स्थल और गंगाप्रसाद मेमोरियल हॉल के संरक्षण एवं पर्यटन विकास के प्रस्ताव शामिल हैं।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी के बाबा भूतनाथ मंदिर, तुरन्तनाथ बाबा मंदिर, जंगलियानाथ बाबा मंदिर और बाबा भुरिया नाथ धाम, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में पर्यटन सुविधा केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर, महमूदाबाद का मां संकटा देवी धाम, सिधौली का झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, रायबरेली का चंपा देवी मंदिर, ऊंचाहार स्थित महाराज माहे पासी किला तथा प्राचीन विष्णु मंदिर के विकास के प्रस्ताव भी कार्ययोजना में शामिल किए गए हैं।
हरदोई के महर्षि दधीचि मंदिर, शाहाबाद के बाबा वनखंडी मंदिर, संडीला के चौमुखी मंदिर तथा उन्नाव के बुद्ध अंबेडकर पार्क, मोहान स्थित जमदग्नि आश्रम-परशुराम मंदिर, भगवंतनगर के हनुमान मंदिर और श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास की योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि सभी परियोजनाओं के लिए संबंधित जनपदों से भूमि अभिलेख उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि स्वीकृति के बाद निर्माण एवं विकास कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किए जा सकें।
विधायक उमाशंकर सिंह का निधन राजनीति में बहुत बड़ी क्षति : कृपाशंकर सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के रसरा से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह का कल निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में मस्तिष्क ट्यूमर का इलाज करा रहे थे। उमाशंकर सिंह 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। वे पहली बार 2012 में रसरा से निर्वाचित हुए थे और 2017 और 2022 में भी इस सीट पर बने रहे। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह का असमय चले जाना राजनीति में एक बहुत बड़ी क्षति है। वे सच्चे अर्थों में जनता के हितों के प्रति समर्पित एक ऐसे विधायक रहे, जिन्हें राजनीति के क्षेत्र में अजातशत्रु कहा जाता था। उन्होंने उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए गहरा दुख प्रकट किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि उमाशंकर सिंह ने हमेशा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना से काम किया है। यही कारण है कि जनता ने उन्हें लगातार दो बार अपना विधायक बनाया।
झांसी में भीषण सड़क हादसा: अतीक अहमद के बेटे आबान समेत दो की मौत, झांसी जेल जा रहे थे मिलने
-  पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे पर डिवाइडर से टकराई कार, तीन अन्य गंभीर घायल; पुलिस ने शुरू की जांच

झांसी। झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब प्रयागराज से झांसी जा रही तेज रफ्तार कार हाईवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पूंछ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान आबान अहमद और प्रयागराज निवासी अहजम के रूप में हुई है। वहीं घायलों में मोहम्मद जैद, उमर समेत अन्य लोग शामिल हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
बताया जा रहा है कि कार सवार सभी लोग झांसी जेल में बंद अली अहमद से मिलने जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि अली अहमद को 1 अक्टूबर 2025 को नैनी जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था।
पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
सरकार का उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम, तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को मिली हरी झंडी

- उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गाजियाबाद, कानपुर व फतेहपुर के प्रस्तावित विश्वविद्यालयों को सौंपा 'संचालन प्राधिकार पत्र'

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को उच्च शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में स्थापित होने जा रहे तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को 'संचालन प्राधिकार पत्र' (अनुज्ञा पत्र) प्रदान किया। योगी सरकार की इस पहल से गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर जनपदों में उच्च, तकनीकी एवं कृषि शिक्षा का विस्तार होगा तथा युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त होंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जनपद गाजियाबाद में 'अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी', गाजियाबाद के सचिव/चेयरमैन को, कानपुर नगर के बिल्हौर में 'महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट', दिल्ली के सचिव को तथा फतेहपुर में 'ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय' के संचालन हेतु 'एंग्लो संस्कृत कॉलेज', फतेहपुर के अध्यक्ष को आधिकारिक संचालन प्राधिकार पत्र सौंपा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में संशोधन अध्यादेशों के तहत यह स्वीकृति जारी की गई है। इसके अंतर्गत गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय को तृतीय संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 17 सन् 2026), कानपुर के महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को चतुर्थ संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 18 सन् 2026) तथा फतेहपुर के ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय को पंचम संशोधन अध्यादेश (अध्यादेश संख्या 19 सन् 2026) के तहत सम्मिलित करते हुए संचालन की अनुज्ञा संबंधी अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने प्राधिकार पत्र सौंपते हुए संबंधित संस्थाओं से अपेक्षा की कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों, नियमों एवं शर्तों का  अनुपालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्रदेश में निजी निवेश को प्रोत्साहित कर उच्च शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ कर रही है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों और उत्कृष्ट वातावरण का लाभ मिल सके।
मानसून सत्र में संसदीय परंपराओं का सम्मान हुआ, अनुपूरक बजट सौहार्दपूर्ण माहौल में पारित: केशव प्रसाद मौर्य -
 
उप मुख्यमंत्री बोले- 5 अगस्त भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन, अनुच्छेद 370 हटाने और श्रीराम मंदिर शिलान्यास को किया याद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के समापन पर उप मुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूरे सत्र के दौरान संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपराओं का सम्मान हुआ और वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में पारित होना सदन की रचनात्मक कार्यशैली का परिचायक है।
उन्होंने विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह का निष्पक्ष, गरिमापूर्ण और कुशल संचालन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संसदीय अनुभव और नेतृत्व से सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का समुचित अवसर मिला।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न दलों के नेताओं और सभी सदस्यों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप अपने विचार रखे तथा लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 5 अगस्त भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि इसी दिन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए के प्रावधान समाप्त किए गए, जिससे राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती मिली। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की।
उन्होंने यह भी कहा कि 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ था। इस अवसर पर उन्होंने देश और प्रदेश के सभी रामभक्तों को शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री ने आगामी 15 अगस्त को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति संकल्प को मजबूत करने का है।
उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित सभी मीडिया संस्थानों ने सदन की कार्यवाही और जनहित के विषयों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही विधान परिषद सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सत्र के सुचारु संचालन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनील मिश्रा का जन्म दिन न्याय समरसता दिवस के रूप में मनाया गया : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्
लखनऊ। देश के सबसे बड़े योद्धा आरक्षण एससीएसटी विरोध करने वाले संविधान में अम्बेडकर का सच लाने वाले , संविधान निर्माता सर वी एन राव को हर सवर्ण के घर घर पहुंचाने वाले सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा के जन्म दिन पर न्याय,समरसता और जागरूक दिवस की गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे उपस्थित रहे, राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एडवोकेट अनिल मिश्रा जी का पूरा परिवार प्रशासनिक सेवा से न्यायिक सेवा में जुड़ा हुआ है एडवोकेट अनिल मिश्रा ग्वालियर हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता है एवं ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी थे। विगत वर्ष मध्यप्रदेश के उच्चन्यालय परिसर में भीम राव अम्बेडकर की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव शासन ने पास किया था जिसका पुरजोर विरोध एडवोकेट अनिल मिश्रा जी ने किया,भीम आर्मी चन्द्र शेखर रावण सहित पूरे देश में भीम आर्मी के लोग एडवोकेट अनिल मिश्रा का पुरजोर विरोध किया ग्वालियर सहित अन्य शहरों में अशांति पैदा करने का प्रयास भी भीम आर्मी ने किया हर हथ कंडे अपनाये पर आज तक ग्वालियर उच्चन्यालय परिसर में अम्बेडकर की मूर्ति नहीं लग सकी ।

आप सभी लोग जानते है कि भीम आर्मी के कथित प्रदेश अध्यक्ष दामोदर ने तत समय दस हजार जूते की माला पहनाने की घोषणा किया था वह दिन कितना भयानक था पूरे देश से सवर्ण समाज के लोग उद्वेलित हो गए थे हर कोने से लोग ग्वालियर पहुंचने लगे थे। ग्वालियर शहर पट गया सवर्ण समाज एवं भीम आर्मी आमने सामने हो गई भीम आर्मी को मुंह खानी पड़ी उसने आंदोलन वापस तो लिया ही सार्वजनिक माफी मांगी। ग्वालियर में भीम आर्मी के लोगों ने मनु स्मृति लिख कर उसमें आग लगा दी तो एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा एवं उनकी टिम अमित कुमार दुबे,गौरव ब्यास ने अम्बेडकर की फोटो को ग्वालियर चौराहे पर आग लगा दिया जो कि क्रिया की प्रकिया थी इनका कोई इस तरह का उद्देश्य नहीं था जिसमे FIR दर्ज किया गया था तीन दिन तक जेल में रहे उच्चन्यायालय की विशेष बेंच में सुनवाई लगातार अवकाश के दिन भी हुई तीन दिन तक उसके बाद बिना शर्त जेल से बाहर आए। पूरे देश में सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान झारखंट छत्तीसगढ़ उत्तराखंड आदि राज्यों में बड़ी बड़ी बैठके कर समाज को संगठित किया है सवर्ण समाज एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। भोजपुर जिले बिलौटी बिहार भरत तिवारी की हत्या पुलिस प्रशासन ने इनकाउंटर के नाम पर कर दिया था को न्याय दिलाने हेतु अपनी पूरी टीम के साथ बिलौटी बिहार गए एक नहीं दो बार गए । यूजीसी रेगुलेशन वापस हो इसके लिए विगत वर्ष दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन सवर्ण समाज ने अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में किया एव गिरफ्तारी भी दी गई।
जातिगत आरक्षण UGC SCSTACT का विरोध समाज में समरसता न्याय स्थापित करने हेतु किया जा रहा है आरक्षण का विरोध किसी जाति धर्म वर्ग का विरोध नहीं है योग्यता MERIT के सम्मान की लड़ाई है। सभी सवर्ण संगठन राजनीतिक दल समान विचार धारा जिसमें कुल 65 संगठन है ने राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा बनाया है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल मिश्रा जी है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के बैनर तले सवर्ण आगामी चुनाव लड़ेगा अभी तक सवर्ण समाज कहता था कि विकल्प क्या है उन्हें राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा जो हर मुश्किल को आसान करेगा मिल गया है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा जी है सभी उपस्थित सवर्ण समाज के लोगों ने एडवोकेट अनिल मिश्रा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई देते हैं उनके नेतृत्व में संगठित रह कर आगामी चुनाव लड़ने का संकल्प लिया
ब्राह्मण संपर्क अभियान के साथ सपा ने साधा प्रबुद्ध वर्ग, जनेश्वर मिश्र जयंती पर अखिलेश का बड़ा संदेश

-  बोले- 'हमारे PDA में P का मतलब पंडित भी है', 2027 चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर प्रदेश मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर ब्राह्मण संपर्क अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित किया और ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रबुद्ध वर्ग के लोग मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा, "हमारे PDA में 'P' का मतलब पंडित भी है।" उनके इस बयान को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण समाज तक पहुंच बनाने की राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा लंबे समय से अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को आगे बढ़ा रही है। जनेश्वर मिश्र जयंती के अवसर पर दिए गए इस संदेश को पार्टी द्वारा प्रबुद्ध और ब्राह्मण वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
9 से 17 अगस्त तक चलेगा 'हर घर तिरंगा अभियान-2026', प्रदेश में 5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य

-  स्कूलों, सरकारी भवनों, शहीद स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूह तैयार करेंगे 3 करोड़ तिरंगे


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 5 करोड़ तिरंगे फहराने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में शासन ने सभी विभागों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि अभियान को जनभागीदारी और राष्ट्रगौरव का प्रतीक बनाते हुए प्रदेशव्यापी जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना, स्वतंत्रता संग्राम के प्रति सम्मान बढ़ाना और युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि अभियान का पहला चरण 6 से 8 अगस्त तक चलेगा, जिसमें स्कूलों की दीवारों और परिसर को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बस अड्डों, शॉपिंग मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा रंगोली सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
9 से 12 अगस्त के दूसरे चरण में तकनीकी संस्थानों में स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित प्रतियोगिताएं, तिरंगा महोत्सव और तिरंगा मेले आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को 26 जनवरी 2027 को सम्मानित किया जाएगा।
तीसरे चरण 13 से 15 अगस्त के दौरान शिक्षण संस्थानों में तिरंगा रैलियां निकाली जाएंगी। शहीद स्मारकों पर पुलिस और पीएसी बैंड देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में 9 से 15 अगस्त तक तिरंगा रैली से पहले सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन भी कराया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं 2 करोड़ तिरंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से 1 करोड़ तिरंगे तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत घरों, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, शहीद स्मारकों और अमृत सरोवरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। इसके अलावा मेरठ, चौरी-चौरा, झांसी किला, बिठूर, रेजीडेंसी, बलिया और सुहेलदेव स्मारक जैसे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा थी, न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में बड़ा दावा

-  रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख; पुलिस कार्रवाई को बताया प्रभावी और संयमित


लखनऊ/ संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा को न्यायिक जांच आयोग ने पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम बताया है। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्जिद के सर्वे को लेकर मुस्लिम समुदाय के बीच भ्रामक और गलत जानकारी फैलाए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जिसके चलते हिंसा भड़क गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के बाहर बड़ी भीड़ जमा हुई और देखते ही देखते पथराव, गोलीबारी तथा आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि 28 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें सात पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल समेत कई लोगों की भूमिका का उल्लेख किया है। हालांकि, रिपोर्ट में किन आधारों पर यह उल्लेख किया गया है, इसका विस्तृत विवरण सार्वजनिक होने पर ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा में मारे गए लोगों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं। साथ ही उपद्रवियों द्वारा पुलिस के हथियार और अन्य सामान लूटने का प्रयास किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
न्यायिक आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी, संयमित और परिस्थितियों के अनुरूप बताया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करने, कानून का पालन सुनिश्चित करने और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया है।