अनुशासनहीनता पर बसपा ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ और पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ बसपा प्रमुख मायावती के समधी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता आकाश आनंद के ससुर हैं।

रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल नहीं बैठा पाने और अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया था। बाद में इस शर्त पर उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।

मायावती के अनुसार, दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद भी अशोक सिद्धार्थ अपने दायित्वों का निर्वहन अपेक्षित ढंग से नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी उनके खिलाफ पार्टी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार मिलती रहीं। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर पार्टी और आंदोलन के हित में उन्हें स्थायी रूप से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उन्हें भविष्य में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

बसपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में बताया कि सहारनपुर निवासी एवं पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में निष्कासित किया गया है। बेनीवाल के पास पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों की संगठनात्मक जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भी लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

मायावती ने बताया कि संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पुनः पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रामजी गौतम आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि अगले लोकसभा चुनाव तक भी यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी ने नीतिगत निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी और को-ऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई संगठनात्मक दायित्व नहीं दिया जाएगा।

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे शरारती और षड्यंत्रकारी तत्वों से सतर्क रहें, जो किसी न किसी बहाने पार्टी के अभियान को नुकसान पहुंचाने या उसका ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। साथ ही उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वह बसपा के संबंध में तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित और प्रसारित करे तथा विरोधी दलों के कथित दुष्प्रचार का माध्यम बनने से बचे।
मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायक एवं लेखाकारों का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू

-  एसआईआरडी में विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब में सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यकर्ताओं को दक्ष और सक्षम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) एवं राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के एमआईएस सहायक एवं लेखाकारों का 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार से प्रारंभ हो गया।

मिशन निदेशक अरुण कुमार के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मॉडल संकुल स्तरीय संघ के कैडर को तकनीकी एवं वित्तीय रूप से दक्ष बनाना है, ताकि वे मिशन की गतिविधियों का प्रभावी संचालन और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य अनुज कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर सत्र प्रभारी डॉ. सीमा, मिशन मुख्यालय से डॉ. नन्दकिशोर साह, प्रशिक्षण संसाधन व्यक्ति मोरिस कुमार तथा जिला संसाधन व्यक्ति राघवेंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में संत रविदास नगर, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर और औरैया जनपदों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। डॉ. नन्दकिशोर साह ने बताया कि प्रशिक्षण को दो चरणों में विभाजित किया गया है।

-  चार दिन का आधारभूत प्रशिक्षण
प्रथम चार दिनों में प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, संकुल स्तरीय संघ की अवधारणा, उसकी नीतियां, मॉडल सीएलएफ के मानक, संगठनात्मक संरचना तथा पांच वर्षीय विजन के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

-  छह दिन का तकनीकी प्रशिक्षण
अगले छह दिनों में प्रतिभागियों को बहीखाता लेखन, ऋण एवं वित्तीय प्रबंधन, वित्तीय मानक, वित्तीय विवरण, अंकेक्षण नीति, वैधानिक अनुपालन तथा आंतरिक नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही मोबाइल एप एवं पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि, मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करना, समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के अभिलेखों का ऑनलाइन रखरखाव, कार्यसूची, सदस्यता रजिस्टर तथा प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया भी सिखाई जाएगी।

-  स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस प्रशिक्षण से संकुल स्तरीय संघों की महिलाएं तकनीकी एवं वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनेंगी। एमआईएस सहायक डिजिटल माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी कर सकेंगी, जबकि लेखाकार वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी एवं व्यवस्थित लेखा-जोखा रखेंगे। इससे समय पर रिपोर्टिंग, बैंकों से ऋण स्वीकृति तथा सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध हो सकेगा। इसका प्रत्यक्ष लाभ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, आय वृद्धि और आर्थिक सशक्तीकरण के रूप में मिलेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षित एमआईएस सहायक और लेखाकार ही संकुल स्तरीय संघों की मजबूत आधारशिला हैं। इनके सक्षम होने से मिशन के "गरीबी मुक्त गांव" के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।
स्वयं सहायता समूहों की ताकत से बदल रही ग्रामीण उत्तर प्रदेश की तस्वीर
-  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बना महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित दीनदयाल अन्त्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण के संकल्प से प्रेरित यह मिशन वर्ष 2013 से उत्तर प्रदेश में संचालित है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की कम से कम एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। मिशन महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास कर रहा है।

-  1.19 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ीं मिशन से
प्रदेश के सभी 75 जनपदों और 826 विकास खंडों में संचालित इस अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ 19 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की महिलाएं 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों, 66 हजार से अधिक ग्राम संगठनों तथा 3,298 संकुल स्तरीय संघों से जुड़ चुकी हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रदेश का एक बड़ा सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन माना जा रहा है।

-  सस्ती दरों पर ऋण और आजीविका के नए अवसर
ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विभिन्न बैंकों के समन्वय से आवश्यकतानुसार कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु उद्योग, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य स्वरोजगार आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

-  आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर सामाजिक बदलाव का माध्यम
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आत्मसम्मान, सामाजिक पहचान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने का सशक्त मंच भी बन गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांवों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आज गांव-गांव में बदलाव की नई इबारत लिख रहा है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण की नई पहचान बनकर उभर रही हैं।
LDA के जेई समेत तीन लोग रिश्वत लेते गिरफ्तार

-  विजिलेंस की कार्रवाई: बिल्डर से 7.5 लाख रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए, 30 लाख की डील की भी जांच


लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवर अभियंता (JE) दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और स्मारक अनुभाग के सुपरवाइजर अश्विनी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी के निर्देशन में की गई।
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस टीम ने एलडीए के गोमती नगर स्थित गेट नंबर-2 के बाहर यूको बैंक के पास जाल बिछाकर आरोपियों को 7.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। बताया जा रहा है कि यह रकम एक बिल्डर से वसूली जा रही थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 30 लाख रुपये में सौदेबाजी तय हुई थी। आरोप है कि सबसे पहले सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि यह रकम जेई के लिए थी। इसके बाद उसने फोन कर जेई दिनेश कुमार वर्मा को मौके पर बुलाया। विजिलेंस टीम ने दोनों को कार्रवाई के दौरान हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक अन्य जेई ओम पाल भी मौके पर मौजूद बताए गए। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विजिलेंस मामले की जांच कर रही है।
विजिलेंस की इस कार्रवाई से एलडीए में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज से विशेष समाधान शिविर

-  31 अगस्त तक लगेंगे कैंप, बिल, मीटर, टैरिफ और मोबाइल अपडेट सहित विभिन्न शिकायतों का होगा निस्तारण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आज से 31 अगस्त तक प्रदेशभर में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में उपभोक्ताओं की बिजली बिल, मीटर, टैरिफ, मोबाइल नंबर अपडेट और स्मार्ट ऐप से संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के इस विशेष अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। शिविरों में बिजली बिलों में त्रुटि, मीटर संबंधी शिकायतें, टैरिफ श्रेणी में संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट कराने तथा बिजली विभाग के स्मार्ट ऐप से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित होने वाले समाधान शिविरों में पहुंचकर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं और बिजली संबंधी शिकायतों का समय पर निस्तारण कराएं।
फर्जी एनजीओ के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार

टीबी जागरूकता अभियान में भर्ती के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड देकर युवाओं से की जाती थी ठगी

लखनऊ। विकासनगर थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से धोखाधड़ी करने के मामले में एक वांछित वारंटी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी एनजीओ के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य विभाग में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से धनराशि लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र व आईडी कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता चन्द्रमणि तिवारी की तहरीर पर थाना विकासनगर में अपराध संख्या 67/2026 दर्ज किया गया था। मामले में न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के अनुपालन में पुलिस ने पारस नाथ खरवार उर्फ पारस नाथ प्रसाद (54) को उसके वर्तमान निवास नेहरू विहार, आदर्श नगर, गुडम्बा, लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से देवरिया जिले के भलुअनी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपी "जीवन पथ फाउंडेशन" नाम से संस्था संचालित करता था। संस्था के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग (टीबी) जागरूकता अभियान में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। अभ्यर्थियों से नियुक्ति और प्रशिक्षण के नाम पर धनराशि लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र (आईडी कार्ड) तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे और सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे। पुलिस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, 87 रुपये नकद, एक प्रेस आईडी कार्ड, एक आधार कार्ड, यूनियन बैंक का एक डेबिट कार्ड, 11 विजिटिंग कार्ड और दो चाबी के गुच्छे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में लेकर सील कर दिया है।

आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
नाले की सफाई के विवाद ने ली जान! घर में घुसकर खूनी हमला, 40 वर्षीय युवक की मौत, पत्नी समेत 5 घायल; गांव में भारी पुलिस बल तैनात
प्रधान पति समेत कई लोगों पर घर में घुसकर हमला करने का आरोप, मौत के बाद मचा हड़कंप; 4 आरोपी हिरासत में, बाकी की तलाश जारी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के टिकनियामऊ गांव में नाले की सफाई को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि शिकायत से नाराज होकर हमलावरों ने एक परिवार के घर में घुसकर लोहे की रॉड, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में 40 वर्षीय आजाद की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी समेत दोनों पक्षों के 5 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

शाम साढ़े सात बजे शुरू हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे टिकनियामऊ गांव में नाले की सफाई को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते कहासुनी हिंसक मारपीट में बदल गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वादिनी अंजू, पत्नी आजाद, निवासी टिकनियामऊ के परिवार के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इलाज के दौरान आजाद की मौत

गंभीर रूप से घायल आजाद (40) पुत्र तुलसी को इलाज के लिए पहले सीएचसी गोसाईंगंज और बाद में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज अभी भी जारी है।

घर में घुसकर हमला करने का आरोप

मृतक की पत्नी अंजू ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि नाले की सफाई की शिकायत से नाराज होकर ग्राम प्रधान के पति मोहम्मद हसीब अपने समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी हमलावर लोहे की रॉड, धारदार हथियार (बांका) और लाठी-डंडों से लैस थे।

अंजू का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही उनके पति आजाद पर ताबड़तोड़ हमला किया। जब उन्होंने पति को बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। उनके अनुसार, बेटे और देवर पर भी हमला किया गया तथा हमलावर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

ध्यान दें: घर में घुसकर हमला, हथियारों के इस्तेमाल और ग्राम प्रधान के पति की भूमिका संबंधी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

भाई का आरोप- पहले दी थी शिकायत, फिर हुआ हमला

मृतक के भाई रंजीत का आरोप है कि नाले की सफाई नहीं होने की शिकायत उन्होंने घटना वाले दिन शाम करीब 4 बजे थाने में की थी। उनका कहना है कि शिकायत के बाद धमकी मिली और शाम को हमला कर दिया गया।

रंजीत के अनुसार, आजाद गांव में एक चक्की पर मजदूरी करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं।

अस्पताल और गांव में मचा हड़कंप

आजाद की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल और गांव में तनाव फैल गया। परिजनों ने आक्रोश जताया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

चार आरोपी हिरासत में, अन्य की तलाश जारी

पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों—

सुमित (20)
अभिषेक (21)
राम सुचित (45)
अमित (22)

—को हिरासत में ले लिया है।

अन्य नामजद और जांच में सामने आए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस का बयान

डीसीपी दक्षिण मो. मुश्ताक ने बताया कि नाले के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें एक पक्ष के एक व्यक्ति की मौत हो गई है और दोनों पक्षों के कुल पांच लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा की पत्नी की रहस्यमयी मौत से मचा हड़कंप, भाई का सनसनीखेज आरोप- 'जहर देकर मार डाला', 13 वर्षीय बेटे ने बताई झगड़े की कहानी

पति, सास, देवर और देवरानी पर हत्या का आरोप, मौत से पहले मां को किया था फोन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में तैनात एक दरोगा की पत्नी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 35 वर्षीय विनीता सिंह की मौत के बाद मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार जहर देकर उसकी हत्या कर दी गई। मृतका के भाई ने पति, सास, देवर और देवरानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

दरोगा पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप

पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को गाजियाबाद निवासी विनय कुमार सिंह ने पारा थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी बहन विनीता सिंह की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। शिकायत में विनीता के पति अवनीश कुमार, जो लखनऊ के कैंट थाने में उपनिरीक्षक (SI) के पद पर तैनात हैं, के साथ अन्य ससुरालियों पर प्रताड़ित करने और जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाया गया है।

घर में बेहोश मिली, अस्पताल पहुंची लेकिन नहीं बच सकी

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम विनीता की तबीयत बिगड़ने के बाद ससुराल पक्ष उन्हें इलाज के लिए एरा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचा। इस दौरान मायके पक्ष को भी सूचना दी गई।अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, विनीता को रात करीब 7:50 बजे अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने उस समय बताया कि वह घर में बेहोशी की हालत में मिली थीं। इलाज शुरू किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

मायके वाले पहुंचे तो हो चुकी थी मौत

31 जुलाई को जब गाजियाबाद से मायके पक्ष अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने विनीता को मृत घोषित कर दिया। भाई का आरोप है कि उस समय अस्पताल में ससुराल पक्ष का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे परिवार का शक और गहरा गया।

'शराब पीकर आया था पति, फिर हुआ झगड़ा'

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद विनीता के जहर खाने की बात सामने आई है। हालांकि यह पुलिस की प्रारंभिक जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि अभी जांच एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों से होनी बाकी है।

13 वर्षीय बेटे ने बताई विवाद की बात

मृतका के भाई विनय का दावा है कि विनीता के 13 वर्षीय बेटे कार्तिक ने उन्हें बताया कि घटना वाले दिन उसके पिता शराब के नशे में घर आए थे। इसके बाद माता-पिता के बीच विवाद और मारपीट हुई। डर के कारण वह ऊपर के कमरे में चला गया और उसके बाद क्या हुआ, उसे इसकी जानकारी नहीं है।पुलिस ने सार्वजनिक रूप से इस बयान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

'18 साल से झेल रही थी प्रताड़ना'

विनय कुमार सिंह के अनुसार, विनीता की शादी वर्ष 2008 में मेरठ के टीमकिया गांव निवासी अवनीश कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ताने, मारपीट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। कई बार दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।उन्होंने आरोप लगाया कि अवनीश शराब के नशे में अक्सर विनीता के साथ मारपीट करता था और विनीता कई बार अपनी पीड़ा मायके वालों को बता चुकी थी।

मौत से पहले मां को किया था फोन

मृतका के भाई के अनुसार, घटना वाले दिन शाम करीब 7 बजे विनीता ने अपनी मां को फोन कर ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी थी। बातचीत के दौरान अचानक फोन कट गया।करीब एक घंटे बाद ससुराल पक्ष के एक रिश्तेदार ने फोन कर बताया कि विनीता की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब तक मायके वाले लखनऊ पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम कराया गया, रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।पुलिस ने बताया कि मृतका के भाई द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण तथा अन्य तथ्यों का संकलन किया जा रहा है।पारा थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच (यदि आवश्यक हो) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जांच जारी, आरोपों की पुष्टि अभी नहीं

फिलहाल पुलिस ने किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इसलिए इस मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावे हैं, न कि स्थापित तथ्य।
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह संपन्न

-  1921 विद्यार्थियों को उपाधियां, 130 मेधावियों को 156 पदक; दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना


लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने की, जबकि राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल की अनुपस्थिति में उनके विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबडे ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति संजय सिंह ने किया।
दीक्षांत समारोह में कुल 1921 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 956 छात्राएं और 965 छात्र शामिल रहे। इनमें 17 शोध उपाधियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 130 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 156 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 76 स्वर्ण, 40 रजत और 40 कांस्य पदक शामिल हैं।

-  दिव्यांग विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास
समारोह की विशेष उपलब्धि दिव्यांग विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। कुल 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 45 पदक अर्जित किए। इनमें 22 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि 1921 उपाधियों में 466 उपाधियां दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलना उनकी प्रतिभा, दृढ़ इच्छाशक्ति और विश्वविद्यालय के समावेशी प्रयासों का प्रमाण है।

-  शकुंतला विश्वविद्यालय को विशेष दर्जा देने की मांग
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर ने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय को सुगम्यता, पुनर्वास, समावेशी शिक्षा, सहायक प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर विशेष दर्जा देने की मांग की। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

-  दिव्यांग शिक्षा और पुनर्वास में सरकार की नई पहल
राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां दिव्यांगजनों के लिए दो समर्पित विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि राज्य का पहला ब्रेल पुस्तकालय स्थापित किया जा चुका है, जिसमें 5,500 से अधिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं और वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 10 हजार करने का लक्ष्य है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ब्रेल समाचार पत्र भी शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि मेरठ मिलिट्री अस्पताल के साथ हुए समझौते के तहत दिव्यांग सैनिकों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं सीआईपीईटी के सहयोग से विश्वविद्यालय अब अपनी लैब में कृत्रिम पैर के पंजे सहित अन्य स्पेयर पार्ट्स का निर्माण करेगा। विश्वविद्यालय में स्थापित 3-डी लैब और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विकसित किया जा रहा 'सुगंध पथ' भी समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय की बीबीए छात्रा संजना कुमारी ने इंडोनेशिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट-2025 में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
समारोह के अंत में कुलपति संजय सिंह ने मुख्य अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, कुलसचिव रोहित सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार मिश्रा, विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अतिथि उपस्थित रहे।
सामुदायिक शौचालयों के केयरटेकरों के मानदेय में देरी पर गंभीर हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
-  मानसून सत्र के बाद अधिकारियों की बैठक बुलाकर समाधान का भरोसा, अवनीश अवस्थी बोले— मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक शौचालयों में कार्यरत केयरटेकरों के मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर इस विषय पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

रवीन्द्रालय में जनकल्याण केयर टेकर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर तत्काल संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 6,000 रुपये का मानदेय पहले से ही कम है और यदि उसके भुगतान में भी विलंब हो तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रयास करने का भरोसा दिया कि मानदेय राशि में वृद्धि हो और भुगतान सीधे केयरटेकरों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि बीच के स्तरों पर होने वाली देरी समाप्त हो सके।

-  राष्ट्रीय सफाई मजदूर दिवस पर हुआ महासम्मेलन
राष्ट्रीय सफाई मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस महासम्मेलन का संयोजन विधान परिषद सदस्य एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने किया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में केयरटेकर, विशेषकर महिला कर्मचारी, शामिल हुईं।

डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि वर्ष 1957 में पुरानी दिल्ली के पहाड़गंज में सफाई कर्मियों के आंदोलन में शहीद हुए भूप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने केयरटेकरों के समय पर मानदेय भुगतान की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कई स्तरों की प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी होती है, इसलिए राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जानी चाहिए।

-  महिलाओं के बीच जमीन पर बैठे डिप्टी सीएम
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। संबोधन के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंच से उतरकर महिला केयरटेकरों के बीच पहुंचे और उनके साथ रवीन्द्रालय के फर्श पर बैठकर बातचीत की तथा तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान कई महिला केयरटेकर भावुक नजर आईं।

-  अवनीश अवस्थी बोले- मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मांगपत्र
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि संगठन का मांगपत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा और समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने महिला कर्मियों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ सभी को उठाना चाहिए।

-  संकल्प पत्र में मुद्दे शामिल कराने का आश्वासन
भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. राहुल वाल्मीकि ने कहा कि केयरटेकरों की समस्याओं को पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा तथा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार होने वाले संकल्प पत्र में सफाई कर्मियों से जुड़े मुद्दों को शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन संस्था के अध्यक्ष विनोद कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। महासम्मेलन में अमरनाथ प्रजापति, गुड्डू सिंह, दिलीप कुमार पुष्कर, राकेश लक्खा, जितेन्द्र कुमार सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे, जबकि सीतापुर, गोण्डा, हापुड़, बदायूं, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बरेली समेत विभिन्न जिलों से आई महिला केयरटेकरों ने अपनी समस्याएं साझा कीं।