डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह संपन्न

-  1921 विद्यार्थियों को उपाधियां, 130 मेधावियों को 156 पदक; दिव्यांग विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना


लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने की, जबकि राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल की अनुपस्थिति में उनके विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबडे ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति संजय सिंह ने किया।
दीक्षांत समारोह में कुल 1921 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 956 छात्राएं और 965 छात्र शामिल रहे। इनमें 17 शोध उपाधियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 130 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 156 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 76 स्वर्ण, 40 रजत और 40 कांस्य पदक शामिल हैं।

-  दिव्यांग विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास
समारोह की विशेष उपलब्धि दिव्यांग विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। कुल 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 45 पदक अर्जित किए। इनमें 22 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि 1921 उपाधियों में 466 उपाधियां दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलना उनकी प्रतिभा, दृढ़ इच्छाशक्ति और विश्वविद्यालय के समावेशी प्रयासों का प्रमाण है।

-  शकुंतला विश्वविद्यालय को विशेष दर्जा देने की मांग
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर ने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय को सुगम्यता, पुनर्वास, समावेशी शिक्षा, सहायक प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर विशेष दर्जा देने की मांग की। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

-  दिव्यांग शिक्षा और पुनर्वास में सरकार की नई पहल
राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां दिव्यांगजनों के लिए दो समर्पित विश्वविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि राज्य का पहला ब्रेल पुस्तकालय स्थापित किया जा चुका है, जिसमें 5,500 से अधिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं और वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 10 हजार करने का लक्ष्य है। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ब्रेल समाचार पत्र भी शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि मेरठ मिलिट्री अस्पताल के साथ हुए समझौते के तहत दिव्यांग सैनिकों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं सीआईपीईटी के सहयोग से विश्वविद्यालय अब अपनी लैब में कृत्रिम पैर के पंजे सहित अन्य स्पेयर पार्ट्स का निर्माण करेगा। विश्वविद्यालय में स्थापित 3-डी लैब और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विकसित किया जा रहा 'सुगंध पथ' भी समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय की बीबीए छात्रा संजना कुमारी ने इंडोनेशिया पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल टूर्नामेंट-2025 में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
समारोह के अंत में कुलपति संजय सिंह ने मुख्य अतिथियों और विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, कुलसचिव रोहित सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार मिश्रा, विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अतिथि उपस्थित रहे।
सामुदायिक शौचालयों के केयरटेकरों के मानदेय में देरी पर गंभीर हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
-  मानसून सत्र के बाद अधिकारियों की बैठक बुलाकर समाधान का भरोसा, अवनीश अवस्थी बोले— मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक शौचालयों में कार्यरत केयरटेकरों के मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा के मानसून सत्र के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर इस विषय पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

रवीन्द्रालय में जनकल्याण केयर टेकर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर तत्काल संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 6,000 रुपये का मानदेय पहले से ही कम है और यदि उसके भुगतान में भी विलंब हो तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रयास करने का भरोसा दिया कि मानदेय राशि में वृद्धि हो और भुगतान सीधे केयरटेकरों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि बीच के स्तरों पर होने वाली देरी समाप्त हो सके।

-  राष्ट्रीय सफाई मजदूर दिवस पर हुआ महासम्मेलन
राष्ट्रीय सफाई मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस महासम्मेलन का संयोजन विधान परिषद सदस्य एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने किया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में केयरटेकर, विशेषकर महिला कर्मचारी, शामिल हुईं।

डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि वर्ष 1957 में पुरानी दिल्ली के पहाड़गंज में सफाई कर्मियों के आंदोलन में शहीद हुए भूप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने केयरटेकरों के समय पर मानदेय भुगतान की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कई स्तरों की प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी होती है, इसलिए राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जानी चाहिए।

-  महिलाओं के बीच जमीन पर बैठे डिप्टी सीएम
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। संबोधन के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंच से उतरकर महिला केयरटेकरों के बीच पहुंचे और उनके साथ रवीन्द्रालय के फर्श पर बैठकर बातचीत की तथा तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान कई महिला केयरटेकर भावुक नजर आईं।

-  अवनीश अवस्थी बोले- मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे मांगपत्र
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि संगठन का मांगपत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा जाएगा और समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने महिला कर्मियों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ सभी को उठाना चाहिए।

-  संकल्प पत्र में मुद्दे शामिल कराने का आश्वासन
भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. राहुल वाल्मीकि ने कहा कि केयरटेकरों की समस्याओं को पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा तथा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार होने वाले संकल्प पत्र में सफाई कर्मियों से जुड़े मुद्दों को शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन संस्था के अध्यक्ष विनोद कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। महासम्मेलन में अमरनाथ प्रजापति, गुड्डू सिंह, दिलीप कुमार पुष्कर, राकेश लक्खा, जितेन्द्र कुमार सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे, जबकि सीतापुर, गोण्डा, हापुड़, बदायूं, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बरेली समेत विभिन्न जिलों से आई महिला केयरटेकरों ने अपनी समस्याएं साझा कीं।
एसएससी परीक्षा धांधली गैंग का वांछित सदस्य लोकेश राजस्थान से गिरफ्तार
एसटीएफ ने बरामद किए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

लखनऊ। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी ) की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी लोकेश को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सीएपीएफ और एसएसएफ में कांस्टेबल  तथा असम राइफल में राइफलमैन परीक्षा-2026 में नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। एसटीएफ के अनुसार, लोकेश को 30 जुलाई  को शाम करीब 5:30 बजे अलवर से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर घर से परीक्षा में गड़बड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। इनमें 92 टीएफटी स्क्रीन, 45 वीजीए कार्ड, 20 वीजीए  टू एचडीएमआई कार्ड, रेसबेरीपाई डिवाइस, मेमोरी कार्ड, वाईफाई डोंगल, लैपटॉप और अन्य तकनीकी सामान शामिल हैं। जांच में सामने आया कि 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित बालाजी डिजिटल जोन में आयोजित एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के जरिए नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था। इस मामले में सेंटर संचालक प्रदीप चौहान समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन की सप्लाई करने वाले लोकेश का नाम सामने आया, जिसके बाद वह फरार चल रहा था। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी लोकेश कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग का जानकार है। वह मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन तैयार कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। इन स्क्रीन की मदद से परीक्षा केंद्र से प्रश्नों को बाहर भेजकर सॉल्वर द्वारा हल कराया जाता था। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पेपर लीक पर लगेगा प्रभावी अंकुश, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा न्याय : केशव प्रसाद मौर्य

-  'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026' के संसद से पारित होने का किया स्वागत, परीक्षा व्यवस्था को बताया और अधिक पारदर्शी बनाने वाला कदम


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संसद के दोनों सदनों से 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून लागू होने के बाद पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी अंकुश लगेगा और मेहनती एवं प्रतिभाशाली युवाओं को न्याय मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए कठोर कानून लाने का जो आश्वासन दिया गया था, यह विधेयक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, कानून लागू होने से परीक्षा प्रणाली की शुचिता और विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी तथा युवाओं के भविष्य के साथ होने वाले अन्याय पर रोक लगेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में देश पेपर लीक जैसी कुप्रथा से मुक्त होगा और लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रभावी एवं निर्णायक कदम उठा रही है।

-  'वंदे मातरम् विधेयक' का भी किया स्वागत
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संसद से 'वंदे मातरम् विधेयक' पारित होने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का पारित होना आवश्यक था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के तीसरे कार्यकाल में इसे संसद से मंजूरी मिली है। उन्होंने इस निर्णय का समर्थन करने वाले सभी सांसदों का अभिनंदन एवं आभार भी व्यक्त किया।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा एनडीए, भाजपा-रालोद के बीच रणनीतिक मंथन
-  दोनों प्रदेश अध्यक्षों की अहम बैठक में संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने पर जोर, जिला स्तर तक नियमित संवाद बढ़ाने पर बनी सहमति


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के शीर्ष नेताओं के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा के बीच हुई इस विस्तृत बैठक में एनडीए के संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावी रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में दोनों नेताओं ने संगठनात्मक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान सहमति बनी कि प्रदेश स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी भाजपा और रालोद के पदाधिकारियों एवं जिला अध्यक्षों के बीच नियमित संवाद, सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान तथा बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे एनडीए के जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर पर नई गति मिल सके।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों, प्रदेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य तथा पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और जनाधार पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने एनडीए को और अधिक मजबूत, प्रभावी और जनविश्वास के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए साझा प्रयासों पर बल दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को उनकी कालजयी कृति "गोदान" भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
बैठक में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी सहित दोनों दलों के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
शोध : मधुमेह वाले एमडीआर टीबी मरीजों में मौत का खतरा ज्यादा
लखनऊ । बहु दवा प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में नई चुनौती सामने आई है। एमडीआर टीबी के साथ टाइप-2 मुधमेह से पीड़ित मरीजों पर टीबी की दवाओं का असर काफी धीमा होता है। इससे संक्रमण खत्म होने में अधिक समय लगता है। ऐसे में लंबे समय तक इलाज चलने के कारण दोनों बीमारियों से ग्रसित मरीजों में मौत का जोखिम बढ़ जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हुए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। इसे वर्ल्ड जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (डब्ल्यूजेईएम) में स्थान मिला है।

अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग के वर्ष 2023 से 2024 के बीच हुए अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया। इसमें 155 पुरुष और 109 महिलाएं थीं। जिसमें 61 मरीज टाइप-2 मधुमेह, 66 प्री-डायबिटीज ((बॉर्डरलाइन मधुमेह) और 137 रोगी मधुमेह रहित थे। इन्हें तीन समूहों में बांटने के बाद सभी मरीजों को मुंह से ली जाने वाली टीबी की दवाएं दी गईं। इलाज के दौरान समय-समय पर उनकी बलगम जांच और सेहत में सुधार की निगरानी की गई।

मधुमेह रोगियों पर दवाओं का असर धीमा

शोध में पाया गया कि मधुमेह पीड़ित मरीजों के फेफड़ों में अन्य रोगियों की तुलना गंभीर संक्रमण और टीबी के ज्यादा जीवाणु मौजूद थे। जीवाणुओं में दवा प्रतिरोध बढ़ाने वाले आईएनएचए और केएटीजी जीन में म्यूटेशन मिला। इलाज के नतीजों की तुलना में सामने आया कि मुधमेह मरीजों की बलगम जांच निगेटिव होने में सबसे अधिक 133 दिन लगे। वहीं, प्री-डायबिटीज मरीजों में 113 और गैर-मधुमेह रोगियों की जांच रिपोर्ट सिर्फ 97 दिन में सामान्य हो गई। शोध में पता चला कि मुधमेह के साथ प्री—डायबिटीज भी एमडीआर टीबी का इलाज प्रभावित करती है।

एमडीआर टीबी मरीजों की मधुमेह जांच जरूरी

केजीएमयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के संस्थापक प्रभारी प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक, भारत में टीबी और मधुमेह तेजी से बढ़ रही गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। एमडीआर टीबी में मधुमेह एक बड़ा जोखिम कारक है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित मरीज की मधुमेह और प्री-डायबिटीज जांच जरूरी है। मरीजों की निगरानी और दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज होने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगा बल

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक टीबी और मधुमेह के मरीज भारत में हैं। मुधमेह से एमडीआर टीबी के मरीज पर दवाएं देर से असर करती हैं। ऐसे मरीजों में मधुमेह की जांच और इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इससे एमडीआर टीबी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

क्या होती है एमडीआर टीबी

एमडीआर टीबी का मतलब मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (दवा प्रतिरोधी टीबी) है। यह सामान्य ड्रग सेंसिटिव या शुरुआती टीबी के मुकाबले ज्यादा घातक होती है। इसमें टीबी के जीवाणुओं पर इस बीमारी की सबसे असरदार दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीजों को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। इसके कारण मृत्यु दर भी अधिक होती है।

एमडीआर टीबी के कारण

अधूरा इलाज, अनियमित व गलत दवा का सेवन, एमडीआर टीबी मरीज के जरिए संक्रमण, जीवाणुओं का म्यूटेशन, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
शोध : मधुमेह वाले एमडीआर टीबी मरीजों में मौत का खतरा ज्यादा
लखनऊ । बहु दवा प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में नई चुनौती सामने आई है। एमडीआर टीबी के साथ टाइप-2 मुधमेह से पीड़ित मरीजों पर टीबी की दवाओं का असर काफी धीमा होता है। इससे संक्रमण खत्म होने में अधिक समय लगता है। ऐसे में लंबे समय तक इलाज चलने के कारण दोनों बीमारियों से ग्रसित मरीजों में मौत का जोखिम बढ़ जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हुए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। इसे वर्ल्ड जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (डब्ल्यूजेईएम) में स्थान मिला है।

अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग के वर्ष 2023 से 2024 के बीच हुए अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया। इसमें 155 पुरुष और 109 महिलाएं थीं। जिसमें 61 मरीज टाइप-2 मधुमेह, 66 प्री-डायबिटीज ((बॉर्डरलाइन मधुमेह) और 137 रोगी मधुमेह रहित थे। इन्हें तीन समूहों में बांटने के बाद सभी मरीजों को मुंह से ली जाने वाली टीबी की दवाएं दी गईं। इलाज के दौरान समय-समय पर उनकी बलगम जांच और सेहत में सुधार की निगरानी की गई।

मधुमेह रोगियों पर दवाओं का असर धीमा

शोध में पाया गया कि मधुमेह पीड़ित मरीजों के फेफड़ों में अन्य रोगियों की तुलना गंभीर संक्रमण और टीबी के ज्यादा जीवाणु मौजूद थे। जीवाणुओं में दवा प्रतिरोध बढ़ाने वाले आईएनएचए और केएटीजी जीन में म्यूटेशन मिला। इलाज के नतीजों की तुलना में सामने आया कि मुधमेह मरीजों की बलगम जांच निगेटिव होने में सबसे अधिक 133 दिन लगे। वहीं, प्री-डायबिटीज मरीजों में 113 और गैर-मधुमेह रोगियों की जांच रिपोर्ट सिर्फ 97 दिन में सामान्य हो गई। शोध में पता चला कि मुधमेह के साथ प्री—डायबिटीज भी एमडीआर टीबी का इलाज प्रभावित करती है।

एमडीआर टीबी मरीजों की मधुमेह जांच जरूरी

केजीएमयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के संस्थापक प्रभारी प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक, भारत में टीबी और मधुमेह तेजी से बढ़ रही गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। एमडीआर टीबी में मधुमेह एक बड़ा जोखिम कारक है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित मरीज की मधुमेह और प्री-डायबिटीज जांच जरूरी है। मरीजों की निगरानी और दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज होने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगा बल

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक टीबी और मधुमेह के मरीज भारत में हैं। मुधमेह से एमडीआर टीबी के मरीज पर दवाएं देर से असर करती हैं। ऐसे मरीजों में मधुमेह की जांच और इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इससे एमडीआर टीबी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

क्या होती है एमडीआर टीबी

एमडीआर टीबी का मतलब मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (दवा प्रतिरोधी टीबी) है। यह सामान्य ड्रग सेंसिटिव या शुरुआती टीबी के मुकाबले ज्यादा घातक होती है। इसमें टीबी के जीवाणुओं पर इस बीमारी की सबसे असरदार दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीजों को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। इसके कारण मृत्यु दर भी अधिक होती है।

एमडीआर टीबी के कारण

अधूरा इलाज, अनियमित व गलत दवा का सेवन, एमडीआर टीबी मरीज के जरिए संक्रमण, जीवाणुओं का म्यूटेशन, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा: लखनऊ में हाई अलर्ट, शिवालयों पर कड़ी सुरक्षा और 24 घंटे निगरानी
प्रमुख मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी से निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन लागू; अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। 30 जुलाई से शुरू हुए श्रावण मास के मद्देनजर प्रमुख शिवालयों, कांवड़ यात्रा मार्गों, संवेदनशील स्थानों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

पुलिस के अनुसार नागेश्वर महादेव मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, श्री ओंकारेश्वर मंदिर, बुद्धेश्वर महादेव मंदिर और चंद्रिका देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सिविल डिफेंस, डिजिटल वॉलंटियर और विशेष पुलिस बल की भी सहायता ली जा रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल-112, पीआरवी, महिला पुलिसकर्मियों, एंटी रोमियो स्क्वॉड, पिंक मोबाइल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में एलआईयू (LIU) की टीमें भी लगातार निगरानी रखेंगी। जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीमें गश्त करेंगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बुद्धेश्वर चौराहा, मनकामेश्वर मंदिर ढाल, डालीगंज चौराहा, हनुमान सेतु, पाल तिराहा, दुबग्गा तिराहा, बाराबिरवा तिराहा और सीतापुर मार्ग सहित कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रमुख मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त यातायात पुलिस भी तैनात की गई है।

सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का सोशल मीडिया सेल फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे मॉनिटरिंग करेगा। अफवाह फैलाने, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने सभी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख मंदिरों और यात्रा मार्गों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।

लखनऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग करें।
रेकी कर बाइक चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

आशियाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबोचा, बाराबंकी के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

लखनऊ। आशियाना थाना पुलिस ने रेकी कर मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 17 मई 2026 को रिक्शा कॉलोनी निवासी जान मोहम्मद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी हीरो एचएफ डीलक्स (UP32RL2071) मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। शिकायत के आधार पर थाना आशियाना में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 29 जुलाई 2026 की रात देवीखेड़ा रोड मोड़ से फयूम (19) और सलमान (20) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी बाराबंकी जिले के बडूपुर थाना क्षेत्र के घघरा कटिया गांव के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) भी बढ़ाई गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
पीजीआई में तमंचे से फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार

मकान मालिक के बेटे से विवाद के बाद चली गोली, पुलिस ने आरोपी के पास से देशी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया

लखनऊ। पीजीआई थाना पुलिस ने अवैध तमंचे से फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को उतरेठिया निवासी कृष्णा मिश्रा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक श्रीवास्तव ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, हालांकि गोली निशाने पर नहीं लगी। मामले में थाना पीजीआई में मुकदमा संख्या 397/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), 352, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपी अभिषेक श्रीवास्तव (26) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन बुकिंग पर हेयरकटिंग का काम करता है और नशे का आदी है। मकान मालिक के बेटे से कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया, जिसके दौरान उसने फायरिंग कर दी।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।