2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा एनडीए, भाजपा-रालोद के बीच रणनीतिक मंथन
-  दोनों प्रदेश अध्यक्षों की अहम बैठक में संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने पर जोर, जिला स्तर तक नियमित संवाद बढ़ाने पर बनी सहमति


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के शीर्ष नेताओं के बीच महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा के बीच हुई इस विस्तृत बैठक में एनडीए के संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावी रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में दोनों नेताओं ने संगठनात्मक समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान सहमति बनी कि प्रदेश स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी भाजपा और रालोद के पदाधिकारियों एवं जिला अध्यक्षों के बीच नियमित संवाद, सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान तथा बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे एनडीए के जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर पर नई गति मिल सके।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों, प्रदेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य तथा पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और जनाधार पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने एनडीए को और अधिक मजबूत, प्रभावी और जनविश्वास के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए साझा प्रयासों पर बल दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को उनकी कालजयी कृति "गोदान" भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
बैठक में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी सहित दोनों दलों के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
शोध : मधुमेह वाले एमडीआर टीबी मरीजों में मौत का खतरा ज्यादा
लखनऊ । बहु दवा प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में नई चुनौती सामने आई है। एमडीआर टीबी के साथ टाइप-2 मुधमेह से पीड़ित मरीजों पर टीबी की दवाओं का असर काफी धीमा होता है। इससे संक्रमण खत्म होने में अधिक समय लगता है। ऐसे में लंबे समय तक इलाज चलने के कारण दोनों बीमारियों से ग्रसित मरीजों में मौत का जोखिम बढ़ जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हुए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। इसे वर्ल्ड जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (डब्ल्यूजेईएम) में स्थान मिला है।

अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग के वर्ष 2023 से 2024 के बीच हुए अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया। इसमें 155 पुरुष और 109 महिलाएं थीं। जिसमें 61 मरीज टाइप-2 मधुमेह, 66 प्री-डायबिटीज ((बॉर्डरलाइन मधुमेह) और 137 रोगी मधुमेह रहित थे। इन्हें तीन समूहों में बांटने के बाद सभी मरीजों को मुंह से ली जाने वाली टीबी की दवाएं दी गईं। इलाज के दौरान समय-समय पर उनकी बलगम जांच और सेहत में सुधार की निगरानी की गई।

मधुमेह रोगियों पर दवाओं का असर धीमा

शोध में पाया गया कि मधुमेह पीड़ित मरीजों के फेफड़ों में अन्य रोगियों की तुलना गंभीर संक्रमण और टीबी के ज्यादा जीवाणु मौजूद थे। जीवाणुओं में दवा प्रतिरोध बढ़ाने वाले आईएनएचए और केएटीजी जीन में म्यूटेशन मिला। इलाज के नतीजों की तुलना में सामने आया कि मुधमेह मरीजों की बलगम जांच निगेटिव होने में सबसे अधिक 133 दिन लगे। वहीं, प्री-डायबिटीज मरीजों में 113 और गैर-मधुमेह रोगियों की जांच रिपोर्ट सिर्फ 97 दिन में सामान्य हो गई। शोध में पता चला कि मुधमेह के साथ प्री—डायबिटीज भी एमडीआर टीबी का इलाज प्रभावित करती है।

एमडीआर टीबी मरीजों की मधुमेह जांच जरूरी

केजीएमयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के संस्थापक प्रभारी प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक, भारत में टीबी और मधुमेह तेजी से बढ़ रही गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। एमडीआर टीबी में मधुमेह एक बड़ा जोखिम कारक है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित मरीज की मधुमेह और प्री-डायबिटीज जांच जरूरी है। मरीजों की निगरानी और दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज होने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगा बल

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक टीबी और मधुमेह के मरीज भारत में हैं। मुधमेह से एमडीआर टीबी के मरीज पर दवाएं देर से असर करती हैं। ऐसे मरीजों में मधुमेह की जांच और इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इससे एमडीआर टीबी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

क्या होती है एमडीआर टीबी

एमडीआर टीबी का मतलब मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (दवा प्रतिरोधी टीबी) है। यह सामान्य ड्रग सेंसिटिव या शुरुआती टीबी के मुकाबले ज्यादा घातक होती है। इसमें टीबी के जीवाणुओं पर इस बीमारी की सबसे असरदार दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीजों को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। इसके कारण मृत्यु दर भी अधिक होती है।

एमडीआर टीबी के कारण

अधूरा इलाज, अनियमित व गलत दवा का सेवन, एमडीआर टीबी मरीज के जरिए संक्रमण, जीवाणुओं का म्यूटेशन, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
शोध : मधुमेह वाले एमडीआर टीबी मरीजों में मौत का खतरा ज्यादा
लखनऊ । बहु दवा प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में नई चुनौती सामने आई है। एमडीआर टीबी के साथ टाइप-2 मुधमेह से पीड़ित मरीजों पर टीबी की दवाओं का असर काफी धीमा होता है। इससे संक्रमण खत्म होने में अधिक समय लगता है। ऐसे में लंबे समय तक इलाज चलने के कारण दोनों बीमारियों से ग्रसित मरीजों में मौत का जोखिम बढ़ जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हुए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। इसे वर्ल्ड जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन (डब्ल्यूजेईएम) में स्थान मिला है।

अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग के वर्ष 2023 से 2024 के बीच हुए अध्ययन में 264 एमडीआर टीबी मरीजों को शामिल किया गया। इसमें 155 पुरुष और 109 महिलाएं थीं। जिसमें 61 मरीज टाइप-2 मधुमेह, 66 प्री-डायबिटीज ((बॉर्डरलाइन मधुमेह) और 137 रोगी मधुमेह रहित थे। इन्हें तीन समूहों में बांटने के बाद सभी मरीजों को मुंह से ली जाने वाली टीबी की दवाएं दी गईं। इलाज के दौरान समय-समय पर उनकी बलगम जांच और सेहत में सुधार की निगरानी की गई।

मधुमेह रोगियों पर दवाओं का असर धीमा

शोध में पाया गया कि मधुमेह पीड़ित मरीजों के फेफड़ों में अन्य रोगियों की तुलना गंभीर संक्रमण और टीबी के ज्यादा जीवाणु मौजूद थे। जीवाणुओं में दवा प्रतिरोध बढ़ाने वाले आईएनएचए और केएटीजी जीन में म्यूटेशन मिला। इलाज के नतीजों की तुलना में सामने आया कि मुधमेह मरीजों की बलगम जांच निगेटिव होने में सबसे अधिक 133 दिन लगे। वहीं, प्री-डायबिटीज मरीजों में 113 और गैर-मधुमेह रोगियों की जांच रिपोर्ट सिर्फ 97 दिन में सामान्य हो गई। शोध में पता चला कि मुधमेह के साथ प्री—डायबिटीज भी एमडीआर टीबी का इलाज प्रभावित करती है।

एमडीआर टीबी मरीजों की मधुमेह जांच जरूरी

केजीएमयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के संस्थापक प्रभारी प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक, भारत में टीबी और मधुमेह तेजी से बढ़ रही गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। एमडीआर टीबी में मधुमेह एक बड़ा जोखिम कारक है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित मरीज की मधुमेह और प्री-डायबिटीज जांच जरूरी है। मरीजों की निगरानी और दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज होने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगा बल

केजीएमयू के श्वसन रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेयी ने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक टीबी और मधुमेह के मरीज भारत में हैं। मुधमेह से एमडीआर टीबी के मरीज पर दवाएं देर से असर करती हैं। ऐसे मरीजों में मधुमेह की जांच और इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। इससे एमडीआर टीबी मरीजों के ठीक होने की दर बढ़ेगी। साथ ही राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

क्या होती है एमडीआर टीबी

एमडीआर टीबी का मतलब मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (दवा प्रतिरोधी टीबी) है। यह सामान्य ड्रग सेंसिटिव या शुरुआती टीबी के मुकाबले ज्यादा घातक होती है। इसमें टीबी के जीवाणुओं पर इस बीमारी की सबसे असरदार दवाएं बेअसर हो जाती हैं। मरीजों को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ता है। इसके कारण मृत्यु दर भी अधिक होती है।

एमडीआर टीबी के कारण

अधूरा इलाज, अनियमित व गलत दवा का सेवन, एमडीआर टीबी मरीज के जरिए संक्रमण, जीवाणुओं का म्यूटेशन, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा: लखनऊ में हाई अलर्ट, शिवालयों पर कड़ी सुरक्षा और 24 घंटे निगरानी
प्रमुख मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी से निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन लागू; अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं। 30 जुलाई से शुरू हुए श्रावण मास के मद्देनजर प्रमुख शिवालयों, कांवड़ यात्रा मार्गों, संवेदनशील स्थानों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

पुलिस के अनुसार नागेश्वर महादेव मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, श्री ओंकारेश्वर मंदिर, बुद्धेश्वर महादेव मंदिर और चंद्रिका देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सिविल डिफेंस, डिजिटल वॉलंटियर और विशेष पुलिस बल की भी सहायता ली जा रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल-112, पीआरवी, महिला पुलिसकर्मियों, एंटी रोमियो स्क्वॉड, पिंक मोबाइल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में एलआईयू (LIU) की टीमें भी लगातार निगरानी रखेंगी। जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीमें गश्त करेंगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बुद्धेश्वर चौराहा, मनकामेश्वर मंदिर ढाल, डालीगंज चौराहा, हनुमान सेतु, पाल तिराहा, दुबग्गा तिराहा, बाराबिरवा तिराहा और सीतापुर मार्ग सहित कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रमुख मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त यातायात पुलिस भी तैनात की गई है।

सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का सोशल मीडिया सेल फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे मॉनिटरिंग करेगा। अफवाह फैलाने, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने सभी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख मंदिरों और यात्रा मार्गों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।

लखनऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग करें।
रेकी कर बाइक चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की मोटरसाइकिल बरामद

आशियाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबोचा, बाराबंकी के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

लखनऊ। आशियाना थाना पुलिस ने रेकी कर मोटरसाइकिल चोरी करने वाले दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 17 मई 2026 को रिक्शा कॉलोनी निवासी जान मोहम्मद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी हीरो एचएफ डीलक्स (UP32RL2071) मोटरसाइकिल चोरी हो गई है। शिकायत के आधार पर थाना आशियाना में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 29 जुलाई 2026 की रात देवीखेड़ा रोड मोड़ से फयूम (19) और सलमान (20) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी बाराबंकी जिले के बडूपुर थाना क्षेत्र के घघरा कटिया गांव के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) भी बढ़ाई गई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
पीजीआई में तमंचे से फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार

मकान मालिक के बेटे से विवाद के बाद चली गोली, पुलिस ने आरोपी के पास से देशी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया

लखनऊ। पीजीआई थाना पुलिस ने अवैध तमंचे से फायरिंग कर जान से मारने की धमकी देने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को उतरेठिया निवासी कृष्णा मिश्रा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक श्रीवास्तव ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, हालांकि गोली निशाने पर नहीं लगी। मामले में थाना पीजीआई में मुकदमा संख्या 397/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), 352, 351(3) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपी अभिषेक श्रीवास्तव (26) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन बुकिंग पर हेयरकटिंग का काम करता है और नशे का आदी है। मकान मालिक के बेटे से कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया, जिसके दौरान उसने फायरिंग कर दी।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
क्लब पार्टी में हवाई फायरिंग करने वाला गिरफ्तार, सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने अवैध पिस्टल की बरामद


वायरल वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई, आरोपी ने शराब के नशे में फायरिंग करने की बात कबूली

लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने क्लब पार्टी के दौरान हवाई फायरिंग करने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध पिस्टल और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को कृतिका अपार्टमेंट में हवाई फायरिंग का वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था। वीडियो में फायरिंग की आवाज स्पष्ट सुनाई देने पर उपनिरीक्षक हिमांचल सिंह की तहरीर के आधार पर थाना सुशांत गोल्फ सिटी में बीएनएस की धारा 125 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने कृतिका अपार्टमेंट से आरोपी रितिक श्रीवास्तव उर्फ ऋषभ (26) निवासी कुशीनगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने स्वीकार किया कि क्लब में पार्टी के दौरान अधिक शराब पीने के बाद उसने नशे की हालत में हवाई फायरिंग की थी।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इंटीरियर कॉन्ट्रैक्ट का कार्य करता है।
राहगीरों को लूटने वाला गैंग गिरफ्तार, गोसाईंगंज पुलिस ने चार शातिर बदमाश दबोचे

7 एंड्रॉयड मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक बरामद, मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से खपाया जाता था लूट का सामान

लखनऊ। गोसाईंगंज थाना पुलिस ने राहगीरों को रोककर डरा-धमकाकर मोबाइल और नकदी लूटने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 1.25 लाख रुपये कीमत के सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को जमालपुर कुर्मियान निवासी मोहम्मद शरीफ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खरीदारी कर घर लौटते समय नवाब अली का पुरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोककर मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। इस मामले में गोसाईंगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में पांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 70 से 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू (24), विशाल (22), गोविन्द (20) और रामजी (26) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राहगीरों को रोककर डराते-धमकाते थे और उनके मोबाइल व नकदी लूट लेते थे। बाद में लूटे गए मोबाइल बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी रामजी, जो मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है, गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह लूटे और चोरी के मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर नया बनाकर ऊंचे दामों में बेचता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ सदस्यों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और आगे की जांच जारी है।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।
रेशम क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है योगी सरकार : राकेश सचान
-  रेशम विभाग की योजनाओं, बजट और प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा; पारदर्शी क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने गुरुवार को रेशम निदेशालय, लखनऊ में विभागीय योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बजट व्यय, न्यायालयों में लंबित मामलों, अनुशासनिक जांचों तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ भौतिक सत्यापन पर विशेष ध्यान देने, प्रशिक्षण केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षित लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं रेशम उत्पादन गतिविधियों से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

-  बजट का समयबद्ध उपयोग और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
बैठक में बजट व्यय की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक मद के व्यय का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुशासनिक जांचों और न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को दिलाने के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने और केंद्र के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में रेशम उत्पादन, वृक्षारोपण, प्रशिक्षण अवसंरचना और विभागीय निगरानी व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।