राहगीरों को लूटने वाला गैंग गिरफ्तार, गोसाईंगंज पुलिस ने चार शातिर बदमाश दबोचे

7 एंड्रॉयड मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक बरामद, मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से खपाया जाता था लूट का सामान

लखनऊ। गोसाईंगंज थाना पुलिस ने राहगीरों को रोककर डरा-धमकाकर मोबाइल और नकदी लूटने वाले चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 1.25 लाख रुपये कीमत के सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को जमालपुर कुर्मियान निवासी मोहम्मद शरीफ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खरीदारी कर घर लौटते समय नवाब अली का पुरवा रेलवे क्रॉसिंग के पास पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोककर मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। इस मामले में गोसाईंगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में पांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 70 से 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू (24), विशाल (22), गोविन्द (20) और रामजी (26) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राहगीरों को रोककर डराते-धमकाते थे और उनके मोबाइल व नकदी लूट लेते थे। बाद में लूटे गए मोबाइल बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी रामजी, जो मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है, गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह लूटे और चोरी के मोबाइल फोन को फॉर्मेट कर नया बनाकर ऊंचे दामों में बेचता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ सदस्यों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और आगे की जांच जारी है।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।
रेशम क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है योगी सरकार : राकेश सचान
-  रेशम विभाग की योजनाओं, बजट और प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा; पारदर्शी क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने गुरुवार को रेशम निदेशालय, लखनऊ में विभागीय योजनाओं एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बजट व्यय, न्यायालयों में लंबित मामलों, अनुशासनिक जांचों तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ भौतिक सत्यापन पर विशेष ध्यान देने, प्रशिक्षण केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षित लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं रेशम उत्पादन गतिविधियों से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

-  बजट का समयबद्ध उपयोग और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
बैठक में बजट व्यय की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक मद के व्यय का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुशासनिक जांचों और न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को दिलाने के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने और केंद्र के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में रेशम उत्पादन, वृक्षारोपण, प्रशिक्षण अवसंरचना और विभागीय निगरानी व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
JEECUP चतुर्थ चरण सीट आवंटन परिणाम घोषित, 31 जुलाई से शुरू होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

-  4 अगस्त शाम 6 बजे तक हेल्प सेंटरों पर होंगे अभिलेख सत्यापन, मूल प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य


लखनऊ। प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने JEECUP 2026 की चतुर्थ चरण काउंसलिंग का सीट आवंटन परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिया। परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों को इस चरण में संस्थान या पाठ्यक्रम आवंटित हुआ है, उनके अभिलेख सत्यापन  की प्रक्रिया 31 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक संचालित की जाएगी।
अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित सहायता केंद्रों (Help Centers) पर 4 अगस्त की शाम 6:00 बजे तक पूरी की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सभी मूल प्रमाण-पत्रों के साथ आवंटित हेल्प सेंटर पर उपस्थित होकर दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं।
प्राविधिक शिक्षा परिषद ने अभ्यर्थियों से समय पर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ाई जा सके। काउंसलिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी परिषद के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।
यूपी की ग्राम पंचायतों में खुलेंगी हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी, युवाओं को मिलेगा आधुनिक अध्ययन का मंच

-  11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध स्थापना, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। पंचायती राज विभाग प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर रहा है। इन लाइब्रेरी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास तथा डिजिटल शिक्षा के लिए गांव में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

योजना के प्रथम चरण में 37 जनपदों में पुस्तकों और फर्नीचर की आपूर्ति शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी है। अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें तथा 9,909 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें पुस्तकें, आईटी उपकरण और आधुनिक फर्नीचर शामिल हैं।

इन लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और इंटरैक्टिव क्विज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ग्रामीण युवाओं को शहरों जैसी अध्ययन सुविधाएं मिल सकेंगी।

-  डिजिटल लाइब्रेरी से मिली सफलता
योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मथुरा जिले की ग्राम पंचायत अडिंग स्थित 'ज्ञानम् ज्योतिः' डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) पद पर हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी ने दोनों युवाओं को सम्मानित भी किया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेहतर अध्ययन संसाधन मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।

-  सरकार का लक्ष्य- गांव का कोई प्रतिभाशाली छात्र पीछे न रहे
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी योजना ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभाशाली छात्र पीछे न रहे और आधुनिक अध्ययन सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी केवल पुस्तकालय नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
सावन की शुरुआत पर शिवमय हुआ लखनऊ, प्रमुख शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
-  भोर से जलाभिषेक के लिए लगीं लंबी कतारें, सुरक्षा-ट्रैफिक के विशेष इंतज़ाम; मेयर और नगर आयुक्त ने भी किए भगवान शिव के दर्शन
लखनऊ। सावन माह के शुभारंभ के साथ ही राजधानी लखनऊ पूरी तरह शिवमय हो गई। गुरुवार तड़के से ही मनकामेश्वर, बुद्धेश्वर, कोनेश्वर, सिद्धनाथ और चंद्रिका देवी मंदिर परिसर स्थित शिवालयों में भगवान शिव के जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठे।

लखनऊ की महापौर सुषमा खड़कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने भी चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

-  पहले सावन सोमवार की तैयारियां तेज
इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहले सावन सोमवार (3 अगस्त) को संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारें, बैरिकेडिंग, पेयजल, मेडिकल हेल्प डेस्क और स्वयंसेवकों की तैनाती की जा रही है। मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।

-  आज से नया ट्रैफिक प्लान लागू
प्रमुख शिवालयों—मनकामेश्वर, बुद्धेश्वर, सिद्धनाथ और कोनेश्वर मंदिर—के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव लागू कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु आवागमन के लिए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान बनाया है। आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है तथा जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक कंट्रोल रूम से सहायता ली जा सकेगी।

-  कांवड़ियों की सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम
हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और विभिन्न स्थानीय घाटों से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह सेवा शिविर, चिकित्सा सहायता और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।

-  पूजा सामग्री के बाजारों में बढ़ी रौनक
सावन की शुरुआत के साथ ही राजधानी के बाजारों में भी रौनक लौट आई है। चौक, हजरतगंज, बुद्धेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में पूजा सामग्री, फूल-माला, बेलपत्र, धतूरा, भांग, रुद्राक्ष और मिट्टी के पूजन पात्रों की खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। व्यापारियों के अनुसार सावन के पहले दिन से ही बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
CII यूपी एआई टेक समिट-2026: उत्तर प्रदेश को देश का अगला AI हब बनाने का रोडमैप तैयार

-  कृषि, स्टार्टअप, डेटा और टैलेंट पर रहेगा फोकस, भरोसेमंद AI इकोसिस्टम विकसित करने पर विशेषज्ञों की सहमति

लखनऊ। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित 'यूपी एआई टेक समिट-2026' में उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने की दिशा में व्यापक मंथन हुआ। सम्मेलन में उद्योग जगत के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने आर्थिक विकास, सुशासन और जनकल्याण में AI की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीति तैयार की।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नई तकनीकों और पॉलिसी इनोवेशन को लेकर पूरी तरह तैयार है। स्टार्टअप नीति में अब एग्री-टेक को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि AI का उपयोग फसल उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने में किया जाना चाहिए, हालांकि इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए भी सतर्क रहना आवश्यक है।

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ से अधिक आबादी अब चुनौती नहीं, बल्कि AI कंपनियों के लिए विशाल अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वैश्विक स्तर का टैलेंट हब बनकर उभर रहा है और सरकार दुनिया भर में कार्यरत उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली पेशेवरों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें राज्य के विकास अभियान से जोड़ रही है। उन्होंने इनमोबी के स्टार्टअप मॉडल को नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
सम्मेलन में इनमोबी की ग्लोबल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं मुख्यमंत्री के डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप की सदस्य डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि भारत के पहले यूनिकॉर्न के रूप में इनमोबी की सफलता यह साबित करती है कि भारतीय कंपनियां वैश्विक तकनीकी नेतृत्व कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन उत्तर प्रदेश को नई पीढ़ी के टेक्नोलॉजी लीडर्स का केंद्र बनाने का है और अब ऐसे टेक चैंपियन लखनऊ व उत्तर प्रदेश से उभरने चाहिए, जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि AI-फर्स्ट भविष्य के निर्माण के लिए कंप्यूट, डेटा, टैलेंट, एप्लीकेशन और ट्रस्ट—इन पांच प्रमुख स्तंभों को मजबूत करना होगा। उन्होंने भरोसेमंद और नैतिक AI इकोसिस्टम विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
समिट के दौरान विशेषज्ञों ने प्रदेश में अत्याधुनिक कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, AI आधारित टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने, कृषि एवं नागरिक सेवाओं में AI के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने तथा सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय AI इकोसिस्टम के निर्माण पर सहमति व्यक्त की। सम्मेलन को उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख AI और डिजिटल इनोवेशन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आईपीएस तरुण गाबा ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त का पदभार संभाला
कहा- साइबर अपराध राेकने के लिए चलेगा जागरूकता अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने बुधवार को लखनऊ के पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया है। पत्रकारों से पहली औपचारिक वार्ता करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने कहा कि पुलिल मुख्यालय की जाे प्राथमिकताएं हैं, उन प्राथमिकताओं पर भी फाेकस किया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संगठित अपराध, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जाएगा। शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक के साथ और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अपराध करने का स्वरूप भी बहुत बदल चुका है। जाे क्राइम कुछ साल पहले हाेते थे ताे उसकी बजाए कुछ नए अपराध सामने आए हैँ। साइबर क्राइम के बारे में आप जानते हैं कि इस संबंध में लखनऊ में भी अच्छी कार्रवाई की गई है। गिराेह बनाकर अपराध किया जा रहा था उसमें बड़े स्तर पर गिरफ्तारी किया गया है। उसकी मुहिम काे आगे बढ़ाते लाेगाें काे जागरूक किया जाएगा ताकि इससे बच सकें।

उल्लेखनी है कि आईपीएस तरूण गाबा लखनऊ के पांचवें पुलिस आयुक्त है। इससे पहले अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा के पद पर तैनात थे। लखनऊ रेंज में वह अपनी सेंवाए दे चुके हैं। प्रयागराज जिले के पुलिस आयुक्त का भी पदभार संभाल चुके हैं। उन्हाेंने पीएसी, कारागार प्रशासन, एसएसएफ और सीबीआई में भी काम कर चुके हैं।
यूपी में 2,982 टीजीटी शिक्षकों का अंतिम चयन परिणाम घोषित, 14 विषयों का रिजल्ट जारी
-  3 और 4 जून को हुई थी परीक्षा, चयनित अभ्यर्थियों का संस्था आवंटन अधिमानता क्रम के आधार पर होगा; अंग्रेजी विषय का परिणाम हाईकोर्ट के फैसले के बाद जारी होगा।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएससी) ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती विज्ञापन संख्या-01/2022 के तहत 14 विषयों के कुल 2,982 पदों का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से संपन्न कराई गई है।
आयोग के अनुसार, 15 विषयों के कुल 3,539 पदों के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 जून 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा परिणाम के आधार पर 30 जून 2026 को डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड नियमावली-1998 के नियम 12(8) के तहत 14 विषयों का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया है।
जिन विषयों का परिणाम घोषित किया गया है, उनमें हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, उर्दू, शारीरिक शिक्षा, कृषि, संगीत (गायन), संगीत (वादन), जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, संस्कृत, वाणिज्य और कला शामिल हैं।

आयोग ने बताया कि अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम, विषयवार एवं श्रेणीवार कट-ऑफ तथा प्राप्तांक देख सकते हैं। अभ्यर्थी अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर एक सप्ताह तक अपने अंक देख सकेंगे। चयनित अभ्यर्थियों का संस्था आवंटन नियमावली के नियम 12(10) के तहत उनकी अधिमानता (प्राथमिकता) के आधार पर किया जाएगा। वहीं, अंग्रेजी विषय के 557 पदों का अंतिम परिणाम फिलहाल घोषित नहीं किया गया है। आयोग के अनुसार, अंतिम उत्तर कुंजी के खिलाफ दायर याचिका संख्या-979/2026 उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्णय के बाद अंग्रेजी विषय का अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा।
यूपी में लागू होंगे यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम- 2026, उद्योगों और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
-  औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' के समक्ष विनियमों का प्रस्तुतीकरण, भवन निर्माण प्रक्रिया होगी सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भवन निर्माण और विकास कार्यों को गति देने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम-2026 तैयार कर लिया है। इसका प्रस्तुतीकरण मंगलवार को पिकप भवन में आयोजित बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' के समक्ष किया गया। बैठक में विनियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

मंत्री नन्दी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम-2026 इसी दिशा में एक बड़ा सुधार है, जो विकास को नियंत्रित करने के बजाय उसे प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विनियमों के क्रियान्वयन में आने वाली सभी व्यावहारिक समस्याओं और विसंगतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र बनाना है। यह नया भवन विनियम निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना विकास को नई गति देगा तथा प्रदेश को आधुनिक, निवेश-अनुकूल और सतत विकास वाले राज्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा, गीडा, यूपीसीडा और यूपीडा सहित सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए एक समान भवन विनियम लागू किए जाएंगे। इससे मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, आईटी, आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, शिक्षा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित विनियमों को जल्द ही मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

-  उद्योगों को मिलेगा विशेष लाभ
नए भवन विनियमों में फ्लैटेड फैक्टरी, एमएसएमई, गैर-एमएसएमई उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और डाटा सेंटर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। चार एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। डाटा सेंटरों को अतिरिक्त एफएआर और पार्किंग मानकों में राहत दी जाएगी, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में स्टिल्ट और पोडियम पार्किंग की अनुमति भी होगी।

-  आवासीय और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा
ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड डेवलपमेंट और मल्टी यूनिट आवास के नियमों को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के किफायती आवास मानकों को भी इसमें शामिल किया गया है। वहीं, 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक भवनों की अनुमति, 20 कमरों तक के होटलों के लिए न्यूनतम भूखंड की अनिवार्यता समाप्त करने तथा आईटी/आईटीईएस, कार्यालय और सर्विस अपार्टमेंट के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

-  स्वास्थ्य, शिक्षा और आधुनिक शहरी विकास पर भी फोकस
नए विनियमों में अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अलग-अलग व्यावहारिक मानक तय किए गए हैं। साथ ही एम्बुलेंस पार्किंग, स्कूल बस पार्किंग और पिक-अप-ड्रॉप ज़ोन की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके अलावा 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा देकर आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।