यूपी में लागू होंगे यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम- 2026, उद्योगों और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
-  औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' के समक्ष विनियमों का प्रस्तुतीकरण, भवन निर्माण प्रक्रिया होगी सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भवन निर्माण और विकास कार्यों को गति देने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम-2026 तैयार कर लिया है। इसका प्रस्तुतीकरण मंगलवार को पिकप भवन में आयोजित बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' के समक्ष किया गया। बैठक में विनियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए।

मंत्री नन्दी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम-2026 इसी दिशा में एक बड़ा सुधार है, जो विकास को नियंत्रित करने के बजाय उसे प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विनियमों के क्रियान्वयन में आने वाली सभी व्यावहारिक समस्याओं और विसंगतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र बनाना है। यह नया भवन विनियम निवेश, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना विकास को नई गति देगा तथा प्रदेश को आधुनिक, निवेश-अनुकूल और सतत विकास वाले राज्य के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा, गीडा, यूपीसीडा और यूपीडा सहित सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए एक समान भवन विनियम लागू किए जाएंगे। इससे मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, आईटी, आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, शिक्षा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित विनियमों को जल्द ही मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

-  उद्योगों को मिलेगा विशेष लाभ
नए भवन विनियमों में फ्लैटेड फैक्टरी, एमएसएमई, गैर-एमएसएमई उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और डाटा सेंटर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। चार एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। डाटा सेंटरों को अतिरिक्त एफएआर और पार्किंग मानकों में राहत दी जाएगी, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में स्टिल्ट और पोडियम पार्किंग की अनुमति भी होगी।

-  आवासीय और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा
ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड डेवलपमेंट और मल्टी यूनिट आवास के नियमों को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के किफायती आवास मानकों को भी इसमें शामिल किया गया है। वहीं, 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक भवनों की अनुमति, 20 कमरों तक के होटलों के लिए न्यूनतम भूखंड की अनिवार्यता समाप्त करने तथा आईटी/आईटीईएस, कार्यालय और सर्विस अपार्टमेंट के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

-  स्वास्थ्य, शिक्षा और आधुनिक शहरी विकास पर भी फोकस
नए विनियमों में अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी लैब और शैक्षणिक संस्थानों के लिए अलग-अलग व्यावहारिक मानक तय किए गए हैं। साथ ही एम्बुलेंस पार्किंग, स्कूल बस पार्किंग और पिक-अप-ड्रॉप ज़ोन की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इसके अलावा 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा देकर आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरकर पूर्व राज्यमंत्री की मौत
भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री थे नानक चंद्र भुर्जी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को पूर्व राज्यमंत्री नानकदीन भुर्जी विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजकर घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है।

हजरतगंज के दारूलशफा नए विधायक निवास के व्यवस्था अधिकारी ने पुलिस को सूचित किया कि विधायक निवास की सातवीं मंजिल से पूर्व राज्यमंत्री और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री नानक चंद्र भुर्जी गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गये है। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल के इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी।

प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि वह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रह थे। आशंका है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। फिलहाल घटना की जानकारी परिवार को देकर पुलिस सभी बिनदुओं जांच शुरू कर दी है।
उप्र में लखनऊ के पुलिस आयुक्त समेत 15 आईपीएस का तबादला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बदलाव में तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जबकि अशोक मुथा को डीजी अग्निशमन एवं आपात सेवाएं (फायर सर्विस) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया है। पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन से पुलिस आयुक्त, प्रयागराज नियुक्त तबादला सूची के अनुसार, मधुर अशोक जैन को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से स्थानांतरित कर पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं बनाया गया है। वहीं अमरेन्द्र कुमार सेंगर को पुलिस आयुक्त, लखनऊ के पद से हटाकर पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना मुख्यालय भेजा गया है।इसके अलावा राम कुमार को लखनऊ रेंज से अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन बनाया गया है। नवीन अरोरा को तकनीकी सेवाओं से स्थानांतरित कर एडीजी वाराणसी जोन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन से पुलिस आयुक्त, प्रयागराज नियुक्त किया गया है। संजय गुप्ता को पुलिस मुख्यालय से एडीजी कानून-व्यवस्था बनाया योगी सरकार ने संजय गुप्ता को पुलिस मुख्यालय से एडीजी कानून-व्यवस्था बनाया है। धर्मेंद्र सिंह को पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मोहित गुप्ता, विनीत कुमार सिंह, राजेंद्र कुमार, आनंद प्रकाश तिवारी, अरुण कुमार सिंह और आनंद कुमार समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपना नया कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश राज्य सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपना नया कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि आगामी त्योहारों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह व्यापक फेरबदल किया गया है। नई तैनाती के बाद संबंधित अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है।
मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों की जांच में बड़ी अनियमितताएं, गाजीपुर में पांच मुकदमे दर्ज
लखनऊ /गाजीपुर। कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी (दिवंगत), उसके परिजनों, गैंग आईएस-191 के सदस्यों और सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद गाजीपुर में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा एकत्र की गई सूचनाओं के आधार पर वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक को जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को तीन चरणों में शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए।
जांच के पहले चरण में मुख्तार अंसारी के परिवार के पांच सदस्यों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच की गई। दूसरे चरण में गैंग आईएस-191 के 11 सदस्यों और सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया गया। तीसरे चरण में उन 27 शस्त्र लाइसेंसों की जांच की गई, जिनके बारे में आरोप है कि उन्हें तत्कालीन शस्त्र लिपिक और प्रभारी अधिकारी शस्त्र द्वारा बिना तत्कालीन जिलाधिकारी की स्वीकृति के जारी किया गया था।
इस प्रकार कुल 43 व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंसों तथा उनसे संबंधित 80 से अधिक हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया गया।
जांच के दौरान कई मामलों में यह पाया गया कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, गाजीपुर से शस्त्र लाइसेंसों की मूल पत्रावलियां और हथियारों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख गायब हैं। जांच में यह भी सामने आया कि लाइसेंसधारकों और तत्कालीन शस्त्र लिपिकों तथा प्रभारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अभिलेख गायब कराए गए, जिससे हथियारों की वास्तविक स्थिति का पता न चल सके। एक मामले में यह भी पाया गया कि एक व्यक्ति ने अपना वास्तविक पता छिपाकर फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया था।
जांच के आधार पर थाना कोतवाली और थाना मुहम्मदाबाद, जनपद गाजीपुर में कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पहले मुकदमे में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी तथा दो तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को नामजद किया गया है। आरोप है कि एक रायफल से संबंधित मूल अभिलेख और लाइसेंस की पत्रावली गायब कराई गई, जिससे हथियार का सत्यापन नहीं हो सका।
दूसरे मुकदमे में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा बेगम तथा तत्कालीन शस्त्र लिपिक और पटल सहायक को नामजद किया गया है। आरोप है कि उनके नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित दो रिवॉल्वरों के खरीद-बिक्री के अभिलेख गायब कराए गए। पुलिस के अनुसार अफसा बेगम वर्तमान में फरार हैं।
तीसरे और चौथे मुकदमे में भी अफजाल अंसारी तथा तत्कालीन शस्त्र लिपिकों को नामजद किया गया है। आरोप है कि शस्त्र लाइसेंसों से संबंधित हथियारों के खरीद-बिक्री के अभिलेख और मूल पत्रावलियां गायब कराई गईं, जिससे हथियारों का सत्यापन संभव नहीं हो सका।
पांचवां मुकदमा गैंग के सहयोगी मोहम्मद शाहिद के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने अपना वास्तविक पता छिपाकर फर्जी पते के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी और क्षेत्रीय लेखपाल को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बिना समुचित सत्यापन के लाइसेंस के लिए संस्तुति दी।
इन सभी मामलों की विवेचना के लिए वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), गाजीपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी सभी मामलों की विस्तृत जांच करेगी तथा तत्कालीन और वर्तमान शस्त्र लिपिकों, प्रभारी अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि मुख्तार अंसारी गैंग, उसके परिजनों और सहयोगियों को जारी अन्य शस्त्र लाइसेंसों तथा हथियारों का भौतिक सत्यापन अभी भी जारी है। जांच के दौरान यदि कोई नई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
15 अगस्त से लखनऊ में गृहकर OTS योजना, बकाया ब्याज होगा पूरी तरह माफ
-  15 दिसंबर तक चलेगी विशेष योजना, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे आवेदन

लखनऊ। लखनऊ नगर निगम 15 अगस्त 2026 से गृहकर (हाउस टैक्स) की वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शुरू करने जा रहा है। यह विशेष योजना 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत अप्रैल 2026 तक के बकाया गृहकर पर लगने वाले ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।
योजना का लाभ आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियों के स्वामी उठा सकेंगे। नगर निगम को उम्मीद है कि करीब 2.5 लाख भवन स्वामी इस योजना का लाभ लेकर अपना बकाया गृहकर जमा करेंगे।
नगर निगम ने योजना को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। करदाता नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे OTS योजना का लाभ ले सकेंगे, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए सभी जोन कार्यालयों में विशेष काउंटर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा गृहकर बिल से संबंधित आपत्तियों का निस्तारण भी ऑनलाइन किया जाएगा। प्रत्येक जोन में 15 अगस्त से विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां करदाताओं को आवेदन और अन्य प्रक्रियाओं में सहायता मिलेगी।
वर्तमान में बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाता है। नगर निगम का उद्देश्य OTS योजना के माध्यम से अधिक से अधिक बकाया गृहकर की वसूली सुनिश्चित करना और करदाताओं को ब्याज से राहत प्रदान करना है।
योग्यता(MERIT) आत्महत्या कर रही है, वोट बैंक की राजनीति में अंधी हो चुकी सरकारों को यह चीख सुनाई नहीं दे रही है : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्


लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों के बीच बोलते हुए कहा कि क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे देने भर से छात्र आत्महत्या करना बंद कर देगे, बिल्कुल नहीं धर्मेंद्र प्रधान गए तो जोशी जी आ गए लेकिन तंत्र तो वही है।

देश में आत्महत्या करने वाले 90% सामान्य वर्ग (General Category) से आते हैं जो आरक्षण की मार झेल रहे हैं लेकिन अफ़सोस की बात है कि इस देश की मीडिया और नेता असली मुद्दे _यानी आरक्षण पर बात करने से कतराते है सच्चे छात्रों पर लाठियां उपद्रवियों को छूट ,असली छात्रों का दमन वास्तविक नीट छात्र अपने हक के लिए शांति पूर्वक प्रदर्शन करते है तो सरकार अपनी पुलिस से हम पर लाठी चार्ज करवाती है और खदेड़ देती है उपद्रवियों को शह ,वही दूसरी ओर, जो देश द्रोही आतंकवादी और उपद्रवी तत्व देश में आतंक फैलाने और हिंसा करने उतरते हैं सरकार उनके आगे पीछे घूमती है और प्रदर्शन के नाम पर पूरी छूट देती है सामान्य वर्ग के नीट छात्र के पास अमेरिका जाने तो क्या सही से पढ़ाई करने के पैसे नहीं है लेकिन एक व्यक्ति अमेरिका से आता है छात्रों के नाम पर उपद्रव फैलाता है और सरकार उसके आगे नतमस्तक हो जाती है। इस देश की सबसे बड़ी समस्या आरक्षण है।

दिन रात मेहनत का शून्य परिणाम सामान्य वर्ग के बच्चे और उनके माता पिता जानते है कि उन्हें न कोई स्कॉलरशिप मिलती है न किसी सरकारी योजना का लाभ पिता कर्ज ले कर पढ़ाता है,बच्चा दिन रात एक करके 90% नंबर लाता है,आरक्षण का खेल दूसरी तरफ 40-50 नंबर लाने वाले या लगभग खाली कापी छोड़ने वाले को आसानी से सिट और नौकरी दे दी जाती है जबकि 90% वाले मेधावी छात्र को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। शांत रहने की सजा देश का 80% पढ़ा लिखा युवा सामान्य वर्ग से आता है वह कभी सड़के नहीं जाम कर सकता देश की संपत्ति में आग नहीं लगा सकता और शांति से अपनी लड़ाई लड़ता है ।

इसी शालीनता की सजा आज इस देश का सामान्य वर्ग भुगत रहा है। पिछले 76 वर्ष से सवर्ण समाज के साथ योजनाबद्ध तरीके से भेद भाव किया जा रहा है किंतु कोई सुनने वाला नहीं ।चाटुकार समाज चिंतको ने समाज के युवाओं को भ्रमित कर राजनैतिक दलों की गुलामी ढकेलने का काम किया है जिसका परिणाम हमारे समाज का युवा वर्ग आज तक भुगत रहा है।
ग्रामीण महिलाओं को मिली वित्तीय पारदर्शिता की जिम्मेदारी, सीएलएफ के आंतरिक ऑडिट के लिए 7 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित महिलाएं अब हर तीन महीने में करेंगी सीएलएफ का आंतरिक ऑडिट, वित्तीय अनुशासन और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय आंतरिक सामुदायिक सीएलएफ ऑडिटर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में मऊ, महोबा, चित्रकूट, सहारनपुर, बलिया समेत कई जिलों से आई महिलाओं ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण मिशन निदेशक अरुण कुमार की पहल और निर्देशन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन और आंतरिक ऑडिट की व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन में सक्षम बनाना था।
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि सामुदायिक आंतरिक ऑडिट प्रणाली ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले सामुदायिक संस्थानों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी लेखांकन और प्रभावी जोखिम प्रबंधन के माध्यम से इन संस्थाओं को दीर्घकालिक रूप से सशक्त और टिकाऊ बनाया जा रहा है।
"हमारा धन, हमारी योजना" अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सीएलएफ की बही-खातों, ऋण पुस्तिका, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, संपत्ति-दायित्व, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव तथा ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानन्द ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब प्रत्येक तीन माह में अपने-अपने संकुल स्तरीय संघों का आंतरिक ऑडिट करेंगी। ऑडिट के दौरान सामने आने वाले सुधार संबंधी सुझावों को सीएलएफ पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के साथ साझा किया जाएगा, जिससे वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में नन्दकिशोर साह ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्तर पर वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करेगा। वहीं प्रशिक्षक अमितेश ने प्रतिभागियों को लेखांकन सिद्धांत, लेखांकन चक्र, बुक्स ऑफ रिकॉर्ड, वित्तीय, भौतिक एवं प्रबंधन ऑडिट के साथ विभिन्न ऑडिट नियमों की विस्तृत जानकारी और व्यवहारिक अभ्यास कराया।
समापन समारोह में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य एवं उप निदेशक अनुज श्रीवास्तव तथा प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि अब वे अपने क्षेत्रों में जाकर संकुल स्तरीय संघों का अधिक प्रभावी और पारदर्शी आंतरिक ऑडिट कर सकेंगी।
पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने रचा इतिहास, 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित; देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा प्रदेश


-  ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले- 2,000 मेगावाट से अधिक हुई स्थापित क्षमता, लाखों परिवारों को मिल रही मुफ्त और सस्ती बिजली, हरित ऊर्जा में यूपी बना अग्रणी राज्य

लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में अब तक 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात के बाद देश में आवासीय रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि लगभग ढाई वर्षों में मिली यह सफलता प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी एवं डिजिटल कार्यप्रणाली, प्रभावी क्रियान्वयन, केंद्र एवं राज्य सरकार की आकर्षक सब्सिडी तथा आम नागरिकों की बढ़ती भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित कर रही है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवासीय रूफटॉप सोलर की स्थापित क्षमता 2,000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। इससे लाखों परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और कई मामलों में मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ प्रतिदिन करोड़ों यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल रूफटॉप सोलर स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि सोलर मॉड्यूल एवं डीसीआर पैनल निर्माण, इन्वर्टर निर्माण, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार, डिजिटल ऊर्जा प्लेटफॉर्म, ऊर्जा परामर्श और संचालन एवं रखरखाव सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और हरित औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ, सुलभ और किफायती ऊर्जा पहुंचाना है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी मॉडल बनकर उभरेगा।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ भी उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान और अधिक गति पकड़ रहा है तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है।
गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी की भावुक पाती: 'गुरु केवल शिक्षा नहीं, जीवन को सही दिशा भी देते हैं'


-  29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, गुरु-शिष्य परंपरा को बताया सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर; शिक्षकों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।


लखनऊ। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु के महत्व पर आधारित एक भावपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का पावन अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाई जाती है, जबकि बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस है। वहीं जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है और सिख परंपरा में गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी परंपराओं में गुरु पूर्णिमा ज्ञान, आध्यात्मिक चेतना और गुरु-भक्ति का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से और भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से ज्ञान प्राप्त कर आदर्श स्थापित किए। उनका कहना था कि जहां गुरु का सम्मान होता है, वहीं समाज उन्नति और विकास के पथ पर अग्रसर होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा और उद्देश्य भी प्रदान करते हैं।" उन्होंने सभी नागरिकों से गुरुओं के आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।
कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों की हर समस्या का होगा प्राथमिकता से समाधान: ए.के. शर्मा

-  कारगिल विजय दिवस पर बोले मंत्री—सीमा के साथ सोशल मीडिया पर फैल रहे दुष्प्रचार से भी रहें सतर्क


लखनऊ। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान समय में आंतरिक चुनौतियों से भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आतंकवाद, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और समाज में भ्रम फैलाने वाले तत्वों के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में भ्रामक और झूठी सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। ऐसे में किसी भी जानकारी को साझा करने या उस पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ फैलाए जाने वाले किसी भी दुष्प्रचार का हिस्सा न बनने की अपील की।
मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों और शहीद परिवारों से जुड़ी सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले परिवारों को किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कारगिल के वीर जवानों को नमन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के कठिन समय में वाजपेयी स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुंचकर सैनिकों का उत्साहवर्धन करने गए थे। उन्होंने अधिकारियों से लखनऊ के सभी सैनिक एवं शहीद परिवारों को चिन्हित कर उनका सम्मान करने तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में कारगिल के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, संतोष सिंह, नगर आयुक्त गौरव कुमार, पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।