15 अगस्त से लखनऊ में गृहकर OTS योजना, बकाया ब्याज होगा पूरी तरह माफ
-  15 दिसंबर तक चलेगी विशेष योजना, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर सकेंगे आवेदन

लखनऊ। लखनऊ नगर निगम 15 अगस्त 2026 से गृहकर (हाउस टैक्स) की वसूली के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शुरू करने जा रहा है। यह विशेष योजना 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत अप्रैल 2026 तक के बकाया गृहकर पर लगने वाले ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।
योजना का लाभ आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की संपत्तियों के स्वामी उठा सकेंगे। नगर निगम को उम्मीद है कि करीब 2.5 लाख भवन स्वामी इस योजना का लाभ लेकर अपना बकाया गृहकर जमा करेंगे।
नगर निगम ने योजना को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। करदाता नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे OTS योजना का लाभ ले सकेंगे, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए सभी जोन कार्यालयों में विशेष काउंटर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा गृहकर बिल से संबंधित आपत्तियों का निस्तारण भी ऑनलाइन किया जाएगा। प्रत्येक जोन में 15 अगस्त से विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां करदाताओं को आवेदन और अन्य प्रक्रियाओं में सहायता मिलेगी।
वर्तमान में बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाता है। नगर निगम का उद्देश्य OTS योजना के माध्यम से अधिक से अधिक बकाया गृहकर की वसूली सुनिश्चित करना और करदाताओं को ब्याज से राहत प्रदान करना है।
योग्यता(MERIT) आत्महत्या कर रही है, वोट बैंक की राजनीति में अंधी हो चुकी सरकारों को यह चीख सुनाई नहीं दे रही है : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्


लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों के बीच बोलते हुए कहा कि क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे देने भर से छात्र आत्महत्या करना बंद कर देगे, बिल्कुल नहीं धर्मेंद्र प्रधान गए तो जोशी जी आ गए लेकिन तंत्र तो वही है।

देश में आत्महत्या करने वाले 90% सामान्य वर्ग (General Category) से आते हैं जो आरक्षण की मार झेल रहे हैं लेकिन अफ़सोस की बात है कि इस देश की मीडिया और नेता असली मुद्दे _यानी आरक्षण पर बात करने से कतराते है सच्चे छात्रों पर लाठियां उपद्रवियों को छूट ,असली छात्रों का दमन वास्तविक नीट छात्र अपने हक के लिए शांति पूर्वक प्रदर्शन करते है तो सरकार अपनी पुलिस से हम पर लाठी चार्ज करवाती है और खदेड़ देती है उपद्रवियों को शह ,वही दूसरी ओर, जो देश द्रोही आतंकवादी और उपद्रवी तत्व देश में आतंक फैलाने और हिंसा करने उतरते हैं सरकार उनके आगे पीछे घूमती है और प्रदर्शन के नाम पर पूरी छूट देती है सामान्य वर्ग के नीट छात्र के पास अमेरिका जाने तो क्या सही से पढ़ाई करने के पैसे नहीं है लेकिन एक व्यक्ति अमेरिका से आता है छात्रों के नाम पर उपद्रव फैलाता है और सरकार उसके आगे नतमस्तक हो जाती है। इस देश की सबसे बड़ी समस्या आरक्षण है।

दिन रात मेहनत का शून्य परिणाम सामान्य वर्ग के बच्चे और उनके माता पिता जानते है कि उन्हें न कोई स्कॉलरशिप मिलती है न किसी सरकारी योजना का लाभ पिता कर्ज ले कर पढ़ाता है,बच्चा दिन रात एक करके 90% नंबर लाता है,आरक्षण का खेल दूसरी तरफ 40-50 नंबर लाने वाले या लगभग खाली कापी छोड़ने वाले को आसानी से सिट और नौकरी दे दी जाती है जबकि 90% वाले मेधावी छात्र को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। शांत रहने की सजा देश का 80% पढ़ा लिखा युवा सामान्य वर्ग से आता है वह कभी सड़के नहीं जाम कर सकता देश की संपत्ति में आग नहीं लगा सकता और शांति से अपनी लड़ाई लड़ता है ।

इसी शालीनता की सजा आज इस देश का सामान्य वर्ग भुगत रहा है। पिछले 76 वर्ष से सवर्ण समाज के साथ योजनाबद्ध तरीके से भेद भाव किया जा रहा है किंतु कोई सुनने वाला नहीं ।चाटुकार समाज चिंतको ने समाज के युवाओं को भ्रमित कर राजनैतिक दलों की गुलामी ढकेलने का काम किया है जिसका परिणाम हमारे समाज का युवा वर्ग आज तक भुगत रहा है।
ग्रामीण महिलाओं को मिली वित्तीय पारदर्शिता की जिम्मेदारी, सीएलएफ के आंतरिक ऑडिट के लिए 7 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित महिलाएं अब हर तीन महीने में करेंगी सीएलएफ का आंतरिक ऑडिट, वित्तीय अनुशासन और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय आंतरिक सामुदायिक सीएलएफ ऑडिटर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में मऊ, महोबा, चित्रकूट, सहारनपुर, बलिया समेत कई जिलों से आई महिलाओं ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण मिशन निदेशक अरुण कुमार की पहल और निर्देशन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन और आंतरिक ऑडिट की व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन में सक्षम बनाना था।
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि सामुदायिक आंतरिक ऑडिट प्रणाली ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले सामुदायिक संस्थानों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी लेखांकन और प्रभावी जोखिम प्रबंधन के माध्यम से इन संस्थाओं को दीर्घकालिक रूप से सशक्त और टिकाऊ बनाया जा रहा है।
"हमारा धन, हमारी योजना" अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सीएलएफ की बही-खातों, ऋण पुस्तिका, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, संपत्ति-दायित्व, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव तथा ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानन्द ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब प्रत्येक तीन माह में अपने-अपने संकुल स्तरीय संघों का आंतरिक ऑडिट करेंगी। ऑडिट के दौरान सामने आने वाले सुधार संबंधी सुझावों को सीएलएफ पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के साथ साझा किया जाएगा, जिससे वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में नन्दकिशोर साह ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्तर पर वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करेगा। वहीं प्रशिक्षक अमितेश ने प्रतिभागियों को लेखांकन सिद्धांत, लेखांकन चक्र, बुक्स ऑफ रिकॉर्ड, वित्तीय, भौतिक एवं प्रबंधन ऑडिट के साथ विभिन्न ऑडिट नियमों की विस्तृत जानकारी और व्यवहारिक अभ्यास कराया।
समापन समारोह में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य एवं उप निदेशक अनुज श्रीवास्तव तथा प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि अब वे अपने क्षेत्रों में जाकर संकुल स्तरीय संघों का अधिक प्रभावी और पारदर्शी आंतरिक ऑडिट कर सकेंगी।
पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने रचा इतिहास, 7 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित; देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा प्रदेश


-  ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले- 2,000 मेगावाट से अधिक हुई स्थापित क्षमता, लाखों परिवारों को मिल रही मुफ्त और सस्ती बिजली, हरित ऊर्जा में यूपी बना अग्रणी राज्य

लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में अब तक 7 लाख से अधिक आवासीय रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात के बाद देश में आवासीय रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि लगभग ढाई वर्षों में मिली यह सफलता प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी एवं डिजिटल कार्यप्रणाली, प्रभावी क्रियान्वयन, केंद्र एवं राज्य सरकार की आकर्षक सब्सिडी तथा आम नागरिकों की बढ़ती भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित कर रही है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवासीय रूफटॉप सोलर की स्थापित क्षमता 2,000 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। इससे लाखों परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और कई मामलों में मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ प्रतिदिन करोड़ों यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल रूफटॉप सोलर स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि सोलर मॉड्यूल एवं डीसीआर पैनल निर्माण, इन्वर्टर निर्माण, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस), पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार, डिजिटल ऊर्जा प्लेटफॉर्म, ऊर्जा परामर्श और संचालन एवं रखरखाव सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे प्रदेश में निवेश, रोजगार और हरित औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ, सुलभ और किफायती ऊर्जा पहुंचाना है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी मॉडल बनकर उभरेगा।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ भी उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान और अधिक गति पकड़ रहा है तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी मजबूती मिल रही है।
गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी की भावुक पाती: 'गुरु केवल शिक्षा नहीं, जीवन को सही दिशा भी देते हैं'


-  29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, गुरु-शिष्य परंपरा को बताया सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर; शिक्षकों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।


लखनऊ। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु के महत्व पर आधारित एक भावपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का पावन अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाई जाती है, जबकि बौद्ध परंपरा में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस है। वहीं जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है और सिख परंपरा में गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी परंपराओं में गुरु पूर्णिमा ज्ञान, आध्यात्मिक चेतना और गुरु-भक्ति का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से और भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से ज्ञान प्राप्त कर आदर्श स्थापित किए। उनका कहना था कि जहां गुरु का सम्मान होता है, वहीं समाज उन्नति और विकास के पथ पर अग्रसर होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा 7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा और उद्देश्य भी प्रदान करते हैं।" उन्होंने सभी नागरिकों से गुरुओं के आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।
कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों की हर समस्या का होगा प्राथमिकता से समाधान: ए.के. शर्मा

-  कारगिल विजय दिवस पर बोले मंत्री—सीमा के साथ सोशल मीडिया पर फैल रहे दुष्प्रचार से भी रहें सतर्क


लखनऊ। 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान समय में आंतरिक चुनौतियों से भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आतंकवाद, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और समाज में भ्रम फैलाने वाले तत्वों के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में भ्रामक और झूठी सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। ऐसे में किसी भी जानकारी को साझा करने या उस पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ फैलाए जाने वाले किसी भी दुष्प्रचार का हिस्सा न बनने की अपील की।
मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिकों और शहीद परिवारों से जुड़ी सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले परिवारों को किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कारगिल के वीर जवानों को नमन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के कठिन समय में वाजपेयी स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुंचकर सैनिकों का उत्साहवर्धन करने गए थे। उन्होंने अधिकारियों से लखनऊ के सभी सैनिक एवं शहीद परिवारों को चिन्हित कर उनका सम्मान करने तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में कारगिल के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, संतोष सिंह, नगर आयुक्त गौरव कुमार, पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
पहाड़ों में मूसलाधार बारिश का असर: यूपी की नदियां उफान पर, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
लखनऊ। उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश की गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इनमें घाघरा और शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

बलिया में सरयू नदी के तेज कटान से एक सरकारी विद्यालय और एक मकान नदी में समा गए। वहीं गोंडा जिले में घाघरा का पानी फैलने से 100 बीघे से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई। नदी किनारे रहने वाले परिवार एहतियात के तौर पर अपने कच्चे मकानों को खाली कर रहे हैं और निर्माण सामग्री सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

घाघरा और सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।

रविवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा आगरा समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। हालांकि धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही और मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं वाराणसी, प्रयागराज सहित आठ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

इससे पहले शनिवार को वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ समेत करीब 20 शहरों में बारिश दर्ज की गई। कानपुर में कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। मेरठ के मेडिकल कॉलेज परिसर में पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जिसने बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उद्यान मंत्री ने लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर में योजनाओं का किया निरीक्षण, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

लखनऊ। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग की योजनाओं एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने लखीमपुर खीरी में विभाग की विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया।
बख्शी का तालाब (लखनऊ) में मंत्री ने उद्यान विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर उनसे संवाद किया। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन, उत्पादन और विभागीय सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
सीतापुर और लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग द्वारा विकसित निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सुदृढ़ विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कृषि एवं उद्यान उत्पादों के संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन को मजबूती देंगी।
उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभ मिल सके।
मंत्री ने बताया कि 25 जुलाई को वह पीलीभीत का दौरा करेंगे, जहां किसानों के खेतों का निरीक्षण, संवाद तथा उद्यान विभाग की विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, उद्यानिकी के विस्तार और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश के सभी वाहन स्क्रैपिंग केन्द्रों की होगी विशेष जांच : परिवहन मंत्री

लखनऊ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में संचालित सभी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों (आरवीएसएफ) का विशेष निरीक्षण कराया जाएगा। विभिन्न स्रोतों से मिली शिकायतों के आधार पर शासन ने संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि यदि किसी केन्द्र पर मोटर यान (यान स्क्रैपिंग सुविधा का पंजीकरण एवं कार्य) नियम, 2021, शासनादेशों या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रत्येक संभाग में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) और मोटरयान निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई है। अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) आर.के. विश्वकर्मा ने बताया कि विशेष निरीक्षण अभियान 25 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक चलेगा।
निरीक्षण के दौरान स्क्रैपिंग प्रक्रिया, अभिलेखों के रखरखाव और निर्धारित मानकों के अनुपालन की गहन जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संयुक्त निरीक्षण टीम 11 अगस्त 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को सौंपेगी। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित, वैज्ञानिक और नियमसम्मत बनाना है।
बरेली मंडल में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 81 बसों पर कार्रवाई, 59 वाहन सीज
लखनऊ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बरेली मंडल के बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में बिना परमिट, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और अन्य नियमविरुद्ध संचालित यात्री वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के. डी. सिंह गौर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 22 से 24 जुलाई तक बरेली और पीलीभीत में अभियान चलाया, जबकि बदायूं और शाहजहांपुर में क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारियों ने समानांतर कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 81 बसों का चालान किया गया और 59 बसों को विभिन्न थानों में निरुद्ध (सीज) किया गया। जांच में परमिट, पंजीयन, फिटनेस, कर, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और राष्ट्रीय वाहन डाटाबेस (NR Database) से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 और उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के तहत कार्रवाई की गई।
के. डी. सिंह ने बताया कि अधिकांश वाहन वैध ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट या ऑल यूपी कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट के तहत संचालित पाए गए। नियमित स्टेज कैरिज संचालन, विभागीय मिलीभगत और राजस्व हानि संबंधी आरोपों की जांच में फिलहाल कोई तथ्यात्मक या अभिलेखीय साक्ष्य नहीं मिला। वहीं, वाहनों में कथित अवैध संरचनात्मक बदलाव की शिकायतों की जांच के लिए निरुद्ध वाहनों का तकनीकी परीक्षण कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया जाएगा। यदि अनियमितता मिली तो संबंधित वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा, वैधानिक परिवहन व्यवस्था और सरकारी राजस्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।