ग्रामीण महिलाओं को मिली वित्तीय पारदर्शिता की जिम्मेदारी, सीएलएफ के आंतरिक ऑडिट के लिए 7 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षित महिलाएं अब हर तीन महीने में करेंगी सीएलएफ का आंतरिक ऑडिट, वित्तीय अनुशासन और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय आंतरिक सामुदायिक सीएलएफ ऑडिटर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में मऊ, महोबा, चित्रकूट, सहारनपुर, बलिया समेत कई जिलों से आई महिलाओं ने भाग लिया।
यह प्रशिक्षण मिशन निदेशक अरुण कुमार की पहल और निर्देशन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) के वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन और आंतरिक ऑडिट की व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन में सक्षम बनाना था।
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि सामुदायिक आंतरिक ऑडिट प्रणाली ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व वाले सामुदायिक संस्थानों को वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी लेखांकन और प्रभावी जोखिम प्रबंधन के माध्यम से इन संस्थाओं को दीर्घकालिक रूप से सशक्त और टिकाऊ बनाया जा रहा है।
"हमारा धन, हमारी योजना" अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सीएलएफ की बही-खातों, ऋण पुस्तिका, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, संपत्ति-दायित्व, वित्तीय अभिलेखों के रखरखाव तथा ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानन्द ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब प्रत्येक तीन माह में अपने-अपने संकुल स्तरीय संघों का आंतरिक ऑडिट करेंगी। ऑडिट के दौरान सामने आने वाले सुधार संबंधी सुझावों को सीएलएफ पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के साथ साझा किया जाएगा, जिससे वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में नन्दकिशोर साह ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्तर पर वित्तीय जवाबदेही को मजबूत करेगा। वहीं प्रशिक्षक अमितेश ने प्रतिभागियों को लेखांकन सिद्धांत, लेखांकन चक्र, बुक्स ऑफ रिकॉर्ड, वित्तीय, भौतिक एवं प्रबंधन ऑडिट के साथ विभिन्न ऑडिट नियमों की विस्तृत जानकारी और व्यवहारिक अभ्यास कराया।
समापन समारोह में क्षेत्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के आचार्य एवं उप निदेशक अनुज श्रीवास्तव तथा प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि अब वे अपने क्षेत्रों में जाकर संकुल स्तरीय संघों का अधिक प्रभावी और पारदर्शी आंतरिक ऑडिट कर सकेंगी।
Jul 28 2026, 11:58
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