पहाड़ों में मूसलाधार बारिश का असर: यूपी की नदियां उफान पर, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात
लखनऊ। उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश की गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इनमें घाघरा और शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

बलिया में सरयू नदी के तेज कटान से एक सरकारी विद्यालय और एक मकान नदी में समा गए। वहीं गोंडा जिले में घाघरा का पानी फैलने से 100 बीघे से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो गई। नदी किनारे रहने वाले परिवार एहतियात के तौर पर अपने कच्चे मकानों को खाली कर रहे हैं और निर्माण सामग्री सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

घाघरा और सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण सीतापुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।

रविवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा आगरा समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। हालांकि धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही और मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं वाराणसी, प्रयागराज सहित आठ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

इससे पहले शनिवार को वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ समेत करीब 20 शहरों में बारिश दर्ज की गई। कानपुर में कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। मेरठ के मेडिकल कॉलेज परिसर में पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जिसने बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उद्यान मंत्री ने लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर में योजनाओं का किया निरीक्षण, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

लखनऊ। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग की योजनाओं एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने लखीमपुर खीरी में विभाग की विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया।
बख्शी का तालाब (लखनऊ) में मंत्री ने उद्यान विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर उनसे संवाद किया। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन, उत्पादन और विभागीय सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
सीतापुर और लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग द्वारा विकसित निर्माण कार्यों का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सुदृढ़ विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कृषि एवं उद्यान उत्पादों के संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन को मजबूती देंगी।
उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभ मिल सके।
मंत्री ने बताया कि 25 जुलाई को वह पीलीभीत का दौरा करेंगे, जहां किसानों के खेतों का निरीक्षण, संवाद तथा उद्यान विभाग की विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, उद्यानिकी के विस्तार और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश के सभी वाहन स्क्रैपिंग केन्द्रों की होगी विशेष जांच : परिवहन मंत्री

लखनऊ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में संचालित सभी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्रों (आरवीएसएफ) का विशेष निरीक्षण कराया जाएगा। विभिन्न स्रोतों से मिली शिकायतों के आधार पर शासन ने संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि यदि किसी केन्द्र पर मोटर यान (यान स्क्रैपिंग सुविधा का पंजीकरण एवं कार्य) नियम, 2021, शासनादेशों या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रत्येक संभाग में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) और मोटरयान निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई है। अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) आर.के. विश्वकर्मा ने बताया कि विशेष निरीक्षण अभियान 25 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक चलेगा।
निरीक्षण के दौरान स्क्रैपिंग प्रक्रिया, अभिलेखों के रखरखाव और निर्धारित मानकों के अनुपालन की गहन जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संयुक्त निरीक्षण टीम 11 अगस्त 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को सौंपेगी। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित, वैज्ञानिक और नियमसम्मत बनाना है।
बरेली मंडल में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत 81 बसों पर कार्रवाई, 59 वाहन सीज
लखनऊ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बरेली मंडल के बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। अभियान में बिना परमिट, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और अन्य नियमविरुद्ध संचालित यात्री वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के. डी. सिंह गौर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 22 से 24 जुलाई तक बरेली और पीलीभीत में अभियान चलाया, जबकि बदायूं और शाहजहांपुर में क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारियों ने समानांतर कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 81 बसों का चालान किया गया और 59 बसों को विभिन्न थानों में निरुद्ध (सीज) किया गया। जांच में परमिट, पंजीयन, फिटनेस, कर, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और राष्ट्रीय वाहन डाटाबेस (NR Database) से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 और उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 के तहत कार्रवाई की गई।
के. डी. सिंह ने बताया कि अधिकांश वाहन वैध ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट या ऑल यूपी कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट के तहत संचालित पाए गए। नियमित स्टेज कैरिज संचालन, विभागीय मिलीभगत और राजस्व हानि संबंधी आरोपों की जांच में फिलहाल कोई तथ्यात्मक या अभिलेखीय साक्ष्य नहीं मिला। वहीं, वाहनों में कथित अवैध संरचनात्मक बदलाव की शिकायतों की जांच के लिए निरुद्ध वाहनों का तकनीकी परीक्षण कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया जाएगा। यदि अनियमितता मिली तो संबंधित वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा, वैधानिक परिवहन व्यवस्था और सरकारी राजस्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम से ग्रामीण महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
-  छह माह में 2 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित

-  प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत : केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में एलआईसी का बीमा सखी कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार और वित्तीय सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बीमा सखी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांवों में बीमा, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी फैला रही हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, कार्यक्रम के तहत अब तक 4,900 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 1,000 से अधिक महिलाएं बीमा सखी के रूप में कार्यरत हैं। बीसी सखी, बैंक सखी और अन्य सामुदायिक कैडरों को इसमें प्राथमिकता दी गई है।
बीमा सखियों ने मात्र छह माह में 2 करोड़ रुपये से अधिक का सामूहिक कमीशन अर्जित कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महिला-केंद्रित योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
एलआईसी बीमा सखी कार्यक्रम से ग्रामीण महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
-  छह माह में 2 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित

-  प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत : केशव मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में एलआईसी का बीमा सखी कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार और वित्तीय सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर बीमा सखी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांवों में बीमा, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी फैला रही हैं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, कार्यक्रम के तहत अब तक 4,900 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 1,000 से अधिक महिलाएं बीमा सखी के रूप में कार्यरत हैं। बीसी सखी, बैंक सखी और अन्य सामुदायिक कैडरों को इसमें प्राथमिकता दी गई है।
बीमा सखियों ने मात्र छह माह में 2 करोड़ रुपये से अधिक का सामूहिक कमीशन अर्जित कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महिला-केंद्रित योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
₹83.24 करोड़ की गुरसराय-गरौठा पेयजल योजना का लोकार्पण, 7,740 घरों तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल
-  ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा बोले- बुंदेलखंड में पेयजल, ऊर्जा, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक विकास से खुलेंगे रोजगार के नए अवसर, शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

झांसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को झांसी जनपद में ₹83.24 करोड़ की लागत से निर्मित गुरसराय नगर पालिका परिषद एवं गरौठा नगर पंचायत संयुक्त पुनर्गठन पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से गुरसराय और गरौठा क्षेत्र के लगभग 7,740 घरों को नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक पेयजल परियोजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन से जुड़ा जनकल्याणकारी प्रयास है। आधुनिक जल शोधन एवं वितरण प्रणाली के माध्यम से नागरिकों के घरों तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुंदेलखंड में पेयजल, बिजली और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं। सौर ऊर्जा परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनके पूरा होने पर क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलेगी और बुंदेलखंड ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
मंत्री श्री शर्मा ने बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर और सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि इन परियोजनाओं का अधिकतम लाभ स्थानीय युवाओं को मिले, ताकि उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध हो और पलायन पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बेटे-बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अवश्य दिलाएं। उनका कहना था कि आने वाले समय में उद्योग और कंपनियां युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराएंगी। शिक्षित और दक्ष युवा अपने क्षेत्र में ही सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा विकास मॉडल तैयार कर रही है, जिसमें आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, औद्योगिक विकास, शिक्षा और रोजगार एक-दूसरे के पूरक बनें। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की नहीं, बल्कि विकास, निवेश और नए अवसरों की पहचान बन रहा है।
इस अवसर पर गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि बुंदेलखंड में स्थापित हो रहे उद्योगों और विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने घर के निकट ही रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित लगभग 3,000 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
लखनऊ : लोकभवन के सामने दो युवकों ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस की सक्रियता से टला हादसा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को लोकभवन के गेट नंबर-9 के सामने आत्मदाह के प्रयास से हड़कंप मच गया। दुबग्गा निवासी राम गणेश और सतीश कुमार गौतम ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि सचिवालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से दोनों को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवकों का आरोप है कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कई स्तरों पर शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसी से आहत होकर दोनों लोकभवन पहुंचे और गेट नंबर-9 के सामने आत्मदाह का प्रयास कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। घटना के दौरान लोकभवन परिसर के बाहर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य कर ली गई।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह को छह माह का सेवा विस्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह के कार्यकाल में छह महीने का सेवा विस्तार प्रदान किया है। कुलाधिपति के इस निर्णय के बाद प्रो. सिंह निर्धारित विस्तारित अवधि तक विश्वविद्यालय के कुलपति पद का दायित्व निभाती रहेंगी।
प्रो. मांडवी सिंह विश्वविद्यालय की प्रथम कुलपति हैं। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में उनके प्रयासों को व्यापक सराहना मिली है। सेवा विस्तार से विश्वविद्यालय में चल रही शैक्षणिक और विकासात्मक योजनाओं को निरंतरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे संस्थान के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह को छह माह का सेवा विस्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह के कार्यकाल में छह महीने का सेवा विस्तार प्रदान किया है। कुलाधिपति के इस निर्णय के बाद प्रो. सिंह निर्धारित विस्तारित अवधि तक विश्वविद्यालय के कुलपति पद का दायित्व निभाती रहेंगी।
प्रो. मांडवी सिंह विश्वविद्यालय की प्रथम कुलपति हैं। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में उनके प्रयासों को व्यापक सराहना मिली है। सेवा विस्तार से विश्वविद्यालय में चल रही शैक्षणिक और विकासात्मक योजनाओं को निरंतरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे संस्थान के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।