43 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने किया यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण
समझी आपातकालीन सेवाओं की आधुनिक कार्यप्रणाली

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में चल रहे डिप्टी कलेक्टर्स के 90वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बुधवार को 43 प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली  और यूपी-112 की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था। बुधवार को दोपहर 2:45 बजे यूपी-112 मुख्यालय पहुंचे प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें मुख्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का भ्रमण कराया गया और आपातकालीन सेवाओं की तकनीकी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षु अधिकारियों ने सबसे पहले कॉल टेकिंग सेंटर  का निरीक्षण किया। यहां उन्हें आपातकालीन कॉल प्राप्त करने की प्रक्रिया, कॉल फ्लो और अन्य सहयोगी डेस्कों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने जाना कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर सहायता पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने डीएस हॉल का भ्रमण किया, जहां उन्हें सीएडी एप्लीकेशन  की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि तकनीक के माध्यम से आपात सूचना मिलते ही किस प्रकार कम से कम समय में पीआरवी  को घटनास्थल के लिए रवाना किया जाता है। मुख्यालय स्थित प्रज्ञा कक्ष में प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए यूपी-112 की कार्यप्रणाली पर विशेष प्रस्तुति आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजी) यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। डीजी यूपी-112 ने अपने संबोधन में आपातकालीन सेवाओं में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को प्रभावी शासन व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रदेश की अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा व्यवस्था, तकनीकी संसाधनों और त्वरित सहायता प्रणाली की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
उत्तर प्रदेश बनेगा देश की बायोएनर्जी राजधानी, IBET Expo-2026 की तैयारियां तेज

-  11 से 13 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा में होगा अंतरराष्ट्रीय बायोएनर्जी एवं टेक एक्सपो, निवेश और हरित ऊर्जा को मिलेगा नया आयाम


लखनऊ। उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को लखनऊ स्थित इन्वेस्ट यूपी सभागार में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET Expo-2026) की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय स्टेकहोल्डर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने की।
बैठक में आयोजन की रूपरेखा, निवेश संभावनाओं, उद्योगों की भागीदारी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आशीष गोयल, यूपीनेडा के निदेशक रविंद्र सिंह, सचिव पंकज सिंह, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और बायोएनर्जी क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि IBET Expo-2026 प्रदेश को बायोएनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), एथेनॉल, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), वेस्ट-टू-एनर्जी और अन्य हरित तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उन्होंने बताया कि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश के पास कृषि अपशिष्ट की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में प्रदेश में उपलब्ध लगभग 17 मिलियन टन कृषि अपशिष्ट में से केवल 5 मिलियन टन का ही उपयोग हो रहा है। यदि इसकी पूरी क्षमता का दोहन किया जाए तो उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा उत्तर प्रदेश को केवल राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बायोएनर्जी क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इसके लिए समयानुकूल नीतियों को और अधिक प्रभावी तथा निवेश अनुकूल बनाया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों, उद्योग संगठनों और स्टेकहोल्डर्स से समन्वित प्रयास कर आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक में जानकारी दी गई कि 11 से 13 अगस्त, 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला IBET Expo-2026 उत्तर प्रदेश सरकार, यूपीनेडा और इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (IFGE) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश-विदेश के नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योगपति, निवेशक और ऊर्जा विशेषज्ञ भाग लेंगे। एक्सपो में 25 से अधिक सम्मेलन सत्र, 120 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के संबोधन, 150 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी तथा हजारों व्यावसायिक प्रतिनिधियों और आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि यह आयोजन प्रदेश में निवेश, रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार और हरित ऊर्जा आधारित उद्योगों को नई गति देने के साथ उत्तर प्रदेश को देश की बायोएनर्जी राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
रूचि चौहान के काव्य संग्रह 'मन के मौसम' का पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने किया विमोचन

- नारी मन की संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज है यह कृति, महिलाओं के लिए बनेगी प्रेरणास्रोत : जयवीर सिंह


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन भवन सभागार में लेखिका रूचि चौहान के प्रथम काव्य संग्रह 'मन के मौसम' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने लेखिका को बधाई देते हुए कहा कि यह काव्य संग्रह नारी मन की कोमल भावनाओं और जीवन के विविध अनुभवों को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।
जयवीर सिंह ने कहा कि 'मन के मौसम' में नारी हृदय की सूक्ष्म अनुभूतियों, प्रेम, मिलन, वियोग, संघर्ष, त्रासदी, शोषण और जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं को सरल, सहज और भावपूर्ण भाषा में अभिव्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि लेखिका का शब्द चयन सराहनीय है और कई कविताओं में भावनाएं शब्दों के साथ सहज रूप से प्रवाहित होती दिखाई देती हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहला काव्य संग्रह लेखिका के साहित्यिक सफर की मजबूत शुरुआत है और भविष्य में उनकी लेखनी समाज में महिलाओं के संघर्ष, संवेदनाओं और समकालीन विषयों को और अधिक व्यापकता से अभिव्यक्त करेगी। उन्होंने पुस्तक की लोकप्रियता और व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचने की शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि ईश्वर ने नारी को सृजन की अद्भुत शक्ति प्रदान की है और उसके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि एक मां, बहन, पत्नी और बेटी के रूप में नारी समाज को निरंतर दिशा और ऊर्जा देती है।
प्रख्यात कवि पंकज प्रसून ने भी काव्य संग्रह की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तक में प्रेम, विरह, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया गया है। उन्होंने लेखिका रूचि चौहान को उनके प्रथम काव्य संग्रह के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का संचालन लेखिका के पति डी. एस. चौहान ने किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, वरिष्ठ नेता अशोक सिंह, डॉ. संग्राम सिंह, नाबार्ड परिवार के सदस्य, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन को नई रफ्तार: अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन से एमओयू, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

-  6004 श्रमिकों को इजराइल में मिला रोजगार, 17 लाख से अधिक युवाओं का निजी क्षेत्र में हुआ चयन, 34 लाख अभ्यर्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और श्रमिकों को देश-विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में सेवायोजन विभाग और अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है, जिसके माध्यम से हजारों युवाओं के कौशल विकास के साथ उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

यह एमओयू 20 जुलाई को बापू भवन, सचिवालय में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर तथा राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। एमओयू पर सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश और अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुधान्वा किमाने ने हस्ताक्षर किए।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को देश और विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत रोजगार की मांग का सर्वेक्षण, प्रतिष्ठित कंपनियों से समन्वय, युवाओं के स्किल गैप को दूर करना, भाषा प्रशिक्षण और प्रस्थान-पूर्व प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 6004 निर्माण श्रमिकों को इजराइल में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा 1336 निर्माण श्रमिकों तथा 245 रेनोवेशन सेक्टर के श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर इजराइल भेजने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि अडानी समूह के साथ हुआ यह एमओयू प्रदेश में भी युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगा।
प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम. के. शन्मुगम सुंदरम ने कहा कि इस समझौते से अडानी समूह की विभिन्न परियोजनाओं, जैसे डिफेंस कॉरिडोर और थर्मल पावर प्लांट, में प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2017 से अब तक 17 लाख से अधिक युवाओं का निजी क्षेत्र में चयन कराया जा चुका है। अगस्त 2025 में आयोजित रोजगार महाकुंभ के माध्यम से 16,212 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें 1,612 युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर मिले। वहीं गोरखपुर में आयोजित इंटरनेशनल प्लेसमेंट इवेंट के माध्यम से 279 तथा काशी सांसद रोजगार महाकुंभ के जरिए 8,054 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 85 युवाओं को विदेश में रोजगार मिला।

उन्होंने बताया कि पिंक रोजगार मेले के माध्यम से 2,765 महिला अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ, जिनमें 79 महिलाओं को विदेश में रोजगार मिला।
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि विभाग उद्योगों से बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए लगातार इंडस्ट्री कनेक्ट कार्यक्रम चला रहा है। इसी क्रम में विभिन्न औद्योगिक समूहों और संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं, ताकि युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 34 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को करियर काउंसिलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से विषय चयन, कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जा चुका है।
अडानी स्किल्स एंड एजुकेशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुधान्वा किमाने ने कहा कि सेवायोजन विभाग के सहयोग से प्रदेश के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें अडानी समूह की विभिन्न परियोजनाओं में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा।
पेपर लीक पर सियासत तेज: ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर पलटवार, बोले- सपा राज में नकल और भ्रष्टाचार का था बोलबाला
-  सपा को शिक्षा पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं, छात्रों को बरगलाकर सत्ता पाना चाहती है विपक्ष
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पेपर लीक के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था नकल, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से घिरी रही, उन्हें आज इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का नैतिक अधिकार नहीं है।

सोशल मीडिया पर जारी अपने विस्तृत पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, "मित्र अखिलेश जी, आप पेपर लीक पर प्रदर्शन करने और झूठी गिरफ्तारी कराने निकल पड़े हैं, लेकिन क्या आपको अपनी सरकार का कार्यकाल याद है?"

-  सपा शासनकाल पर लगाए गंभीर आरोप
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में स्कूलों और परीक्षा केंद्रों पर खुलेआम नकल होती थी, प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो जाते थे और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के पेपर पैसों के बदले बेचे जाने की चर्चाएं आम थीं। उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया।

उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार तथा जातिगत पक्षपात के आरोप लगातार लगते रहे। तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि "सरकारी नौकरी की गाइडलाइन जारी होते ही चचा-भतीजा वसूली के लिए बोरा लेकर निकल जाते थे।"

-  धर्मेंद्र यादव पर भी साधा निशाना
अपने पोस्ट में राजभर ने समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र किया। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा से जुड़ी पुरानी चर्चाओं का हवाला देते हुए उन पर भी निशाना साधा। साथ ही समाजवादी पार्टी के चर्चित "हाऊ कैन यू रोक..." बयान का उल्लेख कर विपक्ष पर कटाक्ष किया।

- छात्रों का इस्तेमाल कर रही है विपक्ष
राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों और युवाओं के हित में ईमानदारी से आंदोलन नहीं कर रही, बल्कि उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। उनका आरोप है कि विपक्ष छात्रों को बरगलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है और प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है, जबकि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
गौरतलब है कि पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और विभिन्न राजनीतिक दल छात्र हितों के नाम पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, सत्तापक्ष विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगा रहा है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं नैतिकता का प्रश्न: सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों को बचाना अधर्म है और यह अधर्म कमोबेश मोदी सरकार को नहीं करना चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के संवैधानिक निष्ठा और प्रतिष्ठा साबित करनी चाहिए वरना मोदी सरकार द्वारा देश के युवाओं के साथ किया गया विश्वासघात प्रमाणित हो जाएगा और सरकार की नैतिकता तार तार हो जाएगी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा आगे कहा कि विगत एक वर्ष से शिक्षा विभाग विवादों से घिरा रहा चाहे वह neet परीक्षा के पेपर लीक का मामला हो अथवा NCERT परीक्षा पेपर पर जातीय है भेद भाव वाली नीति  का प्रकरण इत्यादि देश के साथ गद्दरी के सिवा क्या समझा जाय । मोदी सरकार द्वारा UGC काला कानून लाया गया जो सवर्ण बच्चों को जातीय अपराधी घोषित कर दिया है,सामान्य वर्ग के बच्चों को शोषण करता बता दिया गया है सामान्य वर्ग के बच्चों के साथ इस तरह का भेद भाव किन्हीं भी दशा में सवर्ण स्वीकार नहीं करेगा । यूजीसी काला कानून वापस लिए जाने हेतु सवर्ण समाज के सामाजिक संगठन अगस्त में दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने गए जिन्हें दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्वक जेल में बंद किया, माननीय उच्चतम न्यायालय बीच में दखल दिया स्थगन आदेश दिया जिस कारण से यूजीसी रेगुलेशन लागू नहीं किया गया । मोदी सरकार के शासन काल में दर्जनों मामले पेपर लीक के आ चुके हैं परंतु एक भी मामले में परन्तु एक भी मामले में ऐतिहासिक कार्यवाही करने में सफल नहीं हुई। ज्वातर विरोध को दबाने में माहिर मोदी सरकार हर बार देश के युवाओं की आवाज और विरोध को दबाया ही गया है न कि ऐसे गम्भीर समस्याओं का निराकरण न ही उस पर गंभीर कार्यवाही का परिचय प्रस्तुत किया जाता है जो कि सरकार के नैतिक जिम्मेदारी व दायित्व होते हैं सदैव जिम्मेदारी से बच कर ,सवालो से बच कर सत्ता निरंकुश और निर्मम ही साबित होती है इसलिए सरकार पर लगे दाग को मिटाने के लिए तत्काल प्रधानमंत्री एवं मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर सरकार के घुमिल छबि को निखारने का प्रयत्न करना चाहिए और जनता में सरकार में विश्वास कम हेतु तत्काल प्रभाव से विरोध कर रहे युवा समुदाय को सम्मान प्रदान कर अपनी नैतिकता सिद्ध करे मोदी सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी
देश के युवाओं एवं सामान्य वर्ग की भावनाओं के साथ ठेस पहुंचाने वाले बड़े प्रधानमंत्री उनके विरोध प्रदर्शन कर रहे उनको सम्मान प्रदान करते हुए और सरकार की संवैधानिक गरिमा कायम करने हेतु तथा जनता में सरकारी के प्रति विश्वास बनाए रखने हेतु शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर डबल इंजन की सरकार को नैतिकता को सिद्ध करना चाहिए
त्योहारों से पहले आबकारी विभाग अलर्ट: अवैध शराब पर सख्ती के निर्देश, जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता

-  मंत्री नितिन अग्रवाल बोले— सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाएं, ओवररेटिंग और कच्ची शराब पर तत्काल कार्रवाई हो

लखनऊ। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली या अवैध शराब से जनहानि की कोई घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर अवैध मदिरा, कच्ची शराब और ओवररेटिंग की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को लखनऊ स्थित गन्ना संस्थान सभागार में आबकारी विभाग की प्रथम तिमाही राजस्व समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन कार्यवाही में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नितिन अग्रवाल ने कहा कि आबकारी विभाग प्रदेश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले विभागों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में जहरीली शराब से जनहानि की कोई घटना नहीं हुई, जो विभाग की सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। इस उपलब्धि को आगे भी बनाए रखने के लिए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में राजस्व प्राप्ति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विभाग ने 15,809.25 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 14,228.91 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई 2026 तक विभाग को 18,655.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो निर्धारित 21,800 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 85.57 प्रतिशत है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, विशेष सचिव अभिषेक आनंद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिला आबकारी अधिकारी एवं उपायुक्त आबकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
गांवों में पर्यटन से बढ़ रही रोजगार की राह
-  एग्री रूरल और गंगेग्राम परियोजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति

-  मंत्री जयवीर सिंह बोले— गंगा तटीय विरासत और ग्रामीण संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर सृजित हो रहे रोजगार के अवसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग की एग्री रूरल एवं गंगेग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के तहत चयनित गांवों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, लोक कला, कृषि आधारित जीवन शैली और गंगा तटीय विरासत को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि परियोजना के तहत पर्यटन ग्रामों में होम-स्टे, फार्म-स्टे, पर्यटन संबंधी आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा महिलाओं, युवाओं और होम-स्टे संचालकों का कौशल विकास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण पर्यटन को मजबूत आधार मिलने के साथ गांवों में स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि अब पर्यटन का केंद्र केवल शहर नहीं, बल्कि गांव भी बन रहे हैं। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2024 में बागपत का पूरा महादेव गांव भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा 'बेस्ट टूरिज्म विलेज' चुना गया, जबकि वर्ष 2025 में बहराइच का कारीकोट गांव इंडियन सबकॉन्टिनेंट रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवॉर्ड से सम्मानित हुआ।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर मैनपुरी के भवन्त, गोरखपुर के औरंगाबाद और प्रयागराज के सिंगरौर को भी पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान मिला। वहीं प्रतापगढ़ के राधा माधव होम-स्टे और पीलीभीत के सप्त सरोवर को सर्वश्रेष्ठ होम-स्टे तथा गाजियाबाद के रुबन रिजॉर्ट, प्रयागराज के लिविंग ग्रीन फार्म्स और आगरा के मड हाउस फार्म स्टे को सर्वश्रेष्ठ फार्म-स्टे का पुरस्कार मिला।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि लखनऊ के कठवारा निवासी ललित निषाद, पीलीभीत की अनीता पांडेय और आगरा की रीना को ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'बेस्ट सक्सेस स्टोरी' श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक सड़क एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के कारण उत्तर प्रदेश में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 1.58 अरब से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। जयवीर सिंह ने कहा कि एक पर्यटक औसतन छह लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, इसलिए पर्यटन का विस्तार प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास, दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
'क्या आप सच में यदुवंशी हैं?'... मौलाना जरजिस अंसारी के मुद्दे पर अखिलेश को ओपी राजभर ने घेरा
* 'वोट बैंक के लिए मौलानाओं के सामने नाक रगड़ सकते हैं'... अखिलेश पर ओपी राजभर का तीखा हमला

* भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों पर क्यों खामोश हैं अखिलेश, राजभर का बड़ा हमला सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने मौलाना जरजिस अंसारी के बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख भगवान श्रीकृष्ण पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।

* क्या आप सच में यदुवंशी हैं ?
अपने पोस्ट की शुरुआत में राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'माननीय अखिलेश यादव जी, क्या आप सच में यदुवंशी हैं? मुझे तो शक होता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि अगर अखिलेश यादव सच्चे यदुवंशी होते तो मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर उनका 'खून जरूर खौलता' और वह सार्वजनिक रूप से इसका विरोध करते।
राजभर ने दावा किया कि मौलाना जरजिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव वोट बैंक की राजनीति के चलते पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

* वोट बैंक के लिए सब कुछ स्वीकार है
अपने पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अखिलेश यादव हर मुद्दे पर समझौता कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती है कि भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी सपा प्रमुख के मन में कोई विरोध नहीं दिखता।
राजभर ने आगे लिखा कि अब प्रदेश और देश का यादव समाज भी देख रहा है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए अखिलेश यादव किस तरह की चुप्पी साधे हुए हैं।

* धर्मपत्नी का भी किया जिक्र
पोस्ट में राजभर ने यह भी लिखा कि अखिलेश यादव अपनी धर्मपत्नी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणियों को निजी मामला मान सकते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसे आराध्य पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी नरम रुख अपनाना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख ऐसे मामलों में भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

* महाराजा सुहेलदेव का दिया उदाहरण
पोस्ट के अंतिम हिस्से में राजभर ने महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख करते हुए लिखा कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए उनके संघर्ष से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने राष्ट्र और धर्म पर हमला करने वालों के खिलाफ लड़कर एक मिसाल कायम की थी।
राजभर ने आगे लिखा कि यदि कभी महाराजा सुहेलदेव के सम्मान पर भी कोई टिप्पणी हुई तो पूरा राजभर समाज उसका जवाब देना जानता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में समाज चुप बैठने वाला नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो भगवान कृष्ण को लेकर अमर्यादित बात कर रहे थे।
यूपी में भारी बारिश पर सीएम योगी अलर्ट, जन-धन व पशु हानि पर 24 घंटे में मुआवजे के निर्देश

-  अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्य तेज करने के आदेश, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं से जनहानि, पशु हानि तथा आर्थिक नुकसान की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि एवं आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशु हानि और संपत्ति के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखें और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी, क्षतिग्रस्त सड़कों और विद्युत आपूर्ति की शीघ्र बहाली तथा राहत शिविरों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान अथवा जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

-  इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट
बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और जालौन सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों के लिए येलो वार्निंग
प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना को लेकर येलो वार्निंग जारी की गई है।

प्रमुख बिंदु :-

- जन, पशु एवं आर्थिक हानि का 24 घंटे में आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश।

- सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के आदेश।

- प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और राहत उपलब्ध कराने के निर्देश।

- आकाशीय बिजली, जलभराव और नदियों-जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की मुख्यमंत्री की अपील।