4,500 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव के विरोध में किसानों का धरना-प्रदर्शन
फर्रुखाबाद ।  जनपद में औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए प्रस्तावित 4,500 हेक्टेयर बहुफसली, सिंचित, अत्यंत उपजाऊ एवं बाग-बगीचों वाली कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव के विरोध में आज प्रभावित ग्रामों के हजारों किसानों ने किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
किसानों का कहना है कि यूपीडा की औद्योगिक गलियारा परियोजना के नाम पर बहुफसली एवं अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव किसानों के हितों, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के विपरीत है। किसानों ने कहा कि जिस भूमि पर आलू, धान, गेहूँ, मक्का, सब्जियों तथा विभिन्न फलदार बागों का उत्पादन होता है, उसके अधिग्रहण से हजारों किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

धरने के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 4,500 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

किसानों की प्रमुख मांगों में औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए असिंचित, बंजर, अनुपजाऊ अथवा कम उपजाऊ भूमि का चयन करना, उपजाऊ भूमि को मनमाने ढंग से चिन्हित करने वाले अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई करना किसानों के हित में पुनः प्रभावी किए जाने की मांग तथा वर्ष 2015 के शासनादेश की आड़ में किसानों पर दबाव बनाकर सीधे बैनामा कराने की व्यवस्था समाप्त करना शामिल है।

किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि विकास के नाम पर किसानों की बहुफसली और उपजाऊ भूमि को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बंजर एवं कम उपजाऊ भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि विकास के साथ-साथ किसानों की आजीविका, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण भी सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो किसान अपने लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए अहिंसात्मक मार्ग पर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से
प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, जिला प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी, कानपुर मंडल महासचिव सुधीर गंगवार, जिला प्रभारी वी.के. गंगवार, जिलाध्यक्ष राजीव यादव ‘लालू’, अरविन्द राजपूत, वैद्य वीरेन्द्र आर्य, युवा नेता हर्ष गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनन्दन गंगवार, प्रधान प्रमोद गंगवार, राजीव कठेरिया, प्रधान देवेन्द्र यादव, पूर्व प्रधान प्रभाकर पाण्डेय, संतोष यादव, संजू यादव, रविन्द्र राठौर, सुजीत कुमार, श्यामवीर राजपूत, रामनिवास शाक्य, राम किशोर, पूर्व प्रधान रमेश पाल, अजय पाल, नीरज पाल, सुनील पाल, विकास पाठक सहित बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रभावित किसान शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने तहसील कायमगंज का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
फर्रुखाबाद : जनसामान्य को समयबद्ध एवं पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील कायमगंज का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, न्यायालयों के संचालन, राजस्व अभिलेखों तथा जनसुनवाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
       जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, वरासत, सीमांकन, खतौनी संशोधन सहित सभी राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखागार, रिकॉर्ड रूम, नजारत, उप निबंधक कार्यालय तथा अन्य शाखाओं का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखें तथा आगंतुकों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करें।
      जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
      निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी कायमगंज, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कायमगंज सीएचसी का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
      फर्रुखाबाद : जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, औषधियों की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
      जिलाधिकारी ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति का जायजा लेते हुए पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, अभिभावकों एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे।
      निरीक्षण के दौरान उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) एवं एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं के उपचार एवं नियमित फॉलोअप की समीक्षा भी की गई, यहां पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भवती महिला की समयबद्ध जांच, आवश्यक उपचार एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके, साथ ही एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को समय पर आयरन थेरेपी, आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
     जिलाधिकारी ने प्रसूता वार्ड का निरीक्षण कर वहां भर्ती माताओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया, उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रसूता को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
      अस्पताल परिसर, वार्डों, शौचालयों एवं अन्य विभागों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि स्वच्छ अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
     निरीक्षण के दौरान विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों की भी जांच की गई जिसमें जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अभिलेख अद्यतन, स्पष्ट एवं त्रुटिरहित रखे जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यक्रम का रिकॉर्ड निर्धारित मानकों के अनुसार संधारित किया जाए।
शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें : जिलाधिकारी


      फर्रुखाबाद : "तहसील समाधान दिवस" का आयोजन कायमगंज तहसील में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में किया गया।  
      कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित पूर्ण करें, उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे शिकायतकर्ता को किसी प्रकार की असुविधा न रहे।
      जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है कि जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ समाधान किया जाए। गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने तथा नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को भूमि संबंधी विवादों का संयुक्त निरीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
      तहसील समाधान दिवस के दौरान कुल 189 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 65 प्रकरण राजस्व विभाग, 46 प्रकरण पुलिस विभाग, 21 प्रकरण विकास विभाग, 28 प्रकरण विद्युत विभाग, 08 प्रकरण आपूर्ति विभाग, 05 प्रकरण नगर पालिका/नगर पंचायत तथा 16 प्रकरण अन्य विभागों के सम्मिलित रहे, इनमें से 12 प्रकरण मौके पर निस्तारित किए गए।
      इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों में तेजी
      फर्रुखाबाद : जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत जनपद में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जनपद की ग्राम पंचायतों में स्थापित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के माध्यम से अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
     उन्होंने कहा कि जनपद की 580 ग्राम पंचायतों में से 09 ग्राम पंचायतों में भूमि की पर्याप्त उपलब्धता के अभाव में उन्हें निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के आरआरसी से संबद्ध करते हुए संचालन की व्यवस्था की गई है। विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर में आरआरसी का निर्माण कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त जनपद की 570 ग्राम पंचायतों में से 452 आरआरसी वर्तमान में संचालित हैं तथा इन पंचायतों में नियमित रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।
     स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत जनपद की 545 ग्राम पंचायतों को आरआरसी संचालन सहित आवश्यक मदों की क्रेडिट लिमिट दो दिवस पूर्व निर्गत कर दी गई है। भुगतान न होने के कारण कुछ ग्राम पंचायतों के आरआरसी में झाड़ियों की सफाई एवं स्वच्छता कार्य प्रभावित हुआ था।
     इस संबंध में जनपद के समस्त विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के आरआरसी की तत्काल साफ-सफाई कराकर उन्हें पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाएं तथा नियमित संचालन सुनिश्चित करें।
     जिला प्रशासन ने निर्देशन में शीघ्र ही जनपद के सभी आरआरसी को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़ व मारपीट का आरोप, महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने, समझौते का दबाव बनाने और ग्राम प्रधान के प्रभाव में काम करने का आरोप; एसपी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग।

अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम भावन निवासी एक महिला ने अपने जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि थाना पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब 14 वर्ष पहले ग्राम भावन निवासी मुकेश पुत्र पतीराम के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। महिला के अनुसार, परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
महिला का आरोप है कि 14 जुलाई को उसके जेठ रमेश पुत्र पतीराम ने उसके और उसके पति के साथ गाली-गलौज की थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। आरोप है कि अगले दिन 15 जुलाई की रात करीब आठ बजे रमेश शराब के नशे में उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे पति और बच्चों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसने थाना अमृतपुर में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में महिला ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस ग्राम प्रधान अनिल कुशवाहा के दबाव में कार्य कर रही है। उसका कहना है कि आरोपी ग्राम प्रधान का करीबी होने के कारण पुलिस कार्रवाई से बच रहा है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दो बार उसके घर पहुंचे और कार्रवाई करने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। समझौते से इनकार करने पर उसे और उसके पति को जेल भेजने तथा "सबक सिखाने" की धमकी दी गई।
कॉरपोरेशन निर्देशक को बिजली विभाग में मिली तमाम खामियां, लगाई फटकार, शीघ्र ठीक करने के दिए कड़े निर्देश

फर्रुखाबाद ।  उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के तकनीकी निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को बिजली विभाग पहुंचकर विभाग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। निदेशक ने बेवर रोड स्थित विभाग के स्टोर और कार्यशाला का बड़ी ही बारीकी ढंग से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यशाला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखा सामान और अभिलेखों का सही ढंग से ना मिलने पर नाराज़गी  जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाए शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निदेशक ने
सेंट्रल जेल के निकट निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र पहुंच कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा के अन्दर उपकेंद्र का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं । इस दौरान उपकेंद्र की फर्श एवं मार्ग का कार्य शीघ्र पूरा कराने को कहा है, निदेशक ने कहा कि विभागीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया  है जहां कमियां दिख रही हैं उन्हें दूर कराया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाएं अच्छी मिल सकें। इस मौके दौरान मुख्य अभियंता राहुल नंदा, अधीक्षण अभियंता यादवेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता (नगर) ब्रजभान सिंह, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) मुकेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में शिक्षा लूट, फर्ज़ी डिग्री और माफियाओं का राज़ रहा, बिहार में भी अब लालू का जंगल राज खत्म प्रभारी मंत्री

फर्रुखाबाद। विकास कार्यों के साथ-साथ विभिन्न पहलुओं पर भी पर्यटन मंत्री एवं जिले के प्रभारी जयवीर सिंह ने कहा कि सपा शासन में शिक्षा लूट, फर्ज़ी  डिग्रियां और शिक्षा माफियाओं का पूरे प्रदेश में आतंक रहा । उन्होंने कहा कि फर्जी डिग्री लेकर कई अधिकारी उच्च पदों पर आसीन है जबकि उनको कुछ भी मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि जनपद की विभिन्न योजनाओं को लेकर चर्चा की गई जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है उनमें तेजी लाने के संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में लाल का जंगल राज जनता को रास नहीं आ रहा था और जनता ने अपना फैसला सुनाया और लाल का सफाया कर दिया उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव समय आने पर अवश्य होंगे इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में खाद की किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं है किसान अपने निकट की समिति में जाकर आसानी से खाद ले सकता है यदि किसी तरीके की दिक्कतें आ रही हैं तो सहायक निबंधक को ऑपरेटिव कृषि अधिकारी और जिलाधिकारी को सीधे शिकायत कर सकता है।
शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मा0 प्रभारी मंत्री
*विकास परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करें अधिकारी

*शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगमता से उपलब्ध कराएं

अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ दूरभाष पर संवाद स्थापित कर फोन अनिवार्य रूप से उठाएं

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  ने विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा


फर्रुखाबाद । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में जनपद के विकास कार्यक्रमों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार  में आयोजित की गई। इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत, विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि, सदस्य विधान परिषद प्रांशु दत्त द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा फतेहचंद्र अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
     बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मंत्री सहित अन्य अतिथियों को स्वागत स्वरूप पौधा तथा ओडीओपी उत्पाद का चित्र भेंट किया गया।
     बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए मा0 मंत्री जी ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगमता से उपलब्ध कराकर जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार न बरती जाए।मंत्री ने कहा कि समस्त जिला स्तरीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ दूरभाष पर संवाद स्थापित करते हुए उनके फोन अनिवार्य रूप से उठाएं, विकासकारी परियोजनाओं एवं निर्माणकार्यों के शिलान्यास तथा लोकार्पण कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा ही संपन्न कराएं, इस कार्य में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीण पेयजल की समीक्षा के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही समस्त विभागीय अधिकारी जनपद में कार्य पूर्ण निर्माण परियोजनाओं की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं। सिंचाई विभाग की समीक्षा के तहत नलकूप अधिकारी को निर्देश दिए कि स्थाई एवं अस्थाई नलकूपों की सूचना जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराते हुए नए नलकूपों की स्थापना उपलब्ध धनराशि के अनुरूप पूर्ण कराएं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की समीक्षा के दौरान उन्होंने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि बेवर रोड पर हाईवे की सड़कों की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराएं। उद्योग विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि उपायुक्त उद्योग एवं अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक आपसी समन्वय के साथ सी एम0 युवा0 उद्यमी योजना के लंबित आवेदनों का निस्तारण शीघ्रता के साथ पूर्ण कराएं। विद्युत विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की समय अवधि में वृद्धि लाएं, उन्होंने कहा कि शासन को प्रेषित विद्युत आपूर्ति के आंकड़े की प्रगति वास्तविक प्रगति से भिन्न होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों के स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनात एवं रिक्त पदों की सूची उपलब्ध कराएं, जिससे रिक्त पदों की सूचना शासन को प्रेषित की जा सके। विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, स्वच्छता तथा अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जिला विकास अधिकारी ने जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया तथा विभागवार उपलब्धियों एवं लंबित कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में मंत्री सहित उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र हेतु ई0सी0सी0ई0 किट, स्वयं सहायता समूह की विद्युत सखी महिलाओं को विद्युत ई-पॉश मशीन, मिनी नंदिनी कृषक दुर्घटना के 02 लाभार्थियों को चेक, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 02 लाभार्थियों को नमूना चाबी, दिव्यांग विभाग के अंतर्गत 02 लाभार्थियों को ब्रेल किट, उद्योग विभाग के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के स्वीकृति प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 05 लाभार्थियों को दुर्घटना बीमा प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को घरौनी पत्र, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत शादी अनुदान योजना में 05 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनंद उपाध्याय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी एस0के0 तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को आपदा प्रशिक्षण दिया

अमृतपुर फर्रुखाबाद- गंगापार क्षेत्र में संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए शुक्रवार को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, राजेपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ की टीम ने छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। गाजियाबाद से पहुंची टीम ने विद्यार्थियों को बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय बताते हुए जागरूक किया।एनडीआरएफ के सहायक उपनिरीक्षक रमाकांत यादव ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बाढ़ आने पर तुरंत किसी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं, घर की बिजली आपूर्ति बंद कर दें तथा जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि कोई व्यक्ति पानी में फंस जाए तो प्लास्टिक की खाली बोतल, लकड़ी के लट्ठे या अन्य तैरने वाले साधनों का सहारा लेकर अपनी जान बचा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ टीम ने लाइफ जैकेट पहनने का लाइव प्रदर्शन कर उसके सही उपयोग की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, आपदा के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के बारे में भी विस्तार से बताया।अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद दूषित पानी और संक्रमण से बचाव के लिए गर्म पानी का सेवन करें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
रमाकांत यादव ने छात्र-छात्राओं से अपने मोबाइल फोन में 'सचेत  ऐप डाउनलोड करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से मौसम, भारी वर्षा, तेज हवा, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं की समय रहते जानकारी मिल जाती है, जिससे लोग पहले से सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर किसी भी बड़े नुकसान से बच सकते हैं।उन्होंने कहा कि गंगापार क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को पहले से प्रशिक्षित और जागरूक करना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे स्वयं सुरक्षित रह सकें और दूसरों की भी मदद कर सकें।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका एनडीआरएफ टीम ने विस्तार से उत्तर दिया। प्रशिक्षण के अंत में विद्यार्थियों को आपदा के समय अफवाहों से बचने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार ने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी और जीवन रक्षक साबित होते हैं।