जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़ व मारपीट का आरोप, महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने, समझौते का दबाव बनाने और ग्राम प्रधान के प्रभाव में काम करने का आरोप; एसपी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग।

अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम भावन निवासी एक महिला ने अपने जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि थाना पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब 14 वर्ष पहले ग्राम भावन निवासी मुकेश पुत्र पतीराम के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। महिला के अनुसार, परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
महिला का आरोप है कि 14 जुलाई को उसके जेठ रमेश पुत्र पतीराम ने उसके और उसके पति के साथ गाली-गलौज की थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। आरोप है कि अगले दिन 15 जुलाई की रात करीब आठ बजे रमेश शराब के नशे में उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे पति और बच्चों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसने थाना अमृतपुर में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में महिला ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस ग्राम प्रधान अनिल कुशवाहा के दबाव में कार्य कर रही है। उसका कहना है कि आरोपी ग्राम प्रधान का करीबी होने के कारण पुलिस कार्रवाई से बच रहा है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दो बार उसके घर पहुंचे और कार्रवाई करने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। समझौते से इनकार करने पर उसे और उसके पति को जेल भेजने तथा "सबक सिखाने" की धमकी दी गई।
कॉरपोरेशन निर्देशक को बिजली विभाग में मिली तमाम खामियां, लगाई फटकार, शीघ्र ठीक करने के दिए कड़े निर्देश

फर्रुखाबाद ।  उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के तकनीकी निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को बिजली विभाग पहुंचकर विभाग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। निदेशक ने बेवर रोड स्थित विभाग के स्टोर और कार्यशाला का बड़ी ही बारीकी ढंग से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यशाला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखा सामान और अभिलेखों का सही ढंग से ना मिलने पर नाराज़गी  जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाए शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निदेशक ने
सेंट्रल जेल के निकट निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र पहुंच कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा के अन्दर उपकेंद्र का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं । इस दौरान उपकेंद्र की फर्श एवं मार्ग का कार्य शीघ्र पूरा कराने को कहा है, निदेशक ने कहा कि विभागीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया  है जहां कमियां दिख रही हैं उन्हें दूर कराया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाएं अच्छी मिल सकें। इस मौके दौरान मुख्य अभियंता राहुल नंदा, अधीक्षण अभियंता यादवेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता (नगर) ब्रजभान सिंह, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) मुकेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में शिक्षा लूट, फर्ज़ी डिग्री और माफियाओं का राज़ रहा, बिहार में भी अब लालू का जंगल राज खत्म प्रभारी मंत्री

फर्रुखाबाद। विकास कार्यों के साथ-साथ विभिन्न पहलुओं पर भी पर्यटन मंत्री एवं जिले के प्रभारी जयवीर सिंह ने कहा कि सपा शासन में शिक्षा लूट, फर्ज़ी  डिग्रियां और शिक्षा माफियाओं का पूरे प्रदेश में आतंक रहा । उन्होंने कहा कि फर्जी डिग्री लेकर कई अधिकारी उच्च पदों पर आसीन है जबकि उनको कुछ भी मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि जनपद की विभिन्न योजनाओं को लेकर चर्चा की गई जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है उनमें तेजी लाने के संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में लाल का जंगल राज जनता को रास नहीं आ रहा था और जनता ने अपना फैसला सुनाया और लाल का सफाया कर दिया उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव समय आने पर अवश्य होंगे इसकी तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में खाद की किसी भी तरीके की दिक्कत नहीं है किसान अपने निकट की समिति में जाकर आसानी से खाद ले सकता है यदि किसी तरीके की दिक्कतें आ रही हैं तो सहायक निबंधक को ऑपरेटिव कृषि अधिकारी और जिलाधिकारी को सीधे शिकायत कर सकता है।
शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें : मा0 प्रभारी मंत्री
*विकास परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करें अधिकारी

*शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगमता से उपलब्ध कराएं

अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ दूरभाष पर संवाद स्थापित कर फोन अनिवार्य रूप से उठाएं

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  ने विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा


फर्रुखाबाद । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री एवं प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में जनपद के विकास कार्यक्रमों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार  में आयोजित की गई। इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत, विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि, सदस्य विधान परिषद प्रांशु दत्त द्विवेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा फतेहचंद्र अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
     बैठक में जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मंत्री सहित अन्य अतिथियों को स्वागत स्वरूप पौधा तथा ओडीओपी उत्पाद का चित्र भेंट किया गया।
     बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए मा0 मंत्री जी ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगमता से उपलब्ध कराकर जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार न बरती जाए।मंत्री ने कहा कि समस्त जिला स्तरीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ दूरभाष पर संवाद स्थापित करते हुए उनके फोन अनिवार्य रूप से उठाएं, विकासकारी परियोजनाओं एवं निर्माणकार्यों के शिलान्यास तथा लोकार्पण कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा ही संपन्न कराएं, इस कार्य में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी। ग्रामीण पेयजल की समीक्षा के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही समस्त विभागीय अधिकारी जनपद में कार्य पूर्ण निर्माण परियोजनाओं की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं। सिंचाई विभाग की समीक्षा के तहत नलकूप अधिकारी को निर्देश दिए कि स्थाई एवं अस्थाई नलकूपों की सूचना जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराते हुए नए नलकूपों की स्थापना उपलब्ध धनराशि के अनुरूप पूर्ण कराएं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की समीक्षा के दौरान उन्होंने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि बेवर रोड पर हाईवे की सड़कों की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराएं। उद्योग विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि उपायुक्त उद्योग एवं अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक आपसी समन्वय के साथ सी एम0 युवा0 उद्यमी योजना के लंबित आवेदनों का निस्तारण शीघ्रता के साथ पूर्ण कराएं। विद्युत विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की समय अवधि में वृद्धि लाएं, उन्होंने कहा कि शासन को प्रेषित विद्युत आपूर्ति के आंकड़े की प्रगति वास्तविक प्रगति से भिन्न होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में निर्देश दिए गए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों के स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनात एवं रिक्त पदों की सूची उपलब्ध कराएं, जिससे रिक्त पदों की सूचना शासन को प्रेषित की जा सके। विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, स्वच्छता तथा अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जिला विकास अधिकारी ने जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया तथा विभागवार उपलब्धियों एवं लंबित कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में मंत्री सहित उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र हेतु ई0सी0सी0ई0 किट, स्वयं सहायता समूह की विद्युत सखी महिलाओं को विद्युत ई-पॉश मशीन, मिनी नंदिनी कृषक दुर्घटना के 02 लाभार्थियों को चेक, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 02 लाभार्थियों को नमूना चाबी, दिव्यांग विभाग के अंतर्गत 02 लाभार्थियों को ब्रेल किट, उद्योग विभाग के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के स्वीकृति प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 05 लाभार्थियों को दुर्घटना बीमा प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को घरौनी पत्र, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत शादी अनुदान योजना में 05 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनंद उपाध्याय, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, जिला विकास अधिकारी एस0के0 तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
एनडीआरएफ टीम ने विद्यार्थियों को आपदा प्रशिक्षण दिया

अमृतपुर फर्रुखाबाद- गंगापार क्षेत्र में संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए शुक्रवार को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, राजेपुर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एनडीआरएफ की टीम ने छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। गाजियाबाद से पहुंची टीम ने विद्यार्थियों को बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के उपाय बताते हुए जागरूक किया।एनडीआरएफ के सहायक उपनिरीक्षक रमाकांत यादव ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बाढ़ आने पर तुरंत किसी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं, घर की बिजली आपूर्ति बंद कर दें तथा जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि कोई व्यक्ति पानी में फंस जाए तो प्लास्टिक की खाली बोतल, लकड़ी के लट्ठे या अन्य तैरने वाले साधनों का सहारा लेकर अपनी जान बचा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ टीम ने लाइफ जैकेट पहनने का लाइव प्रदर्शन कर उसके सही उपयोग की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, आपदा के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के बारे में भी विस्तार से बताया।अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद दूषित पानी और संक्रमण से बचाव के लिए गर्म पानी का सेवन करें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
रमाकांत यादव ने छात्र-छात्राओं से अपने मोबाइल फोन में 'सचेत  ऐप डाउनलोड करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से मौसम, भारी वर्षा, तेज हवा, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं की समय रहते जानकारी मिल जाती है, जिससे लोग पहले से सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर किसी भी बड़े नुकसान से बच सकते हैं।उन्होंने कहा कि गंगापार क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को पहले से प्रशिक्षित और जागरूक करना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे स्वयं सुरक्षित रह सकें और दूसरों की भी मदद कर सकें।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका एनडीआरएफ टीम ने विस्तार से उत्तर दिया। प्रशिक्षण के अंत में विद्यार्थियों को आपदा के समय अफवाहों से बचने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का संदेश दिया गया। विद्यालय परिवार ने एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी और जीवन रक्षक साबित होते हैं।
बच्ची के साथ लापता महिला 4 दिन बाद सकुशल मिली
अमृतपुर फर्रुखाबाद -थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट अमृतपुर निवासी श्रीमती शकुंतला पत्नी श्रीनिवास उर्फ बिच्छू सक्सेना जो अपनी 5 वर्षीय बच्ची के साथ लापता थीं, चार दिन बाद सकुशल मिल गईं। इस मामले में 13 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे थाना अमृतपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।परिजनों ने लगातार कई दिनों तक उसकी तलाश की। 16 जुलाई को खोजबीन के दौरान बलीपट्टी निवासी एक टेम्पो चालक से जानकारी मिली कि उसने महिला और बच्ची को चाचूपुर में छोड़ा था। इस सूचना के आधार पर परिजन तुरंत चाचूपुर पहुंचे और वहां खोजबीन शुरू की।
तलाश के दौरान पता चला कि महिला अपनी मौसी के घर, ग्राम पंखियन नगला में हैं। इसके बाद परिजन वहां पहुंचे और महिला तथा बच्ची को सकुशल अपने साथ घर ले आए। दोनों को 16 जुलाई की रात करीब 11 बजे अमृतपुर वापस लाया गया।महिला और बच्ची के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने इस दौरान सहयोग करने वाले सभी लोगों, शुभचिंतकों तथा सोशल मीडिया पर सूचना साझा करने वाले नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है।महिला के परिजनों ने सभी से अपील की है कि अब गुमशुदगी से संबंधित पोस्ट या पोस्टर को आगे साझा न करें, क्योंकि महिला और बच्ची दोनों सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं।
न्यायिक अधिकारियों ने विजिटर के साथ जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया जेलों का निरीक्षण

फर्रुखाबाद ।  उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन सुकन्या शांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को  विजिटर बोर्ड के नामित सदस्य एवं बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा केन्द्रीय कारागार एवं जिला कारागार का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन के दृष्टिगत इस तथ्य का भी विशेष रूप से परीक्षण किया गया कि किसी भी बंदी से उसकी जाति अथवा सामाजिक वर्ग के आधार पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है तथा न ही किसी बंदी को जाति-आधारित परंपरागत कार्य करने हेतु बाध्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ऐसा कोई तथ्य अथवा परिस्थिति संज्ञान में नहीं आया, जिससे यह प्रतीत हो कि किसी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है अथवा उसे उसकी जाति के अनुरूप कोई कार्य आवंटित या कराया जा रहा है। निरीक्षण के समय कारागार में इस प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई गई। उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन संतोषजनक पाया गया। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्साधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग,  जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला रोजगार अधिकारी , जिला कृषि अधिकारी, जिला औद्योगिक अधिकारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा केन्द्रीय कारागार एवं जिला कारागार के अधीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
फर्रुखाबाद । ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में "एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन"  कलेक्ट्रेट सभागार में जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संबंधित प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अपने संबोधन में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का उद्देश्य स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को घर स्तर पर कचरे का पृथक्करण करना चाहिए तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचते हुए वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को अपनाना चाहिए। किसी भी प्रकार का अपशिष्ट खुले में न फेंका जाए, न जलाया जाए और न ही नालियों अथवा जलाशयों में डाला जाए। सभी संबंधित विभागों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का संचालन करते हुए क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर नगर अजीत कुमार सुमन ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रबंधन, परिवहन एवं सुरक्षित निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने नगर निकायों द्वारा गीले, सूखे, घरेलू सैनिटरी एवं विशेष अपशिष्ट के लिए पृथक-पृथक रंगों के कंपार्टमेंट विकसित किए जाने तथा मिश्रित अपशिष्ट के परिवहन से बचने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में बताया गया कि बड़े अपशिष्ट उत्पादकों को अपने अपशिष्ट का प्रबंधन एवं प्रसंस्करण स्वयं करना होगा। साथ ही नगर निकायों, नगर पंचायतों एवं अन्य संबंधित संस्थाओं को केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कर नियमित रिपोर्टिंग करनी होगी, जिससे अपशिष्ट के उत्पादन से अंतिम निस्तारण तक डिजिटल ट्रैकिंग संभव हो सके।
18 को आयोजित होगा स्ट्रीट फूड वेंडर्स का खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम


फर्रुखाबाद । प्रभारी सहायक आयुक्त, खाद्य संजय कुमार ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण उत्तरी क्षेत्र कार्यालय  गाजियाबाद द्वारा "ईट राइट इंडिया अभियान" के अंतर्गत जनपद में स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए एक दिवसीय खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम 18 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:30 बजे से नव भारत सभा भवन में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद मुकेश राजपूत करेंगे।
  प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को एफएसएसएआई की विशेषज्ञ टीम द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही सुरक्षित खाद्य निर्माण, भंडारण एवं परोसने से संबंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को एफएसएसएआई द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को एफएसएसएआई की ओर से निःशुल्क खाद्य सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि जनपद के समस्त स्ट्रीट फूड वेंडर्स एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर खाद्य सुरक्षा के मानकों की जानकारी प्राप्त करें तथा अपने व्यवसाय को अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं उपभोक्ता हितैषी बनाएं।
एफएसएसएआई की यह कार्यशाला "सीखें, समझें, सुरक्षित परोसें" की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य खाद्य कारोबारकर्ताओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इस प्रशिक्षण से ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा तथा खाद्य कारोबार अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित होगा।
पुलिस का गुड वर्क क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठग गिरफ्तार
मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नगद रुपए, बीस बारकोड भी मिले

राजेपुर अमृतपुर फर्रुखाबाद 16 जुलाई। तू डाल डाल तो मैं पात पात वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए राजेपुर पुलिस ने साइबर ठगो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोगों की गाढी कमाई को सेकंडों में उड़ा देने वाले यह साइबर ठग तरह-तरह के झांसा देकर अपने जाल में गरीब बेसहारा मजलूमों को फंसा लेते हैं। कभी कॉलोनी के नाम पर कभी रोजगार दिलाने के नाम पर कभी डिजिटल लोन तो कभी-कभी अन्य फ्रॉड तरीके ईजाद कर लोगों को ठग लेते हैं। ऐसे ही तमाम साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और साइबर ठगी से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को साइबर फ्रॉड में संलिप्त अभिषेक सिंह पुत्र राजेश सिंह, निवासी ग्राम नौगंवा थाना अल्लाहगंज जनपद शाहजहाँपुर को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन एक सिम कार्ड तथा 3,050 रुपये नकद बरामद हुए।जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें 20 अलग-अलग बारकोड यानि क्यू आर कोड के स्क्रीनशॉट मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन बारकोड का उपयोग लोगों से ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने और साइबर ठगी की रकम इकट्ठा करने के लिए किया जाता था।इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की इ एम ई आई को समन्वय पोर्टल पर जांचा। जांच में पता चला कि आरोपी के मोबाइल नंबर और डिवाइस से संबंधित कुल पांच साइबर शिकायतें पहले से दर्ज हैं। इन शिकायतों में पीड़ितों से करीब 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मु0अ0सं0 122/2026 के तहत धारा 317(2), 318(4) भारतीय न्याय संहिता बीएनएस तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले वारदातों को अंजाम देता था या किसी संगठित साइबर गिरोह का सदस्य है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है, जिससे और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यू आर कोड स्कैन न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ऐसी स्थिति में लोगों का जागरूक होना अति आवश्यक है।