नगरा PHC में धूमधाम से मनाया गया 'कन्या जन्मोत्सव' बेटी है तो भविष्य है का दिया संदेश, नवजाताओं को वितरित किए बेबी किट
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर (नगरा), 17 जुलाई। बेटी के सम्मान और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नगरा में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग की ओर से बड़े हर्षोल्लास के साथ 'कन्या जन्मोत्सव' आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच फैलाना तथा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना रहा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद के निर्देश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में संचालित हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं और उनकी माताओं का सम्मान करते हुए उन्हें बेबी किट, नवजात शिशु के वस्त्र, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान तथा अन्य आवश्यक सामग्रियां प्रदान की गईं। साथ ही परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा महिला व बाल कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान राजनंदिनी (पत्नी मनोज प्रसाद, नगरा), नाजिया (पत्नी मुस्ताक, नगरा), काजल (पत्नी सोनू पटेल, नगरा), प्रतिमा (पत्नी सोनू, बड़सरा सलेमपुर) और खुशबू (पत्नी सुनील कुमार पाल, चन्द्रहा) को नवजात बालिकाओं के जन्म पर सम्मानित कर उपहार सामग्री प्रदान की गई। उपस्थित ग्रामीणों व स्वास्थ्यकर्मियों ने इन परिवारों को शुभकामनाएँ दीं और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बब्बन यादव ने कहा कि बेटी केवल परिवार नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र का आधार है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें ताकि वे अपने अधिकारों और क्षमताओं का पूरा उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और अस्पताल के अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। साथ ही महाराणा प्रताप CSC के फाउंडर अमर बहादुर सिंह, शैलेश बहादुर सिंह, आकाश सिंह, दिव्यांश गुप्ता व निधि मौर्य ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नवजात बालिकाओं तथा उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। महिला कल्याण विभाग की इस पहल को समाज में लिंग समानता, महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि "बेटी है तो भविष्य है" और हर नवजात बालिका का स्वागत पूरे समाज के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।
Jul 17 2026, 15:47
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