18 को आयोजित होगा स्ट्रीट फूड वेंडर्स का खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम


फर्रुखाबाद । प्रभारी सहायक आयुक्त, खाद्य संजय कुमार ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण उत्तरी क्षेत्र कार्यालय  गाजियाबाद द्वारा "ईट राइट इंडिया अभियान" के अंतर्गत जनपद में स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए एक दिवसीय खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम 18 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:30 बजे से नव भारत सभा भवन में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद मुकेश राजपूत करेंगे।
  प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को एफएसएसएआई की विशेषज्ञ टीम द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही सुरक्षित खाद्य निर्माण, भंडारण एवं परोसने से संबंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को एफएसएसएआई द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को एफएसएसएआई की ओर से निःशुल्क खाद्य सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि जनपद के समस्त स्ट्रीट फूड वेंडर्स एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर खाद्य सुरक्षा के मानकों की जानकारी प्राप्त करें तथा अपने व्यवसाय को अधिक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं उपभोक्ता हितैषी बनाएं।
एफएसएसएआई की यह कार्यशाला "सीखें, समझें, सुरक्षित परोसें" की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य खाद्य कारोबारकर्ताओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इस प्रशिक्षण से ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा तथा खाद्य कारोबार अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित होगा।
पुलिस का गुड वर्क क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठग गिरफ्तार
मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नगद रुपए, बीस बारकोड भी मिले

राजेपुर अमृतपुर फर्रुखाबाद 16 जुलाई। तू डाल डाल तो मैं पात पात वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए राजेपुर पुलिस ने साइबर ठगो पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोगों की गाढी कमाई को सेकंडों में उड़ा देने वाले यह साइबर ठग तरह-तरह के झांसा देकर अपने जाल में गरीब बेसहारा मजलूमों को फंसा लेते हैं। कभी कॉलोनी के नाम पर कभी रोजगार दिलाने के नाम पर कभी डिजिटल लोन तो कभी-कभी अन्य फ्रॉड तरीके ईजाद कर लोगों को ठग लेते हैं। ऐसे ही तमाम साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और साइबर ठगी से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार 15 जुलाई 2026 को साइबर फ्रॉड में संलिप्त अभिषेक सिंह पुत्र राजेश सिंह, निवासी ग्राम नौगंवा थाना अल्लाहगंज जनपद शाहजहाँपुर को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन एक सिम कार्ड तथा 3,050 रुपये नकद बरामद हुए।जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें 20 अलग-अलग बारकोड यानि क्यू आर कोड के स्क्रीनशॉट मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन बारकोड का उपयोग लोगों से ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने और साइबर ठगी की रकम इकट्ठा करने के लिए किया जाता था।इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की इ एम ई आई को समन्वय पोर्टल पर जांचा। जांच में पता चला कि आरोपी के मोबाइल नंबर और डिवाइस से संबंधित कुल पांच साइबर शिकायतें पहले से दर्ज हैं। इन शिकायतों में पीड़ितों से करीब 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मु0अ0सं0 122/2026 के तहत धारा 317(2), 318(4) भारतीय न्याय संहिता बीएनएस तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले वारदातों को अंजाम देता था या किसी संगठित साइबर गिरोह का सदस्य है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है, जिससे और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यू आर कोड स्कैन न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ऐसी स्थिति में लोगों का जागरूक होना अति आवश्यक है।
कालोनी का लेंटर गिरने से वृद्ध घायल
फर्रुखाबाद- राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भाऊपुर चौरासी निवासी निवासी सुखवासी (86) अपने परिवार सहित सरकार द्वारा दिए गए आवास मे रहते हैं। गुरुवार सुबह अचानक आवास के बरामदे का लेंटर भरभराकर गिर गया जिससे सुखवासी मलबे मे दब गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। लेंटर गिरने की आवाज सुनकर आस पड़ोस के ग्रामीणों ने भागकर वृद्ध को मलबे से बाहर निकाला और एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भिजवाया। ग्रामीणों के अनुसार सरकारी आवास काफी पुराना है।
सड़क हादसे में वृद्ध की मौत पुलिस ने भारा पंचनामा

अमृतपुर -फर्रुखाबाद 16 जुलाई। थाना क्षेत्र के नगला घाघ विलालपुर निवासी 73 वर्षीय किसान राजाराम की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने बेटे के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से मक्का लेकर जलालाबाद मंडी जा रहे थे। शाहजहांपुर जनपद के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र में बूंदाबांदी शुरू होने पर उन्होंने सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी और मक्का को भीगने से बचाने के लिए उस पर तिरपाल डालने लगे। तभी पीछे से आई तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में राजाराम कई फीट दूर जा गिरे और उनका एक पैर बुरी तरह कुचल गया। गंभीर रूप से घायल किसान को उनका बेटा सुरजीत तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचा, जहां उपचार के दौरान गुरुवार सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के बेटे सुरजीत ने बताया कि मक्का की फसल बटाई पर की थी और उसे बेचने के लिए जलालाबाद मंडी जा रहे थे। रास्ते में बारिश शुरू होने पर तिरपाल डालते समय यह हादसा हो गया। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को सूचना दे दी है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
साइबर ठगी के मामले में चार गिरफ्तार भेजा गया जेल

मोबाइल सहित कई आपत्तिजनक जानकारियां मिली

अमृतपुर फर्रुखाबाद 16 जुलाई। लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर पुलिस की साइबर सेल यूनिट अब सक्रिय हो चुकी है।मुखबिरों का जाल चारों तरफ बिछाया जा चुका है। जिससे थाना क्षेत्र में साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय आरोपियों को समय से गिरफ्तार किया जा सके। बीते दिवस अमृतपुर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। यह आरोपी लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर अवैध रूप से पैसा निकाल लेते थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एनसीआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर इन मामलों में संबंधित दो मुकदमे अपराध संख्या 94 बटा 2026 और 95 बटा 2026 भारतीय न्याय संघिता बीएनएस की धारा 118 व 317 और सूचना प्रौद्योगिकी आईटी अधिनियम की धारा 66 डी के तहत मामला दर्ज किया है। इन्हीं मुकदमों की जांच के दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेश पुत्र जबर सिंह निवासी ग्राम चपरा गौतम पुत्र प्रदीप निवासी गुडेरा आलोक पुत्र राजपाल निवासी ग्राम परमापुर अवनीश पुत्र रामकिशन ग्राम बथुआ पिथनापुर के रूप में हुई। सभी आरोपी अमृतपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं और साइबर ठगी के मामले में इनके विरुद्ध कई शिकायतें सामने आई हैं। सभी आरोपी 30 वर्ष से कम उम्र के युवा है। यह लोग अक्सर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर बैंक से पैसा निकाल लेते हैं। पुलिस ने उनके विरुद्ध जांच तेज करते हुए कार्रवाई कर न्यायालय भेज दिया है।
ईंट चोरी करने के झूठे जुर्म में, दबंगों ने घर में घुसकर महिला से की मारपीट

रीढ़ की हड्डी टूटने पर भी नहीं लिखी रिपोर्ट, नहीं कराया मेडिकल, डीएम ने लोहिया अस्पताल अधीक्षक को दिए जांच कर मेडिकल कराने के निर्देश


फर्रुखाबाद। चोरी के झूठे जुर्म में गांव के दबंगों ने घर में घुसकर जमकर मारपीट की,मारपीट करने में महिला की हड्डी टूट गई है पीड़ित ने थाना शमशाबाद पहुंचकर पुलिस को कार्रवाई करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन वहां किसी भी तरीके की सुनवाई न होने पर पीड़ित ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर को दबंगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के संबंध और मेडिकल परीक्षण कराए जाने की गुहार लगाई । इस पर जिला अधिकारी ने लोहिया जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पीड़ित का मेडिकल कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू का भव्य स्वागत, मोदी राठौर युवा सेना ने किया अभिनंदन
फर्रुखाबाद ।भारतीय जनता पार्टी के कानपुर- बुंदेलखंड क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री राम किशोर साहू के प्रथम फर्रुखाबाद आगमन पर मोदी राठौर युवा सेना भारत के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। स्वागत के बाद उनका काफिला भाजपा जिला कार्यालय के लिए रवाना हुआ।

फर्रुखाबाद। भारतीय जनता पार्टी के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री राम किशोर साहू के प्रथम फर्रुखाबाद आगमन पर मोदी राठौड़ युवा सेना भारत द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

स्वागत कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंकज राठौर (एडवोकेट), राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश राठौर, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कुंवर पाल राठौर 'के.पी.', जिला अध्यक्ष रामचन्द्र तेली, जिला मीडिया प्रभारी राम रहीस राठौर सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

स्वागत समारोह के उपरांत श्री राम किशोर साहू का काफिला भारतीय जनता पार्टी के फर्रुखाबाद जिला कार्यालय के लिए रवाना हुआ, जहां पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ उनकी औपचारिक मुलाकात एवं स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री राम किशोर साहू के नेतृत्व में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में नई ऊर्जा के साथ कार्य किया जाएगा।
पिता की हत्या के आरोप में बेटा गिरफ्तार, खून से सनी बनियान बरामद

मोहम्मदाबाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया खुलासा, रुपये और जमीन को लेकर हुए विवाद में वारदात को दिया गया अंजाम।

फतेहगढ़ मोहम्मदाबाद  


कोतवाली मोहम्मदाबाद पुलिस ने पिता की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतक की खून से सनी सफेद बनियान भी बरामद की है। आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार 12/13 जुलाई 2026 की रात ग्राम रोहिला निवासी श्याम सिंह उर्फ राम ने अपने पिता रामदास की हत्या कर दी थी। इस संबंध में 13 जुलाई को कोतवाली मोहम्मदाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 234/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुत्री के विवाह में अधिक खर्च होने से वह आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। वह अपने पिता से जमीन बेचकर रुपये देने की मांग कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में उसने प्लास्टिक की कुर्सी से कई वार कर पिता की हत्या कर दी। घटना के बाद उसने खून से सनी बनियान घर के सामने भूसे में फेंक दी और फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर खून से सनी बनियान बरामद कर ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी, निरीक्षक मनलाल, कांस्टेबल मनीष, हेड कांस्टेबल अजयपाल तथा महिला कांस्टेबल राखी शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्लड बैंक में अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश,तीन सदस्यीय टीम गठित
डोनर और रक्तदान करने वालों की हो जांच

रक्तदान में बिचौलियों का हाथ होने पर होगी कार्यवाही

फर्रुखाबाद । डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में बिचौलियों की सक्रियता, रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध धनराशि वसूले जाने और संचालन में अनियमितताओं से संबंधित समाचारों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अथवा बिचौलियों की संलिप्तता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि वरिष्ठ चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के दौरान ब्लड बैंक प्रभारी, चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आवश्यकतानुसार मरीजों एवं तीमारदारों के बयान दर्ज किए जाएं। साथ ही गत तीन माह के रक्तदाता पंजीकरण, रक्त निर्गमन, रिप्लेसमेंट डोनर, स्टॉक एवं अन्य अभिलेखों का मिलान कर सत्यापन किया जाए।
उन्होंने ब्लड बैंक परिसर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने, बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास का समुचित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक के बाहर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाकर यह भी प्रदर्शित करने को कहा गया है कि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी को कोई धनराशि न दें तथा किसी प्रकार की मांग होने पर तत्काल अस्पताल प्रशासन अथवा हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि मरीजों एवं तीमारदारों को रक्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाए। ब्लड बैंक के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह घोषणा-पत्र भी प्राप्त किया जाएगा कि उनका किसी दलाल अथवा अनधिकृत व्यक्ति से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया है कि तीन दिवस के भीतर बिंदुवार जांच आख्या, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा ब्लड बैंक व्यवस्था में किए गए सुधारों का फोटोग्राफ सहित अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा औपचारिक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित सर्वोपरि रखते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना में फर्रुखाबाद ने रचा नया इतिहास, प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में बनाया नया क
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उल्लेखनीय प्रदर्शन, 63वें स्थान से प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंचा जनपद, संस्थागत प्रसव एवं मातृ सुरक्षा को मिला नया आयाम
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना (JSY) में जनपद फर्रुखाबाद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जनपद में गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग एवं टीमवर्क का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 4462 लाभार्थियों के संस्थागत प्रसव हुए, जिनमें से 3682 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान किया गया। इस प्रकार जनपद ने 82.52 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले माह जनपद का भुगतान प्रतिशत मात्र 19.36 प्रतिशत था तथा प्रदेश में 63वीं रैंक थी। अल्प समय में यह परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, नियमित समीक्षा, सतत अनुश्रवण एवं डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का परिणाम है।
क्या है जननी सुरक्षा योजना (JSY)?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 12 अप्रैल 2005 को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत प्रारम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सुरक्षित मातृत्व योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित प्रसव हेतु प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध एवं सरल बनी है तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
जननी सुरक्षा योजना का महत्व
जननी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भारत सरकार की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक है।
इस योजना के माध्यम से—
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है।
मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी आती है।
नवजात शिशु मृत्यु दर (NMR) कम होती है।
प्रसव प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में होता है।
प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का तत्काल उपचार संभव हो पाता है।
गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध होती है।
प्रसवोत्तर देखभाल एवं नवजात की प्रारंभिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होती हैं।
गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है।
फर्रुखाबाद की उपलब्धि बनी प्रदेश के लिए उदाहरण
जनपद फर्रुखाबाद ने जिस प्रकार अल्प अवधि में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी स्थिति को बेहतर बनाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। पिछले माह जहां जनपद 63वें स्थान पर था, वहीं नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, बैंक विवरणों के सत्यापन, पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपलोड तथा ब्लॉक स्तर पर निरंतर अनुश्रवण के फलस्वरूप जनपद प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंच गया।
यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि उन हजारों गर्भवती महिलाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का प्रमाण है जिन्हें समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया।

नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद फर्रुखाबाद के उल्लेखनीय प्रदर्शन के पीछे स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली को गति देने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण तथा ब्लॉक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन एवं एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के सतत मार्गदर्शन में जननी सुरक्षा योजना के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की गई। पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते, आधार सीडिंग, पोर्टल पर डेटा अपलोड एवं भुगतान प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं का निरंतर समाधान कराया गया, जिससे जनपद प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की दैनिक समीक्षा की गई। जिन लाभार्थियों के भुगतान में बैंक विवरण, आधार प्रमाणीकरण अथवा पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं थीं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को गति प्रदान की गई।
ब्लॉकवार प्रदर्शन रहा संतोषजनक
जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में अधिकांश ब्लॉकों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
कमालगंज में 831 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 680 भुगतान दर्ज किए गए तथा भुगतान प्रतिशत 82 प्रतिशत से अधिक रहा।
मोहम्मदाबाद में 484 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 390 लाभार्थियों को भुगतान करते हुए लगभग 81 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।
नवाबगंज में 327 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 268 भुगतान किए गए तथा आगे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य जारी है।
शमसाबाद में भी लगभग 81 प्रतिशत भुगतान कर बेहतर प्रदर्शन किया गया।
राजेपुर एवं बढ़पुर ब्लॉकों में भी भुगतान प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया तथा लंबित प्रकरणों का निरंतर निस्तारण किया जा रहा है।
जनपद के सर्वाधिक संस्थागत प्रसव वाले कायमगंज ब्लॉक में 1155 प्रसव दर्ज किए गए। यहां अधिक संख्या होने के कारण भुगतान कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी अधिकांश पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है।
जिला महिला चिकित्सालय, सिविल हॉस्पिटल तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा भी पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन एवं भुगतान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
डिजिटल व्यवस्था ने बढ़ाई पारदर्शिता
जननी सुरक्षा योजना में सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किए जाते हैं। इससे भुगतान प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन निगरानी संभव हो सकी है।
मंत्रा पोर्टल एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में अधिकांश भुगतान प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जिन मामलों में तकनीकी अथवा बैंकिंग संबंधी कारणों से भुगतान लंबित है, उनका भी शीघ्र निस्तारण कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस उपलब्धि में चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच हेतु प्रेरित करना, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना तथा प्रसव के उपरांत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का कार्य किया गया।
एएनएम एवं स्टाफ नर्सों ने गर्भावस्था की नियमित निगरानी, सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा लाभार्थियों के अभिलेखों को समय पर पोर्टल पर दर्ज करने का कार्य किया। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।


भविष्य की कार्ययोजना : शत-प्रतिशत भुगतान एवं सुरक्षित मातृत्व पर विशेष फोकस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना जनपद के लिए गर्व का विषय है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल रैंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जनपद में आगामी महीनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
कार्ययोजना के अंतर्गत प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा बैंक खाते, आधार प्रमाणीकरण अथवा अन्य तकनीकी कारणों से लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत नियमित जांच, संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों को संस्थागत प्रसव, समय पर जांच तथा जननी सुरक्षा योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हर पात्र महिला तक पहुंचे योजना का लाभ
एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का समय पर सत्यापन, पोर्टल पर प्रविष्टि तथा भुगतान संबंधी समस्त कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
जननी सुरक्षा योजना ने जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया है। समय पर स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव होने से जटिल परिस्थितियों में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाती है, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि यह योजना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
फर्रुखाबाद का प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य विभाग केवल योजनाओं का संचालन ही नहीं कर रहा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आमजन तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनसहभागिता का भी है महत्वपूर्ण योगदान
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण कराएं, सभी प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं तथा प्रसव केवल सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में ही कराएं। इससे मां एवं शिशु दोनों सुरक्षित रहेंगे और पात्रता के अनुसार जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा।
समापन
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जनपद फर्रुखाबाद ने यह सिद्ध किया है कि प्रभावी नेतृत्व, नियमित अनुश्रवण, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहेगा।