स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह के खिलाफ शासन ने बैठाई जांच
रितेश मिश्रा
हरदोई।* चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज सिंह के खिलाफ लगातार शिकायतों को शासन ने संज्ञा लेकर उनके खिलाफ अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य से जांच करने का निर्देश दिया। वर्तमान समय में स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार फल फूल रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों के मनमाने तरीके से अस्पतालों में आना-जाना, दवाओं की सीमित उपलब्धता, बाहर की दवाई लिखी जाना, मानकों को ताक पर रखकर पैथोलॉजी व अल्ट्रासाउंड संचालित होना, स्वास्थ्य केंद्र पर एक्स-रे मशीन न चलना, अल्ट्रासाउंड मशीन भी सुचारू रूप से न चलना, मेडिकल के नाम पर जमकर वसूली, स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी न करने वालों से माहवार वसूली, इमरजेंसी वहां 108, 102 से फर्जी कॉल कराना आदि सिस्टम का हिस्सा बन गया है। जिसके चलते आमआदमी झोलाछाप डॉक्टरों, क्लिनिक, हॉस्पिटलों अवैध प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर है। झोलाछाप में डॉक्टर व अवैध क्लिनिक, अवैध निजी हॉस्पिटलों पर प्रभावी कार्यवाही न होने से के कारण आए दिन मरीज गलत इलाज के कारण मौत के घाट उतार रहे हैं। यह ला-इलाज बीमारी अनवरत रूप से चल रही है। डॉक्टर मनोज सिंह चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ मानकों को ताक पर रखकर नोडल अधिकारी बनाया गया था। प्राइवेट अस्पतालों पर प्रभावी कार्यवाही न करने का आरोप है। उक्त बिंदुओं को लेकर शासन स्तर से जांच बैठाई गई है।
Jul 15 2026, 19:24
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