बहुप्रतीक्षित पुलिया निर्माण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया
मधुबन (मऊ): मधुबन क्षेत्र के दरगाह–सिकड़ीकोल मार्ग पर बहुप्रतीक्षित पुलिया निर्माण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। पुलिया बनने से करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की हजारों की आबादी को बरसात के मौसम में होने वाली आवागमन की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

वर्षों से इस मार्ग पर बरसात के दौरान भारी जलजमाव के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती थी, जिससे दरगाह–सिकड़ीकोल मार्ग का संपर्क मधुबन–दोहरीघाट मुख्य मार्ग से कट जाता था। सड़क टूटने के कारण लोगों को सूरजपुर होकर लंबा चक्कर लगाकर मधुबन या दोहरीघाट जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।

स्थानीय निवासी संतोष सिंह, हैदर अली, मनोज सिंह, पवन सिंह पहलवान, आशुतोष सिंह 'बिट्टू', सौरभ चतुर्वेदी, राजेश सिंह एवं प्रभुनाथ यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले एक दशक से यहां पुलिया निर्माण की मांग की जा रही थी।

हर वर्ष बारिश में सड़क के दोनों ओर पानी का दबाव बढ़ने से मार्ग टूट जाता था और हजारों लोग महीनों तक परेशानी झेलने को मजबूर होते थे।

ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष बरसात शुरू होने के बावजूद पुलिया का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और जल निकासी के लिए अंडरपास भी तैयार है। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार सड़क नहीं टूटेगी और

आवागमन निर्बाध बना रहेगा।
स्थानीय लोगों ने पुलिया निर्माण कार्य को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताते हुए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के प्रयासों की सराहना की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
पीपा पुल को हटाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं में भारी आक्रोश
मऊ: कुछ महीने पहले प्रदेश सरकार के मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा जिस पीपा पुल के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था, उसी पुल को अब हटाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसे लेकर स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

महिलाओं का कहना है कि जिस पुल से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद थी, उसे हटाया जाना समझ से परे है। उन्होंने प्रशासन से पुल हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकने और मामले की निष्पक्ष जांच कर समाधान निकालने की मांग की है।
बढ़ुवा गोदाम–बलिया मोड़ सड़क पर पटरी निर्माण की मांग तेज, विक्रमजीत सिंह ने दिया 30 दिन का अल्टीमेटम

#मऊ, 13 जुलाई। आम आदमी पार्टी, मऊ के जिलाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में नगर विकास मंत्री उत्तर प्रदेश ए. के. शर्मा तथा नगर पालिका परिषद, मऊ के अध्यक्ष अरशद जमाल के नाम संबोधित ज्ञापन नगरपालिका निरीक्षक सत्यप्रकाश को सौंपा गया।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से बढ़ुवा गोदाम से बलिया मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों पर पटरी (शोल्डर) का निर्माण, डुमरांव मोड़ के खुले नाले को बढ़ुवा गोदाम के पास स्थित नहर से जोड़ने तथा डुमरांव मोड़ से बहरीपुर तक सड़क के दोनों किनारों पर पटरी निर्माण की मांग की गई।

जिलाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने कहा कि बढ़ुवा गोदाम से बलिया मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों पर पटरी न होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं, जाम तथा आवागमन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। वहीं डुमरांव मोड़ का खुला नाला बरसात के समय जलभराव का कारण बनता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा पूर्व में भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं तथा संबंधित स्तर से आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया। इसलिए इस बार ज्ञापन के माध्यम से 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।

विक्रमजीत सिंह ने कहा, "यदि 30 दिनों के भीतर बढ़ुवा गोदाम से बलिया मोड़ तक पटरी निर्माण, डुमरांव मोड़ के नाले को नहर से जोड़ने तथा डुमरांव मोड़ से बहरीपुर तक पटरी निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया, तो आम आदमी पार्टी जनता के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"

ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संजय राजभर, संतोष कुमार, हैदर अली सहित आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Mau: खाद्य विभाग की मनमानी को लेकर समाजवादी व्यापार सभा का प्रदर्शन

फूड सेफ्टी विभाग की मनमानी के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

मऊ। समाजवादी व्यापार सभा, जनपद मऊ के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने फूड सेफ्टी विभाग द्वारा आए दिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की जा रही सैम्पुलिंग एवं कथित अनावश्यक उत्पीड़न के विरोध में जिलाधिकारी मऊ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर बार-बार सैम्पुलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों में भय एवं असंतोष का माहौल बन रहा है। संगठन का कहना है कि व्यापारी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन बिना उचित कारण बार-बार की जाने वाली कार्रवाई से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव अभिषेक मद्धेशिया ने कहा, "व्यापारी समाज प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। खाद्य सुरक्षा कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन उसके नाम पर किसी भी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है तो नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदार व्यापारियों को बार-बार परेशान करना उचित नहीं है प्रदेश सचिव राजेश गुप्ता ने कहाँ की  प्रशासन व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करे।"

जिलाध्यक्ष शिवम सोनी ने कहा, "जनपद मऊ के व्यापारी भय के माहौल में व्यापार नहीं करना चाहते। हमारी मांग है कि फूड सेफ्टी विभाग की सैम्पुलिंग पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो तथा बिना ठोस कारण किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न न किया जाए। यदि किसी व्यापारी से कोई त्रुटि होती है तो उसे सुधार का अवसर दिया जाए। समाजवादी व्यापार सभा व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी।"

समाजवादी व्यापार सभा ने जिलाधिकारी से मांग की कि फूड सेफ्टी विभाग की सैम्पुलिंग प्रक्रिया को पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाए, व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा प्रशासन एवं व्यापारी संगठनों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाए।

संगठन ने विश्वास जताया कि जिलाधिकारी इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे, जिससे जनपद के व्यापारियों का अनावश्यक उत्पीड़न बंद हो तथा व्यापारिक वातावरण सुचारु रूप से संचालित हो सके।

इस अवसर पर समाजवादी यूथ बिग्रेड के अध्यक्ष शहनवाज आलम ,लालबाबू सोनकर ,संतोष यादव,वेद सोनकर ,
जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की जागरूकता रैली को किया रवाना।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण (01 जुलाई से 15 जुलाई 2026) के अंतर्गत आज जनपद मऊ में जागरूकता रैली का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी आनन्द वर्द्धन द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी का सलामी देकर स्वागत किया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने शिक्षा, राष्ट्रीय एकता एवं जनजागरूकता के प्रतीक स्वरूप तिरंगा गैस गुब्बारा आकाश में उड़ाकर अभियान का शुभारंभ किया। जागरूकता रैली में विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्कूटी सवार महिला शिक्षिकाओं तथा बाइक सवार पुरुष शिक्षकों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की। रैली में शिक्षा से संबंधित प्रेरक नारों, बैनरों एवं पोस्टरों के माध्यम से आमजन को प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में नामांकन कराने तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी आनन्द वर्द्धन ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराएं तथा उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग दें। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षित समाज ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है। विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक चेतना के निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से घर-घर संपर्क कर विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों को चिन्हित कर उनका नामांकन सुनिश्चित कराने का आह्वान किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने स्वयं रैली का नेतृत्व किया। वे प्रचार वाहन, बैनर एवं पोस्टरों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर से गाजीपुर तिराहा तक रैली में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़ना तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की कि शिक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए सभी बच्चे विद्यालय पहुँचें तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ प्राप्त करें। रैली के दौरान "सब पढ़ें, सब बढ़ें", "हर बच्चा स्कूल जाए" तथा "शिक्षा है जीवन का आधार" जैसे प्रेरक नारों से वातावरण शिक्षा के प्रति जागरूकता से ओत-प्रोत रहा। पूरे मार्ग में लोगों ने रैली का स्वागत करते हुए अभियान की सराहना की।
     इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी सुनील सिंह, धर्मेंद्र कुमार, अरविन्द कुमार, श्रीमती प्रभावती एवं रजित लाल रत्नाकर, जिला समन्वयक (डी.सी.) आलोक सिंह, अनिल चौरसिया, सहेन्द सिंह, एस.आर.जी. श्री अरविन्द पाण्डेय, ओमप्रकाश मौर्य सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं नगर विकास मंत्री एक शर्मा जी के प्रयास से दोहरीघाट-मऊ के लोगों को मिली दोहरी सौगात
NH-29 पर दो अंडरपास परियोजनाओं को मंजूरी

मऊ जिले में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-29) पर लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमिला के पास बाबा थानीदास और घोसी के पास पीढ़वल मोड़ पर अंडरपास निर्माण को औपचारिक मंजूरी मिल गई है।
जानकारी के अनुसार:

अमिला (बाबा थानीदास) के पास लगभग ₹25.91 करोड़ की लागत से दो हिस्सों में संरचना/अंडरपास बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
मऊ-घोसी मार्ग पर पीढ़वल मोड़ पर ₹16.06 करोड़ की लागत से लाइट व्हीकल अंडरपास (LVUP) बनाया जाएगा, जिससे आम लोगों, पशुओं और हल्के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी।

दोनों परियोजनाओं की कुल लागत करीब ₹42 करोड़ है। संबंधित पक्ष का दावा है कि इन परियोजनाओं की मंजूरी के लिए लगातार NHAI से संवाद किया गया, जिसके बाद यह स्वीकृति मिली। अब दोनों कार्यों के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

NHAI के अधिकारियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही क्षेत्र की जनता को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
बीच रास्ते में खड़ी हो गई रोडवेज की बस, यात्री परेशान

मऊ: बलिया डिपो की एक अनुबंधित रोडवेज बस मंगलवार को भीटी के पास अचानक खराब हो गई। बस में सवार 20 से अधिक यात्री बीच रास्ते में फंस गए, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों का आरोप है कि बस खराब होने के बाद भी परिचालक ने उनका टिकट वापस नहीं किया। वहीं, यात्रियों ने खुद बस को धक्का देकर सड़क किनारे लगवाया, ताकि यातायात सुचारु हो सके।

बस के बीच सड़क पर खराब होने से कुछ समय के लिए शहर का यातायात भी प्रभावित रहा।  यात्रियों ने रोडवेज प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
मऊ: होमगार्ड भर्ती-2026 की प्रक्रिया का डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण, निष्पक्षता के दिए निर्देश
मऊ। पुलिस लाइन मऊ में चल रही उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती-2026 के अंतर्गत अभिलेख सत्यापन (DV) एवं शारीरिक मानक परीक्षण (PST) प्रक्रिया का सोमवार को जिलाधिकारी आनन्द वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दोनों
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन, पहचान मिलान तथा शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया का गहन अवलोकन किया। उन्होंने भर्ती में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप, पूर्ण निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक अभ्यर्थी के अभिलेखों की सावधानीपूर्वक जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, अनुशासन सुनिश्चित करने तथा अभ्यर्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत भी दी।

अधिकारियों ने भर्ती स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भर्ती प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित पाई गई।

मऊ पुलिस ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को सकुशल एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी मधुबन दिनेश दत्त मिश्र एवं प्रतिसार निरीक्षक भी उपस्थित रहे।
जमीन का नहीं मिला मुआवजा, फिर भी तोड़ा जा रहा मकान; पीड़ितों का आरोप, देखें क्या बोले NHAI के अधिकारी
मऊ जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) परियोजना को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उनकी जमीन और मकान का अब तक मुआवजा नहीं मिला, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा मकान तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

पीड़ितों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक उनके मकानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और NHAI से न्याय की मांग करते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की है।

वहीं, इस पूरे मामले पर NHAI के अधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में मुआवजे से संबंधित आपत्तियां या दावे लंबित हैं, उनका समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

अब इस मामले में प्रशासन और NHAI की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर प्रभावित परिवारों की नजर बनी हुई है।
मऊ: अमृत सरोवर योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, हिंदू जागरण समिति ने CM से जांच की मांग

मऊ। अमृत सरोवर योजना में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हिंदू जागरण समिति ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं, कई स्थानों पर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और कई निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से सरकार की जनहितकारी योजना की छवि प्रभावित हो रही है। वहीं प्रांत उपाध्यक्ष राज श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष मनीष सिंह ने स्वतंत्र एजेंसी से तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।

संगठन ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।