स्कूलों में पहुंचा अंकपत्र, वितरण शुरू

*स्नातक की कक्षाओं में नामांकन को लेकर मारामारी*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित स्कूलों में अंक पत्रों का वितरण शुरू हो गया है। इसके साथ ही अब स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश को लेकर मारामारी की नौबत सामने आएगी। सीटें कम होने के कारण दावेदारों की संख्या ज्यादा होगी।
बता दें कि गत वर्ष 2025 में हाईस्कूल में 80.24 फीसदी बच्चे पास हुए थे। ऐसे में सूबे में पांचवां स्थान मिला था। जबकि इस साल 95.78 फीसदी अंकों के साथ सूबे में पहला स्थान आया है। छात्रा अन्नू मौर्या ने सूबे में 10वां और जिले में टाप किया। इसी तरह इंटरमीडिएट में 2025 में 52 फीसदी बच्चे पास हुए थे। सूबे में जिले को 52वां स्थान मिला था। इस साल 82.21 फीसदी के साथ सूबे में 39 वां स्थान मिला है। इस तरह हाईस्कूल में चार एवं इंटर में 13 अंकों का सुधार हुआ है। परीक्षा परिणाम अप्रैल माह में 23 तारीख को आया था। अंक पत्रों का इंतजार बच्चे एवं उनके माता-पिता कर रहे थे। विभाग की ओर से स्कूलों में सभी बच्चों का अंक पत्र भेज दिया गया है। जिसका वितरण भी शुरू करा दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम अप्रैल माह में आया था। अंक पत्र बोर्ड से गत माह ही आ गया था। सभी स्कूलों को उसे भेज दिया गया है, जिसका वितरण शुरू करा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इस साल हाईस्कूल में कुल 27545 विद्यार्थी पंजीकृत थे। जिसमें 26234 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 25127 विद्यार्थी पास हुए।
लवकुश जन्मोत्सव मेला 15 जुलाई से शुरू: सीतामढ़ी में नौ दिवसीय आयोजन, मुख्य मेला 23 जुलाई को

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सीतामढ़ी के धार्मिक एवं पौराणिक स्थल पर 15 जुलाई से नौ दिवसीय लवकुश जन्मोत्सव मेला आयोजित होगा। भगवान श्रीराम और माता सीता के पुत्रों लव-कुश के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में यह मेला लगेगा। मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस मेले में श्रीराम कथा, प्रवचन और संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिससे सीतामढ़ी का वातावरण भक्तिमय रहेगा। सीतामढ़ी मंदिर के पुजारी ने बताया कि मुख्य मेला आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी, यानी 23 जुलाई, बृहस्पतिवार को होगा।
मान्यता के अनुसार, लव-कुश कुमारों का जन्म सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में हुआ था। इसी उपलक्ष्य में पुरातन काल से ही महर्षि वाल्मीकि आश्रम, सीतामढ़ी में नौ दिवसीय मेले का आयोजन होता आ रहा है।
राजकीय स्कूलों में 16 साल में नहीं भरे पद,आधे खाली
*शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई, किसी में तीन तो किसी में चाय शिक्षक*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले के राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। 16 साल बाद भी रिक्त पदों पर शिक्षकों का चयन न होने से अब भी आधे से अधिक शिक्षकों और प्रवक्ताओं की कमी से छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। तीन से चार शिक्षकों पर आठ से नौ विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी है। जिले में 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच राजकीय इंटर कॉलेज हैं। साल 2009 में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने 33 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा दिया।
भवन-लैब निर्माण संग अन्य संसाधनों को पूरा करने के लिए प्रति स्कूल को 57-57 लाख रुपये भी मिले। उस दौरान सभी स्कूलों में भवन तो बन गए, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। 2009-10 से शिक्षकों की कमी आज 2026 में भी पूरी नहीं हो सकी। इससे स्कूलों में पठन-पाठन कमजोर हो रहा है। स्थिति यह है कि किसी स्कूल में तीन तो किसी में चार के भरोसे ही स्कूल की कक्षाएं चल रही हैं। विज्ञान के शिक्षक नहीं, कैसे बनेंगे डॉक्टर : राजकीय माध्यमिक हाईस्कूल के अलावा इंटर कॉलेजों की हालत भी ठीक नहीं है। पीएम श्री वीएनजीआईसी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जगन्नाथपुर, महराजगंज, दो पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज संचालित हैं। इसमें करीब चार हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। 2500 विद्यार्थी विज्ञान वर्ग से जुड़े हैं। जगन्नाथपुर में गणित, गिर्दबड़गांव में रसायन के एक-एक प्रवक्ता हैं। भौतिक विज्ञान के एक भी प्रवक्ता किसी कॉलेज में नहीं है। चार स्कूलों में गणित व रसायन विज्ञान के शिक्षक नहीं है। इससे विज्ञान की पढ़ाई में दिक्कत होती है।
कितने शिक्षकों की होनी थी तैनाती
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान शुरू होने के बाद शिक्षकों की तैनाती के गाइडलाइन भी जारी भी किए जा चुके थे। गाइड लाइन के अनुसार हर स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित आठ शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों की तैनाती की जानी थी, हालांकि कहीं भी इसे पूरा नहीं किया जा सका। तीन, चार और पांच शिक्षकों के सहारे ही स्कूल चल रहे हैं।
शिक्षकों की स्थिति
स्कूल स्वीकृत पद तैनाती
33 राजकीय हाईस्कूल 264 142
राजकीय इंका महराजगंज 18 09
राजकीय इंका जगन्नाथपुर 17 05
वीएनजीआईसी इंका ज्ञानपुर 85 28
राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी कई सालों से है। पूर्व की अपेक्षा सहायक अध्यापकों की संख्या बढ़ी है। शिक्षकों की कमी के बारे में हर साल लिखकर निदेशालय भेजी जाती है।- अंशुमान, डीआईओएस
भदोही: गंभीर चोट पहुंचाने का फरार आरोपी गिरफ्तार:गोपीगंज पुलिस ने आपराधिक साजिश के मामले में कार्रवाई की
नितेश श्रीवास्तव



भदोही। भदोही पुलिस ने गोपीगंज थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर हमला कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में गोपीगंज पुलिस टीम द्वारा की गई। आरोपी पर गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है।
यह मामला जीतू कुमार पासी पुत्र प्यारे लाल निवासी ग्राम घाटमपुर (भोपतपट्टी) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जीतू ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे उनके भाई दीपक उर्फ बंडल सरोज पुत्र प्यारे लाल बाजार से घर लौट रहे थे। भोपतपट्टी नहर पुलिया के पास गांव के टोनू सरोज, राजन सरोज (पुत्रगण पप्पू सरोज) और चंदन उर्फ बंटी (पुत्र बब्बू सरोज) ने उन्हें बिना किसी कारण रोका।
आरोपियों ने दीपक को भद्दी-भद्दी गालियां दीं और रॉड, डंडे, लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में दीपक के सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। जीतू की तहरीर के आधार पर गोपीगंज थाने में मु0अ0सं0 234/2026 धारा 115(2)/352/351(2)/109(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।
गोपीगंज पुलिस की गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त चंदन सरोज उर्फ बंटी को कसीदहा तिराहा से गिरफ्तार किया। आरोपी चंदन सरोज उर्फ बंटी पुत्र चंद्रभान सरोज, निवासी भोपतपट्टी घाटमपुर, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही का रहने वाला है और उसकी उम्र 25 वर्ष है।
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव और कांस्टेबल बृजमोहन सिंह, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही शामिल थे।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं छात्र हितैषी योजनाओं का भव्य शुभारम्भ
*कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा—गरीब, शिक्षक और विद्यार्थी सरकार की प्राथमिकता, शिक्षा के माध्यम से बदलेगा प्रदेश का भविष्य*



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा, शिक्षक कल्याण एवं छात्र हित को समर्पित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के शुभारम्भ के अवसर पर बुधवार को चित्रांगन लॉन, ज्ञानपुर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मा. जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, मा. विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, मा. जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मिश्रा, जिलाधिकारी शैलेष कुमार व जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षिकाओं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
         कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारम्भ किया गया। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को गुणवत्तापूर्ण कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना शिक्षकों को आर्थिक बोझ से राहत प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
       इस अवसर पर प्रदेश के 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ₹1200 प्रति छात्र-छात्रा की धनराशि भेजने की घोषणा भी की गई। इस धनराशि का उपयोग यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी जैसी आवश्यक शैक्षिक सामग्री की खरीद के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने और प्रत्येक विद्यार्थी सम्मानपूर्वक विद्यालय में अध्ययन कर सके।
           मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित, मछुआरा समाज, किसान, शिक्षक और विद्यार्थी सरकार की प्राथमिकता में हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। शिक्षक सुरक्षित और सम्मानित होंगे तो वे नई पीढ़ी को बेहतर दिशा देने का कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
         कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के हित में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ किए गए एमओयू की जानकारी भी साझा की गई। इस पहल के माध्यम से शिक्षकों और कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय संरक्षण से संबंधित विभिन्न सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
          कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल विद्यालय न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करते हैं, बल्कि उनमें स्वच्छता, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच का भी विकास करते हैं।
          इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए अत्यंत उपयोगी और दूरदर्शी पहल है। इससे शिक्षकों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे पूर्ण मनोयोग से अपने शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है।
         भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रत्येक योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। शिक्षक समाज का निर्माता होता है और उसके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान की जिम्मेदारी सरकार ने जिस संवेदनशीलता के साथ निभाई है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता शिक्षा को और अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनाएगी।
            जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। नवीन नामांकन अभियान में भदोही ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जनपद के शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। यहां के अनेक शिक्षक राज्यपाल एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, जो पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं द्वारा शिक्षण, नवाचार और विद्यालय विकास में किए जा रहे उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए सभी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग की टीम को बधाई दी।
           जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सभी छात्र हितैषी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से प्रत्येक पात्र छात्र तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
          कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित एवं शिक्षक-हितैषी बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। शिक्षक कल्याण, विद्यार्थियों को समयबद्ध डीबीटी सहायता, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाएँ प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को नई दिशा देने का कार्य करेंगी।
           प्रदेश सरकार के मा. कैबिनेट मंत्री  ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 10 लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की। उन्होंने कहा कि बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और समुचित विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने अभिभावकों से बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक आहार एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने कुपोषण मुक्त समाज के लक्ष्य को साकार करने हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए जनसहभागिता बढ़ाने पर बल दिया।
            इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय, जनप्रतिनिधिगण, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, शिक्षक सम्मान और छात्र कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
बारिश के बाद बढ़ेगा खतरा, संक्रामक बीमारियों को लेकर रहे सतर्क

*स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी, बचाव को किया जागरूक*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। बारिश का सीजन शुरू होते ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जगह-जगह जलजमाव के कारण मच्छर जनित बीमारियों के पनपने का खतरा रहता है। इसके अलावा बारिश में भींगने से भी तमाम बीमारियों का खतरा बना रहता है। इस तरह मौसम में बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें बारिश के मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बचाव को लेकर जागरूक किया गया है। जिले में मानसून लगभग 20 दिन की देरी से आया है। बारिश के मौसम में संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में मौसम में सेहत को लेकर भी विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिला अस्पताल में इन दिनों औसतन 900 की ओपीडी हो रही है। अब बारिश होने के बाद संक्रामक बीमारी से संबंधित मरीजों की संख्या में इजाफा होगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को विशेष सावधान रहने की चेतावनी दी है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी और जगह-जगह पानी जमा होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों के पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे संक्रामक बीमारियों, वायरल फीवर, और दूषित पानी से होने वाली समस्याओं का प्रकोप बढ़ जाता है। इसमें डेंगू और चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां होती हैं। वहीं बारिश में भींगने से फंगल इंफेक्शन और सर्दी जुकाम जैसी भी समस्याएं होती हैं। ऐसे में इस तरह के मौसम में विशेष सतर्क रहने की जरूरत हैं।


इन बातों का रखें ध्यान
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखें, बाहर का खाने से बचें।
- घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- बारिश में भींगने के बाद तत्वा संबंधी बीमारी से बचने के लिए शरीर को अच्छे से सुखाएं।
अब अंगूठा बताएगा ड्यूटी पर कौन है
*बायोमीट्रिक हाजिरी से सीएचओ और एएनएम के मनमानी पर लगेगी अंकुश*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मुख्यालय पर निवास न करने वाली एएनएम, सीएचओ की अब सांसत बढ़ने वाली है। इनकी बायोमीट्रिक से हाजिरी लगेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर बायोमीट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इससे सेंटर पर देर से पहुंचने वाली और गायब रहने वाली एएनएम व सीएचओ की मनमानी पर अंकुश लग सकेगी।

जिले में कुल 206 उपकेंद्र संचालित है। ज्यादातर एएनएम, सीएचओ मुख्यालय के बाहर निवास करते हैं। सीएमओ के हिदायत के बाद भी इनके कार्य प्रणाली में सुधार नहीं दिख रहा है। ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिकोण से आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) संचालित है। यहां ज्यादातर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों संग टीकाकरण किया जाता है। यहां एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती है। बीते छह महीने से जब भी सीएमओ किसी सेंटर का निरीक्षण करते हैं तो पता चलता है कि सीएचओ, एएनएम मौके से नदारद है। इसका मुख्य कारण है कि वह मुख्यालय पर निवास नहीं करती है।


सीएमओ तीन बजे के बाद निरीक्षण करते हैं। इससे उनकी पोल खुल जाती है। प्रसूताओं को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चक्कर लगाना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने को लेकर अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर बायोमीट्रिक मशीन लगवाई जाएगी। विभागीय स्तर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही मशीन लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। मशीन स्थापित होने के बाद मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा। 24 घंटे मुख्यालय पर एएनएम, सीएचओ मिलेगी। बायोमीट्रिक मशीन और रजिस्टर से दोनों हाजिरी मिलान करने के बाद वेतन देय होगा।



आरोग्य मंदिर पर बायोमीट्रिक मशीन लगाने की कवायद चल रही है। इसके लिए प्रस्ताव बना लिया गया है। जिसे शासन को भेजा जाएगा। अनुमति मिलने के मशीन लगाई जाएगी। मशीन लगने के बाद स्वास्थ्यकर्मी के कार्य प्रणाली में सुधार होगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
ज्ञानसरोवर का होगा जीर्णोद्धार, 15 लाख रुपये स्वीकृत:वंदन योजना के तहत सीढ़ियों की मरम्मत, 24 बेंच और तिरंगा लाइटें लगेंगी
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। नगर सिद्धपीठ बाबा हरिहर नाथ मंदिर के सामने स्थित ज्ञानसरोवर का जल्द ही जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने 15 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से सरोवर की सीढ़ियों की मरम्मत की जाएगी, साथ ही स्ट्रीट लाइटें और सीमेंटेड बेंच भी लगाई जाएंगी।

यह कार्य वंदन योजना के तहत नगर पंचायत द्वारा कराया जाएगा। शासन की ओर से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ज्ञानसरोवर के चारों ओर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी और बैठने के लिए 24 सीमेंटेड बेंच बनाए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, सरोवर के बीच स्थित पोल पर तिरंगा रंग की लाइटें लगाने की भी तैयारी है। बाबा हरिहरनाथ मंदिर एक प्राचीन सिद्धपीठ है, जिससे नगर की पहचान जुड़ी है। मंदिर के सामने स्थित ज्ञानसरोवर भी काफी पुराना है और समय-समय पर यहां सौंदर्यीकरण के कार्य होते रहे हैं।

ज्ञानपुर के चेयरमैन डॉ. घनश्यामदास गुप्ता ने बताया कि वंदन योजना के तहत 15 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति मिली है। प्रस्ताव के अनुसार, जर्जर सीढ़ियों की मरम्मत, बेंच और लाइट लगाने जैसे कार्य किए जाएंगे।
भदोही अपर पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसकर्मियों के रजिस्टर जाँचे:यक्ष ऐप व हिस्ट्रीशीटर निगरानी का भौतिक सत्यापन, दिए कड़े निर्देश

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने पुलिस कार्यालय में जनपद के समस्त थानों से आए बीट कांस्टेबलों/हेड कांस्टेबलों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बीट पुलिसिंग को अधिक सक्रिय, मुस्तैद और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।

बैठक में, अपर पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसकर्मियों के पास उपलब्ध हिस्ट्रीशीटर (HS) निगरानी रजिस्टर तथा नकबजनी व चोरी के अभियुक्तों के निगरानी रजिस्टरों का गहनता से अवलोकन और भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने प्रत्येक बीट पुलिसकर्मी के मोबाइल में यक्ष (YAKSH) ऐप की सक्रियता और उस पर किए गए सत्यापन के विवरण की लाइव चेकिंग भी की।

शुभम अग्रवाल ने सभी कर्मियों को बीट स्तर पर अपराधियों की कड़ाई से निगरानी करने और यक्ष ऐप पर डेटा को नियमित रूप से अपडेट रखने के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश दिए। इस त्वरित और सीधी कार्रवाई का लक्ष्य जनपदीय बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना है।
राम मंदिर चोरी के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: संजय निषाद


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव
भदोही। संजय निषाद ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सरकार सख्त सजा दिलाएगी। ज्ञानपुर में निषाद पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे संजय निषाद ने पत्रकारों से बातचीत में रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि कौन कब बेईमान हो जाए, यह कहा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जैसे भगवान राम ने बाली का वध किया था, उसी तरह चोरी के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सम्मेलन के दौरान समर्थक द्वारा नोटों की माला पहनाए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे निषादराज के वंशज हैं और जिसकी जैसी आस्था होती है, वह उसी भाव से सम्मान करता है।
बाइट: संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री, अध्यक्ष निषाद पार्टी