भंडारे के नाम पर चंदा मांगकर महिला को बेहोश करने वाले दो शातिर ठग गिरफ्तार*
रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई)̊पचदेवरा पुलिस ने भंडारे के नाम पर चंदा मांगने के बहाने एक महिला को सम्मोहन या नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश करने और उसके कान के कुंडल लूटने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।प्राप्त बिबरण मे  ग्राम मैकपुर निवासी माया देवी पत्नी बलवीर ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि बीती 26 जून 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके दरवाजे पर आए दोनों ने खुद को भंडारे के लिए चंदा इकट्ठा करने वाला बताया।जब माया देवी ने दान देने के लिए 100 रुपये की पर्ची कटवाई,तो दोनों अभियुक्तों ने उनके सिर से कोई धागा घुमाया इसके तुरंत बाद माया देवी बेहाश हो गईं महिला के बेहोश होते ही दोनों शातिर ठग उनके कान के सोने के कुंडल लेकर मौके से फरार हो गए।जिसके सम्बन्ध मे थाना पचदेवरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी और विवेचना के दौरान प्रकाश में आए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों मेपवन पुत्र राजेन्द्र उर्फ पप्पू निवासी मोहल्ला पटकना,ब करण पुत्र अरविन्द कुमार निवासी: मोहल्ला नई बस्ती,थाना शाहाबाद, इस सम्बन्ध मे  पचदेवरा इस्पेक्टर राकेश यादब ने बताया कि मामले मे एक अन्य आरोपी अरविन्द पुत्र स्व0 लालबहादुर निवासी मोहल्ला नई बस्ती, शाहाबाद  को पुलिस द्वारा पहले ही 1जुलाई 2026 को घटना में लूटे गए 02 अदद कुंडल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्षता मे हुई सार्वजनिक सुनवाई
रितेश मिश्रा
हरदोई. उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा स्वामी विवेकानन्द सभागार कलेक्ट्रेट हरदोई में एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की गयी। इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक पिछड़ेपन का समकालीन और अनुभवजन्य अध्ययन करना था। सुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे।आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त डीजे)संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे), डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) और एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान, विभिन्न पक्षों ने ग्रामीण निकायों में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था और राजनीतिक पिछड़ेपन से संबंधित तथ्य और सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना। आयोग ने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों और तथ्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा और उन्हें अपनी संस्तुतियों में उचित स्थान दिया जाएगा।मा0 न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन का निष्पक्ष और तथ्यपरक अध्ययन करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंडलों में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जा रही हैं। इसका लक्ष्य सभी संबंधित पक्षों की राय के आधार पर व्यापक और संतुलित संस्तुतियां तैयार करना है। इसके साथ ही आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग की कार्यप्रणाली, अध्ययन के उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी साझा की गई।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रेमावती, मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए अशोक कुमार मौर्य, जिला पंचायतराज अधिकारी श्रैया उपाध्याय एवं विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर से प्राप्त सुझावों और तथ्यों के आधार पर तैयार की जाने वाली संस्तुतियां स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
गविष्ठ यात्रा: में स्वामी मुक्तेश्वरानंद बोले- 'गाय पशु नहीं, हमारी माता और पूजनीय है*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* स्वामी मुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत कछौना में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार ने जोरदार फूल मालाओं को पहनाकर किया। यह गविष्ट यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को जन जन तक पहुंचना है। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया। स्वामी जी का कछौना में सिंह नर्सिंग होम के पास जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। गाय पशु नहीं है, गाय हमारी माता है, गाय पूजनीय है। भविष्य में हम उसी राजनैतिक दल का समर्थन करेंगे, जो देश प्रदेश में गौ हत्या को पूरी तरह रोकने के लिए प्रतिबद्ध होगी। मौजूदा सरकार की गलत नीतियों के कारण अस्थाई गौशाला कब्रगाह बन गए हैं। धीरे-धीरे गाय प्रजाति को खत्म करने में लगे हैं। इन गौशालाओं में बेजुबान गौवंश की दुर्दशा है। तड़प तड़प कर मरने को विवश है। घायल गौवंशों को कौवे, कुत्ते नोज नोच कर खा रहे हैं। गौवंश की सुरक्षा व संरक्षण के लिए ठोस कानून की आवश्यकता है। वह इस उद्देश्य को लेकर प्रत्येक विधानसभा में पहुंच रहे हैं। कछौना में उनके आगमन को भव्य बनाने में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिक और दूर-दराज के श्रद्धालु मौजूद है।
शंकराचार्य की गौसंरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत, “गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो” के नारों से गूंजा कस्बा

रितेश मिश्रा


बेनीगंज(हरदोई)।जनपद के कस्बा बेनीगंज में उस समय धार्मिक आस्था, गौभक्ति और जनआक्रोश का अद्भुत संगम देखने को मिला जब ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गौसंरक्षण यात्रा भव्य स्वागत के बीच कस्बे में पहुंची। गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा ने बेनीगंज में हजारों गौभक्तों के हृदय में नई चेतना जगा दी।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ गौभक्त अशोक वर्मा गोपार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जैसे ही शंकराचार्य महाराज अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकले, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “गौमाता की जय”, “सनातन धर्म अमर रहे” और “राष्ट्रमाता गौमाता” के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया तथा गाय माता की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

अपने ओजस्वी और आक्रोशपूर्ण संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वेदों और पुराणों में गौमाता को पहले ही राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि आज सत्ता में बैठी सरकारें गौमाता के नाम पर राजनीति तो करती हैं, पर उन्हें राज्यमाता घोषित करने का साहस नहीं दिखातीं। उन्होंने कहा कि “जो लोग गाय को केवल पशु मानते हैं, उनकी बुद्धि भी पशुवत हो चुकी है।”

उन्होंने कहा कि देशभर के सनातनियों की भावना गौमाता से जुड़ी हुई है और अब समय आ गया है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करे। शंकराचार्य ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग भी गौसंरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी राजनीतिक मजबूरियों और सत्ता के मोह में निर्णय लेने से बच रही है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नाथ संप्रदाय त्याग और तपस्या का प्रतीक है, सत्ता की कुर्सी उसका मार्ग नहीं है।” उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2014 से पहले दिल्ली की एक जनसभा में योगी आदित्यनाथ स्वयं गाय को राज्य माता घोषित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज सत्ता में आने के बाद वे अपनी कही बातों पर अमल नहीं कर रहे हैं।

शंकराचार्य ने उपस्थित जनसमूह को गौसंरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि “जो लोग गाय को माता मानते हैं, वे आपस में भाई-बहन हैं।” उन्होंने लोगों से गौसंरक्षण के लिए संघर्ष करने और ऐसे जनप्रतिनिधियों को वोट देने का आह्वान किया जो गौमाता के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही लखनऊ में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से लाखों गौभक्तों को पहुंचने का आह्वान किया गया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय जयकारों और गौमाता के समर्थन में नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा।

इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र गुप्ता कल्लू, रामचंद्र वैश्य लंबू, अशोक वर्मा, सुभाष वैश्य, राजकमल गुप्ता, कैलाश जोशी, प्रिंस बाजपेई, विनीत वैश्य, शेखर सक्सेना, लालमन सक्सेना, अनमोल श्रीवास्तव, रविंद्र सैनी, मन्नीलाल राठौर, राम चंद्र यादव, मनीष वर्मा सहित सैकड़ों गौभक्त और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

बेनीगंज की धरती पर आयोजित यह जनसभा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गौमाता के सम्मान और सनातन आस्था के संरक्षण के लिए उठी जनभावनाओं की बुलंद आवाज बनकर उभरी।
भाजपा के साथ सपा-कांग्रेस भी मेरी कसौटी पर खरी नहीं, गौसंरक्षण पर सभी सरकारें विफल : शंकराचार्य

रितेश मिश्रा
हरदोई,ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गविष्ठी यात्रा के दूसरे दिन रविवार को हरदोई पहुंचकर गौसंरक्षण, अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा प्रकरण और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी बात रखी। गांधी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारें अपेक्षित कार्य करने में विफल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी असहमति केवल भाजपा से नहीं है, बल्कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल भी उनकी कसौटी पर खरे नहीं उतरते।

शंकराचार्य ने कहा कि गाय किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। उनका कहना था कि गौसंरक्षण के नाम पर राजनीति तो हुई, लेकिन धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में गौसंरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाने की अपील करते हुए कहा कि 24 जुलाई को लखनऊ में प्रस्तावित सभा में आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। उन्होंने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग भी दोहराई।

अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन प्रकरण पर उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिरों का संचालन संत समाज के हाथों में होना चाहिए और उन्हें सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए।

राजनीतिक सवालों के जवाब में शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई भी राजनीतिक दल हिंदू समाज का विश्वास और समर्थन चाहता है तो उसे अपने आचरण और नीतियों में बदलाव करना होगा।

गविष्ठी यात्रा के दौरान हरपालपुर स्थित कटियारी डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह 'पम्मू' यादव को सवायजपुर क्षेत्र के लिए अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नियुक्त करने की घोषणा की। हरदोई आगमन पर शाहाबाद से लेकर गांधी भवन तक विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप, पूर्व विधायक अनिल वर्मा, पद्मराग सिंह 'पम्मू' यादव, अखिलेश पाठक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पाण्डेय, शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
विवाहिता ने पति सहित सात के विरुद्ध लिखाई दहेज़ उत्पीड़न की रिपोर्ट
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।
जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के विकास नगर निवासी विवाहिता ने शाहाबाद के मोहल्ला बजरिया निवासी पति सहित सात लोगों के विरुद्ध दहेज़ उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
     पीड़िता ज्योती शर्मा पुत्री विजय बहादुर शर्मा के अनुसार उसका विवाह शाहाबाद के मोहल्ला बजरिया निवासी अमन शर्मा पुत्र अरविन्द शर्मा के साथ 6 फ़रवरी को हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद ही उसका पति, ससुर, सास अन्नू, ननद प्रगति, सुमन, देवर नितिन और अंशू मिलकर अतिरिक्त दहेज़ मे सोफा,वाशिंग मशीन,सोने की चेन और दो लाख रूपए नगद की मांग को लेकर उसे आये दिन प्रताड़ित करने लगे। उसके साथ मारपीट की जाने लगी। 23 अप्रैल को विपक्षियों ने उसे मारपीट कर पहने हुए कपड़ों मे घर से निकाल दिया। और बिना दहेज़ वापस आने पर जान से मार डालने की धमकी दी।
         पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
ताला तोड़कर चोरी का लगाया आरोप, रिपोर्ट दर्ज
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।
कोतवाली क्षेत्र के अमिरता आगमपुर निवासी ग्रहस्वामी ने गांव के युवकों पर साथियों सहित उसकी अनुपस्थिति मे मकान का तोड़कर चोरी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की है।
   पीड़ित सुरेश कुमार पुत्र भईया लाल के अनुसार उसकी पत्नी की हत्या के बाद वह अपनी शाहजहांपुर जनपद के ग्राम सिसनई मे ज्यादातर रहता है।उसकी अनुपस्थिति मे 20 से 25 जून के बीच गांव के नन्हेलाल पुत्र लालाराम ने सुरजीत कुमार पुत्र अनिल कुमार, अनूप पुत्र सत्यपाल व फिरोजपुर कला के चार अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके मकान का ताला तोड़कर 11 कुंतल गेहूं और लगभग 70 किलो पीतल और कांसे के बर्तन व एक जोड़ी सोने के कुंडल चोरी कर लिए। वह 26 को घर आया तो ताला टुटा हुआ मिला। उसने 26 जून को अज्ञात के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया था।
    पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
राम मंदिर के चोर भी वही जाँच कर्ता भी वही - शंकराचार्य
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महराज जी का शाहाबाद में हुआ भव्य स्वागत

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।
धर्म यात्रा पर निकले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का शनिवार को शाम अल्लाहपुर तिराहा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों को गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग करने एवं गौ हत्या न करने का संकल्प दिलाया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज अपने निर्धारित कार्यक्रम से दो घंटे लेट पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे शंकराचार्य का सनातन प्रेमियों ने भव्य स्वागत किया। स्वागत के दौरान पत्रकारों द्वारा अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में पूछे गए प्रश्न उन्होंने कहा चोर कभी चोर को नहीं पकड़ता है हमेशा सिपाही चोर को पकड़ता है। शंकराचार्य ने कहा चोरी करने वाले भी वही है और जांच करने वाले भी वही है। इसलिए सवाल ही नहीं उठता है कि कोई चोर पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा जो सरकार गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं कर सकती है उस सरकार को आपको वोट देने के लिए भी सोचना पड़ेगा। पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता करने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का काफिला सवायजपुर के लिए रवाना हो गया। इस अवसर पर चौधरी उमेश गुप्ता, डॉक्टर मनीष शर्मा, पुतान खां, अहिवरन लाल, रचित गुप्ता, दिलीप यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रेलवे सुरक्षा बल में कांस्टेबल पद पर दीपांशु का चयन होने से पूरे गांव में खुशी का माहौल

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* कछौना कस्बा के ग्राम देवनपुर निवासी दीपांशु रावत का चयन रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ में कांस्टेबल पद पर होने से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। युवा दीपांशु के चयन से परिजनों, ग्रामीण, शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी ने उनको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दीपांशु का किसान शिवकुमार रावत निवासी देवनपुर कछौना में पालन पोषण हुआ। पिता किसान ने सीमित संसाधनों में पुत्र को अच्छा परिवेश व शिक्षा देने का भरसक प्रयास किया। दीपांशु ने अनुशासन में ललक के साथ शिक्षा ग्रहण की। स्नातक पढ़ाई के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए मेहनत करता था जिसके परिणाम स्वरूप उसका चयन आरपीएफ में कांस्टेबल पद पर हो गया। उसका लक्ष्य बड़ा है। पहले पड़ाव की सफलता से काफी उत्साह है। गांव के युवा साथियों में उत्साह का संचार हो गया। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और मेहनत से करने लगे। माता-पिता को खुशी का ठिकाना नहीं है। इस उम्र में उन्हें एक नया जीवन मिल गया। गांव के लोगों ने मिठाई बाँटकर खुशी का इजहार किया। सफल प्रतिभागी ने कहा कि इस सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों व आशुतोष लाइब्रेरी के संचालक आशुतोष प्रजापति का विशेष योगदान रहा।
जनसुनवाई मे जिलाधिकारी ने सुनी 77 शिकायतेः-जिलाधिकारी
रितेश मिश्रा
हरदोई आज कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन की समस्याओं को सुना। जन सुनवाई मे आज कुल 77 शिकायते प्राप्त हुई, जिसके त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्व और गुणवत्तापूर्ण पूर्ण हो। जनसुनवाई मे प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई मे अतिरिक्त मजिस्टेट अरुणिमा श्रीवास्तव व अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें