राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी को वित्तीय लेनदेन में शुरुआती गड़बड़ियां, ऑडिट रिकॉर्ड खंगाल रही जांच टीम

गोपाल राव अयोध्या से बाहर, चंपत राय व अनिल मिश्रा से दोबारा पूछताछ; एसपी सुरक्षा का भी हुआ बदलाव

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को शुरुआती पड़ताल में वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई बिंदुओं पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। फिलहाल जांच एजेंसी इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने शुक्रवार को भी राम मंदिर परिसर पहुंचकर जांच जारी रखी। टीम ने एक बार फिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा से पूछताछ की तथा ऑडिट से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। ट्रस्ट के कर्मचारियों ने आवश्यक अभिलेख जांच टीम को सौंपे, जिनकी गहन छानबीन की जा रही है।

जांच के दौरान यह भी चर्चा है कि ट्रस्ट के कराए गए ऑडिट में कई बिंदुओं पर विसंगतियां सामने आई हैं। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनका वित्तीय लेनदेन पर क्या प्रभाव पड़ा और कहीं ऑडिट प्रक्रिया में किसी प्रकार की हेरफेर या अनियमितता तो नहीं हुई। हालांकि, इन बिंदुओं पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, एसआईटी की पूछताछ के बाद निर्माण सहायक गोपाल राव के अयोध्या से बाहर जाने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, उनके कर्नाटक या दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन उनके दौरे के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को एसआईटी ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से मंदिर प्रबंधन के वित्तीय लेनदेन तथा चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विस्तृत पूछताछ की थी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ बिंदुओं पर भी सवाल-जवाब किए गए। हालांकि, आधिकारिक तौर पर एसआईटी की जांच फिलहाल चढ़ावा चोरी और वित्तीय लेनदेन तक सीमित बताई जा रही है।

इधर, सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। स्थानांतरित किए गए एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे शुक्रवार को कार्यमुक्त हो गए। उनका तबादला आदेश 25 मई को जारी हुआ था। उनकी जगह पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा शनिवार को एसपी सुरक्षा का कार्यभार संभालेंगे। वह शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए।

दान में प्रतिदिन 6–8 लाख रुपये की संभावित अनियमितता की जांच

 राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, चोरी का मामला उजागर होने से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में प्रतिदिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये दान के रूप में जमा हो रहे थे। वहीं, प्रकरण सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या पहले प्रतिदिन करीब 6 से 8 लाख रुपये की दानराशि में किसी प्रकार की अनियमितता हो रही थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है। इस बीच, चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। राम जन्मभूमि मंदिर के सिंह द्वार स्थित यात्री सहायता केंद्र के दान काउंटरों पर श्रद्धालु पहले की तरह बड़ी संख्या में नकद और यूपीआई के माध्यम से दान कर रहे हैं।

बैंक मैनेजर समेत 10 कर्मियों से एसआईटी की पूछताछ

 राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच में एसआईटी ने बैंकिंग लेनदेन की पड़ताल तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक सहित 10 बैंक कर्मियों से लंबी पूछताछ की और दानराशि से जुड़े बैंक लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान कई बैंक अधिकारी एसआईटी के सवालों के संतोषजनक जवाब देने में असहज नजर आए। अब जांच एजेंसी बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर संदिग्धों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

 - गोपाल राव के बाहर जाने पर उठे सवाल

 राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या पुलिस के साथ एसआईटी भी विभिन्न पहलुओं की गहन जांच में जुटी है। जांच टीम ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इसी बीच, ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव के अचानक बाहर जाने की चर्चा तेज हो गई है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनके बाहर जाने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।सूत्रों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गोपाल राव किसी संगठनात्मक बैठक या अन्य कार्य के सिलसिले में गए हैं अथवा उनकी यात्रा का इस जांच से कोई संबंध है। फिलहाल इस संबंध में न तो ट्रस्ट और न ही जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

मैनपुर में मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर का संकल्प साकार, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए डॉ. अनील काशी मुरारका

गाजीपुर। मुंबई के प्रख्यात समाजसेवी डॉ. अनील काशी मुरारका ने अप्रैल 2024 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद स्थित मैनपुर गांव में जिस शिव मंदिर का शिलान्यास किया था तथा मंदिर निर्माण के लिए मुरारका परिवार की तरफ से एक बड़ी धनराशि प्रदान की थी, वहां भव्य श्री मनोकामनेश्वर महादेव मंदिर बनकर तैयार हो गया इस मंदिर निर्माण में गांव के लोगों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा। डाक्टर मुरारका ने आज  पूरी श्रद्धा के साथ गांव वालों के बीच मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। यही नहीं उन्होंने आगे भी यहां एक भव्य गणेश मंदिर बनवाने का वायदा किया। डॉ मुरारका ने मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि अपनी मां मीनादेवी काशीप्रसाद मुरारका, बहन मनीषा मुरारका–रुईया एवं अपने पूर्वजों की पावन स्मृति में सीबी मुरारका चैरिटेबल ट्रस्ट मुंबई–लक्ष्मणगढ़ राजस्थान की तरफ से प्रदान किया। डॉ मुरारका को इस गांव तक लाने का पूरा श्रेय इसी गांव के मूल निवासी तथा मुंबई के स्वतंत्र पत्रकार राजहंस सिंह को जाता है। उन्हीं के विशेष अनुरोध पर डॉ मुरारका ने इस भव्य मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया था और आज मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के साथ उनका संकल्प पूरा हुआ। डॉ मुरारका के हाथों प्राण प्रतिष्ठा की धार्मिक रस्म में पूरी की गई। मंत्रोच्चार के बीच जिस समय वे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर रहे थे, बाहर खड़े हजारों लोग हर हर महादेव के जयकारे लगा रहे थे। पूरा मैनपुर गांव हर हर महादेव के नारों से गूंज उठा । मंदिर के निर्माण में गांव वालों का भी विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में गीतकार राणा सिंह, सुनील कुमार सिंह (सुन्नु), कृष्ण अवतार गुप्ता , सुनील दुबे (सुडु बाबा ) जनार्दन सिंह ,सुभाष सिंह, राजेश सिंह, आलोक सिंह, राकेश सिंह, कन्हैया पासवान, रामविलास यादव , विशाल गुप्ता, सुरेंद्र यादव दिनेश बिन्द, गौरव कुमार सिंह, नागेश देवा, विकास सिंह, संजय सिंह आदि का समावेश रहा।
जनता दर्शन में सीएम योगी बोले: हर जरूरतमंद के इलाज की जिम्मेदारी सरकार की

विभिन्न जिलों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को तय समयसीमा में समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का तय समयसीमा के भीतर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही समाधान के बाद पीड़ित पक्ष से संपर्क कर उनकी संतुष्टि की भी पुष्टि करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "आप निश्चिंत होकर घर जाइए, सरकार हर मामले में न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।"

कैंसर पीड़िता को दिलाया भरोसा, कहा- इलाज की चिंता सरकार करेगी

जनता दर्शन में बरेली से पहुंची एक कैंसर पीड़ित महिला ने आर्थिक सहायता और इलाज की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने अस्पताल का उपचार अनुमान (एस्टिमेट) उपलब्ध कराने को कहा। जब महिला तत्काल एस्टिमेट प्रस्तुत नहीं कर सकीं तो सीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल से एस्टिमेट मंगवाकर उन्हें भर्ती कराया जाए और समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा, "आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी।"

- राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर मिले न्याय

जनता दर्शन में आए राजस्व संबंधी मामलों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व विवादों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और इस पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएम ने कहा कि राजस्व अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय में बैठें और मामलों का शीघ्र निर्णय करें, ताकि गरीब और जरूरतमंद वादकारियों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने दोहराया कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना अनावश्यक विलंब के न्याय मिले।

हर बच्चा पढ़े, तभी उज्ज्वल होगा उत्तर प्रदेश का भविष्य' : सीएम योगी

- 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू, 15 जुलाई तक 100 फीसदी नामांकन का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम अपनी 'पाती' के माध्यम से आह्वान किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण शुरू होगा, जो 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "विद्या सर्वत्र पूज्यते" केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। शिक्षा ही व्यक्ति का सबसे बड़ा सम्मान, सबसे बड़ी शक्ति और सबसे मूल्यवान संपत्ति है। ज्ञान के पंख बच्चों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं, जबकि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और चरित्र निर्माण की पहली पाठशाला होता है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में विद्यालय के प्रति रुचि विकसित करने तथा खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का वातावरण बनाने की अपील की।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों का मूल्यांकन केवल अंकों से नहीं, बल्कि उनके प्रयास, प्रतिभा और हौसले से करें। साथ ही बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों को बाल वाटिका में प्रवेश दिलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं का व्यापक विकास हुआ है। 'मिशन प्रेरणा', 'मिशन निपुण' और 'प्रोजेक्ट अलंकार' के जरिए गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना बेटियों को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध करा रही है। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को रुचिकर एवं गर्म पका-पकाया मध्याह्न भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पोषण और शिक्षा दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से 'स्कूल चलो अभियान' को जनभागीदारी का महाअभियान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि उसके आसपास कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब प्रदेश का हर बच्चा पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।"

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपियों की पैरवी से वकीलों का इनकार, आज कोर्ट में होगी पेशी

फैजाबाद बार एसोसिएशन की आमसभा में होगा अंतिम फैसला, तीन दिन की न्यायिक हिरासत आज हो रही समाप्त

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को स्थानीय अदालत में कानूनी सहायता मिलना मुश्किल हो सकता है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लेने की बात कही है। इस संबंध में अंतिम फैसला सोमवार सुबह 11 बजे बार एसोसिएशन की आमसभा में लिया जाएगा।

उधर, इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उनकी न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा बटोरी है। ऐसे में आरोपियों की पैरवी को लेकर अधिवक्ताओं के रुख पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। यदि बार एसोसिएशन आमसभा में पैरवी से इनकार का प्रस्ताव पारित करती है, तो आरोपियों को कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। फिलहाल, मामले की सुनवाई और बार एसोसिएशन के निर्णय को लेकर पूरे दिन न्यायालय परिसर में हलचल रहने की संभावना है।

 आरोपी लवकुश की पत्नी के नाम मिली जमीन, संपत्ति की जांच तेज

 राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान अब आरोपियों की संपत्तियों की भी पड़ताल तेज हो गई है। जांच में आरोपी लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम जमीन के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में उक्त जमीन का बैनामा सुप्रिया मिश्रा के नाम कराया गया था। यह जमीन सोहावल तहसील के बनीपुर गांव में स्थित है, जहां दो मकानों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। जांच एजेंसियां अब इस संपत्ति के वित्तीय स्रोत, खरीद-फरोख्त और निर्माण में इस्तेमाल धन की जांच कर रही हैं। दान गबन प्रकरण के संबंध में आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का विवरण भी जुटाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं या नहीं। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक इस संपत्ति को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आज़मगढ़ को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगाई जा रहीं फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट !

- नहीं मिल पा रहा वास्तविक पीड़ितों को न्याय, सरकार की मंशा हो रही फेल

- पीड़ित अभिषेक ने न्याय न मिलने पर आमरण अनशन व आत्मदाह की दी चेतावनी

अम्बारी (आजमगढ़)। अहरौला थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी अभिषेक उपाध्याय ने फूलपुर तहसील के राजस्व कर्मचारियों, विशेषकर क्षेत्रीय लेखपाल पर आईजीआरएस पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने और जमीन की पैमाइश के बाद भी रकबा सार्वजनिक न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, राजस्व परिषद, मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आमरण अनशन और आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।

 अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि उनकी शिकायत पर क्षेत्रीय लेखपाल ने विपक्षियों के पक्ष में फर्जी रिपोर्ट लगाकर आईजीआरएस का निस्तारण कर दिया। उनका कहना है कि लेखपाल ने यह कहकर हस्ताक्षर करा लिए कि पहले आईजीआरएस को डिफाल्टर होने से बचाना है, बाद में पैमाइश कर विवाद का समाधान कर दिया जाएगा।

 पीड़ित के अनुसार, उनकी माता किरन और पिता अशोक कुमार के नाम कंदरा गांव में दो चक दर्ज हैं। कुछ लोगों ने भूमि का बैनामा कराया है और वे अपने हिस्से पर काबिज हैं, लेकिन करीब तीन से चार बीघा भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। उनका आरोप है कि राजस्व टीम भी विपक्षियों के पक्ष में कार्य कर रही है।

 शिकायत के बाद उप जिलाधिकारी फूलपुर के निर्देश पर गठित राजस्व टीम ने 24 जून को मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद रकबा सार्वजनिक नहीं किया गया। अभिषेक का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। उन्होंने सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा पैमाइश कराकर कब्जामुक्त भूमि दिलाने की मांग की है।

पक्ष :-

 उप जिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि मामला सहखातेदारों से जुड़ा और जटिल है। आईजीआरएस शिकायत के क्रम में भूमि की पैमाइश कराई गई है, लेकिन बंटवारा एवं बेदखली की कार्रवाई राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद ही संभव होगी। इसलिए संबंधित पक्षों को न्यायालय की शरण लेनी होगी। और इसी के साथ एसडीएम ने अपना पल्लू झाड़ लिया।

हाथरस को ₹548 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भी साधा निशाना

-  कहा- नौ वर्षों में प्रदेश में नहीं हुआ कोई दंगा या कर्फ्यू, हाथरस में बनेगा एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन और आलू प्रोसेसिंग सेंटर

हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में लगभग ₹548 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और किसानों के हितों को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में न तो कोई दंगा हुआ है और न ही कहीं कर्फ्यू लगाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी धार्मिक पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहे हैं तथा हाल ही में मुहर्रम का आयोजन भी पूरी शांति के साथ सम्पन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि हाथरस में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल ज़ोन विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किसानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथरस आलू उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है और यहां आलू प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करता है, जबकि अतीत में रामभक्तों पर गोली चलाने का आरोप उसी सरकार पर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या का भव्य विकास हुआ है और आज वह अपनी गौरवशाली पहचान को पुनः प्राप्त कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार सभी धर्मों के पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, सपा नेता महेंद्र चौहान ने दिया समर्थन

महिलाओं ने ठेका निरस्त करने की उठाई मांग, दी चेतावनी—अनसुनी हुई आवाज तो होगा उग्र आंदोलन

मऊ। जनपद के मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र स्थित लरेवा चौहान बस्ती में प्रस्तावित शराब की दुकान का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से शराब का ठेका निरस्त करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता महेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। महेंद्र चौहान ने कहा कि गांव की जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। यदि अधिकांश ग्रामीण शराब की दुकान के विरोध में हैं, तो प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा और इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं तथा महिलाओं पर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी जांच में कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में, रिपोर्ट जल्द सौंपे जाने की संभावना

अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के प्रबंधन और जमा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक पड़ताल में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, चढ़ावे की राशि के संग्रह, गणना और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों से विस्तृत पूछताछ की गई है। जांच एजेंसी ने इस दौरान विभिन्न कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं।
13 जून को गठित एसआईटी ने 15 जून से अयोध्या में जांच शुरू की थी। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन सहित टीम के सदस्यों ने कई दिनों तक रिकॉर्ड का परीक्षण करने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंपी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कुछ व्यक्तियों ने चढ़ावे की राशि के प्रबंधन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। जांच में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और प्रबंधन से संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि करीब 150 लोगों से पूछताछ की गई, जबकि कई अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कुछ मामलों में लापरवाही और प्रक्रियागत खामियों के संकेत मिलने की बात कही जा रही है।

-  राम मंदिर प्रबंधन व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने एक साक्षात्कार में मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर का संचालन अब बड़े संस्थान के रूप में विकसित हो चुका है और इसके लिए स्पष्ट प्रशासनिक ढांचा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यों का स्पष्ट विभाजन, जिम्मेदारियों का निर्धारण तथा पेशेवर प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए ताकि संचालन और निगरानी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
गौरतलब है कि मामले की जांच करने वाली एसआईटी टीम अयोध्या से लखनऊ लौट आई है और हो सकता है कि सोमवार को  एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दे। इसलिए अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा दोष तय किया जा सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बोले सीएम योगी: योग ने दुनिया में भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी

झांसी, उत्तर प्रदेश। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी के ऐतिहासिक किले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग के माध्यम से भारत के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है और आज दुनिया के लगभग 200 देश योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व का अनुभव कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को संस्थागत स्वरूप देते हुए आयुष मंत्रालय को सशक्त बनाया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद आयुष विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ योगाभ्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को निरोग, समाज को स्वस्थ और राष्ट्र को सशक्त बनाने का कार्य करता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संकल्प लिया।