राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: एसआईटी को वित्तीय लेनदेन में शुरुआती गड़बड़ियां, ऑडिट रिकॉर्ड खंगाल रही जांच टीम
- गोपाल राव अयोध्या से बाहर, चंपत राय व अनिल मिश्रा से दोबारा पूछताछ; एसपी सुरक्षा का भी हुआ बदलाव
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को शुरुआती पड़ताल में वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई बिंदुओं पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। फिलहाल जांच एजेंसी इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने शुक्रवार को भी राम मंदिर परिसर पहुंचकर जांच जारी रखी। टीम ने एक बार फिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा से पूछताछ की तथा ऑडिट से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। ट्रस्ट के कर्मचारियों ने आवश्यक अभिलेख जांच टीम को सौंपे, जिनकी गहन छानबीन की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी चर्चा है कि ट्रस्ट के कराए गए ऑडिट में कई बिंदुओं पर विसंगतियां सामने आई हैं। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनका वित्तीय लेनदेन पर क्या प्रभाव पड़ा और कहीं ऑडिट प्रक्रिया में किसी प्रकार की हेरफेर या अनियमितता तो नहीं हुई। हालांकि, इन बिंदुओं पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, एसआईटी की पूछताछ के बाद निर्माण सहायक गोपाल राव के अयोध्या से बाहर जाने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, उनके कर्नाटक या दिल्ली बुलाए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन उनके दौरे के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को एसआईटी ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से मंदिर प्रबंधन के वित्तीय लेनदेन तथा चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विस्तृत पूछताछ की थी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े कुछ बिंदुओं पर भी सवाल-जवाब किए गए। हालांकि, आधिकारिक तौर पर एसआईटी की जांच फिलहाल चढ़ावा चोरी और वित्तीय लेनदेन तक सीमित बताई जा रही है।
इधर, सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। स्थानांतरित किए गए एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे शुक्रवार को कार्यमुक्त हो गए। उनका तबादला आदेश 25 मई को जारी हुआ था। उनकी जगह पीएसी में तैनात विजय शंकर मिश्रा शनिवार को एसपी सुरक्षा का कार्यभार संभालेंगे। वह शुक्रवार दोपहर अयोध्या पहुंच गए।
- दान में प्रतिदिन 6–8 लाख रुपये की संभावित अनियमितता की जांच
राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, चोरी का मामला उजागर होने से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में प्रतिदिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये दान के रूप में जमा हो रहे थे। वहीं, प्रकरण सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या पहले प्रतिदिन करीब 6 से 8 लाख रुपये की दानराशि में किसी प्रकार की अनियमितता हो रही थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है। इस बीच, चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। राम जन्मभूमि मंदिर के सिंह द्वार स्थित यात्री सहायता केंद्र के दान काउंटरों पर श्रद्धालु पहले की तरह बड़ी संख्या में नकद और यूपीआई के माध्यम से दान कर रहे हैं।
- बैंक मैनेजर समेत 10 कर्मियों से एसआईटी की पूछताछ
राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच में एसआईटी ने बैंकिंग लेनदेन की पड़ताल तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक सहित 10 बैंक कर्मियों से लंबी पूछताछ की और दानराशि से जुड़े बैंक लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर दो से तीन लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान कई बैंक अधिकारी एसआईटी के सवालों के संतोषजनक जवाब देने में असहज नजर आए। अब जांच एजेंसी बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर संदिग्धों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
- गोपाल राव के बाहर जाने पर उठे सवाल
राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या पुलिस के साथ एसआईटी भी विभिन्न पहलुओं की गहन जांच में जुटी है। जांच टीम ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इसी बीच, ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव के अचानक बाहर जाने की चर्चा तेज हो गई है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनके बाहर जाने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।सूत्रों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गोपाल राव किसी संगठनात्मक बैठक या अन्य कार्य के सिलसिले में गए हैं अथवा उनकी यात्रा का इस जांच से कोई संबंध है। फिलहाल इस संबंध में न तो ट्रस्ट और न ही जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
4 hours ago
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