सपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी की तबीयत बिगड़ी, सिविल अस्पताल में भर्ती
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र चौधरी की अचानक तबीयत बिगड़ गयी। आनन फानन में उन्हें लखनऊ में हजरतगंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल पहुंचाया गया। उनका इलाज शुरू हो गया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव समेत पार्टी के कई नेता अस्पताल पहुंचे हैं।
एटा में खड़ी रोडवेज बस में कंटेनर ने मारी भीषण टक्कर, पांच यात्रियों की मौत, कई घायल
लखनऊ /एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। फर्रुखाबाद से एटा आ रही एटा डिपो की रोडवेज बस खराब होने के बाद सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बस को धक्का लगा रहे यात्री बस और कंटेनर के बीच बुरी तरह फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 11 बजे थाना बागवाला क्षेत्र के गांव कीलरमऊ के पास हुआ। फर्रुखाबाद से एटा आ रही रोडवेज बस अचानक खराब हो गई थी। चालक ने बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और उसे दोबारा स्टार्ट करने का प्रयास किया जाने लगा। इस दौरान करीब दस यात्री बस के पीछे धक्का लगा रहे थे, जबकि कुछ अन्य यात्री बस के आगे खड़े होकर इंतजार कर रहे थे।

इसी बीच पीछे से तेज गति से आ रहे एक कंटेनर ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की रफ्तार इतनी तेज थी कि बस के पीछे धक्का लगा रहे यात्री बस और कंटेनर के बीच दब गए। वहीं बस के आगे खड़े कुछ लोग भी हादसे की चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।

सूचना मिलते ही थाना बागवाला पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां इमरजेंसी में चिकित्सकों ने राजेश (34) पुत्र रामसिंह निवासी दौलतपुर थाना नवाबगंज, सुखराम पुत्र राजपाल निवासी पिलखना, शैलेश कुमार पुत्र जोगराज सिंह निवासी उम्मरपुर थाना नवाबगंज (तीनों जनपद फर्रुखाबाद) तथा सत्येंद्र पुत्र राजकुमार निवासी भरी थाना स्याना, जनपद बुलंदशहर को मृत घोषित कर दिया। एक अन्य मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।

हादसे में रवि पुत्र राजेश निवासी गोदेपुर थाना मोहम्मदाबाद, विक्रांत, आनंद सिंह और दक्ष समेत कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे की वजह मानी जा रही है। पुलिस फरार कंटेनर चालक की तलाश कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भरत तिवारी इनकाउंटर राजनीतिक स्टंट के दरवाजे दस्तक देने लगा :सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे नेहरू एनक्लेव गोमतीनगर लखनऊ कार्यालय पर सवर्ण समाज एव संगठन के लोगों के बीच बोलते हुए कहा कि सवर्ण आर्मी भारत का विस्तार किया जा रहा है जिसमे डॉ आर के शुक्ला सागर मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है जिला इटावा का जिला अध्यक्ष गौरव वाजपेई, जिला औरैया गौरव चौबे को जिला अध्यक्ष एव अशोक कुमार पाण्डेय को लखनऊ जिले का महासचिव बनाया गया सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई साथ ही सवर्ण समाज के लिए समर्पित भाव से काम करने हेतु संगठन विस्तार गांव गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण समाज आज अस्तित्व विहीन हो गया है बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुरा बिलौटी बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर राजनीतिक स्टंट के दरवाजे दस्तक देने लगा है। वह यह भी जानते हैं कि भरत तिवारी किसी जाति विशेष या फिर जाती आधारित मुद्दा को लेकर अधिकारियों पर दबाव  नहीं बनवा रहे थे। भरत तिवारी के सामाजिक कार्य करने का दायरा भले ही छोटा हो पर उद्देश्य बड़ा और सराहनीय था   पर यह बिहार की राजनीति का दुर्भाग्य है कि राजनीति के बड़े खिलाड़ी संकीर्ण के साथ भरत तिवारी के मौत को सत्ता के विरुद्ध या सत्ता के साथ वाले  संघर्ष में बदल चुके हैं इस संघर्ष में भरत तिवारी के संघर्ष और संघर्ष के गलत तरीके (हथियार उठाना) से सबक लेने के बजाय  हर दिन जातीय विषवमन किए जाने लगा है,सभी राजनीतिक दल बीजेपी सपा बसपा कांग्रेस दलित मुश्किल तुष्टिकरण कर रही है समाज दो वर्ग में बट चुका है एक आरक्षित एक अनारक्षित,सामाजिक सौहार्द तार तार हो गई है,भीम आर्मी उपद्रवी संगठन है जो समाज में जहर घोल रहा है गांव में भी अशांति पैदा कर रहा है अभी जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर थाना अंतर्गत उकानी गांव में खंभे के पोल में लगा भीम आर्मी का झंडा गिरने पर भीम आर्मी के सैकड़ों कार्य कर्ताओं द्वारा रात भर सवर्ण ब्राह्मण बस्तियों में तोड़ फोड़ किया गया यहां पुलिस मूकदर्शक बनी रही और मार्कंडेय मिश्रा उम्र 85 वर्ष समेत उनके परिवार के लोगों पर एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया विचार करे सवर्ण ब्राह्मण बस्ती पर हमला भी हुआ और घरों में तोड़फोड़ भी हुआ और FIR भी पुलिस ने सवर्ण ब्राह्मणों के खिलाफ ही दर्ज किया सोचो आज देश में सवर्ण की क्या दशा है। राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा जो कोई राजनीतिक दल नहीं है बल्कि सभी सवर्ण संगठन राजनीतिक दल का साझा मंच है आगामी चुनाव में सभी विधान सभा सीटों पर प्रत्यासी उतारेगा को ही सवर्ण समाज वोट दे कर अपने लोगों को जो सदन में सवर्ण की बात करे उसे सदन में भेजने का प्रयास किया जाय।
बदायूं में 50 हजार का इनामी ढेर, दाे पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बुधवार देर रात को सिविल लाइन थाना पुलिस की एक बदमाश से मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में पुलिस की गोली से बदमाश मारा गया तो वहीं दो पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। घायल पुलिस कर्मियाें को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने बताया कि बुधवार देर रात को जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। सिविल लाइन पुलिस ने चेकिंग के दौरान जब एक संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। गोली लगने से दो पुलिस कर्मी घायल हुए तो आत्मरक्षार्थ चलाई गई गोली से बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने तीनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सक ने इलाज के दौरान बदमाश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दो पुलिस कर्मियों का उपचार किया जा रहा है।

एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान हाल पता संभल जिले के बनियाठेर निवासी जितेन्द्र उर्फ ढालू (35) के रूप में हुई है। इस्लामनगर थानाक्षेत्र में डकैती की घटना में वह वांछित था। डीआईजी बरेली की ओर से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ नोएडा, अमरोहा समेत अन्य जिलों में लूट,डकैती जैसी गंभीर धाराओं में लगभग 12 से अधिक अपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसके पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और कुछ जेवर बरामद हुए है। इसमें पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एक होनहार नौजवान स्वांगसेवक  भरत भूषण तिवारी खुखार सत्तालोभी राक्षसों के खूनी पंजों का शिकार बन गया : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ ।अमर शहीद भरत तिवारी के परिजनों से मिले सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे उनके साथ सवर्ण आर्मी भारत जिला सोनभद्र के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला एवं हजारों सवर्ण आर्मी भारत के कार्य करता , गांव में उमड़ा जनसैलाब
अमर शहीद भरत तिवारी के पैतृक गांव पहुँचकर सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि भरत तिवारी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और न्याय की लड़ाई पूरी दृढ़ता से लड़ी जाएगी।
गांव में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंतर्गत "शहीद भरत नगर जखवड़िया" नामकरण एवं स्मृति-वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित जनसमूह ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद की स्मृति को सदैव जीवित रखने का संकल्प लिया।
जब सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने परिजनों तथा गांव के हर वर्ग—बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं—की आंखों में भरत के लिए छलकते आँसू देखे, तो वहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति का हृदय द्रवित हो उठा। शोकाकुल वातावरण में सभी ने एक स्वर से कहा कि शहीदों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।
बैठक में उपस्थित लोगों ने प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय तथा शहीद के सम्मान में स्थायी स्मारक एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग की। सभी ने संकल्प लिया कि न्याय मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंट को लेकर पुलिस की कार्यों प्रणाली पर सवाल उठाया उन्होंने ने कहा कि जब खुखार आतंक वादी कसाव को जिंदा पकड़कर कानून के तहत मुकदमा चलाया गया था तो यदि कोई व्यक्ति सरेंडर कर चुका हो उसे गोली मारना न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि होना चाहिए, भरत तिवारी इंकाउनर की सी बी आई से जांच करवाने की मांग की।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, चार लोगों की मौत, 20 घायल
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार वोल्वो बस आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में घुसकर पूरी तरह पिचक गया।

हादसा एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 112 से 113 के बीच राया कट से करीब दो किलोमीटर पहले हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस अधीक्षक (देहात) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में जा रहा था, तभी पीछे से आ रही गोला बस सर्विस की वोल्वो बस अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। हादसे की सूचना सुबह 3:35 बजे कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद 8 पीआरबी और 12 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया।
जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत परखेंगे जलशक्ति मंत्री, 15 जुलाई से गांवों का करेंगे दौरा
-  हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर सरकार का फोकस, लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अब जमीनी स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह 15 से 25 जुलाई के बीच प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों के गांवों का दौरा कर जल जीवन मिशन की वास्तविक स्थिति का स्वयं निरीक्षण करेंगे।
इस विशेष अभियान में जलशक्ति मंत्री नल से जलापूर्ति, पेयजल की गुणवत्ता, परियोजनाओं की प्रगति तथा ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं का मौके पर जायजा लेंगे। साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जानेंगे। उनके साथ नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

-  गांवों में रात्रि प्रवास और 'जल अर्पण' कार्यक्रम
अभियान के दौरान जलशक्ति मंत्री और विभागीय अधिकारी चयनित गांवों में रात्रि प्रवास भी करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय लोगों को जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन, रखरखाव और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

-  इन जिलों का होगा दौरा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 और 16 जुलाई को ललितपुर, झांसी और जालौन, जबकि 18 और 19 जुलाई को सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।

-  यमुना सफाई अभियान में संतों और ग्रामीणों की होगी भागीदारी
24 जुलाई को मथुरा में जलशक्ति मंत्री संतों के साथ विशेष संवाद करेंगे। बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना तटवर्ती गांवों के लोगों को भी इस अभियान से जोड़कर जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

-  लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति संबंधी शिकायत मिलती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चीफ इंजीनियरों को प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को जल संरक्षण और योजनाओं के संचालन में सहभागी बनाने के निर्देश भी दिए।
सहायक आचार्य भर्ती: 21 जुलाई से शुरू होंगे साक्षात्कार, 910 पदों के लिए 3155 अभ्यर्थी होंगे शामिल
-  33 विषयों के इंटरव्यू 13 अगस्त तक चलेंगे, अभ्यर्थी आज से वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं साक्षात्कार पत्र


लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के तहत सहायक आचार्य के 33 विषयों में कुल 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा में सफल घोषित 3155 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित तिथियों में आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को किया गया था, जबकि 9 जून 2026 को औपबंधिक परिणाम घोषित किया गया था। अब सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।
आयोग के अनुसार, 21 जुलाई को अर्थशास्त्र, 22 जुलाई को वनस्पति विज्ञान एवं दर्शनशास्त्र, 23 जुलाई को रसायन विज्ञान, 24 जुलाई को अंग्रेजी, 28 जुलाई को कृषि अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान एवं भूगोल, 29 जुलाई को भौतिक विज्ञान एवं मनोविज्ञान, 30 जुलाई को चित्रकला, संस्कृत एवं उर्दू तथा 31 जुलाई को प्राचीन इतिहास, सैन्य विज्ञान एवं संगीत (गायन) विषय के साक्षात्कार होंगे।
इसी प्रकार 4 अगस्त को शिक्षाशास्त्र एवं इतिहास, 5 अगस्त को पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान, संगीत (तबला), शारीरिक शिक्षा एवं जंतु विज्ञान, 6 अगस्त को विधि एवं राजनीति विज्ञान, 7 एवं 11 अगस्त को हिंदी, 7 अगस्त को गणित तथा 12 अगस्त को एशियन कल्चर, उद्यान विज्ञान, संगीत (सितार), समाजशास्त्र एवं सांख्यिकी विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। 13 अगस्त को वाणिज्य एवं गृह विज्ञान विषय के साक्षात्कार के साथ प्रक्रिया संपन्न होगी।
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सभी पात्र अभ्यर्थी 29 जून से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से अपना साक्षात्कार पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। वेबसाइट पर इंटरव्यू से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह चयन प्रक्रिया उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए मत्स्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ : डॉ. संजय निषाद

-  मत्स्य पालकों के लिए आयोजित किए जाए प्रशिक्षण कार्यक्रम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विकास विभाग के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मत्स्य पालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए और उन्हें नवीन तकनीकों की जानकारी दी जाए ताकि मत्स्य उत्पादकता बढ़े और उनकी आय में वृद्धि हो।
मत्स्य विकास मंत्री ने प्रदेश में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने, मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करने तथा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोट योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष एवं अन्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए अधिकारियों को कहा कि लाभार्थियों के चयन, अनुदान वितरण तथा विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
डॉ. निषाद ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश सरकार मत्स्य पालकांे एवं मछुआ समुदाय के उत्थान के प्रति दृढ़संकल्पित है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मत्स्य विकास, मुकेश मेश्राम द्वारा मंत्री जी को बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में ससमय कार्यवाही किए जाने हेतु आश्वस्त किया गया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि मत्स्य विकास से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने एवं उन्हें प्रोत्साहित करें। मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक में एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य,संयुक्त निदेशक अनिल कुमार, पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, एजाज अहमद उप निदेशक मत्स्य, सहित अन्य शासन एवं  विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को शाहजहांपुर जाने से रोका, पार्टी ने लगाया 'हाउस अरेस्ट' का आरोप

- प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का हवाला दिया, सहनी बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हनन

लखनऊ। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को सोमवार को लखनऊ में शाहजहांपुर जाने से रोक दिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्हें 'हाउस अरेस्ट' कर दिया गया है और उनके आवागमन पर निगरानी रखी जा रही है।
पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुकेश सहनी को शाहजहांपुर होते हुए मिर्जापुर पहुंचना था, जहां उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस और रात्रि प्रवास का कार्यक्रम निर्धारित था। हालांकि, पुलिस-प्रशासन ने उन्हें लखनऊ से आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
पार्टी का दावा है कि पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर के पत्र के आधार पर प्रशासन ने यह निर्णय लिया। पत्र में कहा गया कि उनके जनपद भ्रमण से कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर उन्हें लखनऊ में ही रोकने तथा उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि निषाद समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।
हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कार्रवाई का आधार बताया गया है।