मऊ जिला अस्पताल में ओपीडी के बीच मॉकड्रिल, मरीजों को घंटों करना पड़ा इंतजार
-  सीएमएस समेत कई चिकित्सक मॉकड्रिल में हुए शामिल, इलाज प्रभावित होने पर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

मऊ। जिला अस्पताल में रविवार को ओपीडी सेवाओं के दौरान अचानक आयोजित मॉकड्रिल के कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। मॉकड्रिल शुरू होते ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) सहित कई चिकित्सक ओपीडी छोड़कर उसमें शामिल हो गए, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों की लंबी कतारें लग गईं और उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों के ओपीडी से चले जाने के कारण जांच और उपचार की प्रक्रिया प्रभावित हुई। कई मरीजों को अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ लोग बिना इलाज कराए ही लौटने को मजबूर हुए।
हालांकि मॉकड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था, लेकिन ओपीडी के व्यस्त समय में इसके आयोजन से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी कवायद इस तरह आयोजित की जानी चाहिए, जिससे मरीजों के उपचार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इस घटना के बाद अस्पताल में आपातकालीन तैयारियों और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भड़के महामंडलेश्वर गोल्डन बाबा, बोले— आरोपियों के घरों पर चले बुलडोजर
-  धार्मिक स्थलों से चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग, बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज

मऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर महामंडलेश्वर गोल्डन बाबा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों पर चोरी करने वाले आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थलों पर अपराध करने का साहस न कर सके।
गोल्डन बाबा ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और वहां चढ़ाए गए चढ़ावे में किसी भी प्रकार की चोरी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की मांग की।
महामंडलेश्वर गोल्डन बाबा के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर प्रदेशभर के लोगों की नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
ग्राम प्रधानों ने पंचायतों को सशक्त बनाने का लिया संकल्प
-  राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की बैठक संपन्न

मऊ। जनपद मऊ में राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न ग्राम प्रधानों ने पंचायतों से जुड़ी समस्याओं, अधिकारों, विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान पंचायतों को अधिक सशक्त एवं अधिकार संपन्न बनाने, ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई हैं और इनके सशक्त होने से ही ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है।
इस अवसर पर उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों ने संगठन की एकजुटता बनाए रखते हुए गांवों के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और पंचायतों के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने "एकता, संगठन, संघर्ष और विकास" के मूल मंत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास को नई गति देने, पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने तथा पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की।
भाजपा कामगार आघाड़ी की जिला कार्यकारिणी का गठन
भायंदर। विगत दिनों भाजपा कामगार आघाड़ी के मीरा-भायंदर जिलाध्यक्ष नियुक्त किए गए प्रवीण राय ने स्थानीय विधायक नरेंद्र मेहता, जिलाध्यक्ष दिलीप जैन तथा जिला महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अपनी टीम गठित कर ली है। नवगठित कार्यकारिणी में संतोष राउत तथा योगेश शिव पुजारी को उपाध्यक्ष, हसनत काजी व प्रमोद यादव को महासचिव, भगवान ज्ञानू सालुंखे को सचिव एवं अनिल पटेल कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रोहित तोडणकर, दीपक पाटिल तथा दिलीप चव्हाण मनोनीत किए गए हैं। भाजपा जिला कार्यालय में विधायक नरेंद्र मेहता ने कामगार आघाड़ी के जिलाध्यक्ष प्रवीण राय की उपस्थिति में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। विधायक नरेंद्र मेहता से सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे पार्टी की मजबूती तथा कामगारों के हितों के संरक्षण व उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए पूरे मनोयोग से काम करने की अपील की। इस अवसर पर भाजपा के जिला महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह, बृजेश तिवारी, जिला प्रवक्ता शैलेश पांडेय समेत तमाम पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
घाघरा नदी हादसा: पांच दिन बाद छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश जारी
मऊ। घाघरा नदी में एकादशी स्नान के दौरान लापता हुई गाजीपुर निवासी दो बहनों में से छोटी बहन का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया। बड़ी बहन की तलाश अब भी जारी है।
बताया गया कि 24 जून को एकादशी स्नान के दौरान गाजीपुर निवासी रामविलास यादव की दो बेटियां अपने डूबते भाई को बचाने के प्रयास में घाघरा नदी की तेज धारा में बह गई थीं। घटना के बाद से एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही थीं।
शनिवार को जनपद बलिया के शिव स्थान गुलौरा मठिया के पास एनडीआरएफ की टीम ने छोटी बहन प्रतिज्ञा यादव का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
वहीं, बड़ी बहन की तलाश अभी भी जारी है। खोज अभियान के दौरान बड़ी बहन का एक पैर मिलने की भी सूचना सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक नहीं की गई है। एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
मऊ: जच्चा-बच्चा की मौत के बाद नदवा सराय का निजी अस्पताल सीज, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

मऊ। जनपद के नदवा सराय बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कथित फर्जी अस्पताल को सीज कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों एवं स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों और मानकों में कई खामियां एवं अनियमितताएं पाई गईं।
इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं, पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहा है।
मऊ: पुरानी रंजिश में ताबड़तोड़ फायरिंग, युवक को लगी कई गोलियां, वीडियो वायरल

मऊ। जनपद के अइलख गांव में गुरुवार को पुरानी रंजिश को लेकर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद में आरोप है कि प्रवीण सिंह ने बदला लेने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान तेज प्रताप सिंह को कई गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं तथा मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

-  मऊ पुलिस का बयान
मऊ पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मामला आपसी विवाद और तनावपूर्ण स्थिति से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कथित डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
मऊ। जनपद के घोसी कोतवाली क्षेत्र में कथित डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता और नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना नदवा सराय बाजार के समीप स्थित एक निजी चिकित्सालय की बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
विभिन्न मांगों को लेकर गोंड समाज का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मऊ। जनपद मऊ के कलेक्ट्रेट परिसर में गोंड समाज के लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान गोंड समाज के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए समाज से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे समाज के लोगों में असंतोष व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग मौजूद रहे और एकजुटता के साथ अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मऊ में अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर शिकंजा
मऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर मऊ जिले में संचालित अवैध अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ व्यापक जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। बिना अनुमति के गर्भपात समेत अन्य अवैध चिकित्सीय गतिविधियों के संचालन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जिले में संचालित सभी संदिग्ध अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों की गहन जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जांच के दौरान आवश्यक अनुमति, पंजीकरण और स्वास्थ्य विभाग के मानकों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।